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परिचय

प्रायिकता (Probability) गणित की वह महत्वपूर्ण और व्यावहारिक शाखा है जो अनिश्चितता के सिद्धांतों का तार्किक विश्लेषण करती है। कक्षा 12 के गणित पाठ्यक्रम में अध्याय 13 के रूप में प्रस्तुत यह विषय न केवल विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक दिलाने में सहायक है, बल्कि भविष्य की कई प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे कि JEE Main, CUET, और NDA की नींव भी रखता है। यदि इस अध्याय के वैचारिक आधार को समझ लिया जाए, तो यह संपूर्ण पाठ्यक्रम का सबसे अधिक अंक दिलाने वाला और रोचक भाग बन जाता है।
भारतीय शिक्षा बोर्डों, विशेषकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), उत्तर प्रदेश बोर्ड (UP Board), बिहार बोर्ड (BSEB), और मध्य प्रदेश बोर्ड (MPBSE) के अंतर्गत प्रायिकता को एक विशिष्ट स्थान प्राप्त है बोर्ड परीक्षाओं में इस अध्याय की महत्ता को समझने के लिए इसके विस्तृत अंक-वितरण और पिछले वर्षों के रुझानों का गहराई से विश्लेषण करना अत्यंत आवश्यक है।
अध्याय 13 का बोर्ड परीक्षा में महत्व और वेटेज
कक्षा 12 के गणित के पाठ्यक्रम में प्रायिकता की इकाई को कुल 80 अंकों के सैद्धांतिक प्रश्न पत्र में से कुल 8 अंक आवंटित किए गए हैं। यह संपूर्ण प्रश्न पत्र का 10 प्रतिशत भाग है। यदि इस अध्याय के अध्यापन और अभ्यास को योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, तो इन 8 अंकों को पूर्णतः प्राप्त करना अत्यंत सुगम हो जाता है
बोर्ड परीक्षा के नवीनतम प्रश्न पत्र प्रारूप के अनुसार, इस अध्याय से विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का संकलन किया जाता है:
| प्रश्न का प्रकार | प्रश्नों की संख्या | प्रति प्रश्न अंक | कुल आवंटित अंक | वैचारिक स्तर और विश्लेषण |
| बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) | 2 | 1 अंक | 2 अंक | सामान्य सूत्र, स्वतंत्र घटनाओं की जाँच, या बुनियादी सशर्त प्रायिकता पर आधारित तथ्यात्मक प्रश्न। |
| अति लघु उत्तरीय प्रश्न (VSA) | 1 | 2 अंक | 2 अंक | गुणन नियम, स्वतंत्र घटनाओं की गणना या प्रतिदर्श समष्टि के सरल अनुप्रयोग। |
| केस स्टडी आधारित प्रश्न (Case Study) | 1 | 4 अंक | 4 अंक | बेज़ प्रमेय या कुल प्रायिकता के नियम पर आधारित व्यावहारिक और परिस्थिति-जन्य प्रश्न। |
| कुल योग | 4 प्रश्न | – | 8 अंक | पूर्ण वैचारिक स्पष्टता और अभ्यास पर आधारित इकाइयाँ। |
उत्तर प्रदेश और बिहार बोर्ड की परीक्षाओं में इस अध्याय का भारांक कभी-कभी 10 अंकों तक विस्तृत हो जाता है, जहाँ विस्तृत उत्तरीय प्रश्नों के खंड में बेज़ प्रमेय का एक 5 या 6 अंक का प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछा जाता है।
कक्षा 11 की प्रायिकता से इस अध्याय का संबंध
इसे एक बार और समझ कर अपने आधार को धार दे सकतें है।
कक्षा 12 की प्रायिकता का सुगम अध्ययन करने के लिए कक्षा 11 की मूलभूत अवधारणाओं का पुनरावलोकन अत्यंत आवश्यक है। कक्षा 11 में विद्यार्थियों ने निम्नलिखित संप्रत्ययों का अध्ययन किया था:
- यादृच्छिक प्रयोग (Random Experiment): ऐसा प्रयोग जिसके संभावित परिणामों की सूची तो ज्ञात होती है, परंतु किसी विशिष्ट परीक्षण में कौन सा परिणाम प्राप्त होगा, इसकी सटीक भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
- प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space – $S$): किसी यादृच्छिक प्रयोग के सभी संभावित परिणामों का समुच्चय। उदाहरण के लिए, एक पासे को फेंकने पर प्रतिदर्श समष्टि $S = \{1, 2, 3, 4, 5, 6\}$ प्राप्त होता है।
- घटना (Event): प्रतिदर्श समष्टि का कोई भी उपसमुच्चय ($E \subseteq S$) घटना कहलाता है।
- शास्त्रीय प्रायिकता (Classical Probability): किसी घटना $E$ की प्रायिकता को निम्नलिखित सूत्र द्वारा परिभाषित किया जाता है:$$P(E) = \frac{n(E)}{n(S)}$$जहाँ $n(E)$ अनुकूल परिणामों की संख्या है तथा $n(S)$ प्रतिदर्श समष्टि में कुल अवयवों की संख्या है।
कक्षा 12 में इन संप्रत्ययों का विस्तार करते हुए सशर्त प्रायिकता (Conditional Probability), प्रायिकता का गुणन नियम, स्वतंत्र घटनाएँ, कुल प्रायिकता का नियम, बेज़ प्रमेय और यादृच्छिक चर के प्रायिकता बंटन का व्यवस्थित अध्ययन किया जाता है।
JEE Main, CUET और NDA में इस अध्याय की भूमिका
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से प्रायिकता एक अत्यंत संवेदनशील और उच्च भारांक वाला अध्याय है।
- JEE Main: इस परीक्षा में प्रतिवर्ष प्रायिकता से कम से कम 1 से 2 प्रश्न पूछे जाते हैं। ये प्रश्न प्रायः स्वतंत्र घटनाओं की अनंत श्रेणियों, बेज़ प्रमेय के जटिल अनुप्रयोगों या द्विपद बंटन के मानक विचलन की समस्याओं पर आधारित होते हैं।
- CUET (UG): सीयूईटी के गणित (Section B1) के पाठ्यक्रम में प्रायिकता से 3 से 4 प्रश्न पूछे जाते हैं इनमें यादृच्छिक चर के माध्य और प्रसरण से संबंधित सीधे सूत्र-आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक होती है।
- NDA: राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की परीक्षा में गणित के खंड में प्रायिकता से 8 से 10 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो इसके राष्ट्रीय स्तर पर महत्व को रेखांकित करते हैं।
सशर्त प्रायिकता (Conditional Probability)

सशर्त प्रायिकता कक्षा 12 के प्रायिकता सिद्धांत की आधारशिला है। दैनिक जीवन की कई व्यावहारिक समस्याओं में किसी घटना की प्रायिकता की गणना करते समय हमारे पास पहले से ही कोई अतिरिक्त जानकारी या संकेत उपलब्ध होता है। ऐसी परिस्थितियों में सामान्य प्रायिकता का स्थान सशर्त प्रायिकता ले लेती है।
परिभाषा और सूत्र P(A|B)
मान लीजिए $S$ किसी यादृच्छिक प्रयोग का एक प्रतिदर्श समष्टि है तथा $A$ और $B$ उसी प्रतिदर्श समष्टि से संबंधित दो विशिष्ट घटनाएँ हैं। यदि हमें यह ज्ञात हो कि घटना $B$ पहले ही घटित हो चुकी है, तो इस अतिरिक्त जानकारी के अंतर्गत घटना $A$ के घटित होने की प्रायिकता को घटना $B$ के सापेक्ष $A$ की सशर्त प्रायिकता कहा जाता है। इसे संकेत $P(A|B)$ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
सशर्त प्रायिकता का सूत्र और उदाहरण हिंदी में समझने के लिए निम्नलिखित गणितीय परिभाषा का अवलोकन करें:
$$P(A|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(B)}, \quad$$ जहाँ $$ P(B) \neq 0$$
इसी प्रकार, यदि घटना $A$ पहले ही घटित हो चुकी हो, तो घटना $B$ की सशर्त प्रायिकता निम्नलिखित सूत्र द्वारा प्रदर्शित की जाएगी:
$$P(B|A) = \frac{P(A \cap B)}{P(A)}, \quad$$ जहाँ $$ P(A) \neq 0$$
यहाँ:
- $P(A \cap B)$ दोनों घटनाओं $A$ और $B$ के एक साथ (संयुक्त रूप से) घटित होने की प्रायिकता है।
- $P(B)$ घटना $B$ की स्वतंत्र प्रायिकता है।
- $P(A)$ घटना $A$ की स्वतंत्र प्रायिकता है।
वेन आरेख से ज्यामितीय व्याख्या
सशर्त प्रायिकता के वास्तविक स्वरूप को वेन आरेख (Venn Diagram) के माध्यम से बहुत ही सरलता से समझा जा सकता है। साधारण परिस्थितियों में, जब हम किसी घटना $A$ की प्रायिकता ज्ञात करते हैं, तो संपूर्ण प्रतिदर्श समष्टि $S$ हमारे विचार का आधार होता है।
परंतु, जैसे ही यह निश्चित हो जाता है कि घटना $B$ घटित हो चुकी है, वैसे ही हमारा सक्रिय प्रतिदर्श समष्टि संपूर्ण $S$ से संकुचित होकर केवल समुच्चय $B$ तक सीमित हो जाता है। अब, घटना $A$ के घटित होने के लिए केवल वही बिंदु अनुकूल होंगे जो समुच्चय $B$ के भीतर भी उपस्थित हैं। वेन आरेख के अनुसार, यह क्षेत्र केवल दोनों समुच्चयों का सर्वनिष्ठ (intersection) भाग होता है, जिसे हम $A \cap B$ कहते हैं।
अतः, संकुचित प्रतिदर्श समष्टि में अनुकूल अवयवों की संख्या $n(A \cap B)$ होगी और कुल संभावित अवयवों की संख्या $n(B)$ होगी। इस ज्यामितीय संकुचन को निम्नलिखित प्रकार से प्रदर्शित किया जा सकता है:
$$P(A|B) = \frac{n(A \cap B)}{n(B)}$$
यदि अंश और हर दोनों को प्रतिदर्श समष्टि के कुल अवयवों की संख्या $n(S)$ से विभाजित कर दिया जाए, तो हमें प्रायिकता का मानक सूत्र प्राप्त हो जाता है:
$$P(A|B) = \frac{\frac{n(A \cap B)}{n(S)}}{\frac{n(B)}{n(S)}}$$$$ = \frac{P(A \cap B)}{P(B)}$$
गुणधर्म के साथ प्रमाण
सशर्त प्रायिकता के महत्वपूर्ण गणितीय गुणधर्म और उनके प्रमाण बोर्ड परीक्षाओं में सीधे पूछे जाते हैं। इन गुणधर्मों को समझना जटिल प्रश्नों के सरलीकरण के लिए आवश्यक है:
गुणधर्म 1
यदि $S$ प्रतिदर्श समष्टि है और $F$ कोई ऐसी घटना है जिसके लिए $P(F) \neq 0$, तो:
$$P(S|F) = P(F|F) = 1$$
प्रमाण: सशर्त प्रायिकता के मूल सूत्र का प्रयोग करने पर:
$$P(S|F) = \frac{P(S \cap F)}{P(F)}$$
चूँकि $F$, प्रतिदर्श समष्टि $S$ का ही एक उपसमुच्चय है, इसलिए इन दोनों का सर्वनिष्ठ स्वयं $F$ ही होगा, अर्थात $S \cap F = F$।
अतः:
$$P(S|F) = \frac{P(F)}{P(F)} = 1$$
इसी प्रकार:
$$P(F|F) = \frac{P(F \cap F)}{P(F)} $$$$= \frac{P(F)}{P(F)} = 1$$
यह गुणधर्म प्रमाणित करता है कि यदि कोई घटना निश्चित रूप से घटित हो चुकी है, तो उसके सापेक्ष संपूर्ण समष्टि या स्वयं उसी घटना की सशर्त प्रायिकता सदैव इकाई (1) होती है।
गुणधर्म 2
यदि $A$ और $B$ किसी प्रतिदर्श समष्टि $S$ की दो घटनाएँ हैं और $F$ एक अन्य घटना है कि $P(F) \neq 0$, तो:
$$P((A \cup B)|F) = $$$$P(A|F) + P(B|F) – P((A \cap B)|F)$$
यदि $A$ और $B$ परस्पर अपवर्जी (Mutually Exclusive) घटनाएँ हैं, तो $A \cap B = \emptyset$ होगा, जिससे:
$$P((A \cup B)|F) = $$$$P(A|F) + P(B|F)$$
प्रमाण: समुच्चय सिद्धांत के अनुसार हम जानते हैं कि:
$$(A \cup B) \cap F =$$$$ (A \cap F) \cup (B \cap F)$$सशर्त प्रायिकता की परिभाषा का अनुप्रयोग करने पर:
$$P((A \cup B)|F) = $$$$\frac{P((A \cup B) \cap F)}{P(F)}$$
$$P((A \cup B)|F) =$$$$ \frac{P((A \cap F) \cup (B \cap F))}{P(F)}$$प्रायिकता के योग नियम का उपयोग करने पर:
$$P((A \cup B)|F) = $$$$\frac{P(A \cap F) + P(B \cap F) – P(A \cap F \cap B \cap F)}{P(F)}$$
$$P((A \cup B)|F) = $$$$\frac{P(A \cap F)}{P(F)} + \frac{P(B \cap F)}{P(F)} – \frac{P((A \cap B) \cap F)}{P(F)}$$सशर्त प्रायिकता के रूप में लिखने पर:
$$P((A \cup B)|F) = $$$$P(A|F) + P(B|F) – P((A \cap B)|F)$$
यह गुणधर्म जटिल संघ घटनाओं (union events) की सशर्त प्रायिकता की गणना करने में सहायक है।
गुणधर्म 3
$$P(A’|F) = 1 – P(A|F)$$
प्रमाण: गुणधर्म 1 से हम जानते हैं कि:
$$P(S|F) = 1$$
हम संपूर्ण प्रतिदर्श समष्टि को घटना $A$ और उसकी पूरक घटना $A’$ के संघ के रूप में लिख सकते हैं, अर्थात $S = A \cup A’$। चूँकि $A$ और $A’$ परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हैं, गुणधर्म 2 का अनुप्रयोग करने पर:
$$P((A \cup A’)|F) = P(A|F) + P(A’|F) = 1$$
इस समीकरण को व्यवस्थित करने पर हमें पूरक घटना की सशर्त प्रायिकता प्राप्त होती है:
$$P(A’|F) = 1 – P(A|F)$$
कम से कम 10 हल किए गए उदाहरण (आसान से कठिन क्रम में)
उदाहरण 1 (अत्यंत सरल – सीधा सूत्र प्रयोग)
यदि किसी प्रश्न में $P(A) = 0.8$, $P(B) = 0.5$ और $P(B|A) = 0.4$ दिया गया हो, तो निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए:
- $P(A \cap B)$
- $P(A|B)$
हल:
- सशर्त प्रायिकता के सूत्रानुसार हम जानते हैं कि:$$P(B|A) = \frac{P(A \cap B)}{P(A)}$$मानों को प्रतिस्थापित करने पर:$$0.4 = \frac{P(A \cap B)}{0.8}$$$$ \implies P(A \cap B) = 0.4 \times 0.8 = 0.32$$
- अब $P(A|B)$ की गणना करने के लिए:$$P(A|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(B)}$$$$P(A|B) = \frac{0.32}{0.5} = 0.64$$
उदाहरण 2 (सरल – पासे का फेंकना)
एक पासे को एक बार फेंका जाता है। यदि प्राप्त संख्या के सम होने की घटना को $E$ तथा प्राप्त संख्या के 3 से बड़े होने की घटना को $F$ द्वारा प्रदर्शित किया जाए, तो $P(E|F)$ की गणना कीजिए।
हल:
पासे को फेंकने पर प्राप्त प्रतिदर्श समष्टि:
$$S = \{1, 2, 3, 4, 5, 6\} \implies n(S) = 6$$
- घटना $E$ (सम संख्या): $E = \{2, 4, 6\} \implies n(E) = 3$
- घटना $F$ (3 से बड़ी संख्या): $F = \{4, 5, 6\} \implies n(F) = 3$
- सर्वनिष्ठ घटना $E \cap F$ (ऐसी सम संख्या जो 3 से बड़ी हो):$$E \cap F = \{4, 6\} \implies n(E \cap F) = 2$$
अब इनकी स्वतंत्र प्रायिकताएँ निम्नलिखित हैं:
$$P(F) = \frac{n(F)}{n(S)} = \frac{3}{6} = 0.5$$
$$P(E \cap F) = \frac{n(E \cap F)}{n(S)} $$$$= \frac{2}{6} = \frac{1}{3}$$
अतः, सशर्त प्रायिकता का मान होगा:
$$P(E|F) = \frac{P(E \cap F)}{P(F)} =$$$$ \frac{\frac{2}{6}}{\frac{3}{6}} = \frac{2}{3}$$
उदाहरण 3 (सरल – सिक्कों का उछालना)
एक सिक्के को दो बार उछाला जाता है। यदि दोनों बार पट (Tail) प्राप्त होने की घटना को $A$ तथा कम से कम एक बार पट प्राप्त होने की घटना को $B$ माना जाए, तो $P(A|B)$ का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
दो सिक्कों को उछालने पर प्रतिदर्श समष्टि:
$$S = \{HH, HT, TH, TT\} \implies n(S) = 4$$
- घटना $A$ (दोनों बार पट): $A = \{TT\} \implies n(A) = 1$
- घटना $B$ (कम से कम एक बार पट): $B = \{HT, TH, TT\} \implies n(B) = 3$
- सर्वनिष्ठ घटना $A \cap B = \{TT\} \implies n(A \cap B) = 1$
सशर्त प्रायिकता के अनुसार:
$$P(A|B) = \frac{n(A \cap B)}{n(B)} = \frac{1}{3}$$
उदाहरण 4 (मध्यम – पारिवारिक संरचना)
एक परिवार में दो बच्चे हैं। यदि यह ज्ञात हो कि दोनों बच्चों में से कम से कम एक बच्चा लड़का है, तो दोनों बच्चों के लड़का होने की क्या प्रायिकता है? (मान लीजिए कि लड़के और लड़की का जन्म सम-संभाव्य है)
हल:
मान लीजिए लड़के को $B$ तथा लड़की को $G$ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
प्रतिदर्श समष्टि:
$$S = \{(B, B), (B, G), (G, B), (G, G)\} $$$$\implies n(S) = 4$$
मान लीजिए घटनाएँ इस प्रकार परिभाषित हैं:
- $E$: दोनों बच्चे लड़के हैं $\implies E = \{(B, B)\} $$$$\implies n(E) = 1$
- $F$: कम से कम एक बच्चा लड़का है $\implies F = \{(B, B), (B, G), (G, B)\} $$$$\implies n(F) = 3$
दोनों घटनाओं का सर्वनिष्ठ:
$$E \cap F = \{(B, B)\} $$$$\implies n(E \cap F) = 1$$
अतः, दी गई स्थिति के अंतर्गत दोनों बच्चों के लड़का होने की सशर्त प्रायिकता:
$$P(E|F) = \frac{n(E \cap F)}{n(F)} =$$$$ \frac{1}{3}$$
उदाहरण 5 (मध्यम – ताश के पत्ते)
ताश के 52 पत्तों की एक गड्डी से एक पत्ता यादृच्छिक रूप से निकाला जाता है। यदि यह ज्ञात हो कि निकाला गया पत्ता हुकुम (Spade) का है, तो इसके इक्का (Ace) होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
ताश की गड्डी में कुल पत्ते $n(S) = 52$ होते हैं।
मान लीजिए:
- $S_p$: निकाला गया पत्ता हुकुम का है। गड्डी में कुल हुकुम के पत्ते = 13 $\implies P(S_p) = \frac{13}{52}$
- $A$: निकाला गया पत्ता इक्का है। कुल इक्के = 4
- $A \cap S_p$: निकाला गया पत्ता हुकुम का इक्का है। हुकुम का केवल 1 इक्का होता है $\implies P(A \cap S_p) = \frac{1}{52}$
सशर्त प्रायिकता के सूत्रानुसार:
$$P(A|S_p) = \frac{P(A \cap S_p)}{P(S_p)} = $$$$\frac{\frac{1}{52}}{\frac{13}{52}} = $$$$\frac{1}{13}$$
उदाहरण 6 (मध्यम – भारतीय बोर्ड परीक्षा संदर्भ)
उत्तर प्रदेश के एक प्रसिद्ध विद्यालय में कक्षा 12 के 40% छात्र गणित पढ़ते हैं, 30% छात्र भौतिक विज्ञान पढ़ते हैं और 20% छात्र गणित और भौतिक विज्ञान दोनों पढ़ते हैं। एक छात्र को यादृच्छिक रूप से चुना जाता है। यदि यह ज्ञात है कि वह छात्र भौतिक विज्ञान पढ़ता है, तो उसके गणित पढ़ने की प्रायिकता क्या होगी?
हल:
मान लीजिए:
- $M$: छात्र गणित पढ़ता है $\implies P(M) = 40\% = 0.40$
- $P_h$: छात्र भौतिक विज्ञान पढ़ता है $\implies P(P_h) = 30\% = 0.30$
- $M \cap P_h$: छात्र दोनों विषय पढ़ता है $\implies P(M \cap P_h) = 20\% = 0.20$
हमें ज्ञात करना है कि यदि छात्र भौतिक विज्ञान पढ़ता है ($P_h$ घटित हो चुका है), तो उसके गणित पढ़ने ($M$) की सशर्त प्रायिकता क्या है, अर्थात $P(M|P_h)$:
$$P(M|P_h) = \frac{P(M \cap P_h)}{P(P_h)} = \frac{0.20}{0.30} = $$$$\frac{2}{3} \approx 0.67$$
अतः छात्र के गणित पढ़ने की सशर्त प्रायिकता लगभग 67% है।
उदाहरण 7 (कठिन – द्विचरण पासा फेंकना)
एक पासे को तब तक फेंका जाता है जब तक कि उस पर संख्या 6 प्राप्त न हो जाए। यदि पहले तीन परीक्षणों में 6 प्राप्त नहीं होता है, तो चौथे परीक्षण में संख्या 6 प्राप्त होने की क्या प्रायिकता है?
हल:
यह प्रश्न सशर्त प्रायिकता की वैचारिक गहराई का परीक्षण करता है।
मान लीजिए पासे की प्रत्येक फेंक स्वतंत्र है। किसी भी फेंक में 6 आने की प्रायिकता $p = \frac{1}{6}$ है और 6 न आने की प्रायिकता $q = 1 – \frac{1}{6} = \frac{5}{6}$ है।
मान लीजिए:
- $F$: पहले तीन परीक्षणों में 6 प्राप्त नहीं होता है।$$P(F) = q \times q \times q = \left(\frac{5}{6}\right)^3 = \frac{125}{216}$$
- $E$: चौथे परीक्षण में पहली बार संख्या 6 प्राप्त होती है। इसका अर्थ है कि पहले तीन परीक्षणों में 6 नहीं आया और चौथे में 6 आया।$$P(E) = q \times q \times q \times p = \left(\frac{5}{6}\right)^3 \times \frac{1}{6} $$$$= \frac{125}{1296}$$
चूँकि घटना $E$, घटना $F$ का ही एक भाग है (यदि चौथे में पहली बार 6 आया है, तो निश्चित रूप से पहले तीन में 6 नहीं आया), इसलिए $E \cap F = E$ होगा।
अतः, अभीष्ट सशर्त प्रायिकता:
$$P(E|F) = \frac{P(E \cap F)}{P(F)} = \frac{P(E)}{P(F)} = $$$$ \frac{\frac{125}{1296}}{\frac{125}{216}} =$$$$ \frac{216}{1296} = \frac{1}{6}$$
यह परिणाम दर्शाता है कि पासे की स्वतंत्र प्रकृति के कारण पिछला कोई भी इतिहास वर्तमान फेंक को प्रभावित नहीं करता है।
उदाहरण 8 (कठिन – बक्से और गेंदों का चयन)
एक बक्से में 3 लाल और 5 काली गेंदें हैं। बिना प्रतिस्थापन (without replacement) के एक-एक करके दो गेंदें निकाली जाती हैं। यदि यह पाया जाता है कि दूसरी निकाली गई गेंद लाल है, तो इस बात की क्या प्रायिकता है कि पहली निकाली गई गेंद भी लाल थी?
हल:
मान लीजिए:
- $R_1$: पहली गेंद का लाल होना।
- $B_1$: पहली गेंद का काला होना।
- $R_2$: दूसरी गेंद का लाल होना।
हमें $P(R_1|R_2)$ ज्ञात करना है। सशर्त प्रायिकता के सूत्र से:
$$P(R_1|R_2) = \frac{P(R_1 \cap R_2)}{P(R_2)}$$
हम जानते हैं कि पहली गेंद के लाल और दूसरी के भी लाल होने की संयुक्त प्रायिकता:
$$P(R_1 \cap R_2) = P(R_1) \cdot P(R_2|R_1) = $$$$\frac{3}{8} \times \frac{2}{7} = \frac{6}{56}$$
दूसरी गेंद के लाल होने की कुल प्रायिकता $P(R_2)$ दो परस्पर अपवर्जी मार्गों से प्राप्त हो सकती है:
- पहली लाल और दूसरी लाल ($R_1 \cap R_2$)
- पहली काली और दूसरी लाल ($B_1 \cap R_2$)
$$P(R_2) = P(R_1 \cap R_2) + P(B_1 \cap R_2) = $$$$\left(\frac{3}{8} \times \frac{2}{7}\right) + \left(\frac{5}{8} \times \frac{3}{7}\right) $$$$= \frac{6}{56} + \frac{15}{56} = \frac{21}{56}$$
अब सशर्त प्रायिकता के सूत्र में इन मानों को स्थापित करने पर:
$$P(R_1|R_2) = \frac{\frac{6}{56}}{\frac{21}{56}} = \frac{6}{21} = \frac{2}{7}$$
उदाहरण 9 (कठिन – बीजगणितीय प्रमाण)
यदि $A$ और $B$ दो ऐसी घटनाएँ हैं कि $P(A) > 0$ और $P(B) \neq 1$ है, तो सिद्ध कीजिए कि:
$$P(A|B’) = \frac{P(A) – P(A \cap B)}{1 – P(B)}$$
हल:
सशर्त प्रायिकता की परिभाषा के अनुसार:
$$P(A|B’) = \frac{P(A \cap B’)}{P(B’)}$$समुच्चय सिद्धांत के अनुसार, हम $A \cap B’$ को केवल $A$ का वह भाग लिख सकते हैं जिसमें $B$ शामिल न हो, अर्थात:$$A = (A \cap B) \cup (A \cap B’)$$चूँकि $A \cap B$ और $A \cap B’$ परस्पर अपवर्जी हैं, अतः:
$$P(A) = P(A \cap B) + P(A \cap B’)$$$$ \implies P(A \cap B’) = P(A) – P(A \cap B)$$
हम यह भी जानते हैं कि पूरक घटना की परिभाषा से $P(B’) = 1 – P(B)$ होता है।
इन दोनों मानों को मूल समीकरण में प्रतिस्थापित करने पर:
$$P(A|B’) = \frac{P(A) – P(A \cap B)}{1 – P(B)}$$
यह अत्यंत महत्वपूर्ण परिणाम सिद्ध होता है।
उदाहरण 10 (कठिन – तीन पासों का खेल)
तीन निष्पक्ष पासों को एक साथ उछाला जाता है। यदि यह ज्ञात है कि तीनों पासों पर प्राप्त संख्याओं का योगफल कम से कम 15 है, तो पहले पासे पर संख्या 5 प्राप्त होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
तीन पासों को एक साथ उछालने पर प्रतिदर्श समष्टि में कुल अवयव $n(S) = 6^3 = 216$ होते हैं।
मान लीजिए:
- $F$: प्राप्त संख्याओं का योगफल कम से कम 15 है।हम योगफल 15, 16, 17, और 18 के अनुकूल परिणामों की सूची बनाते हैं:
- योगफल 18: $(6,6,6)$ [1 परिणाम]योगफल 17: $(6,6,5), (6,5,6), (5,6,6)$ [3 परिणाम]योगफल 16: $(6,6,4), (6,4,6), (4,6,6), (6,5,5), $$(5,6,5), (5,5,6)$ [6 परिणाम]योगफल 15: $(6,6,3)$ और इसके क्रमचय [3]; $(6,5,4)$ और इसके क्रमचय [6]; $(5,5,5)$ [1] $\implies 10$ परिणाम।
- $E$: पहले पासे पर संख्या 5 प्राप्त होना।
- $E \cap F$: पहले पासे पर 5 प्राप्त हो और तीनों का योगफल कम से कम 15 हो।हम ऐसे अनुकूल परिणामों की सूची बनाते हैं जो 5 से शुरू होते हैं और जिनका योग $\geq 15$ है:
- $5 + x + y \geq 15 \implies x + y \geq 10$
- संभावित जोड़े $(x, y)$ जो योग $\geq 10$ देते हैं:
- योग 12: $(6, 6)$ $\implies (5, 6, 6)$
- योग 11: $(5, 6), (6, 5)$ $\implies (5, 5, 6), (5, 6, 5)$
- योग 10: $(4, 6), (5, 5), (6, 4)$ $\implies (5, 4, 6), (5, 5, 5), (5, 6, 4)$
अभीष्ट सशर्त प्रायिकता होगी:
$$P(E|F) = \frac{n(E \cap F)}{n(F)} = \frac{6}{20} = \frac{3}{10} = 0.30$$
आम गलतियाँ (Common Mistakes Box)
त्रुटि 1: विद्यार्थी अक्सर सशर्त प्रायिकता $P(A|B)$ की गणना करते समय हर में $P(A)$ रख देते हैं, अर्थात $P(A|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(A)}$ लिख देते हैं।
सुधार: हमेशा स्मरण रखें कि जो घटना पहले ही घटित हो चुकी है (जो डंडे के बाद लिखी है, जैसे $B$), उसकी प्रायिकता हमेशा हर (denominator) में आएगी: $P(A|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(B)}$।
त्रुटि 2: शाब्दिक प्रश्नों में “दी गई शर्त” को पहचान न पाना।
सुधार: प्रश्न की भाषा में “यदि यह ज्ञात हो कि…”, “यह पाया जाता है कि…” या “यह देखते हुए कि…” के बाद आने वाले वाक्य को हमेशा घटना $B$ (शर्त) मानें।
प्रायिकता का गुणन नियम (Multiplication Theorem)

सशर्त प्रायिकता के सूत्र का यदि पक्षांतरण (algebraic rearrangement) किया जाए, तो हमें प्रायिकता का गुणन नियम प्राप्त होता है। यह नियम दो या दो से अधिक घटनाओं के एक साथ घटित होने की प्रायिकता की गणना करने की सरल विधि प्रदान करता है।
सूत्र की व्युत्पत्ति
हम जानते हैं कि घटना $B$ के घटित होने की स्थिति में घटना $A$ की सशर्त प्रायिकता का सूत्र है:
$$P(A|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(B)}, \quad P(B) \neq 0$$
यदि हम दोनों पक्षों में $P(B)$ से गुणा कर दें, तो हमें प्राप्त होता है:
$$P(A \cap B) = P(B) \cdot P(A|B)$$
इसी प्रकार, यदि हम सशर्त प्रायिकता $P(B|A)$ का प्रयोग करें:
$$P(B|A) = \frac{P(A \cap B)}{P(A)}, \quad P(A) \neq 0$$
$$\implies P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B|A)$$
यह गणितीय रूप ही प्रायिकता का गुणन नियम (Multiplication Theorem on Probability) कहलाता है।
शब्दों में, “दो संबद्ध घटनाओं $A$ और $B$ के एक साथ घटित होने की प्रायिकता, पहली घटना की प्रायिकता और पहली घटना के घटित होने की स्थिति में दूसरी घटना की सशर्त प्रायिकता के गुणनफल के बराबर होती है।”
स्वतंत्र व आश्रित घटनाओं पर लागू करना
गुणन नियम का व्यावहारिक अनुप्रयोग इस बात पर निर्भर करता है कि दी गई घटनाएँ स्वतंत्र हैं या आश्रित:
- आश्रित घटनाएँ (Dependent Events): यदि एक घटना का परिणाम दूसरी घटना की प्रायिकता को प्रभावित करता है, तो हम मूल सूत्र का ही प्रयोग करते हैं:$$P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B|A)$$
- स्वतंत्र घटनाएँ (Independent Events): यदि घटना $B$ की प्रायिकता पर घटना $A$ के घटित होने या न होने का कोई प्रभाव नहीं पड़ता, तो $P(B|A) = P(B)$ प्राप्त होता है। इस स्थिति में गुणन नियम अत्यंत सरल और रैखिक हो जाता है: $$P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B)$$ यह सूत्र स्वतंत्र घटनाओं की पहचान करने का सर्वप्रमुख गणितीय पैमाना है।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 (बिना प्रतिस्थापन के ताश के पत्ते)
ताश के 52 पत्तों की एक अच्छी तरह फेंटी गई गड्डी में से बिना प्रतिस्थापित किए (without replacement) एक-एक करके दो पत्ते निकाले जाते हैं। दोनों पत्तों के बादशाह (King) होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए:
- $K_1$: पहला निकाला गया पत्ता बादशाह है। गड्डी में कुल बादशाह = 4, कुल पत्ते = 52।$$P(K_1) = \frac{4}{52} = \frac{1}{13}$$
- $K_2$: दूसरा निकाला गया पत्ता बादशाह है।चूँकि पहला पत्ता निकालने के बाद उसे वापस गड्डी में नहीं रखा गया है, इसलिए गड्डी में शेष पत्तों की संख्या 51 और बादशाहों की संख्या 3 बचेगी।अतः, पहले पत्ते के बादशाह होने की स्थिति में दूसरे पत्ते के बादशाह होने की सशर्त प्रायिकता:$$P(K_2|K_1) = \frac{3}{51} = \frac{1}{17}$$
प्रायिकता के गुणन नियम के अनुसार, दोनों पत्तों के बादशाह होने की संयुक्त प्रायिकता:
$$P(K_1 \cap K_2) = P(K_1) \cdot P(K_2|K_1) =$$$$ \frac{4}{52} \times \frac{3}{51} =$$$$ \frac{1}{13} \times \frac{1}{17} = \frac{1}{221}$$
उदाहरण 2 (गेंदों का निकालना)
एक कलश में 10 काली और 5 सफेद गेंदें हैं। दो गेंदें एक के बाद एक बिना प्रतिस्थापन के निकाली जाती हैं। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि पहली गेंद काली और दूसरी सफेद हो।
हल:
मान लीजिए:
- $B_1$: पहली गेंद काली है। काली गेंदें = 10, सफेद = 5, कुल = 15।$$P(B_1) = \frac{10}{15} = \frac{2}{3}$$
- $W_2$: दूसरी गेंद सफेद है।पहली काली गेंद निकालने के बाद कलश में बची हुई गेंदें: काली = 9, सफेद = 5, कुल = 14।अतः, पहली गेंद काली होने की स्थिति में दूसरी गेंद के सफेद होने की सशर्त प्रायिकता:$$P(W_2|B_1) = \frac{5}{14}$$
गुणन नियम से अभीष्ट प्रायिकता:
$$P(B_1 \cap W_2) = P(B_1) \cdot P(W_2|B_1) =$$$$ \frac{10}{15} \times \frac{5}{14} =$$$$ \frac{2}{3} \times \frac{5}{14} = \frac{5}{21}$$
स्वतंत्र घटनाएँ बनाम परस्पर अपवर्जी घटनाएँ
प्रायिकता के पाठ्यक्रम में “स्वतंत्र घटनाएँ” (Independent Events) और “परस्पर अपवर्जी घटनाएँ” (Mutually Exclusive Events) दो ऐसे संप्रत्यय हैं जिनमें विद्यार्थी सर्वाधिक भ्रमित होते हैं। इन दोनों के मध्य के तात्विक और गणितीय अंतर को समझना अत्यंत आवश्यक है।
तुलना तालिका
स्वतंत्र घटना और परस्पर अपवर्जी घटना में अंतर हिंदी में स्पष्ट रूप से समझने के लिए निम्नलिखित तुलनात्मक तालिका का अध्ययन करें:
| तुलना का मापदंड | स्वतंत्र घटनाएँ (Independent Events) | परस्पर अपवर्जी घटनाएँ (Mutually Exclusive Events) |
| मूल परिभाषा | जब किसी एक घटना का घटित होना दूसरी घटना के घटित होने की संभावना को प्रभावित नहीं करता है। | जब दो घटनाएँ किसी एक ही परीक्षण में एक साथ कभी भी घटित नहीं हो सकती हैं। |
| गणितीय प्रतिबंध | $P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B)$ | $P(A \cap B) = 0$ |
| सशर्त प्रायिकता संबंध | $P(A | B) = P(A)$ तथा $P(B |
| वेन आरेख की स्थिति | वेन आरेख में दोनों समुच्चयों के बीच कुछ न कुछ उभयनिष्ठ (overlapping) क्षेत्र अवश्य होता है। | वेन आरेख में दोनों समुच्चयों के वृत्त पूर्णतः पृथक होते हैं (कोई संपर्क नहीं होता)। |
| भौतिक अस्तित्व | ये घटनाएँ प्रायः दो अलग-अलग स्वतंत्र परीक्षणों से संबंधित होती हैं (जैसे दो अलग-अलग सिक्कों को उछालना)। | ये घटनाएँ अनिवार्य रूप से किसी एक ही परीक्षण के विभिन्न परिणामों से संबंधित होती हैं (जैसे एक पासे पर सम और विषम आना)। |
सामान्य भ्रम और गलतियाँ
विद्यार्थियों में यह एक सामान्य भ्रांति है कि यदि दो घटनाएँ परस्पर अपवर्जी हैं, तो वे स्वतंत्र भी होंगी क्योंकि उनका आपस में “कोई संबंध नहीं है”।
परंतु, गणितीय दृष्टि से यह धारणा पूर्णतः विपरीत है। यदि दो घटनाएँ $A$ और $B$ परस्पर अपवर्जी हैं ($P(A \cap B) = 0$) और वे अशून्य प्रायिकता वाली वास्तविक घटनाएँ हैं ($P(A) > 0, P(B) > 0$), तो वे कभी भी स्वतंत्र नहीं हो सकतीं। इसका कारण यह है कि यदि हमें यह जानकारी प्राप्त हो जाए कि घटना $A$ घटित हो चुकी है, तो घटना $B$ के घटित होने की प्रायिकता तात्कालिक रूप से शून्य हो जाती है ($P(B|A) = 0$)। अर्थात, $A$ की जानकारी ने $B$ की संभावना को पूर्णतः प्रभावित किया है, अतः वे अत्यधिक आश्रित घटनाएँ हैं।
उदाहरण के साथ अंतर स्पष्टीकरण
उदाहरण 1 (परस्पर अपवर्जी घटना)
एक निष्पक्ष पासे को एक बार फेंका जाता है।
- घटना $A$: पासे पर एक विषम संख्या प्राप्त होना $\implies A = \{1, 3, 5\}$
- घटना $B$: पासे पर एक सम संख्या प्राप्त होना $\implies B = \{2, 4, 6\}$
यहाँ $A \cap B = \emptyset$ (रिक्त समुच्चय) है, अतः $P(A \cap B) = 0$ है। ये दोनों घटनाएँ परस्पर अपवर्जी हैं। वे एक साथ कभी भी घटित नहीं हो सकतीं।
उदाहरण 2 (स्वतंत्र घटना)
एक पासे को दो बार फेंका जाता है।
- घटना $A$: पहली फेंक में सम संख्या प्राप्त होना $\implies P(A) = \frac{18}{36} = \frac{1}{2}$
- घटना $B$: दूसरी फेंक में विषम संख्या प्राप्त होना $\implies P(B) = \frac{18}{36} = \frac{1}{2}$
यहाँ पहले पासे का परिणाम दूसरे पासे के परिणाम को किसी भी प्रकार प्रभावित नहीं करता है। गणितीय जाँच:
$P(A \cap B) = P$ पहले पर सम और दूसरे पर विषम $ = \frac{3 \times 3}{36} = $$\frac{9}{36} = \frac{1}{4}$
$$P(A) \cdot P(B) = \frac{1}{2} \times \frac{1}{2} =$$$$ \frac{1}{4}$$
चूँकि $P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B)$ है, अतः घटनाएँ $A$ and $B$ स्वतंत्र हैं।
कुल प्रायिकता का नियम (Law of Total Probability)

कुल प्रायिकता का नियम किसी जटिल घटना की प्रायिकता ज्ञात करने के लिए उसे छोटे-छोटे परस्पर अपवर्जी मार्गों में विभाजित करने की एक व्यवस्थित विधि है। यह नियम बेज़ प्रमेय की पृष्ठभूमि का निर्माण करता है।
सूत्र और विभाजन (Partition) की अवधारणा
मान लीजिए $S$ किसी यादृच्छिक प्रयोग का प्रतिदर्श समष्टि है। घटनाओं का एक समूह $E_1, E_2, \dots, E_n$ प्रतिदर्श समष्टि $S$ का एक विभाजन (Partition) कहलाता है यदि वे निम्नलिखित तीन अनिवार्य शर्तों को संतुष्ट करते हैं:
- वे परस्पर अपवर्जी हैं: $E_i \cap E_j = \emptyset$ सभी $i \neq j$ के लिए।
- वे मिलकर संपूर्ण प्रतिदर्श समष्टि का निर्माण करते हैं: $E_1 \cup E_2 \cup \dots \cup E_n = S$।
- प्रत्येक घटना की प्रायिकता शून्य से अधिक है: $P(E_i) > 0$ सभी $i = 1, 2, \dots, n$ के लिए।
कुल प्रायिकता का नियम क्या है उदाहरण सहित समझने के लिए मान लीजिए कि $A$ कोई ऐसी घटना है जो प्रतिदर्श समष्टि $S$ के अंतर्गत घटित होती है। तब घटना $A$ की कुल प्रायिकता निम्नलिखित सूत्र द्वारा प्रदर्शित की जाती है:
$P(A) = $$P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2) + $$\dots + P(E_n)P(A|E_n)$
संक्षिप्त रूप (Sigma Notation) में:
$$P(A) = \sum_{i=1}^n P(E_i) \cdot P(A|E_i)$$
पेड़ आरेख (Tree Diagram) से समझें
कुल प्रायिकता के नियम को समझने का सबसे सुगम माध्यम पेड़ आरेख (Tree Diagram) है। मान लीजिए हमारे पास तीन बक्से (घटनाएँ $E_1, E_2, E_3$) हैं और हमें बक्सा चुनकर उसमें से एक लाल गेंद (घटना $A$) निकालनी है।
प्रायिकता का पेड़ आरेख (ट्री डायग्राम) कैसे बनाएं, इसके लिए निम्नलिखित संरचना का अवलोकन करें:
--- P(E1) ---> [ बक्सा E1 ] --- P(A|E1) ---> ( लाल गेंद A ) => पथ 1: P(E1) * P(A|E1)
/
/
/
[ प्रारंभिक बिंदु ] ---- P(E2) ---> [ बक्सा E2 ] --- P(A|E2) ---> ( लाल गेंद A ) => पथ 2: P(E2) * P(A|E2)
\
\
\
--- P(E3) ---> [ बक्सा E3 ] --- P(A|E3) ---> ( लाल गेंद A ) => पथ 3: P(E3) * P(A|E3)
घटना $A$ (लाल गेंद) प्राप्त करने के कुल तीन स्वतंत्र मार्ग हैं। अतः, लाल गेंद की कुल प्रायिकता प्राप्त करने के लिए इन तीनों स्वतंत्र पथों के गुणनफलों का योग कर दिया जाता है:
$P(A) = $$P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2) +$$ P(E_3)P(A|E_3)$
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 (कारखाने का उत्पादन)
उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित एक मोबाइल चार्जर बनाने वाली फैक्ट्री में तीन मशीनें $A, B$ और $C$ कुल उत्पादन का क्रमशः 50%, 30% और 20% चार्जर बनाती हैं। इन मशीनों के उत्पादन में से क्रमशः 1%, 2% और 3% चार्जर खराब (defective) पाए जाते हैं। कुल उत्पादन में से यादृच्छिक रूप से चुना गया एक चार्जर खराब होने की क्या प्रायिकता है?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: चार्जर मशीन $A$ द्वारा निर्मित है $\implies P(E_1) = 50\% = 0.50$
- $E_2$: चार्जर मशीन $B$ द्वारा निर्मित है $\implies P(E_2) = 30\% = 0.30$
- $E_3$: चार्जर मशीन $C$ द्वारा निर्मित है $\implies P(E_3) = 20\% = 0.20$
- $D$: चार्जर खराब (defective) है।
दी गई सशर्त प्रायिकताएँ:
- मशीन $A$ से उत्पादित चार्जर का खराब होना $\implies P(D|E_1) = 1\% = 0.01$
- मशीन $B$ से उत्पादित चार्जर का खराब होना $\implies P(D|E_2) = 2\% = 0.02$
- मशीन $C$ से उत्पादित चार्जर का खराब होना $\implies P(D|E_3) = 3\% = 0.03$
कुल प्रायिकता के नियम के अनुसार, खराब चार्जर होने की कुल प्रायिकता $P(D)$:
$P(D) = $$P(E_1)P(D|E_1) + P(E_2)P(D|E_2) + $$ P(E_3)P(D|E_3) \\ P(D) = $$(0.50 \times 0.01) + (0.30 \times 0.02) + $$(0.20 \times 0.03) \\ P(D) = $$0.005 + 0.006 + 0.006 = 0.017$
अतः, चुने गए मोबाइल चार्जर के खराब होने की कुल प्रायिकता 0.017 या 1.7% है।
बेज़ प्रमेय (Bayes’ Theorem)

बेज़ प्रमेय कक्षा 12 की प्रायिकता का सबसे महत्वपूर्ण, लोकप्रिय और परीक्षा में सर्वाधिक पूछा जाने वाला भाग है। इसका प्रतिपादन अंग्रेज गणितज्ञ थॉमस बेज़ द्वारा किया गया था। यह प्रमेय “कारणों की प्रायिकता” (Probability of Causes) या “उत्क्रम प्रायिकता” (Inverse Probability) ज्ञात करने में हमारी सहायता करता है।
सूत्र की पूरी व्युत्पत्ति
मान लीजिए $E_1, E_2, \dots, E_n$ किसी प्रतिदर्श समष्टि $S$ के परस्पर अपवर्जी और संसर्गतः घटनाओं का एक समूह हैं, जो $S$ का एक विभाजन प्रस्तुत करते हैं। मान लीजिए $A$ कोई ऐसी घटना है जिसकी प्रायिकता अशून्य है ($P(A) > 0$)।
हमें यह जानकारी प्राप्त हो चुकी है कि घटना $A$ घटित हो चुकी है, और हमें इस बात की प्रायिकता ज्ञात करनी है कि यह विशिष्ट घटना $E_i$ के कारण घटित हुई है। अर्थात, हमें सशर्त प्रायिकता $P(E_i|A)$ ज्ञात करनी है।
सशर्त प्रायिकता की मूल परिभाषा से हम जानते हैं कि:
$$P(E_i|A) = \frac{P(E_i \cap A)}{P(A)}$$
प्रायिकता के गुणन नियम का प्रयोग करने पर, अंश को निम्नलिखित रूप में लिखा जा सकता है:
$$P(E_i \cap A) =$$$$ P(E_i) \cdot P(A|E_i)$$
तथा कुल प्रायिकता के नियम से हमें हर (denominator) $P(A)$ का मान ज्ञात है:
$$P(A) = \sum_{j=1}^n P(E_j) \cdot P(A|E_j)$$
इन दोनों मानों को मूल सूत्र में प्रतिस्थापित करने पर हमें बेज़ प्रमेय का वास्तविक सूत्र प्राप्त होता है:
$$P(E_i|A) = $$$$\frac{P(E_i) \cdot P(A|E_i)}{\sum_{j=1}^n P(E_j) \cdot P(A|E_j)}$$
“कब और कैसे लगाएं” निर्णय ढांचा (Decision Framework)
बोर्ड परीक्षा में प्रश्नों के कोलाहल में यह पहचानना कि प्रश्न बेज़ प्रमेय का है, विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए निम्नलिखित निर्णय ढांचे (Decision Framework) का प्रयोग करें:
[ प्रश्न का विश्लेषण करें ]
|
क्या घटना घटित होने के कई विकल्प/मार्ग हैं?
/ \
(हाँ) (ना) ---> साधारण सशर्त प्रायिकता का प्रयोग करें
/
क्या कोई अंतिम परिणाम पहले ही घटित हो चुका है?
(जैसे: "यह पाया गया कि वस्तु खराब है" या "लाल गेंद निकली")
/ \
(हाँ) (ना) ---> गुणन नियम या कुल प्रायिकता का नियम लगाएं
/
क्या प्रश्न में वापस लौटकर कारण की प्रायिकता पूछी है?
(जैसे: "प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि यह मशीन B द्वारा बनी थी")
/ \
(हाँ) (ना) ---> कुल प्रायिकता का नियम लगाएं
/
[ बेज़ प्रमेय अनिवार्य रूप से लगाएं! ]
ट्री डायग्राम बनाने की चरण-दर-चरण विधि
बेज़ प्रमेय के सवाल कैसे हल करें स्टेप बाय स्टेप हिंदी में समझने के लिए ट्री डायग्राम का निर्माण सबसे प्रभावी कदम माना जाता है:
- चरण 1 (प्रारंभिक शाखाएँ): एक प्रारंभिक बिंदु से उतनी शाखाएँ निकालें जितनी बक्से, थैले या मशीनें ($E_1, E_2$) प्रश्न में दी गई हैं। इन शाखाओं के ऊपर उनकी स्वतंत्र प्रायिकताएँ $P(E_1), P(E_2)$ अंकित करें।
- चरण 2 (सशर्त शाखाएँ): प्रत्येक $E_i$ के अंत से एक-एक उप-शाखा निकालें जो अंतिम परिणाम $A$ (जैसे: लाल गेंद या खराब वस्तु) को प्रदर्शित करे। इन उप-शाखाओं के ऊपर $P(A|E_1)$ और $P(A|E_2)$ लिखें।
- चरण 3 (पथ गुणनफल): प्रत्येक पथ के दोनों मानों का आपस में गुणा करके $P(E_i) \cdot P(A|E_i)$ प्राप्त करें।
- चरण 4 (सूत्र क्रियान्वयन): जिस विशिष्ट बक्से या कारण के बारे में पूछा गया है, उसके पथ के गुणनफल को अंश (numerator) में रखें और सभी पथों के गुणनफलों के योगफल को हर (denominator) में रखें।
NCERT प्रश्नावली 13.3 के सभी 14 प्रश्नों के पूर्ण हल
बोर्ड परीक्षा की सर्वोत्तम तैयारी के लिए यहाँ एनसीईआरटी (NCERT) प्रश्नावली 13.3 के सभी 14 प्रश्नों के अत्यंत विस्तृत, प्रामाणिक और चरण-दर-चरण गणितीय हल दिए जा रहे हैं:
प्रश्न 1
प्रश्न: एक कलश में 5 लाल और 5 काली गेंदें हैं। यादृच्छिक रूप से एक गेंद निकाली जाती है, इसका रंग नोट किया जाता है और इसे पुनः कलश में रख दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, निकाले गए रंग की 2 अतिरिक्त गेंदें कलश में रख दी जाती हैं तथा कलश में से पुनः एक गेंद निकाली जाती है। दूसरी गेंद के लाल होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
यह प्रश्न कुल प्रायिकता के नियम पर आधारित है।
मान लीजिए:
- $E_1$: पहली निकाली गई गेंद लाल है $\implies P(E_1) = \frac{5}{10} = \frac{1}{2}$
- $E_2$: पहली निकाली गई गेंद काली है $\implies P(E_2) = \frac{5}{10} = \frac{1}{2}$
- $A$: दूसरी गेंद का लाल होना।
स्थिति 1 ($E_1$ घटित हो चुका है): यदि पहली गेंद लाल थी, तो उसे वापस कलश में रखकर उसी रंग की 2 अतिरिक्त गेंदें डाली गईं। अब कलश में कुल लाल गेंदें = $5 + 2 = 7$ और काली = 5। कुल गेंदें = 12।
$$\implies P(A|E_1) = \frac{7}{12}$$
स्थिति 2 ($E_2$ घटित हो चुका है): यदि पहली गेंद काली थी, तो उसे वापस रखकर 2 अतिरिक्त काली गेंदें डाली गईं। अब कलश में लाल = 5 और काली = 7। कुल गेंदें = 12।
$$\implies P(A|E_2) = \frac{5}{12}$$
कुल प्रायिकता के नियम से:
$$P(A) = P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2)$$
$$P(A) = $$$$\left(\frac{1}{2} \times \frac{7}{12}\right) + \left(\frac{1}{2} \times \frac{5}{12}\right) = $$$$\frac{7}{24} + \frac{5}{24} = \frac{12}{24} = \frac{1}{2}$$
प्रश्न 2
प्रश्न: एक थैले में 4 लाल और 4 काली गेंदें हैं और एक अन्य थैले में 2 लाल और 6 काली गेंदें हैं। दोनों थैलों में से एक को यादृच्छिक रूप से चुना जाता है और उसमें से एक गेंद निकाली जाती है जो कि लाल है। इस बात की क्या प्रायिकता है कि गेंद पहले थैले से निकाली गई है?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: पहले थैले का चयन करना $\implies P(E_1) = \frac{1}{2}$
- $E_2$: दूसरे थैले का चयन करना $\implies P(E_2) = \frac{1}{2}$
- $A$: निकाली गई गेंद का लाल होना।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- थैले 1 से लाल गेंद निकालना $\implies P(A|E_1) = \frac{4}{8} = \frac{1}{2}$
- थैले 2 से लाल गेंद निकालना $\implies P(A|E_2) = \frac{2}{8} = \frac{1}{4}$
बेज़ प्रमेय से पहले थैले से लाल गेंद आने की प्रायिकता $P(E_1|A)$:
$$P(E_1|A) = $$$$\frac{P(E_1)P(A|E_1)}{P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2)}$$
$$P(E_1|A) =$$$$ \frac{\frac{1}{2} \times \frac{1}{2}}{\left(\frac{1}{2} \times \frac{1}{2}\right) + \left(\frac{1}{2} \times \frac{1}{4}\right)} = $$$$\frac{\frac{1}{4}}{\frac{1}{4} + \frac{1}{8}} = $$$$\frac{\frac{1}{4}}{\frac{3}{8}} = \frac{2}{3}$$
प्रश्न 3
प्रश्न: यह ज्ञात है कि एक महाविद्यालय के छात्रों में से 60% छात्र छात्रावास में रहते हैं और 40% छात्र डे-स्कॉलर (छात्रावास में न रहने वाले) हैं। पूर्व परिणाम दर्शाते हैं कि छात्रावास में रहने वाले छात्रों में से 30% और डे-स्कॉलर छात्रों में से 20% छात्रों ने वार्षिक परीक्षा में $A$ ग्रेड प्राप्त किया। वर्ष के अंत में, महाविद्यालय के एक छात्र को यादृच्छिक रूप से चुना जाता है और उसे $A$ ग्रेड मिलता है। इस बात की क्या प्रायिकता है कि वह छात्र छात्रावास में रहने वाला है?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: छात्र छात्रावास में रहता है $\implies P(E_1) = 60\% = 0.60$
- $E_2$: छात्र डे-स्कॉलर है $\implies P(E_2) = 40\% = 0.40$
- $A$: छात्र वार्षिक परीक्षा में $A$ ग्रेड प्राप्त करता है।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- छात्रावास में रहने वाले छात्र को $A$ ग्रेड प्राप्त होना $\implies P(A|E_1) = 30\% = 0.30$
- डे-स्कॉलर छात्र को $A$ ग्रेड प्राप्त होना $\implies P(A|E_2) = 20\% = 0.20$
बेज़ प्रमेय के प्रयोग से:
$$P(E_1|A) = $$$$\frac{P(E_1)P(A|E_1)}{P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2)}$$
$$P(E_1|A) =$$$$ \frac{0.60 \times 0.30}{(0.60 \times 0.30) + (0.40 \times 0.20)} =$$$$ \frac{0.18}{0.18 + 0.08} = $$$$\frac{0.18}{0.26} = \frac{9}{13}$$
प्रश्न 4
प्रश्न: एक बहुविकल्पीय प्रश्न का उत्तर देने में एक विद्यार्थी या तो प्रश्न का उत्तर जानता है या वह अनुमान लगाता है। मान लीजिए कि उसके उत्तर जानने की प्रायिकता $\frac{3}{4}$ है और अनुमान लगाने की प्रायिकता $\frac{1}{4}$ है। यह मानते हुए कि छात्र द्वारा केवल अनुमान लगाने पर प्रश्न का सही उत्तर देने की प्रायिकता $\frac{1}{4}$ है, इस बात की क्या प्रायिकता है कि विद्यार्थी प्रश्न का उत्तर वास्तव में जानता था, यदि यह ज्ञात है कि उसने सही उत्तर दिया है?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: छात्र उत्तर जानता है $\implies P(E_1) = \frac{3}{4}$
- $E_2$: छात्र अनुमान लगाता है $\implies P(E_2) = \frac{1}{4}$
- $A$: छात्र द्वारा दिया गया उत्तर सही है।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- यदि छात्र उत्तर जानता है, तो वह निश्चित रूप से सही उत्तर देगा $\implies P(A|E_1) = 1.0 = 1$
- यदि छात्र अनुमान लगाता है, तो सही होने की प्रायिकता $\implies P(A|E_2) = \frac{1}{4}$ (दिया गया है)
बेज़ प्रमेय से:
$$P(E_1|A) = $$$$\frac{P(E_1)P(A|E_1)}{P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2)}$$
$$P(E_1|A) = $$$$\frac{\frac{3}{4} \times 1}{\left(\frac{3}{4} \times 1\right) + \left(\frac{1}{4} \times \frac{1}{4}\right)} =$$$$ \frac{\frac{3}{4}}{\frac{3}{4} + \frac{1}{16}} =$$$$ \frac{\frac{12}{16}}{\frac{12+1}{16}} = \frac{12}{13}$$
प्रश्न 5
प्रश्न: किसी विशेष रोग के नैदानिक परीक्षण में स्वतः परीक्षण द्वारा 99% शुद्धता से रोग का पता चल जाता है जब वास्तव में व्यक्ति उस रोग से ग्रस्त होता है। परंतु, 0.5% स्वस्थ व्यक्तियों के लिए यह परीक्षण रोग का गलत संकेत देता है (अर्थात व्यक्ति को रोगग्रस्त घोषित कर देता है)। यदि किसी जनसंख्या में केवल 0.1% लोग इस रोग से पीड़ित हैं, तो यादृच्छिक रूप से चुने गए एक व्यक्ति का परीक्षण सकारात्मक (रोगग्रस्त) होने पर उसके वास्तव में रोगग्रस्त होने की क्या प्रायिकता है?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: व्यक्ति वास्तव में रोग से ग्रस्त है $\implies P(E_1) = 0.1\% = 0.001$
- $E_2$: व्यक्ति रोगमुक्त (स्वस्थ) है $\implies P(E_2) = 1 – 0.001 = 0.999$
- $A$: परीक्षण सकारात्मक (positive) प्राप्त होता है।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- रोगग्रस्त व्यक्ति की रिपोर्ट सकारात्मक होना $\implies P(A|E_1) = 99\% = 0.99$
- स्वस्थ व्यक्ति की रिपोर्ट सकारात्मक होना $\implies P(A|E_2) = 0.5\% = 0.005$
बेज़ प्रमेय से $P(E_1|A)$ की गणना:
$$P(E_1|A) =$$ \frac{P(E_1)P(A|E_1)}{P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2)}$$
$$P(E_1|A) =$$$$ \frac{0.001 \times 0.99}{(0.001 \times 0.99) + (0.999 \times 0.005)} =$$$$ \frac{0.00099}{0.00099 + 0.004995} = \frac{0.00099}{0.005985} = $$$$\frac{990}{5985} = \frac{22}{133} \approx 0.165$$
प्रश्न 6
प्रश्न: तीन सिक्के दिए गए हैं। एक सिक्के के दोनों ओर चित (Head) है। दूसरा सिक्का अभिनत (biased) है जिसमें चित 75% बार प्रकट होता है और तीसरा सिक्का अनभिनत (unbiased) है। तीनों में से एक सिक्के को यादृच्छिक रूप से चुना जाता है और उछाला जाता है। यदि सिक्के पर चित प्रकट हो, तो इस बात की क्या प्रायिकता है कि वह दोनों ओर चित वाला सिक्का है?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: दोनों ओर चित वाला सिक्का चुनना $\implies P(E_1) = \frac{1}{3}$
- $E_2$: अभिनत सिक्का चुनना $\implies P(E_2) = \frac{1}{3}$
- $E_3$: सामान्य अनभिनत सिक्का चुनना $\implies P(E_3) = \frac{1}{3}$
- $H$: सिक्के को उछालने पर चित प्रकट होना।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- दोनों ओर चित वाले सिक्के पर चित आना $\implies P(H|E_1) = 1.0 = 1$
- अभिनत सिक्के पर चित आना $\implies P(H|E_2) = 75\% = \frac{3}{4}$
- अनभिनत सिक्के पर चित आना $\implies P(H|E_3) = 50\% = \frac{1}{2}$
बेज़ प्रमेय का अनुप्रयोग करने पर:
$$P(E_1|H) = $$$$\frac{P(E_1)P(H|E_1)}{P(E_1)P(H|E_1) + P(E_2)P(H|E_2) + P(E_3)P(H|E_3)}$$
$$P(E_1|H) = $$$\frac{\frac{1}{3} \times 1}{\left(\frac{1}{3} \times 1\right) + \left(\frac{1}{3} \times \frac{3}{4}\right) + \left(\frac{1}{3} \times \frac{1}{2}\right)}$$\frac{1}{3}$ को अंश और हर से काटने पर:
$$P(E_1|H) = $$$$\frac{1}{1 + \frac{3}{4} + \frac{1}{2}} =$$$$ \frac{1}{\frac{4+3+2}{4}} = \frac{4}{9}$$
प्रश्न 7
प्रश्न: एक बीमा कंपनी 2000 स्कूटर चालकों, 4000 कार चालकों और 6000 ट्रक चालकों का बीमा करती है। दुर्घटनाओं की प्रायिकताएँ क्रमशः 0.01, 0.03 और 0.15 हैं। बीमाकृत व्यक्तियों में से एक व्यक्ति यादृच्छिक रूप से चुना जाता है और वह दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है। इस बात की क्या प्रायिकता है कि वह व्यक्ति स्कूटर चालक है?
हल:
कुल बीमाकृत चालकों की संख्या = $2000 + 4000 + 6000 = 12000$।
मान लीजिए:
- $E_1$: चुना गया चालक स्कूटर चालक है $\implies P(E_1) = \frac{2000}{12000} = \frac{1}{6}$
- $E_2$: चुना गया चालक कार चालक है $\implies P(E_2) = \frac{4000}{12000} = \frac{1}{3}$
- $E_3$: चुना गया चालक ट्रक चालक है $\implies P(E_3) = \frac{6000}{12000} = \frac{1}{2}$
- $A$: व्यक्ति का दुर्घटनाग्रस्त होना।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- स्कूटर चालक की दुर्घटना होने की प्रायिकता $\implies P(A|E_1) = 0.01 = \frac{1}{100}$
- कार चालक की दुर्घटना होने की प्रायिकता $\implies P(A|E_2) = 0.03 = \frac{3}{100}$
- ट्रक चालक की दुर्घटना होने की प्रायिकता $\implies P(A|E_3) = 0.15 = \frac{15}{100}$
बेज़ प्रमेय से $P(E_1|A)$:
$$P(E_1|A) =$$$ \frac{P(E_1)P(A|E_1)}{P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2) + P(E_3)P(A|E_3)}$
$$P(E_1|A) = $$$$\frac{\frac{1}{6} \times \frac{1}{100}}{\left(\frac{1}{6} \times \frac{1}{100}\right) + \left(\frac{1}{3} \times \frac{3}{100}\right) + \left(\frac{1}{2} \times \frac{15}{100}\right)}$$$\frac{1}{100}$ को उभयनिष्ठ लेकर निरस्त करने पर:
$$P(E_1|A) = $$$$\frac{\frac{1}{6}}{\frac{1}{6} + \frac{1}{1} + \frac{15}{2}} = $$$$\frac{\frac{1}{6}}{\frac{1 + 6 + 45}{6}} = \frac{1}{52}$$
प्रश्न 8
प्रश्न: एक कारखाने में दो मशीनें $A$ और $B$ हैं। पूर्व विवरणों से पता चलता है कि कुल उत्पादन का 60% मशीन $A$ और 40% मशीन $B$ बनाती है इसके अतिरिक्त, मशीन $A$ द्वारा उत्पादित वस्तुओं का 2% और मशीन $B$ द्वारा उत्पादित वस्तुओं का 1% खराब था। कुल उत्पादन से यादृच्छिक रूप से चुनी गई एक वस्तु खराब पाई जाती है। इस बात की क्या प्रायिकता है कि वह मशीन $B$ द्वारा बनाई गई थी?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: वस्तु मशीन $A$ द्वारा निर्मित है $\implies P(E_1) = 60\% = 0.60$
- $E_2$: वस्तु मशीन $B$ द्वारा निर्मित है $\implies P(E_2) = 40\% = 0.40$
- $D$: वस्तु का खराब होना।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- मशीन $A$ से उत्पादित खराब वस्तु $\implies P(D|E_1) = 2\% = 0.02$
- मशीन $B$ से उत्पादित खराब वस्तु $\implies P(D|E_2) = 1\% = 0.01$
बेज़ प्रमेय के प्रयोग से $P(E_2|D)$:
$$P(E_2|D) = $$$\frac{P(E_2)P(D|E_2)}{P(E_1)P(D|E_1) + P(E_2)P(D|E_2)}$
$$P(E_2|D) = $$$$\frac{0.40 \times 0.01}{(0.60 \times 0.02) + (0.40 \times 0.01)} = $$$$\frac{0.004}{0.012 + 0.004} = \frac{0.004}{0.016} = \frac{1}{4} = 0.25$$
प्रश्न 9
प्रश्न: दो दल एक निगम के निदेशक मंडल में स्थान पाने की प्रतिस्पर्धा में हैं। पहले और दूसरे दल के जीतने की प्रायिकताएँ क्रमशः 0.6 और 0.4 हैं। इसके अतिरिक्त, यदि पहला दल जीतता है, तो एक नए उत्पाद के पेश होने की प्रायिकता 0.7 है और यदि दूसरा दल जीतता है, तो इसकी प्रायिकता 0.3 है। इस बात की प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि नया उत्पाद पेश किया गया है, जबकि यह ज्ञात है कि दूसरा दल जीता था?
(नोट: यह प्रश्न मूल पाठ में सशर्त प्रायिकता का है। परीक्षा की दृष्टि से इसका रूपांतरण इस प्रकार होता है: “नया उत्पाद पेश किया गया है, तो इसके दूसरे दल द्वारा होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए”)
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: पहला दल जीतता है $\implies P(E_1) = 0.6$
- $E_2$: दूसरा दल जीतता है $\implies P(E_2) = 0.4$
- $A$: नया उत्पाद पेश किया जाना।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- पहले दल के जीतने पर नया उत्पाद पेश होना $\implies P(A|E_1) = 0.7$
- दूसरे दल के जीतने पर नया उत्पाद पेश होना $\implies P(A|E_2) = 0.3$
बेज़ प्रमेय से $P(E_2|A)$:
$$P(E_2|A) = $$$\frac{P(E_2)P(A|E_2)}{P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2)}$
$$P(E_2|A) = $$$$\frac{0.4 \times 0.3}{(0.6 \times 0.7) + (0.4 \times 0.3)} = $$$$\frac{0.12}{0.42 + 0.12} = \frac{0.12}{0.54} = \frac{2}{9}$$
प्रश्न 10
प्रश्न: मान लीजिए कि कोई लड़की एक पासा फेंकती है। यदि उसे 5 या 6 की संख्या प्राप्त होती है, तो वह एक सिक्के को तीन बार उछालती है और चितों की संख्या नोट करती है यदि उसे 1, 2, 3 या 4 की संख्या प्राप्त होती है, तो वह एक सिक्के को एक बार उछालती है और यह नोट करती है कि उस पर चित या पट प्राप्त हुआ है। यदि उसे ठीक एक चित (exactly one Head) प्राप्त होता है, तो उसके द्वारा फेंके गए पासे पर 1, 2, 3 या 4 प्राप्त होने की क्या प्रायिकता है?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: पासे पर 5 या 6 आना $\implies P(E_1) = \frac{2}{6} = \frac{1}{3}$
- $E_2$: पासे पर 1, 2, 3 या 4 आना $\implies P(E_2) = \frac{4}{6} = \frac{2}{3}$
- $H_1$: ठीक एक चित (exactly one Head) प्राप्त होना।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- स्थिति 1 ($E_1$): यदि पासे पर 5 या 6 आता है, तो सिक्का 3 बार उछाला जाता है।3 उछालों में ठीक एक चित आने की प्रायिकता $\implies P(H_1|E_1) = \frac{3}{8}$
- स्थिति 2 ($E_2$): यदि पासे पर 1, 2, 3 या 4 आता है, तो सिक्का 1 बार उछाला जाता है।1 उछाल में ठीक एक चित आने की प्रायिकता $\implies P(H_1|E_2) = \frac{1}{2}$
बेज़ प्रमेय से $P(E_2|H_1)$:
$$P(E_2|H_1) = $$$\frac{P(E_2)P(H_1|E_2)}{P(E_1)P(H_1|E_1) + P(E_2)P(H_1|E_2)}$
$$P(E_2|H_1) = $$$$\frac{\frac{2}{3} \times \frac{1}{2}}{\left(\frac{1}{3} \times \frac{3}{8}\right) + \left(\frac{2}{3} \times \frac{1}{2}\right)} = $$$$\frac{\frac{1}{3}}{\frac{1}{8} + \frac{1}{3}} = \frac{\frac{1}{3}}{\frac{11}{24}} = $$$$\frac{1}{3} \times \frac{24}{11} = \frac{8}{11}$$
प्रश्न 11
प्रश्न: एक व्यावसायिक फर्म में दो मशीन संचालक $A$ और $B$ हैं। संचालक $A$ कुल कार्य का 50% करता है और संचालक $B$ शेष 50% कार्य करता है। संचालक $A$ की त्रुटि दर (error rate) 0.06 है, जबकि संचालक $B$ की त्रुटि दर 0.04 है। यदि यादृच्छिक रूप से चुने गए एक कार्य में त्रुटि पाई जाती है, तो इस बात की क्या प्रायिकता है कि यह त्रुटि संचालक $A$ द्वारा की गई थी?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: संचालक $A$ द्वारा कार्य किया जाना $\implies P(E_1) = 0.50$
- $E_2$: संचालक $B$ द्वारा कार्य किया जाना $\implies P(E_2) = 0.50$
- $E$: कार्य में त्रुटि पाई जाना।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- संचालक $A$ की त्रुटि दर $\implies P(E|E_1) = 0.06$
- संचालक $B$ की त्रुटि दर $\implies P(E|E_2) = 0.04$
बेज़ प्रमेय से $P(E_1|E)$:
$$P(E_1|E) = $$$\frac{P(E_1)P(E|E_1)}{P(E_1)P(E|E_1) + P(E_2)P(E|E_2)}$
$$P(E_1|E) = \frac{0.50 \times 0.06}{(0.50 \times 0.06) + (0.50 \times 0.04)}$$$0.50$ को निरस्त करने पर:
$$P(E_1|E) = \frac{0.06}{0.06 + 0.04} =$$$$ \frac{0.06}{0.10} = \frac{6}{10} = \frac{3}{5} = 0.60$$
प्रश्न 12
प्रश्न: ताश के 52 पत्तों की एक गड्डी से एक पत्ता खो जाता है। शेष पत्तों से दो पत्ते निकाले जाते हैं जो ईंट के पत्ते (diamonds) हैं खोए हुए पत्ते के ईंट के होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: खोया हुआ पत्ता ईंट का है $\implies P(E_1) = \frac{13}{52} = \frac{1}{4}$
- $E_2$: खोया हुआ पत्ता अन्य किसी चिह्न का है $\implies P(E_2) = \frac{39}{52} = \frac{3}{4}$
- $A$: शेष 51 पत्तों में से निकाले गए दो पत्ते ईंट के हैं
सशर्त प्रायिकताएँ:
- यदि ईंट का पत्ता खोया है, तो शेष पत्ते 51 और ईंट के पत्ते 12 बचेंगे। $$P(A|E_1) = \frac{\binom{12}{2}}{\binom{51}{2}} = \frac{12 \times 11}{51 \times 50} =$$$$ \frac{132}{2550}$$
- यदि ईंट का पत्ता नहीं खोया है, तो शेष पत्ते 51 और ईंट के पूरे 13 पत्ते उपलब्ध रहेंगे। $$P(A|E_2) =$$$$ \frac{\binom{13}{2}}{\binom{51}{2}} = \frac{13 \times 12}{51 \times 50} =$$$$ \frac{156}{2550}$$
बेज़ प्रमेय से $P(E_1|A)$:
$$P(E_1|A) =$$$$ \frac{P(E_1)P(A|E_1)}{P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2)}$$
$$P(E_1|A) = $$$$\frac{\frac{1}{4} \times \frac{132}{2550}}{\left(\frac{1}{4} \times \frac{132}{2550}\right) + \left(\frac{3}{4} \times \frac{156}{2550}\right)}$$समान पदों को अंश और हर से काटने पर:
$$P(E_1|A) = \frac{132}{132 + (3 \times 156)} =$$$$ \frac{132}{132 + 468} = \frac{132}{600} = $$$$\frac{11}{50} = 0.22$$
प्रश्न 13
प्रश्न: एक बहुविकल्पीय प्रश्न के उत्तर में $A, B, C, D$ चार विकल्प हैं। एक छात्र सही उत्तर पर केवल अनुमान लगाता है। मान लीजिए अनुमान लगाने की प्रायिकता $\frac{1}{3}$ है। यदि वह अनुमान नहीं लगाता है, तो वह उत्तर को जानता है। यदि वह अनुमान लगाता है, तो सही उत्तर देने की प्रायिकता $\frac{1}{4}$ है। इस बात की क्या प्रायिकता है कि छात्र उत्तर जानता था, यदि यह ज्ञात है कि उसने सही उत्तर दिया है?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: छात्र उत्तर जानता है $\implies P(E_1) = 1 – \frac{1}{3} = \frac{2}{3}$
- $E_2$: छात्र अनुमान लगाता है $\implies P(E_2) = \frac{1}{3}$
- $A$: छात्र द्वारा दिया गया उत्तर सही है।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- छात्र द्वारा उत्तर जानने पर सही उत्तर देना $\implies P(A|E_1) = 1.0 = 1$
- छात्र द्वारा अनुमान लगाने पर सही उत्तर देना $\implies P(A|E_2) = \frac{1}{4}$
बेज़ प्रमेय से $P(E_1|A)$:
$$P(E_1|A) =$$$ \frac{P(E_1)P(A|E_1)}{P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2)}$
$$P(E_1|A) = $$$$\frac{\frac{2}{3} \times 1}{\left(\frac{2}{3} \times 1\right) + \left(\frac{1}{3} \times \frac{1}{4}\right)} = \frac{\frac{2}{3}}{\frac{2}{3} + \frac{1}{12}} =$$$$ \frac{\frac{8}{12}}{\frac{9}{12}} = \frac{8}{9}$$
प्रश्न 14
प्रश्न: यदि $A$ और $B$ ऐसी दो घटनाएँ हैं कि $A \subset B$ और $P(B) \neq 0$, तो निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
(A) $P(A|B) < P(A)$
(B) $P(A|B) \geq P(A)$
(C) $P(A|B) < P(B)$
(D) इनमें से कोई नहीं
हल:
चूँकि $A \subset B$, इसलिए $A \cap B = A$ होगा।
सशर्त प्रायिकता के सूत्रानुसार:
$$P(A|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(B)} = \frac{P(A)}{P(B)}$$चूँकि किसी भी घटना की प्रायिकता $P(B) \leq 1$ होती है , इसलिए जब किसी धनात्मक संख्या $P(A)$ को 1 या 1 से छोटी संख्या से विभाजित किया जाता है, तो प्राप्त मान मूल संख्या से बड़ा या उसके बराबर होता है।$$\implies P(A|B) \geq P(A)$$
अतः विकल्प (B) सत्य कथन है।
8 अतिरिक्त बोर्ड-स्तरीय प्रश्न हल सहित
अतिरिक्त प्रश्न 1 (सत्य/असत्य बोलना)
एक व्यक्ति के बारे में ज्ञात है कि वह 5 में से 4 बार सत्य बोलता है। वह एक पासे को फेंकता है और रिपोर्ट करता है कि उस पर संख्या 6 आई है। वास्तव में पासे पर 6 आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: वास्तव में पासे पर 6 आना $\implies P(E_1) = \frac{1}{6}$
- $E_2$: पासे पर 6 न आना $\implies P(E_2) = \frac{5}{6}$
- $A$: व्यक्ति का रिपोर्ट करना कि 6 आया है।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- वास्तव में 6 आने पर 6 बोलना (सत्य बोलना) $\implies P(A|E_1) = \frac{4}{5}$
- वास्तव में 6 न आने पर 6 बोलना (झूठ बोलना) $\implies P(A|E_2) = 1 – \frac{4}{5} = \frac{1}{5}$
बेज़ प्रमेय से वास्तव में 6 आने की प्रायिकता $P(E_1|A)$:
$$P(E_1|A) = $$$\frac{P(E_1)P(A|E_1)}{P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2)}$
$$P(E_1|A) = $$$$\frac{\frac{1}{6} \times \frac{4}{5}}{\left(\frac{1}{6} \times \frac{4}{5}\right) + \left(\frac{5}{6} \times \frac{1}{5}\right)} =$$$$ \frac{\frac{4}{30}}{\frac{4}{30} + \frac{5}{30}} = \frac{4}{9}$$
अतिरिक्त प्रश्न 2 (एचआईवी टेस्ट की विश्वसनीयता)
एक बड़े समाज में केवल 0.1% लोग एचआईवी से ग्रस्त हैं एक व्यक्ति का एचआईवी परीक्षण किया जाता है। यदि व्यक्ति वास्तव में ग्रस्त है, तो टेस्ट 90% शुद्धता से सकारात्मक बताता है। यदि व्यक्ति स्वस्थ है, तो भी टेस्ट 1% गलत सकारात्मक रिपोर्ट देता है। यदि रिपोर्ट सकारात्मक आती है, तो व्यक्ति के वास्तव में एचआईवी होने की क्या प्रायिकता है?
हल:
मान लीजिए:
- $E_1$: व्यक्ति वास्तव में एचआईवी ग्रस्त है $\implies P(E_1) = 0.1\% = 0.001$
- $E_2$: व्यक्ति एचआईवी मुक्त है $\implies P(E_2) = 1 – 0.001 = 0.999$
- $A$: टेस्ट रिपोर्ट सकारात्मक (positive) आती है।
सशर्त प्रायिकताएँ:
- बीमार व्यक्ति की रिपोर्ट सकारात्मक होना $\implies P(A|E_1) = 90\% = 0.90$
- स्वस्थ व्यक्ति की रिपोर्ट सकारात्मक होना $\implies P(A|E_2) = 1\% = 0.01$
बेज़ प्रमेय से वास्तव में एचआईवी होने की प्रायिकता $P(E_1|A)$:
$$P(E_1|A) =$$$ \frac{P(E_1)P(A|E_1)}{P(E_1)P(A|E_1) + P(E_2)P(A|E_2)}$
$$P(E_1|A) =$$$$ \frac{0.001 \times 0.90}{(0.001 \times 0.90) + (0.999 \times 0.01)} = $$$$\frac{0.0009}{0.0009 + 0.00999} = \frac{9}{108.9} \approx 0.0826$$
यह परिणाम अत्यधिक चौंकाने वाला है कि सकारात्मक परीक्षण होने पर भी वास्तव में संक्रमित होने की संभावना केवल 8.26% है।
(संक्षिप्तता हेतु शेष 6 अतिरिक्त प्रश्न इसी प्रकार बक्से के चयन और औद्योगिक गुणवत्ता नियंत्रण पर आधारित हैं, जिन्हें बोर्ड परीक्षा प्रारूप में संकलित किया जाता है)
यादृच्छिक चर और प्रायिकता बंटन (Random Variables & Probability Distributions)
आधुनिक प्रायिकता सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण आयाम अनिश्चित परिणामों को गणितीय रूप से चरों के रूप में प्रस्तुत करना है। इसी संप्रत्यय को यादृच्छिक चर कहा जाता है।
परिभाषा और प्रायिकता वितरण सारणी
यादृच्छिक चर (Random Variable): वह चर जिसका मान किसी यादृच्छिक प्रयोग के परिणामों पर निर्भर करता है और जो एक वास्तविक संख्या ग्रहण करता है, यादृच्छिक चर कहलाता है। इसे सामान्यतः $X$ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
यदि एक यादृच्छिक चर $X$ किसी यादृच्छिक प्रयोग के अंतर्गत विभिन्न मान $x_1, x_2, \dots, x_n$ ग्रहण करता है जिनकी संबंधित प्रायिकताएँ क्रमशः $p_1, p_2, \dots, p_n$ हैं, तो इस निरूपण को प्रायिकता बंटन (Probability Distribution) कहा जाता है।
यादृच्छिक चर और प्रायिकता बंटन हिंदी में नोट्स बनाते समय निम्नलिखित दो शर्तों का स्मरण अवश्य रखें:
- प्रत्येक मान की प्रायिकता अ-ऋणात्मक होनी चाहिए: $p_i \geq 0$ सभी $i$ के लिए।
- सभी प्रायिकताओं का कुल योगफल सदैव इकाई (1) होना चाहिए: $\sum_{i=1}^n p_i = 1$
प्रायिकता बंटन की मानक सारणी निम्नलिखित प्रकार से निर्मित की जाती है:
| यादृच्छिक चर X | x1 | x2 | x3 | … | xn |
| प्रायिकता $P(X = x_i)$ | $p_1$ | $p_2$ | $p_3$ | $\dots$ | $p_n$ |
माध्य (Mean), प्रसरण (Variance) और मानक विचलन
सीबीएसई के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार, यादृच्छिक चर का प्रसरण और मानक विचलन पाठ्यक्रम से हटा दिए गए हैं। परंतु, उत्तर प्रदेश बोर्ड (UP Board), बिहार बोर्ड, तथा CUET और JEE Main जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में ये विषय आज भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अतः, यहाँ तीनों महत्वपूर्ण सूत्रों का संकलन दिया जा रहा है:
1. माध्य (Mean या गणितीय प्रत्याशा – $E(X)$)
यह यादृच्छिक चर के सभी मानों का उनके भारांक (प्रायिकता) के आधार पर निकाला गया औसत होता है।
$$\mu = E(X) = \sum_{i=1}^n x_i p_i$$
2. प्रसरण (Variance – $Var(X)$ या $\sigma^2$)
यह दर्शाता है कि यादृच्छिक चर के विभिन्न मान उसके माध्य (औसत) से कितने बिखरे हुए हैं।
$$\sigma^2 = Var(X) = E(X^2) – [E(X)]^2 =$$$$ \sum_{i=1}^n x_i^2 p_i – \left(\sum_{i=1}^n x_i p_i\right)^2$$
3. मानक विचलन (Standard Deviation – $\sigma$)
यह प्रसरण का धनात्मक वर्गमूल होता है।
$$\sigma = \sqrt{Var(X)}$$
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1 (सिक्के के उछाल में चितों की संख्या का बंटन)
दो सिक्कों को एक साथ उछाला जाता है। चितों (Heads) की संख्या का प्रायिकता बंटन और उसका माध्य ज्ञात कीजिए।
हल:
सिक्कों को उछालने पर प्रतिदर्श समष्टि:
$$S = \{HH, HT, TH, TTT\} \implies n(S) = 4$$
मान लीजिए $X$ चितों की संख्या को प्रदर्शित करने वाला यादृच्छिक चर है। $X$ के संभावित मान $0, 1$ और $2$ हो सकते हैं।
- $X = 0$ (कोई चित नहीं, अर्थात $TT$):$$P(X = 0) = \frac{1}{4}$$
- $X = 1$ (ठीक एक चित, अर्थात $HT, TH$):$$P(X = 1) = \frac{2}{4} = \frac{1}{2}$$
- $X = 2$ (दोनों चित, अर्थात $HH$):$$P(X = 2) = \frac{1}{4}$$
इस प्रकार प्रायिकता बंटन की सारणी निम्नलिखित होगी:
| X | 0 | 1 | 2 |
| $P(X)$ | $\frac{1}{4}$ | $\frac{2}{4}$ | $\frac{1}{4}$ |
अब माध्य $E(X)$ की गणना करते हैं:
$$E(X) = $$$ \sum x_i p_i = \left(0 \times \frac{1}{4}\right) + \left(1 \times \frac{2}{4}\right) + \left(2 \times \frac{1}{4}\right) =$$$ 0 + \frac{2}{4} + \frac{2}{4} = 1$$
अतः, चितों की संख्या का माध्य 1 प्राप्त होता है।
द्विपद बंटन (Binomial Distribution)
द्विपद बंटन यादृच्छिक चर के अंतर्गत एक अत्यंत विशिष्ट और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला असतत प्रायिकता वितरण (Discrete Probability Distribution) है, जो स्वतंत्र बर्नूली परीक्षणों पर आधारित होता है
बर्नूली परीक्षण और शर्तें
एक ऐसा यादृच्छिक परीक्षण जिसके केवल दो ही संभावित परिणाम हो सकते हैं — ‘सफलता’ (Success – $p$) या ‘असफलता’ (Failure – $q$), बर्नूली परीक्षण (Bernoulli Trial) कहलाता है।
द्विपद बंटन क्या है हिंदी में सरल भाषा में समझें, इसके लिए बर्नूली परीक्षण की निम्नलिखित चार शर्तों को जानना आवश्यक है:
- परीक्षणों की संख्या सीमित, निश्चित और पहले से निर्धारित होनी चाहिए।
- सभी परीक्षण परस्पर स्वतंत्र होने चाहिए (एक परीक्षण का परिणाम दूसरे को प्रभावित न करे)।
- प्रत्येक परीक्षण में सफलता की प्रायिकता $p$ का मान सदैव स्थिर रहना चाहिए।
- प्रत्येक परीक्षण के केवल दो ही परिणाम होने चाहिए।
सूत्र, माध्य व प्रसरण
यदि बर्नूली परीक्षणों की कुल संख्या $n$ है, और प्रत्येक परीक्षण में सफलता की प्रायिकता $p$ तथा असफलता की प्रायिकता $q = 1-p$ है, तो $n$ परीक्षणों में से ठीक $r$ सफलताओं की प्रायिकता निम्नलिखित द्विपद बंटन सूत्र द्वारा दी जाती है:
$$P(X = r) =$$$$ \binom{n}{r} p^r q^{n-r}, \quad r = 0, 1, 2, \dots, n$$
जहाँ $\binom{n}{r} = \frac{n!}{r!(n-r)!}$ द्विपद गुणांक है।
- द्विपद बंटन का माध्य (Mean):$$\mu = np$$
- द्विपद बंटन का प्रसरण (Variance):$$\sigma^2 = npq$$
भारतीय संदर्भ के उदाहरण
उदाहरण 1 (परीक्षा पास/फेल)
बिहार बोर्ड के एक विद्यालय में गणित की परीक्षा में 5 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न के 4 विकल्प हैं जिनमें से केवल 1 सही है। यदि एक छात्र केवल अनुमान लगाकर (तुक्का मार कर) प्रश्नों के उत्तर देता है, तो उसके कम से कम 4 प्रश्नों के सही उत्तर देने की क्या प्रायिकता है?
हल:
यहाँ परीक्षणों की संख्या $n = 5$ है।
प्रत्येक प्रश्न में सही उत्तर देने (सफलता) की प्रायिकता $p = \frac{1}{4}$ है।
गलत उत्तर देने (असफलता) की प्रायिकता $q = 1 – \frac{1}{4} = \frac{3}{4}$ है।
मान लीजिए $X$ सही उत्तरों की संख्या को दर्शाता है। $X$ का बंटन द्विपद बंटन है।
हमें $P(X \geq 4)$ ज्ञात करना है:
$P(X \geq 4) = P(X = 4) +$$ P(X = 5) \\ P(X \geq 4) = $$\binom{5}{4} \left(\frac{1}{4}\right)^4 \left(\frac{3}{4}\right)^1 + \binom{5}{5} \left(\frac{1}{4}\right)^5 \left(\frac{3}{4}\right)^0 \\ P(X \geq 4) = $$5 \times \frac{3}{1024} + 1 \times \frac{1}{1024} = \frac{15 + 1}{1024} = $$\frac{16}{1024} = \frac{1}{64}$
अतः, छात्र के कम से कम 4 प्रश्नों के सही होने की प्रायिकता $\frac{1}{64}$ है।
महत्वपूर्ण फॉर्मूला शीट (Formula Sheet)
प्रायिकता अध्याय 13 के सभी फॉर्मूले पीडीएफ हिंदी में संकलित करने के लिए यहाँ एक व्यापक और सुव्यवस्थित तालिका दी जा रही है जो त्वरित पुनरावृत्ति के लिए सर्वोत्तम है:
| सूत्र का नाम | गणितीय स्वरूप (Mathematical Formula) | मुख्य शर्तें और अनुप्रयोग |
| बुनियादी प्रायिकता | $P(E) = \frac{n(E)}{n(S)}$ | सम-संभाव्य परिणामों के लिए |
| सशर्त प्रायिकता | $P(A\|B) = \frac{P(A \cap B)}{P(B)$ | जब घटना $B$ घटित हो चुकी हो, $P(B) \neq 0$ |
| गुणन नियम | $P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B\|A$ | आश्रित घटनाओं की संयुक्त प्रायिकता |
| स्वतंत्र घटना शर्त | $P(A \cap B) = P(A) \cdot P(B)$ | स्वतंत्र घटनाओं की जाँच के लिए |
| कुल प्रायिकता नियम | $P(A) = \sum_{i=1}^n P(E_i)P(A\|E_i$ | विभिन्न परस्पर अपवर्जी मार्गों का योग |
| बेज़ प्रमेय | $P(E_i\|A) = \frac{P(E_i)P(A\|E_i)}{\sum P(E_j)P(A\|E_$ | ज्ञात परिणाम से कारण की प्रायिकता ज्ञात करना |
| यादृच्छिक चर का माध्य | $E(X) = \sum x_i p_i$ | भारित औसत या गणितीय प्रत्याशा |
| यादृच्छिक चर का प्रसरण | $Var(X) = \sum x_i^2 p_i – [E(X)]^2$ | बिखराव का मान (जेईई/सीयूईटी हेतु) |
| द्विपद बंटन | $P(X = r) = \binom{n}{r} p^r q^{n-r}$ | बर्नूली परीक्षणों के लिए |
याद रखने की ट्रिक्स (Mnemonics)
- सशर्त प्रायिकता का “हर नियम”: जो घटना घटित हो चुकी है, वह हमेशा डंडे के बाद नीचे लिखी जाती है और सूत्र में भी हमेशा ‘हर’ (Denominator) में आती है।
- बेज़ प्रमेय का “पथ नियम”: “विशिष्ट मार्ग की प्रायिकता का गुणनफल / सभी संभावित मार्गों के गुणनफलों का कुल योगफल”
NCERT एक्सरसाइज 13.1–13.5 के चयनित हल
एनसीईआरटी के चुनिंदा महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक दिलाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है।
प्रश्नावली 13.1 – प्रश्न 7
प्रश्न: दो सिक्कों को एक बार उछाला जाता है। $P(E|F)$ ज्ञात कीजिए यदि:
$E$: एक सिक्के पर पट (Tail) प्रकट होता है, $F$: एक सिक्के पर चित (Head) प्रकट होता है।
हल:
प्रतिदर्श समष्टि $S = \{HH, HT, TH, TT\} \implies n(S) = 4$।
- घटना $E$ (एक सिक्के पर पट प्रकट होना):चूँकि यहाँ “एक सिक्के पर” का अर्थ “ठीक एक सिक्के पर” लिया जाता है, अतः:$$E = \{HT, TH\} \implies n(E) = 2$$
- घटना $F$ (एक सिक्के पर चित प्रकट होना):$$F = \{HT, TH\} \implies n(F) = 2$$
दोनों का सर्वनिष्ठ:
$$E \cap F = \{HT, TH\} \implies n(E \cap F) = 2$$
अतः:
$$P(E|F) = \frac{n(E \cap F)}{n(F)} = \frac{2}{2} = 1$$
प्रश्नावली 13.2 – प्रश्न 4
प्रश्न: एक पासे पर लाल रंग से 1, 2, 3 और काले रंग से 4, 5, 6 लिखे गए हैं। इस पासे को उछाला जाता है। मान लीजिए $A$ घटना “संख्या सम है” और $B$ घटना “संख्या लाल रंग से लिखी गई है” को व्यक्त करते हैं। क्या $A$ और $B$ स्वतंत्र हैं?
हल:
प्रतिदर्श समष्टि $S = \{1, 2, 3, 4, 5, 6\} \implies n(S) = 6$।
- घटना $A$ (संख्या सम है): $A = \{2, 4, 6\} \implies P(A) = \frac{3}{6} = \frac{1}{2}$
- घटना $B$ (संख्या लाल रंग से है): $B = \{1, 2, 3\} \implies P(B) = \frac{3}{6} = \frac{1}{2}$
- सर्वनिष्ठ घटना $A \cap B$ (ऐसी सम संख्या जो लाल रंग से लिखी है):लाल सम संख्या केवल 2 है $\implies A \cap B = \{2\} \implies P(A \cap B) = \frac{1}{6}$
स्वतंत्रता की जाँच के लिए:
$$P(A) \cdot P(B) = \frac{1}{2} \times \frac{1}{2} = \frac{1}{4}$$
चूँकि $P(A \cap B) = $$$$\frac{1}{6} \neq \frac{1}{4}$ है। अतः घटनाएँ $A$ और $B$ स्वतंत्र नहीं हैं (ये आश्रित घटनाएँ हैं)।
विविध प्रश्नावली (Miscellaneous Exercise) के हल
अध्याय 13 प्रायिकता विविध प्रश्नावली हल हिंदी में हल करना उच्च स्तर की वैचारिक स्पष्टता के लिए अनिवार्य माना जाता है, क्योंकि बोर्ड परीक्षा के बड़े प्रश्न अक्सर इसी खंड से चुने जाते हैं
विविध प्रश्नावली – प्रश्न 5
प्रश्न: एक बहुविकल्पीय परीक्षा में 5 प्रश्न हैं जिनमें से प्रत्येक के तीन संभावित उत्तर हैं। इस बात की क्या प्रायिकता है कि एक छात्र केवल अनुमान लगाकर 4 या अधिक प्रश्नों के सही उत्तर दे देगा?
हल: यह द्विपद बंटन का उत्कृष्ट उदाहरण है यहाँ परीक्षणों की संख्या $n = 5$ है। प्रत्येक प्रश्न के 3 विकल्प हैं, अतः अनुमान लगाकर सही उत्तर देने की प्रायिकता $p = \frac{1}{3}$ है। गलत उत्तर देने की प्रायिकता $q = 1 – \frac{1}{3} = \frac{2}{3}$ है। हमें 4 या अधिक सही उत्तरों की प्रायिकता $P(X \geq 4)$ ज्ञात करनी है:
$P(X \geq 4) = P(X = 4) +$$ P(X = 5) \\ P(X \geq 4) = $$\binom{5}{4} \left(\frac{1}{3}\right)^4 \left(\frac{2}{3}\right)^1 + \binom{5}{5} \left(\frac{1}{3}\right)^5 \left(\frac{2}{3}\right)^0 \\ P(X \geq 4) = $$5 \times \frac{2}{243} + 1 \times \frac{1}{243} = \frac{10 + 1}{243}$$ = \frac{11}{243}$
अतः, अभीष्ट प्रायिकता $\frac{11}{243}$ है।
पिछले वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्न (PYQs 2019-2025)
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण दर्शाता है कि परीक्षा में अंक प्राप्त करने के लिए कुछ चुनिंदा प्रारूपों पर नियंत्रण होना अनिवार्य है।
सीबीएसई पैटर्न विश्लेषण और ट्रेंड्स
2020 के पश्चात बोर्ड ने सैद्धांतिक रटने की प्रणाली को हतोत्साहित करते हुए वैचारिक स्पष्टता को बढ़ावा दिया है।
- केस स्टडी की बहुलता: 2021 से 2025 के बीच लगभग प्रतिवर्ष प्रायिकता से 4 अंकों का केस स्टडी प्रश्न पूछा गया है, जो मुख्य रूप से बेज़ प्रमेय या कुल प्रायिकता नियम पर आधारित रहा है।
- द्विपद बंटन का राज्य बोर्डों में महत्व: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश बोर्ड में आज भी द्विपद बंटन के 5 अंकों के विस्तृत प्रश्न पूछे जा रहे हैं।
आम गलतियाँ और एग्जाम टिप्स
परीक्षा भवन के दबाव में की जाने वाली सामान्य त्रुटियों से बचने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं का ध्यान रखें:
बेज़ प्रमेय में सबसे ज्यादा गलतियाँ कहाँ होती हैं
- प्रारंभिक घटना $E_i$ को गलत पहचानना: छात्र प्रायः यह समझ नहीं पाते कि बक्से का चयन प्रारंभिक घटना है या गेंद का निकलना हमेशा याद रखें कि जो कार्य पहले किया जाता है (जैसे थैले का चयन), वह प्रारंभिक घटना ($E_1, E_2$) होती है।
- सशर्त प्रायिकता का उलटा लिख देना: $P(A|E_1)$ के स्थान पर भूलवश $P(E_1|A)$ का मान लिख देना।
समय प्रबंधन रणनीति
- बोर्ड परीक्षा के 3 घंटे की अवधि में प्रायिकता के दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों को हल करने के लिए कम से कम 15 से 20 मिनट का समय सुरक्षित रखें।
- गणना करते समय भिन्नों को काटने की जल्दी न करें। जब तक अंतिम चरण न आ जाए, तब तक हर (denominator) को समान रहने दें, इससे अंत में जोड़ना अत्यंत सरल हो जाता है।
CUET/JEE/NDA के लिए प्रायिकता का महत्व
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रणनीति को थोड़ा सा सूक्ष्म और वैचारिक रूप देना आवश्यक है।
- शॉर्टकट ट्रिक्स: स्वतंत्र घटनाओं के प्रश्नों में पूरक घटनाओं की प्रायिकता का उपयोग करके प्रश्न को $1 – P(A’)$ प्रारूप से हल करें, इससे गणना का समय आधा हो जाता है।
- एनसीईआरटी एक्सेम्पलर: जेईई मेन और सीयूईटी के लिए एनसीईआरटी एक्सेम्पलर पुस्तक के बहुविकल्पीय प्रश्नों को न्यूनतम दो बार अवश्य हल करें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न 1: प्रायिकता बोर्ड परीक्षा में कितने अंक की आती है CBSE?
उत्तर: सीबीएसई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में प्रायिकता कुल 8 अंकों की पूछी जाती है, जिसमें 1-1 अंक के दो बहुविकल्पीय प्रश्न और 4 अंक का एक केस स्टडी प्रश्न शामिल होता है।
प्रश्न 2: बेज़ प्रमेय क्या है और इसे कैसे लागू करते हैं?
उत्तर: बेज़ प्रमेय एक ज्ञात परिणाम के आधार पर उसके वास्तविक कारण (ऐतिहासिक घटना) की सशर्त प्रायिकता ज्ञात करने का नियम है। इसे लागू करने के लिए पहले कुल प्रायिकता की शाखाएँ बनाई जाती हैं।
प्रश्न 3: स्वतंत्र और परस्पर अपवर्जी घटनाओं में क्या अंतर है?
उत्तर: स्वतंत्र घटनाएँ एक-दूसरे की प्रायिकता को प्रभावित नहीं करती हैं ($P(A \cap B) = P(A)P(B)$), जबकि परस्पर अपवर्जी घटनाएँ एक साथ घटित नहीं हो सकतीं ($P(A \cap B) = 0$)।
प्रश्न 4: यादृच्छिक चर का माध्य क्या दर्शाता है?
उत्तर: यादृच्छिक चर का माध्य उसके सभी संभावित मानों का भारित औसत (weighted average) दर्शाता है, जिसे प्रत्याशा ($E(X)$) भी कहते हैं।
प्रश्न 5: क्या द्विपद बंटन सीबीएसई पाठ्यक्रम में शामिल है?
उत्तर: नवीनतम तर्कसंगत पाठ्यक्रम के अनुसार, द्विपद बंटन को सीबीएसई बोर्ड से हटा दिया गया है, परंतु यह जेईई, सीयूईटी और कई राज्य बोर्डों के पाठ्यक्रम में पूर्णतः सुरक्षित है।
प्रश्न 6: प्रायिकता का पेड़ आरेख कैसे बनाया जाता है?
उत्तर: ट्री डायग्राम बनाने के लिए प्रारंभिक विकल्पों को मुख्य शाखाओं के रूप में और उनके परिणामी सशर्त विकल्पों को उप-शाखाओं के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।
प्रश्न 7: खोए हुए ताश के पत्ते वाले सवाल में बची हुई गड्डी में पत्ते कितने होते हैं?
उत्तर: पत्ता खो जाने के कारण गड्डी में कुल पत्तों की संख्या 51 रह जाती है, जिसका प्रभाव आगामी चयनों के हर (denominator) पर पड़ता है
प्रश्न 8: परीक्षा में प्रायिकता के प्रश्नों को हल करने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या है?
उत्तर: सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि प्रत्येक घटना को स्पष्ट रूप से अक्षरों ($A, B, E$) द्वारा परिभाषित करें और प्रत्येक चरण का गणितीय सूत्र पहले लिखें।
निष्कर्ष
कक्षा 12 गणित का अध्याय 13 (प्रायिकता) संपूर्ण पाठ्यक्रम का एक अत्यंत तार्किक और उच्च स्कोरिंग क्षेत्र है। इस अध्याय में महारत हासिल करने के लिए केवल रटने के स्थान पर वेन आरेख, ट्री डायग्राम और तार्किक प्रवाह चार्ट का निरंतर अभ्यास करना चाहिए।
अपनी अंतिम परीक्षा की तैयारी के दौरान, विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे इस अध्याय की पुनरावृत्ति करते समय गणित के ही एक अन्य महत्वपूर्ण अध्याय त्रिविमीय ज्यामिति (Chapter 11) के सूत्रों के साथ इसका तुलनात्मक चार्ट बनाएँ, जिससे दोनों इकाइयों में सामंजस्य स्थापित किया जा सके और परीक्षा में समय का प्रबंधन सर्वोत्तम रूप से हो सके।
संसाधन डाउनलोड लिंक:
विद्यार्थी इस संपूर्ण अध्याय के सभी महत्वपूर्ण सूत्रों का संकलन तथा बेज़ प्रमेय का ट्री डायग्राम एक मुद्रण योग्य (printable) एकल पृष्ठ की “प्रायिकता अध्याय 13 के सभी फॉर्मूले पीडीएफ हिंदी में” के रूप में निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। अपनी बोर्ड परीक्षा 2026-27 और प्रतियोगी परीक्षाओं को क्रैक करने के लिए आज ही हमारे टेलीग्राम चैनल से जुड़ें और कक्षा 12 गणित के अन्य अध्यायों जैसे अध्याय 11 (त्रिविमीय ज्यामिति) के समाधान पेजों को अवश्य पढ़ें!
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