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1. आव्यूह से परिचय:

गणितीय विश्लेषण में सूचनाओं के संरचनात्मक संगठन और उनके रैखिक रूपांतरणों का अध्ययन करने के लिए आव्यूह (Matrix) सिद्धांत एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण है। ऐतिहासिक रूप से, रैखिक समीकरण निकायों (Systems of Linear Equations) को हल करने की आवश्यकता ने आव्यूह सिद्धांत के विकास का मार्ग प्रशस्त किया। उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में आर्थर केली (Arthur Cayley) और जेम्स जोसेफ सिल्वेस्टर (James Joseph Sylvester) जैसे महान गणितज्ञों ने आव्यूह को केवल एक सारणी न मानकर एक स्वतंत्र गणितीय संक्रियात्मक निकाय के रूप में स्थापित किया। बड़ी सूचनाओं को सुव्यवस्थित करने तथा जटिल गणनाओं को संक्षिप्त रूप देने की समस्या का समाधान आव्यूह सिद्धांत की खोज से ही संभव हो सका।
आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के युग में, आव्यूह का महत्व केवल शुद्ध गणित तक सीमित नहीं है। बड़ी मात्रा में डेटा को संकलित करने, कंप्यूटर ग्राफिक्स (Computer Graphics) में त्रि-आयामी (3D) आकृतियों को घुमाने (Rotation), उनके आकार को बदलने (Scaling), और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) में तंत्रिका नेटवर्क (Neural Networks) के भार (Weights) को प्रबंधित करने के लिए आव्यूह एक अनिवार्य घटक बन चुका है।
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षाओं (जैसे CBSE, UP Board, Bihar Board) के दृष्टिकोण से इस अध्याय का विशेष महत्व है । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पाठ्यक्रम में आव्यूह और सारणिक (Determinants) को मिलाकर ‘बीजगणित’ (Algebra) इकाई का गठन किया गया है, जिसका कुल भारांक (Weightage) लगभग 10 अंक होता है । इसमें से अकेले आव्यूह अध्याय से 5 से 7 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs), लघु उत्तरीय प्रश्न और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होते हैं । इसके अतिरिक्त, प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे JEE Main, JEE Advanced, NDA और CUET में भी आव्यूह सिद्धांत से अत्यधिक विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं ।
👨🏫 Expert Teacher Note
प्रिय विद्यार्थियों, आव्यूह गणित का एक ऐसा अध्याय है जो न केवल परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए सरल है, बल्कि आगे के उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्रों (जैसे इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और फिजिक्स) का आधार स्तंभ है। इस अध्याय को रटने के बजाय इसकी वैचारिक गहराई को समझें।
📋 बोर्ड परीक्षा दृष्टिकोण
बोर्ड परीक्षा में अक्सर सममित और विषम सममित आव्यूह के प्रमेयों पर आधारित दीर्घ उत्तरीय प्रश्न तथा आव्यूह गुणन की शर्तों पर लघु उत्तरीय प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं । इन प्रभागों पर विशेष ध्यान देना आपके अंकों को सुनिश्चित करेगा।
2. दैनिक जीवन से आव्यूह को समझना (Real-World Analogies)

गणितीय अमूर्तता को समझने के लिए दैनिक जीवन के उदाहरणों से संबंध स्थापित करना आवश्यक है। आव्यूह मूल रूप से सूचनाओं को पंक्तियों (Rows) और स्तंभों (Columns) में व्यवस्थित करने की एक व्यवस्थित प्रणाली है।
विद्यालय के परिणामों की सारणी
यदि किसी विद्यालय में तीन विद्यार्थी—राम, श्याम और मोहन हैं, और उनके तीन विषयों—भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) और गणित (Mathematics) के प्राप्तांकों को दर्शाना हो, तो इसे एक तालिका के रूप में निम्नानुसार व्यवस्थित किया जा सकता है:
| विद्यार्थी | भौतिकी (Physics) | रसायन विज्ञान (Chemistry) | गणित (Mathematics) |
| राम | 85 | 90 | 95 |
| श्याम | 78 | 82 | 80 |
| मोहन | 92 | 88 | 94 |
इस डेटा को बिना तालिका के शीर्षकों के केवल संख्याओं के एक आयताकार विन्यास के रूप में लिखना ही आव्यूह कहलाता है:
$$A = \begin{bmatrix} 85 & 90 & 95 \\ 78 & 82 & 80 \\ 92 & 88 & 94 \end{bmatrix}$$
यहाँ, क्षैतिज रेखाएँ (Horizontal Lines) विद्यार्थियों के प्राप्तांकों को दर्शाती हैं, जिन्हें ‘पंक्तियाँ’ कहा जाता है, और ऊर्ध्वाधर रेखाएँ (Vertical Lines) विषयों को दर्शाती हैं, जिन्हें ‘स्तंभ’ कहा जाता है।
रेलवे आरक्षण और बैंकिंग डेटा
रेलवे आरक्षण प्रणालियों में विभिन्न श्रेणियों (Sleeper, AC 3-Tier, AC 2-Tier) और विभिन्न तिथियों के बीच उपलब्ध सीटों की संख्या को आव्यूह के रूप में संग्रहीत किया जाता है। इसी प्रकार, बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों के खातों के प्रकार (बचत खाता, चालू खाता, सावधि जमा) और उनके लेन-देन के इतिहास को संकलित करने के लिए बहु-आयामी आव्यूहों का उपयोग किया जाता है।
सोशल मीडिया एल्गोरिदम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम) उपयोगकर्ताओं के बीच के संबंधों (मित्रता, अंतःक्रिया) को दर्शाने के लिए ‘सन्निकटता आव्यूह’ (Adjacency Matrix) का उपयोग करते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग (Machine Learning) में छवियों (Images) को पिक्सेल मानों के आव्यूह के रूप में संसाधित किया जाता है, जहाँ प्रत्येक पिक्सेल की तीव्रता को एक संख्यात्मक मान दिया जाता है।
3. आव्यूह क्या है? (What is a Matrix?)

सहज परिभाषा
आव्यूह संख्याओं या फलनों का एक आयताकार क्रम-विन्यास (Rectangular Array) है। इन संख्याओं या फलनों को आव्यूह के ‘अवयव’ (Elements) अथवा ‘प्रविष्टियाँ’ (Entries) कहा जाता है।
गणितीय परिभाषा
यदि $m$ और $n$ दो धन पूर्णांक (Positive Integers) हैं, तो $m \times n$ संख्याओं के एक ऐसे निकाय को, जो $m$ पंक्तियों (Rows) और $n$ स्तंभों (Columns) में व्यवस्थित हो, $m \times n$ कोटि का आव्यूह कहा जाता है।
सामान्य रूप से, एक आव्यूह $A$ को निम्नानुसार निरूपित किया जाता है:
$$A = [a_{ij}]_{m \times n}$$
जहाँ $1 \le i \le m$ और $1 \le j \le n$ है। यहाँ $i$ पंक्ति की संख्या को और $j$ स्तंभ की संख्या को दर्शाता है। आव्यूह के पूर्ण विस्तृत रूप को इस प्रकार लिखा जाता है:
$$A = \begin{bmatrix} a_{11} & a_{12} & a_{13} & \dots & a_{1n} \\ a_{21} & a_{22} & a_{23} & \dots & a_{2n} \\ a_{31} & a_{32} & a_{33} & \dots & a_{3n} \\ \vdots & \vdots & \vdots & \ddots & \vdots \\ a_{m1} & a_{m2} & a_{m3} & \dots & a_{mn} \end{bmatrix}$$
पंक्ति और स्तम्भ
- पंक्ति (Row): आव्यूह में क्षैतिज रेखाओं में व्यवस्थित अवयवों को पंक्तियाँ कहा जाता है। उपरोक्त आव्यूह में $m$ पंक्तियाँ हैं।
- स्तम्भ (Column): आव्यूह में ऊर्ध्वाधर रेखाओं में व्यवस्थित अवयवों को स्तंभ कहा जाता है। उपरोक्त आव्यूह में $n$ स्तंभ हैं।
💡 Concept Booster
आव्यूह के अवयव वास्तविक संख्याएँ, सम्मिश्र संख्याएँ (Complex Numbers) या बीजगणितीय फलन (Algebraic Functions) जैसे $\sin x$, $e^x$, या $x^2 + 2$ भी हो सकते हैं। आव्यूह का अपना कोई स्वतंत्र संख्यात्मक मान या भौतिक अस्तित्व नहीं होता है; यह केवल डेटा को प्रदर्शित करने और संचालित करने की एक गणितीय संरचना है।
4. आव्यूह की कोटि (Order of a Matrix)

एक आव्यूह जिसमें $m$ पंक्तियाँ और $n$ स्तंभ होते हैं, उसे $m \times n$ (इसे “$m$ बाय $n$” पढ़ा जाता है) कोटि (Order) का आव्यूह कहा जाता है ।
$m \times n$ का अर्थ और अवयवों की संख्या
कोटि $m \times n$ में पहला पद $m$ सदैव पंक्तियों की संख्या को और दूसरा पद $n$ सदैव स्तंभों की संख्या को दर्शाता है । यदि किसी आव्यूह की कोटि $m \times n$ है, तो उस आव्यूह में कुल अवयवों की संख्या $m \times n$ के गुणनफल के बराबर होती है ।
उदाहरण के लिए, यदि एक आव्यूह $B$ निम्नलिखित है:
$$B = \begin{bmatrix} 2 & 5 & 19 & -7 \\ 35 & -2 & \frac{5}{2} & 12 \\ 3 & 1 & -5 & 17 \end{bmatrix}$$
यहाँ पंक्तियों की संख्या $m = 3$ है और स्तंभों की संख्या $n = 4$ है । अतः इस आव्यूह की कोटि $3 \times 4$ है और इसमें कुल अवयवों की संख्या $3 \times 4 = 12$ है ।
संभावित कोटियाँ ज्ञात करने की विधि
यदि किसी आव्यूह में कुल अवयवों की संख्या ज्ञात हो, तो उसकी संभावित कोटियाँ ज्ञात करने के लिए उस संख्या के सभी संभावित क्रमित युग्मों (Ordered Pairs) को ज्ञात किया जाता है जिनका गुणनफल उस संख्या के बराबर हो ।
यदि किसी आव्यूह में $18$ अवयव हैं, तो संभावित कोटियाँ निम्नलिखित होंगी क्योंकि इनका गुणनफल $18$ होता है :
- $1 \times 18$
- $2 \times 9$
- $3 \times 6$
- $6 \times 3$
- $9 \times 2$
- $18 \times 1$
अतः कुल 6 संभावित कोटियाँ संभव हैं । यदि अवयवों की संख्या एक अभाज्य संख्या (Prime Number) जैसे $13$ हो, तो केवल दो ही संभावित कोटियाँ होंगी: $1 \times 13$ और $13 \times 1$ ।
⚠️ सामान्य गलती
विद्यार्थी अक्सर कोटि लिखते समय स्तंभों की संख्या पहले और पंक्तियों की संख्या बाद में लिख देते हैं (अर्थात $n \times m$)। यह पूर्णतः त्रुटिपूर्ण है।
📝 याद रखने की ट्रिक
सदैव याद रखें: पंक्ति पहले, स्तंभ बाद में (R $\times$ C)। इसे याद रखने के लिए “RC Cola” या “Row-Column” का उपयोग करें।
5. आव्यूहों के प्रकार (Types of Matrices)

आव्यूहों को उनकी पंक्तियों, स्तंभों और अवयवों की प्रकृति के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है ।
पंक्ति आव्यूह (Row Matrix)
- परिभाषा: वह आव्यूह जिसमें केवल एक ही पंक्ति होती है, पंक्ति आव्यूह कहलाता है। इसकी कोटि $1 \times n$ होती है।
- उदाहरण: $A = \begin{bmatrix} 1 & -2 & 5 & 0 \end{bmatrix}_{1 \times 4}$
- विशेषताएँ: इसमें स्तंभों की संख्या कितनी भी हो सकती है, परंतु पंक्ति केवल एक ही होगी।
स्तम्भ आव्यूह (Column Matrix)
- परिभाषा: वह आव्यूह जिसमें केवल एक ही स्तंभ होता है, स्तंभ आव्यूह कहलाता है। इसकी कोटि $m \times 1$ होती है।
- उदाहरण: $B = \begin{bmatrix} 3 \\ 4 \\ -1 \end{bmatrix}_{3 \times 1}$
- विशेषताएँ: इसमें पंक्तियों की संख्या कितनी भी हो सकती है, परंतु स्तंभ केवल एक ही होगा।
आयताकार आव्यूह (Rectangular Matrix)
- परिभाषा: वह आव्यूह जिसमें पंक्तियों की संख्या, स्तंभों की संख्या के बराबर नहीं होती है (अर्थात $m \neq n$), आयताकार आव्यूह कहलाता है।
- उदाहरण: $C = \begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \\ 4 & 5 & 6 \end{bmatrix}_{2 \times 3}$
वर्ग आव्यूह (Square Matrix)
- परिभाषा: वह आव्यूह जिसमें पंक्तियों की संख्या और स्तंभों की संख्या परस्पर बराबर होती है (अर्थात $m = n$), वर्ग आव्यूह कहलाता है ।
- उदाहरण: $D = \begin{bmatrix} 1 & 2 \\ 3 & 4 \end{bmatrix}_{2 \times 2}$
- विशेषताएँ: वर्ग आव्यूह में ही मुख्य विकर्ण (Principal Diagonal) के अवयव $a_{11}, a_{22}, \dots, a_{nn}$ परिभाषित होते हैं।
शून्य आव्यूह (Zero Matrix / Null Matrix)
- परिभाषा: वह आव्यूह जिसके सभी अवयव शून्य होते हैं, शून्य आव्यूह या रिक्त आव्यूह कहलाता है । इसे संकेत $O$ से निरूपित किया जाता है।
- उदाहरण: $O = \begin{bmatrix} 0 & 0 \\ 0 & 0 \end{bmatrix}_{2 \times 2}$
- विशेषताएँ: यह आव्यूह योग संक्रिया के लिए तत्समक अवयव (Additive Identity) का कार्य करता है ।
विकर्ण आव्यूह (Diagonal Matrix)
- परिभाषा: एक ऐसा वर्ग आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण के अतिरिक्त अन्य सभी अवयव शून्य होते हैं, विकर्ण आव्यूह कहलाता है । गणितीय रूप से, $A = [a_{ij}]_{n \times n}$ एक विकर्ण आव्यूह है यदि $a_{ij} = 0$ जब $i \neq j$ हो।
- उदाहरण: $E = \begin{bmatrix} 3 & 0 & 0 \\ 0 & -1 & 0 \\ 0 & 0 & 2 \end{bmatrix}$
अदिश आव्यूह (Scalar Matrix)
- परिभाषा: एक ऐसा विकर्ण आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण के सभी अवयव समान होते हैं, अदिश आव्यूह कहलाता है । गणितीय रूप से, $a_{ij} = 0$ जब $i \neq j$, और $a_{ij} = k$ जब $i = j$ हो ।
- उदाहरण: $F = \begin{bmatrix} 5 & 0 & 0 \\ 0 & 5 & 0 \\ 0 & 0 & 5 \end{bmatrix}$
एकक या तत्समक आव्यूह (Identity Matrix / Unit Matrix)
- परिभाषा: एक ऐसा वर्ग आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण के सभी अवयव $1$ होते हैं तथा शेष सभी अवयव शून्य होते हैं, तत्समक आव्यूह कहलाता है । इसे $I_n$ से निरूपित किया जाता है।
- उदाहरण: $I_3 = \begin{bmatrix} 1 & 0 & 0 \\ 0 & 1 & 0 \\ 0 & 0 & 1 \end{bmatrix}$
ऊपरी त्रिकोणीय आव्यूह (Upper Triangular Matrix)
- परिभाषा: वह वर्ग आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण के नीचे के सभी अवयव शून्य होते हैं, ऊपरी त्रिकोणीय आव्यूह कहलाता है। अर्थात $a_{ij} = 0$ यदि $i > j$ हो।
- उदाहरण: $G = \begin{bmatrix} 1 & 3 & -2 \\ 0 & 4 & 5 \\ 0 & 0 & 2 \end{bmatrix}$
निचला त्रिकोणीय आव्यूह (Lower Triangular Matrix)
- परिभाषा: वह वर्ग आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण के ऊपर के सभी अवयव शून्य होते हैं, निचला त्रिकोणीय आव्यूह कहलाता है। अर्थात $a_{ij} = 0$ यदि $i < j$ हो।
- उदाहरण: $H = \begin{bmatrix} 2 & 0 & 0 \\ 4 & 1 & 0 \\ -3 & 5 & 6 \end{bmatrix}$
सममित एवं विषम सममित आव्यूह (Symmetric and Skew Symmetric Matrix)
इन विशेष प्रकार के आव्यूहों का विस्तृत वर्णन अध्याय के अगले भाग (अनुभाग 15) में किया गया है, क्योंकि ये परिवर्त (Transpose) की अवधारणा पर आधारित हैं ।
| आव्यूह का प्रकार | मुख्य शर्त (Key Condition) | उदाहरण |
| पंक्ति आव्यूह | केवल 1 पंक्ति ($m = 1$) | $\begin{bmatrix} 2 & 4 & 5 \end{bmatrix}$ |
| स्तम्भ आव्यूह | केवल 1 स्तम्भ ($n = 1$) | $\begin{bmatrix} 2 \\ 4 \\ 5 \end{bmatrix}$ |
| वर्ग आव्यूह | पंक्तियों की संख्या = स्तंभों की संख्या ($m = n$) | $\begin{bmatrix} 1 & 2 \\ 3 & 4 \end{bmatrix}$ |
| शून्य आव्यूह | सभी प्रविष्टियाँ शून्य ($a_{ij} = 0$) | $\begin{bmatrix} 0 & 0 \\ 0 & 0 \end{bmatrix}$ |
| तत्समक आव्यूह | $a_{ij} = 1$ (यदि $i=j$) और $a_{ij} = 0$ (यदि $i \neq j$) | $\begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix}$ |
6. आव्यूहों का योग (Addition of Matrices)

अवधारणा और नियम
दो आव्यूहों $A$ और $B$ का योग तभी संभव है जब दोनों आव्यूहों की कोटि समान हो । यदि कोटि समान नहीं है, तो योग परिभाषित नहीं होता है । दो समान कोटि के आव्यूहों को जोड़ने के लिए उनके संगत अवयवों को जोड़ा जाता है ।
यदि $A = [a_{ij}]_{m \times n}$ और $B = [b_{ij}]_{m \times n}$ हैं, तो उनका योग $C = A + B$ एक आव्यूह होगा जिसकी कोटि भी $m \times n$ होगी और $c_{ij} = a_{ij} + b_{ij}$ होगा ।
दृश्यात्मक व्याख्या (Visual Interpretation)
$$\begin{bmatrix} a & b \\ c & d \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} e & f \\ g & h \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} a+e & b+f \\ c+g & d+h \end{bmatrix}$$
उदाहरण
यदि $A = \begin{bmatrix} 2 & 4 \\ 3 & 2 \end{bmatrix}$ और $B = \begin{bmatrix} 1 & 3 \\ -2 & 5 \end{bmatrix}$ हैं, तो $A + B$ ज्ञात कीजिए :
$$A + B = \begin{bmatrix} 2+1 & 4+3 \\ 3+(-2) & 2+5 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 3 & 7 \\ 1 & 7 \end{bmatrix}$$
आव्यूह योग के गुणधर्म (Properties of Matrix Addition)
- क्रमविनिमेय नियम (Commutative Law): यदि $A$ और $B$ समान कोटि के आव्यूह हैं, तो:$$A + B = B + A$$
- साहचर्य नियम (Associative Law): यदि $A$, $B$ और $C$ समान कोटि के आव्यूह हैं, तो:$$(A + B) + C = A + (B + C)$$
- योग के तत्समक का अस्तित्व (Existence of Additive Identity): यदि $O$ एक शून्य आव्यूह है जिसकी कोटि आव्यूह $A$ के समान है, तो : $$A + O = O + A = A$$ यहाँ $O$ आव्यूह योग का तत्समक कहलाता है ।
- योज्य प्रतिलोम का अस्तित्व (Existence of Additive Inverse): किसी आव्यूह $A$ के लिए एक ऐसा आव्यूह $-A$ अस्तित्व में होता है कि:$$A + (-A) = (-A) + A = O$$यहाँ $-A$ को $A$ का योज्य प्रतिलोम (Additive Inverse) कहा जाता है।
📌 परीक्षा टिप
बोर्ड परीक्षा में वैकल्पिक प्रश्नों में अक्सर दो असमान कोटि के आव्यूह देकर उनका योगफल पूछा जाता है। ऐसे मामलों में सही विकल्प “योग परिभाषित नहीं है” होगा । जल्दबाजी में अवयवों को जबरन जोड़ने का प्रयास न करें।
7. आव्यूहों का अन्तर (Subtraction of Matrices)

सिद्धांत
योग की ही भाँति, दो आव्यूहों $A$ और $B$ का अंतर $A – B$ तभी परिभाषित होता है जब दोनों आव्यूहों की कोटि समान हो । इसे ज्ञात करने के लिए आव्यूह $A$ के प्रत्येक अवयव में से आव्यूह $B$ के संगत अवयव को घटाया जाता है ।
गणितीय रूप से, $A – B = A + (-B)$, जहाँ $-B$ आव्यूह $B$ का ऋण आव्यूह है।
उदाहरण
यदि $A = \begin{bmatrix} 2 & 4 \\ 3 & 2 \end{bmatrix}$ और $B = \begin{bmatrix} 1 & 3 \\ -2 & 5 \end{bmatrix}$ हैं, तो $A – B$ ज्ञात कीजिए :
$$A – B = \begin{bmatrix} 2-1 & 4-3 \\ 3-(-2) & 2-5 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 1 & 1 \\ 5 & -3 \end{bmatrix}$$
⚠️ सामान्य गलती
संगत अवयवों को घटाते समय चिन्हों की गलती सबसे अधिक होती है। जैसे ऊपर $3 – (-2)$ को छात्र अक्सर $3 – 2 = 1$ लिख देते हैं, जबकि सही गणना $3 + 2 = 5$ है । परीक्षा में नकारात्मक चिन्हों वाले अवयवों की गणना करते समय अतिरिक्त सावधानी रखें।
8. अदिश गुणन (Scalar Multiplication)

वास्तविक अर्थ
जब किसी आव्यूह को किसी वास्तविक या सम्मिश्र संख्या (अदिश) से गुणा किया जाता है, तो उस आव्यूह के प्रत्येक अवयव को उस अदिश से गुणा किया जाता है । इस प्रक्रिया को अदिश गुणन कहा जाता है।
यदि $A = [a_{ij}]_{m \times n}$ एक आव्यूह है और $k$ एक अदिश है, तो $kA$ भी $m \times n$ कोटि का एक आव्यूह होगा जिसके अवयव $k(a_{ij})$ होंगे ।
उदाहरण
यदि $A = \begin{bmatrix} 2 & 4 \\ 3 & 2 \end{bmatrix}$ है, तो $3A$ ज्ञात कीजिए :
$$3A = 3 \begin{bmatrix} 2 & 4 \\ 3 & 2 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 3 \times 2 & 3 \times 4 \\ 3 \times 3 & 3 \times 2 \end{bmatrix} $$$$= \begin{bmatrix} 6 & 12 \\ 9 & 6 \end{bmatrix}$$
महत्वपूर्ण परिणाम (Properties of Scalar Multiplication)
यदि $A$ और $B$ समान कोटि के आव्यूह हैं तथा $k$ और $l$ अदिश हैं, तो:
- $k(A + B) = kA + kB$
- $(k + l)A = kA + lA$
- $(kl)A = k(lA) = l(kA)$
9. आव्यूह गुणन (Matrix Multiplication)

Matrix Multiplication की आवश्यकता और साधारण गुणन से अंतर
आव्यूह गुणन केवल संगत अवयवों का साधारण गुणन नहीं है। यह एक विशिष्ट संक्रिया है जो रैखिक रूपांतरणों के संयोजन (Composition of Linear Transformations) से उत्पन्न होती है। साधारण बीजगणित में गुणनफल प्राप्त करना सरल होता है, परंतु आव्यूह में गुणा करने के लिए पंक्तियों का स्तंभों के साथ संयोजन किया जाता है ।
Row × Column नियम
दो आव्यूहों $A$ और $B$ का गुणनफल $AB$ प्राप्त करने के लिए प्रथम आव्यूह $A$ की पंक्तियों को द्वितीय आव्यूह $B$ के स्तंभों से गुणा करके उनके योगफल को संगत अवयव के स्थान पर लिखा जाता है ।
चरणबद्ध प्रक्रिया (Step-by-Step Process)
मान लीजिए $A = \begin{bmatrix} a_{11} & a_{12} \\ a_{21} & a_{22} \end{bmatrix}$ और $B = \begin{bmatrix} b_{11} & b_{12} \\ b_{21} & b_{22} \end{bmatrix}$ हैं।
- प्रथम अवयव ($c_{11}$) के लिए: $A$ की प्रथम पंक्ति $\begin{bmatrix} a_{11} & a_{12} \end{bmatrix}$ को $B$ के प्रथम स्तंभ $\begin{bmatrix} b_{11} \\ b_{21} \end{bmatrix}$ के साथ गुणा करें:$$c_{11} = a_{11}b_{11} + a_{12}b_{21}$$
- द्वितीय अवयव ($c_{12}$) के लिए: $A$ की प्रथम पंक्ति को $B$ के द्वितीय स्तंभ $\begin{bmatrix} b_{12} \\ b_{22} \end{bmatrix}$ के साथ गुणा करें:$$c_{12} = a_{11}b_{12} + a_{12}b_{22}$$
- तृतीय अवयव ($c_{21}$) के लिए: $A$ की द्वितीय पंक्ति को $B$ के प्रथम स्तंभ के साथ गुणा करें:$$c_{21} = a_{21}b_{11} + a_{22}b_{21}$$
- चतुर्थ अवयव ($c_{22}$) के लिए: $A$ की द्वितीय पंक्ति को $B$ के द्वितीय स्तंभ के साथ गुणा करें:$$c_{22} = a_{21}b_{12} + a_{22}b_{22}$$
इस प्रकार प्राप्त आव्यूह होगा:
$$AB = \begin{bmatrix} a_{11}b_{11} + a_{12}b_{21} & a_{11}b_{12} + a_{12}b_{22} \\ a_{21}b_{11} + a_{22}b_{21} & a_{21}b_{12} + a_{22}b_{22} \end{bmatrix}$$
विस्तृत उदाहरण
यदि $A = \begin{bmatrix} 2 & 4 \\ 3 & 2 \end{bmatrix}$ और $B = \begin{bmatrix} 1 & 3 \\ -2 & 5 \end{bmatrix}$ हैं, तो $AB$ ज्ञात कीजिए :
$$AB = \begin{bmatrix} 2(1) + 4(-2) & 2(3) + 4(5) \\ 3(1) + 2(-2) & 3(3) + 2(5) \end{bmatrix}$$
$$AB = \begin{bmatrix} 2 – 8 & 6 + 20 \\ 3 – 4 & 9 + 10 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -6 & 26 \\ -1 & 19 \end{bmatrix}$$
10. आव्यूह गुणन की शर्तें (Conditions for Matrix Multiplication)

दो आव्यूहों $A$ and $B$ का गुणनफल $AB$ तभी संभव (परिभाषित) होता है जब प्रथम आव्यूह $A$ में स्तंभों की संख्या, द्वितीय आव्यूह $B$ में पंक्तियों की संख्या के बराबर हो ।
यदि आव्यूह $A$ की कोटि $m \times n$ है और आव्यूह $B$ की कोटि $p \times q$ है, तो:
- गुणनफल $AB$ परिभाषित होगा यदि और केवल यदि $n = p$ हो ।
- इस प्रकार प्राप्त होने वाले नए आव्यूह $C = AB$ की कोटि $m \times q$ होगी ।
A B = AB
(m x n) * (p x q) = (m x q)
│ │
└──────┬──────┘
n = p (अनिवार्य शर्त)
यदि $n \neq p$ है, तो गुणनफल $AB$ परिभाषित नहीं हो सकता ।
परीक्षा में त्वरित पहचान की तालिका
| आव्यूह A की कोटि | आव्यूह B की कोटि | क्या AB संभव है? | AB की कोटि | क्या BA संभव है? | BA की कोटि |
| $2 \times 3$ | $3 \times 4$ | हाँ | $2 \times 4$ | नहीं (क्योंकि $4 \neq 2$) | – |
| $3 \times 1$ | $1 \times 3$ | हाँ | $3 \times 3$ | हाँ | $1 \times 1$ |
| $4 \times 2$ | $3 \times 2$ | नहीं | – | नहीं | – |
| $3 \times 3$ | $3 \times 3$ | हाँ | $3 \times 3$ | हाँ | $3 \times 3$ |
11. क्या AB = BA होता है? (Commutativity of Matrix Multiplication)

सामान्य बीजगणित में गुणन संक्रिया क्रमविनिमेय (Commutative) होती है (अर्थात $a \times b = b \times a$), परंतु आव्यूह गुणन में ऐसा सामान्यतः नहीं होता है । आव्यूह गुणन सामान्यतः क्रमविनिमेय नहीं होता है (अर्थात $AB \neq BA$) ।
असमविनिमेयता के तीन मामले
- $AB$ परिभाषित है परंतु $BA$ परिभाषित नहीं है:यदि $A$ की कोटि $2 \times 3$ और $B$ की कोटि $3 \times 4$ है, तो $AB$ परिभाषित है (कोटि $2 \times 4$)। परंतु $BA$ के लिए $B$ के स्तंभ ($4$) और $A$ की पंक्तियाँ ($2$) बराबर नहीं हैं, अतः $BA$ परिभाषित ही नहीं है।
- $AB$ और $BA$ दोनों परिभाषित हैं परंतु उनकी कोटियाँ भिन्न हैं:यदि $A$ की कोटि $3 \times 1$ और $B$ की कोटि $1 \times 3$ है। तो $AB$ की कोटि $3 \times 3$ होगी, और $BA$ की कोटि $1 \times 1$ होगी। स्पष्ट है कि $AB \neq BA$।
- $AB$ और $BA$ दोनों परिभाषित हैं, दोनों की कोटि भी समान है, फिर भी उनके अवयव भिन्न हैं: यदि $A$ और $B$ समान कोटि के वर्ग आव्यूह हों, तब भी $AB \neq BA$ हो सकता है ।
विस्तृत उदाहरण
यदि $A = \begin{bmatrix} 2 & 4 \\ 3 & 2 \end{bmatrix}$ और $B = \begin{bmatrix} 1 & 3 \\ -2 & 5 \end{bmatrix}$ हैं।
पूर्व में ज्ञात किया जा चुका है कि:
$$AB = \begin{bmatrix} -6 & 26 \\ -1 & 19 \end{bmatrix}$$
अब $BA$ की गणना करते हैं:
$$BA = \begin{bmatrix} 1 & 3 \\ -2 & 5 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 2 & 4 \\ 3 & 2 \end{bmatrix}$$
$$BA = \begin{bmatrix} 1(2)+3(3) & 1(4)+3(2) \\ -2(2)+5(3) & -2(4)+5(2) \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 2+9 & 4+6 \\ -4+15 & -8+10 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 11 & 10 \\ 11 & 2 \end{bmatrix}$$
स्पष्ट रूप से, $AB \neq BA$ ।
💡 Concept Booster
यदि $A$ और $B$ दो विकर्ण आव्यूह (Diagonal Matrices) हैं और दोनों की कोटि समान है, तो उनका गुणनफल सदैव क्रमविनिमेय होता है (अर्थात $AB = BA$)। इसी प्रकार, किसी आव्यूह $A$ और तत्समक आव्यूह $I$ के लिए $AI = IA = A$ होता है ।
12. आव्यूह गुणन के गुणधर्म (Properties of Matrix Multiplication)

यद्यपि आव्यूह गुणन क्रमविनिमेय नहीं होता, परंतु यह निम्नलिखित महत्वपूर्ण गणितीय नियमों का पालन करता है :
- साहचर्य नियम (Associative Law): यदि तीन आव्यूह $A, B$ और $C$ इस प्रकार हैं कि उनका गुणनफल परिभाषित है, तो:$$(AB)C = A(BC)$$
- वितरण नियम (Distributive Law): आव्यूह गुणन, योग संक्रिया पर वितरित होता है:$$A(B + C) = AB + AC$$$$(A + B)C = AC + BC$$
- गुणन के तत्समक का अस्तित्व (Existence of Multiplicative Identity): प्रत्येक वर्ग आव्यूह $A$ के लिए उसी कोटि का एक तत्समक आव्यूह $I$ इस प्रकार अस्तित्व में होता है कि : $$AI = IA = A$$
- शून्य आव्यूह से गुणन: यदि किसी आव्यूह $A$ को एक शून्य आव्यूह $O$ से गुणा किया जाए, तो परिणाम सदैव शून्य आव्यूह प्राप्त होता है:$$AO = OA = O$$
📝 महत्वपूर्ण सूत्र
वास्तविक संख्याओं के बीजगणित में यदि $ab = 0$ हो, तो अनिवार्यतः $a=0$ या $b=0$ होता है। परंतु आव्यूह बीजगणित में दो अशून्य आव्यूहों (Non-zero Matrices) का गुणनफल भी एक शून्य आव्यूह हो सकता है ।
$$A \neq O, B \neq O \implies AB = O $$ (संभव है)
13. परिवर्त (Transpose of a Matrix)

अवधारणा और निकालने की विधि
किसी आव्यूह की पंक्तियों को स्तंभों में और स्तंभों को पंक्तियों में परस्पर परिवर्तित करने की प्रक्रिया को आव्यूह का परिवर्त (Transpose) कहा जाता है । आव्यूह $A$ के परिवर्त को $A^T$ या $A’$ से निरूपित किया जाता है ।
यदि $A = [a_{ij}]_{m \times n}$ है, तो $A^T = [a_{ji}]_{n \times m}$ होगा।
उदाहरण
यदि $A = \begin{bmatrix} 2 & -1 & 3 \\ 4 & 0 & 5 \end{bmatrix}_{2 \times 3}$ है, तो इसका परिवर्त आव्यूह $A^T$ ज्ञात कीजिए :
यहाँ प्रथम पंक्ति को प्रथम स्तंभ और द्वितीय पंक्ति को द्वितीय स्तंभ बना दिया जाएगा:
$$A^T = \begin{bmatrix} 2 & 4 \\ -1 & 0 \\ 3 & 5 \end{bmatrix}_{3 \times 2}$$
14. परिवर्त के गुणधर्म (Properties of Transpose)

परिवर्त संक्रिया निम्नलिखित महत्वपूर्ण गुणधर्मों का पालन करती है :
- द्वैत नियम (Involutive Property): किसी आव्यूह के परिवर्त का पुनः परिवर्त करने पर मूल आव्यूह प्राप्त होता है:$$(A^T)^T = A$$
- अदिश गुणन का नियम: यदि $k$ कोई अदिश है, तो:$$(kA)^T = k(A^T)$$
- योग का नियम: समान कोटि के दो आव्यूहों के योग का परिवर्त उनके परिवर्तों के योग के बराबर होता है:$$(A + B)^T = A^T + B^T$$
- गुणन का उत्क्रमण नियम (Reversal Law of Multiplication): दो आव्यूहों के गुणनफल का परिवर्त उनके परिवर्तों के विपरीत क्रम में गुणनफल के बराबर होता है : $$(AB)^T = B^T A^T$$
गुणन के उत्क्रमण नियम का सत्यापन (Verification)
मान लीजिए $A = \begin{bmatrix} 1 \\ 2 \\ 3 \end{bmatrix}_{3 \times 1}$ और $B = \begin{bmatrix} 4 & 5 & 6 \end{bmatrix}_{1 \times 3}$ हैं।
सर्वप्रथम $AB$ ज्ञात करते हैं:
$$AB = \begin{bmatrix} 1(4) & 1(5) & 1(6) \\ 2(4) & 2(5) & 2(6) \\ 3(4) & 3(5) & 3(6) \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 4 & 5 & 6 \\ 8 & 10 & 12 \\ 12 & 15 & 18 \end{bmatrix}_{3 \times 3}$$
अब इसका परिवर्त $(AB)^T$ होगा:
$$(AB)^T = \begin{bmatrix} 4 & 8 & 12 \\ 5 & 10 & 15 \\ 6 & 12 & 18 \end{bmatrix}_{3 \times 3}$$
अब $B^T$ और $A^T$ ज्ञात करते हैं:
$$B^T = \begin{bmatrix} 4 \\ 5 \\ 6 \end{bmatrix}_{3 \times 1}, \quad A^T = \begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \end{bmatrix}_{1 \times 3}$$
इनका गुणनफल $B^T A^T$ होगा:
$$B^T A^T = \begin{bmatrix} 4(1) & 4(2) & 4(3) \\ 5(1) & 5(2) & 5(3) \\ 6(1) & 6(2) & 6(3) \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 4 & 8 & 12 \\ 5 & 10 & 15 \\ 6 & 12 & 18 \end{bmatrix}$$
स्पष्टतः: $(AB)^T = B^T A^T$ ।
15. सममित एवं विषम सममित आव्यूह (Symmetric and Skew Symmetric Matrices)

यह वर्ग आव्यूहों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण श्रेणी है ।
सममित आव्यूह (Symmetric Matrix)
एक ऐसा वर्ग आव्यूह $A$ जिसका परिवर्त उसी आव्यूह के बराबर हो, सममित आव्यूह कहलाता है । अर्थात:
$$A^T = A$$
गणितीय रूप से, $a_{ij} = a_{ji}$ सभी $i$ और $j$ के लिए ।
उदाहरण:
$$A = \begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \\ 2 & 4 & 5 \\ 3 & 5 & 6 \end{bmatrix}$$
यहाँ $A^T$ निकालने पर पुनः वही आव्यूह प्राप्त होता है।
विषम सममित आव्यूह (Skew Symmetric Matrix)
एक ऐसा वर्ग आव्यूह $A$ जिसका परिवर्त उसके ऋण आव्यूह के बराबर हो, विषम सममित आव्यूह कहलाता है । अर्थात:
$$A^T = -A$$
गणितीय रूप से, $a_{ij} = -a_{ji}$ सभी $i$ और $j$ के लिए ।
उदाहरण:
$$B = \begin{bmatrix} 0 & 1 & -2 \\ -1 & 0 & 3 \\ 2 & -3 & 0 \end{bmatrix}$$
मुख्य विकर्ण के अवयवों की विशेषता
विषम सममित आव्यूह के मुख्य विकर्ण के सभी अवयव सदैव शून्य होते हैं । प्रमाण: विषम सममित आव्यूह की परिभाषा से, $a_{ij} = -a_{ji}$ । विकर्ण अवयवों के लिए $i = j$ होता है।
$$a_{ii} = -a_{ii} \implies 2a_{ii} = 0 \implies a_{ii} = 0$$
अतः मुख्य विकर्ण के सभी अवयव शून्य होना अनिवार्य है ।
मुख्य प्रमेय
किसी भी वर्ग आव्यूह $A$ को एक सममित आव्यूह और एक विषम सममित आव्यूह के योगफल के रूप में विशिष्ट रूप से व्यक्त किया जा सकता है ।
$$A = \frac{1}{2}(A + A^T) + \frac{1}{2}(A – A^T)$$
16. NCERT उदाहरणों की वैचारिक व्याख्या (Conceptual Analysis of NCERT Examples)
NCERT के उदाहरणों का वैचारिक विश्लेषण बुनियादी अवधारणाओं को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है ।
विश्लेषण उदाहरण 1 (कोटि और अवयव संरचना)
प्रश्न: एक $3 \times 2$ आव्यूह की रचना कीजिए जिसके अवयव $a_{ij} = \frac{1}{2}|i – 3j|$ द्वारा प्रदत्त हैं ।
- सोचने की प्रक्रिया: $3 \times 2$ कोटि के आव्यूह में 3 पंक्तियाँ और 2 स्तंभ होंगे । सामान्य संरचना इस प्रकार होगी: $$A = \begin{bmatrix} a_{11} & a_{12} \\ a_{21} & a_{22} \\ a_{31} & a_{32} \end{bmatrix}$$ हमें $i$ और $j$ के संगत मानों को समीकरण में रखकर प्रत्येक अवयव की गणना करनी होगी ।
- समाधान:
- $a_{11} = \frac{1}{2}|1 – 3(1)| = \frac{1}{2}|-2| = 1$
- $a_{12} = \frac{1}{2}|1 – 3(2)| = \frac{1}{2}|-5| = \frac{5}{2}$
- $a_{21} = \frac{1}{2}|2 – 3(1)| = \frac{1}{2}|-1| = \frac{1}{2}$
- $a_{22} = \frac{1}{2}|2 – 3(2)| = \frac{1}{2}|-4| = 2$
- $a_{31} = \frac{1}{2}|3 – 3(1)| = \frac{1}{2}|0| = 0$
- $a_{32} = \frac{1}{2}|3 – 3(2)| = \frac{1}{2}|-3| = \frac{3}{2}$
17. प्रश्नावली 3.1 सम्पूर्ण समाधान (Exercise 3.1 Complete Solutions)
यहाँ प्रश्नावली 3.1 के सभी प्रश्नों के विस्तृत चरणबद्ध समाधान दिए गए हैं ।
प्रश्न 1
आव्यूह $A = \begin{bmatrix} 2 & 5 & 19 & -7 \\ 35 & -2 & \frac{5}{2} & 12 \\ 1 & 1 & -5 & 17 \end{bmatrix}$ के लिए ज्ञात कीजिए :
- आव्यूह की कोटि
- अवयवों की संख्या
- अवयव $a_{13}, a_{21}, a_{33}, a_{24}, a_{23}$
समाधान:
- आव्यूह की कोटि: आव्यूह में $3$ पंक्तियाँ और $4$ स्तंभ हैं। अतः कोटि $= 3 \times 4$ है ।
- अवयवों की संख्या: कुल अवयव $= 3 \times 4 = 12$ हैं ।
- अवयव:
- $a_{13}$ (प्रथम पंक्ति, तृतीय स्तंभ) $= 19$
- $a_{21}$ (द्वितीय पंक्ति, प्रथम स्तंभ) $= 35$
- $a_{33}$ (तृतीय पंक्ति, तृतीय स्तंभ) $= -5$
- $a_{24}$ (द्वितीय पंक्ति, चतुर्थ स्तंभ) $= 12$
- $a_{23}$ (द्वितीय पंक्ति, तृतीय स्तंभ) $= \frac{5}{2}$
प्रश्न 2
यदि किसी आव्यूह में $24$ अवयव हैं तो इसकी संभव कोटियाँ क्या हैं? यदि इसमें $13$ अवयव हों तो कोटियाँ क्या होंगी?
समाधान:
- 24 अवयवों के लिए: संभावित कोटियाँ वे क्रमित युग्म $(m, n)$ हैं जिनका गुणनफल $24$ है । संभावित कोटियाँ: $1 \times 24, 2 \times 12, 3 \times 8, 4 \times 6, 6 \times 4,$ $ 8 \times 3, 12 \times 2, 24 \times 1$ ।
- 13 अवयवों के लिए: चूंकि $13$ एक अभाज्य संख्या है, इसके केवल दो गुणनखंड संभव हैं। संभावित कोटियाँ: $1 \times 13, 13 \times 1$ ।
प्रश्न 3
यदि किसी आव्यूह में $18$ अवयव हैं तो इसकी संभव कोटियाँ क्या हैं? यदि इसमें $5$ अवयव हों तो क्या होगा?
समाधान:
- 18 अवयवों के लिए: संभावित कोटियाँ: $1 \times 18, 2 \times 9, 3 \times 6, 6 \times 3, 9 \times 2, 18 \times 1$ ।
- 5 अवयवों के लिए: चूंकि $5$ एक अभाज्य संख्या है। संभावित कोटियाँ: $1 \times 5, 5 \times 1$ ।
प्रश्न 4
एक $2 \times 2$ आव्यूह $A = [a_{ij}]$ की रचना कीजिए जिसके अवयव निम्नलिखित प्रकार से प्रदत्त हैं :
- $a_{ij} = \frac{(i + j)^2}{2}$
- $a_{ij} = \frac{i}{j}$
- $a_{ij} = \frac{(i + 2j)^2}{2}$
समाधान: माना $2 \times 2$ आव्यूह $A = \begin{bmatrix} a_{11} & a_{12} \\ a_{21} & a_{22} \end{bmatrix}$ है ।
भाग 1: $a_{ij} = \frac{(i+j)^2}{2}$
- $a_{11} = \frac{(1+1)^2}{2} = 2$
- $a_{12} = \frac{(1+2)^2}{2} = \frac{9}{2}$
- $a_{21} = \frac{(2+1)^2}{2} = \frac{9}{2}$
- $a_{22} = \frac{(2+2)^2}{2} = 8$ अतः $A = \begin{bmatrix} 2 & \frac{9}{2} \\ \frac{9}{2} & 8 \end{bmatrix}$ ।
भाग 2: $a_{ij} = \frac{i}{j}$
- $a_{11} = \frac{1}{1} = 1$, $a_{12} = \frac{1}{2}$, $a_{21} = \frac{2}{1} = 2$, $a_{22} = \frac{2}{2} = 1$ 。 अतः $A = \begin{bmatrix} 1 & \frac{1}{2} \\ 2 & 1 \end{bmatrix}$ ।
भाग 3: $a_{ij} = \frac{(i+2j)^2}{2}$
- $a_{11} = \frac{(1+2)^2}{2} = \frac{9}{2}$
- $a_{12} = \frac{(1+4)^2}{2} = \frac{25}{2}$
- $a_{21} = \frac{(2+2)^2}{2} = 8$
- $a_{22} = \frac{(2+4)^2}{2} = 18$ अतः $A = \begin{bmatrix} \frac{9}{2} & \frac{25}{2} \\ 8 & 18 \end{bmatrix}$ ।
प्रश्न 5
एक $3 \times 4$ आव्यूह की रचना कीजिए जिसके अवयव निम्नलिखित प्रकार से प्राप्त होते हैं :
- $a_{ij} = \frac{1}{2}|-3i + j|$
- $a_{ij} = 2i – j$
समाधान: एक $3 \times 4$ आव्यूह में 3 पंक्तियाँ और 4 स्तंभ होंगे ।
भाग 1: $a_{ij} = \frac{1}{2}|-3i + j|$
- $a_{11} = \frac{1}{2}|-3+1| = 1$, $a_{12} = \frac{1}{2}|-3+2| = \frac{1}{2}$, $a_{13} = \frac{1}{2}|-3+3| = 0$, $a_{14} = \frac{1}{2}|-3+4| = \frac{1}{2}$
- $a_{21} = \frac{1}{2}|-6+1| = \frac{5}{2}$, $a_{22} = \frac{1}{2}|-6+2| = 2$, $a_{23} = \frac{1}{2}|-6+3| = \frac{3}{2}$, $a_{24} = \frac{1}{2}|-6+4| = 1$
- $a_{31} = \frac{1}{2}|-9+1| = 4$, $a_{32} = \frac{1}{2}|-9+2| = \frac{7}{2}$, $a_{33} = \frac{1}{2}|-9+3| = 3$, $a_{34} = \frac{1}{2}|-9+4| = \frac{5}{2}$ अतः $A = \begin{bmatrix} 1 & \frac{1}{2} & 0 & \frac{1}{2} \\ \frac{5}{2} & 2 & \frac{3}{2} & 1 \\ 4 & \frac{7}{2} & 3 & \frac{5}{2} \end{bmatrix}$ ।
भाग 2: $a_{ij} = 2i – j$
- $a_{11} = 2(1)-1 = 1$, $a_{12} = 2(1)-2 = 0$, $a_{13} = 2(1)-3 = -1$, $a_{14} = 2(1)-4 = -2$
- $a_{21} = 2(2)-1 = 3$, $a_{22} = 2(2)-2 = 2$, $a_{23} = 2(2)-3 = 1$, $a_{24} = 2(2)-4 = 0$
- $a_{31} = 2(3)-1 = 5$, $a_{32} = 2(3)-2 = 4$, $a_{33} = 2(3)-3 = 3$, $a_{34} = 2(3)-4 = 2$ अतः $A = \begin{bmatrix} 1 & 0 & -1 & -2 \\ 3 & 2 & 1 & 0 \\ 5 & 4 & 3 & 2 \end{bmatrix}$ ।
प्रश्न 6
निम्नलिखित समीकरणों से $x, y$ तथा $z$ के मान ज्ञात कीजिए :
- $\begin{bmatrix} 4 & 3 \\ x & 5 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} y & z \\ 1 & 5 \end{bmatrix}$
- $\begin{bmatrix} x+y & 2 \\ 5+z & xy \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 6 & 2 \\ 5 & 8 \end{bmatrix}$
- $\begin{bmatrix} x+y+z \\ x+z \\ y+z \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 9 \\ 5 \\ 7 \end{bmatrix}$
समाधान: भाग 1: संगत अवयवों की तुलना करने पर: $y = 4, z = 3, x = 1$ । भाग 2: संगत अवयवों की तुलना करने पर :
- $x + y = 6 \implies y = 6 – x$ (समीकरण i)
- $5 + z = 5 \implies z = 0$
- $xy = 8$ (समीकरण ii) समीकरण (i) से $y$ का मान समीकरण (ii) में रखने पर: $$x(6-x) = 8 \implies x^2 – 6x + 8 = 0 $$ $$\implies (x-2)(x-4) = 0$$ अतः $x = 2$ या $x = 4$ । यदि $x=2$ तो $y=4$ । यदि $x=4$ तो $y=2$ । अतः हल: $x=2, y=4, z=0$ अथवा $x=4, y=2, z=0$ ।
भाग 3: तुलना करने पर :
- $x+y+z = 9$ (समीकरण i)
- $x+z = 5$ (समीकरण ii)
- $y+z = 7$ (समीकरण iii) समीकरण (ii) का मान (i) में रखने पर: $y + 5 = 9 \implies y = 4$ । समीकरण (iii) का मान (i) में रखने पर: $x + 7 = 9 \implies x = 2$ । $x$ का मान (ii) में रखने पर: $2 + z = 5 \implies z = 3$ । अतः $x=2, y=4, z=3$ 。
प्रश्न 7
समीकरण $\begin{bmatrix} a-b & 2a+c \\ 2a-b & 3c+d \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} -1 & 5 \\ 0 & 13 \end{bmatrix}$ से $a, b, c$ तथा $d$ के मान ज्ञात कीजिए ।
समाधान: संगत अवयवों की तुलना करने पर :
- $a – b = -1$ (समीकरण i)
- $2a – b = 0 \implies b = 2a$ (समीकरण ii)
- $2a + c = 5$ (समीकरण iii)
- $3c + d = 13$ (समीकरण iv)
समीकरण (ii) का मान (i) में रखने पर: $a – 2a = -1 \implies -a = -1 \implies a = 1$ 。 अतः $b = 2(1) = 2$ । $a$ का मान (iii) में रखने पर: $2(1) + c = 5 \implies c = 3$ 。 $c$ का मान (iv) में रखने पर: $3(3) + d = 13 \implies d = 4$ 。 अतः $a = 1, b = 2, c = 3, d = 4$ 。
प्रश्न 8
$A = [a_{ij}]_{m \times n}$ एक वर्ग आव्यूह है यदि :
- (A) $m < n$
- (b) $m > n$
- (C) $m = n$
- (D) इनमें से कोई नहीं
समाधान: वर्ग आव्यूह की परिभाषा के अनुसार, पंक्तियों की संख्या स्तंभों की संख्या के बराबर होनी चाहिए ($m = n$) । अतः सही विकल्प (C) है ।
प्रश्न 9
$x$ तथा $y$ के प्रदत्त किन मानों के लिए आव्यूहों के निम्नलिखित युग्म समान हैं: $\begin{bmatrix} 3x+7 & 5 \\ y+1 & 2-3x \end{bmatrix}$ और $\begin{bmatrix} 0 & y-2 \\ 8 & 4 \end{bmatrix}$?
- (A) $x = -\frac{1}{3}, y = 7$
- (B) ज्ञात करना संभव नहीं है
- (C) $y = 7, x = -\frac{2}{3}$
- (D) $x = -\frac{1}{3}, y = -\frac{2}{3}$
समाधान: समानता की जाँच के लिए संगत अवयवों की तुलना करने पर :
- $3x + 7 = 0 \implies x = -\frac{7}{3}$
- $y – 2 = 5 \implies y = 7$
- $y + 1 = 8 \implies y = 7$
- $2 – 3x = 4 \implies -3x = 2 \implies x = -\frac{2}{3}$
यहाँ $x$ के दो भिन्न मान ($-\frac{7}{3}$ और $-\frac{2}{3}$) प्राप्त हो रहे हैं, जो एक ही समय में संभव नहीं हैं । अतः सही विकल्प (B) ज्ञात करना संभव नहीं है ।
प्रश्न 10
$3 \times 3$ कोटि के ऐसे आव्यूहों की कुल कितनी संख्या होगी जिनकी प्रत्येक प्रविष्टि $0$ या $1$ है?
- (A) 27
- (B) 18
- (C) 81
- (D) 512
समाधान: $3 \times 3$ आव्यूह में कुल अवयव $= 9$ हैं । प्रत्येक स्थान पर प्रविष्टि के $2$ विकल्प ($0$ या $1$) हैं । कुल संभावित आव्यूह $= 2^9 = 512$ । अतः सही विकल्प (D) है ।
18. प्रश्नावली 3.2 सम्पूर्ण समाधान (Exercise 3.2 Complete Solutions)
यहाँ प्रश्नावली 3.2 के सभी प्रश्नों के विस्तृत चरणबद्ध समाधान दिए गए हैं ।
प्रश्न 1
मान लीजिए कि $A = \begin{bmatrix} 2 & 4 \\ 3 & 2 \end{bmatrix}$, $B = \begin{bmatrix} 1 & 3 \\ -2 & 5 \end{bmatrix}$, $C = \begin{bmatrix} -2 & 5 \\ 3 & 4 \end{bmatrix}$ हैं, तो निम्नलिखित ज्ञात कीजिए :
- $A+B$
- $A-B$
- $3A-C$
- $AB$
- $BA$
समाधान:
- $A + B$:$$A + B = \begin{bmatrix} 2+1 & 4+3 \\ 3+(-2) & 2+5 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 3 & 7 \\ 1 & 7 \end{bmatrix}$$
- $A – B$:$$A – B = \begin{bmatrix} 2-1 & 4-3 \\ 3-(-2) & 2-5 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 1 & 1 \\ 5 & -3 \end{bmatrix}$$
- $3A – C$:$$3A = \begin{bmatrix} 6 & 12 \\ 9 & 6 \end{bmatrix}$$ $$ \implies 3A – C = \begin{bmatrix} 6-(-2) & 12-5 \\ 9-3 & 6-4 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 8 & 7 \\ 6 & 2 \end{bmatrix}$$
- $AB$:$$AB = \begin{bmatrix} 2(1)+4(-2) & 2(3)+4(5) \\ 3(1)+2(-2) & 3(3)+2(5) \end{bmatrix}$$ $$ = \begin{bmatrix} 2-8 & 6+20 \\ 3-4 & 9+10 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} -6 & 26 \\ -1 & 19 \end{bmatrix}$$
- $BA$:$$BA = \begin{bmatrix} 1(2)+3(3) & 1(4)+3(2) \\ -2(2)+5(3) & -2(4)+5(2) \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 2+9 & 4+6 \\ -4+15 & -8+10 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 11 & 10 \\ 11 & 2 \end{bmatrix}$$
प्रश्न 2
निम्नलिखित को परिकलित कीजिए :
$\begin{bmatrix} a & b \\ -b & a \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} a & b \\ b & a \end{bmatrix}$
$\begin{bmatrix} a^2+b^2 & b^2+c^2 \\ a^2+c^2 & a^2+b^2 \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} 2ab & 2bc \\ -2ac & -2ab \end{bmatrix}$
$\begin{bmatrix} -1 & 4 & -6 \\ 8 & 5 & 16 \\ 2 & 8 & 5 \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} 12 & 7 & 6 \\ 8 & 0 & 5 \\ 3 & 2 & 4 \end{bmatrix}$
$\begin{bmatrix} \cos^2 x & \sin^2 x \\ \sin^2 x & \cos^2 x \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} \sin^2 x & \cos^2 x \\ \cos^2 x & \sin^2 x \end{bmatrix}$
समाधान:
- $$\begin{bmatrix} a+a & b+b \\ -b+b & a+a \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 2a & 2b \\ 0 & 2a \end{bmatrix}$$
- $$\begin{bmatrix} a^2+b^2+2ab & b^2+c^2+2bc \end{bmatrix} $$ $$\begin{bmatrix} a^2+c^2-2ac \end{bmatrix} $$ $$\begin{bmatrix} a^2+b^2-2ab \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} (a+b)^2 & (b+c)^2 \ (a-c)^2 & (a-b)^2 \end{bmatrix}$$3. $$\begin{bmatrix} -1+12 & 4+7 & -6+6 \end{bmatrix} $$ $$ \begin{bmatrix}8+8 & 5+0 & 16+5 \end{bmatrix} $$ $$ \begin{bmatrix} 2+3 & 8+2 & 5+4 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 11 & 11 & 0 \ 16 & 5 & 21 \ 5 & 10 & 9 \end{bmatrix}$$4.$$\begin{bmatrix} \cos^2 x + \sin^2 x & \sin^2 x + \cos^2 x \\ \sin^2 x + \cos^2 x & \cos^2 x + \sin^2 x \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 1 & 1 \\ 1 & 1 \end{bmatrix} $$ (चूंकि $$ \sin^2 x + \cos^2 x = 1\text{)}$$
प्रश्न 3
निर्देशित गुणनफल परिकलित कीजिए:
- $\begin{bmatrix} a & b \\ -b & a \end{bmatrix} \begin{bmatrix} a & -b \\ b & a \end{bmatrix}$
- $\begin{bmatrix} 1 \\ 2 \\ 3 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 2 & 3 & 4 \end{bmatrix}$
- $\begin{bmatrix} 1 & -2 \\ 2 & 3 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \\ 2 & 3 & 1 \end{bmatrix}$
- $\begin{bmatrix} 2 & 3 & 4 \\ 3 & 4 & 5 \\ 4 & 5 & 6 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & -3 & 5 \\ 0 & 2 & 4 \\ 3 & 0 & 5 \end{bmatrix}$
- $\begin{bmatrix} 2 & 1 \\ 3 & 2 \\ -1 & 1 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & 0 & 1 \\ -1 & 2 & 1 \end{bmatrix}$
- $\begin{bmatrix} 3 & -1 & 3 \\ -1 & 0 & 2 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 2 & -3 \\ 1 & 0 \\ 3 & 1 \end{bmatrix}$
समाधान:
- $$\begin{bmatrix} a(a)+b(b) & a(-b)+b(a) \\ -b(a)+a(b) & -b(-b)+a(a) \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} a^2+b^2 & 0 \\ 0 & a^2+b^2 \end{bmatrix}$$
- कोटि: $(3 \times 1) \times (1 \times 3) \implies (3 \times 3)$$$\begin{bmatrix} 1(2) & 1(3) & 1(4) \\ 2(2) & 2(3) & 2(4) \\ 3(2) & 3(3) & 3(4) \end{bmatrix}$$ $$ = \begin{bmatrix} 2 & 3 & 4 \\ 4 & 6 & 8 \\ 6 & 9 & 12 \end{bmatrix}$$
- कोटि: $(2 \times 2) \times (2 \times 3) \implies (2 \times 3)$$$\begin{bmatrix} 1(1)-2(2) & 1(2)-2(3) & 1(3)-2(1) \\ 2(1)+3(2) & 2(2)+3(3) & 2(3)+3(1) \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} -3 & -4 & 1 \\ 8 & 13 & 9 \end{bmatrix}$$
- कोटि: $3 \times 3$$$a_1= 2(1)+3(0)+4(3)$$$$ a_2=2(-3)+3(2)+4(0) $$$$ a_3= 2(5)+3(4)+4(5)$$$$a_4= 3(1)+4(0)+5(3) $$$$ a_5= 3(-3)+4(2)+5(0)$$$$ a_6= 3(5)+4(4)+5(5) $$$$a_7= 4(1)+5(0)+6(3) $$$$a_8=4(-3)+5(2)+6(0) $$$$ a_9=4(5)+5(4)+6(5) $$ $$= \begin{bmatrix} 14 & 0 & 42 \\ 18 & -1 & 56 \\ 22 & -2 & 70 \end{bmatrix}$$
- कोटि: $(3 \times 2) \times (2 \times 3) \implies (3 \times 3)$ $a_1= 2(1)+1(-1) $ $a_2= 2(0)+1(2) $$a_3= 2(1)+1(1) $$a_4= 3(1)+2(-1) $$a_5=3(0)+2(2) $$a_6=3(1)+2(1) $$a_7= -1(1)+1(-1) $$a_8= -1(0)+1(2) $$a_9= -1(1)+1(1) $ $$= \begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \\ 1 & 4 & 5 \\ -2 & 2 & 0 \end{bmatrix}$$
- कोटि: $(2 \times 3) \times (3 \times 2) \implies (2 \times 2)$ $a_1= 3(2)-1(1)+3(3) $$a_2= 3(-3)-1(0)+3(1) $$a_3= -1(2)+0(1)+2(3) $$a_4= -1(-3)+0(0)+2(1)$ $$ = \begin{bmatrix} 14 & -6 \\ 4 & 5 \end{bmatrix}$$
प्रश्न 4
यदि $A = \begin{bmatrix} 1 & 2 & -3 \\ 5 & 0 & 2 \\ 1 & -1 & 1 \end{bmatrix}$, $B = \begin{bmatrix} 3 & -1 & 2 \\ 4 & 2 & 5 \\ 2 & 0 & 3 \end{bmatrix}$ और $C = \begin{bmatrix} 4 & 1 & 2 \\ 0 & 3 & 2 \\ 1 & -2 & 3 \end{bmatrix}$ हैं, तो $A+B$ तथा $B-C$ परिकलित कीजिए। साथ ही सत्यापित कीजिए कि $A + (B – C) = (A + B) – C$।
समाधान:
- $A+B$:$$A+B = \begin{bmatrix} 1+3 & 2-1 & -3+2 \\ 5+4 & 0+2 & 2+5 \\ 1+2 & -1+0 & 1+3 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 4 & 1 & -1 \\ 9 & 2 & 7 \\ 3 & -1 & 4 \end{bmatrix}$$
- $B-C$:$$B-C = \begin{bmatrix} 3-4 & -1-1 & 2-2 \\ 4-0 & 2-3 & 5-2 \\ 2-1 & 0-(-2) & 3-3 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} -1 & -2 & 0 \\ 4 & -1 & 3 \\ 1 & 2 & 0 \end{bmatrix}$$
- सत्यापन:
- LHS: $A + (B-C)$$$\begin{bmatrix} 1 & 2 & -3 \\ 5 & 0 & 2 \\ 1 & -1 & 1 \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} -1 & -2 & 0 \\ 4 & -1 & 3 \\ 1 & 2 & 0 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 0 & 0 & -3 \\ 9 & -1 & 5 \\ 2 & 1 & 1 \end{bmatrix}$$
- RHS: $(A+B) – C$$$\begin{bmatrix} 4 & 1 & -1 \\ 9 & 2 & 7 \\ 3 & -1 & 4 \end{bmatrix} – \begin{bmatrix} 4 & 1 & 2 \\ 0 & 3 & 2 \\ 1 & -2 & 3 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 0 & 0 & -3 \\ 9 & -1 & 5 \\ 2 & 1 & 1 \end{bmatrix}$$LHS = RHS. सिद्ध हुआ।
प्रश्न 5
यदि $A = \begin{bmatrix} \frac{2}{3} & 1 & \frac{5}{3} \\ \frac{1}{3} & \frac{2}{3} & \frac{4}{3} \\ \frac{7}{3} & 2 & \frac{2}{3} \end{bmatrix}$ तथा $B $$ $$ = \begin{bmatrix} \frac{2}{5} & \frac{3}{5} & 1 \\ \frac{1}{5} & \frac{2}{5} & \frac{4}{5} \\ \frac{7}{5} & \frac{6}{5} & \frac{2}{5} \end{bmatrix}$ हैं, तो $3A – 5B$ परिकलित कीजिए।
समाधान:
$$3A = 3 \begin{bmatrix} \frac{2}{3} & 1 & \frac{5}{3} \\ \frac{1}{3} & \frac{2}{3} & \frac{4}{3} \\ \frac{7}{3} & 2 & \frac{2}{3} \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 2 & 3 & 5 \\ 1 & 2 & 4 \\ 7 & 6 & 2 \end{bmatrix} \\ 5B $$ $$= 5 \begin{bmatrix} \frac{2}{5} & \frac{3}{5} & 1 \\ \frac{1}{5} & \frac{2}{5} & \frac{4}{5} \\ \frac{7}{5} & \frac{6}{5} & \frac{2}{5} \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 2 & 3 & 5 \\ 1 & 2 & 4 \\ 7 & 6 & 2 \end{bmatrix} \\ 3A – 5B $$ $$= \begin{bmatrix} 2 & 3 & 5 \\ 1 & 2 & 4 \\ 7 & 6 & 2 \end{bmatrix} – \begin{bmatrix} 2 & 3 & 5 \\ 1 & 2 & 4 \\ 7 & 6 & 2 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 0 & 0 & 0 \\ 0 & 0 & 0 \\ 0 & 0 & 0 \end{bmatrix} = O$$
प्रश्न 6
सरल कीजिए: $\cos\theta \begin{bmatrix} \cos\theta & \sin\theta \\ -\sin\theta & \cos\theta \end{bmatrix} $$+ \sin\theta \begin{bmatrix} \sin\theta & -\cos\theta \\ \cos\theta & \sin\theta \end{bmatrix}$ 。
समाधान:
अदिश गुणा करने पर:
$$\begin{bmatrix} \cos^2\theta & \cos\theta\sin\theta \\ -\sin\theta\cos\theta & \cos^2\theta \end{bmatrix} $$$$+ \begin{bmatrix} \sin^2\theta & -\sin\theta\cos\theta \\ \sin\theta\cos\theta & \sin^2\theta \end{bmatrix}$$
संगत अवयवों को जोड़ने पर:
$$a_1= \cos^2\theta + \sin^2\theta $$$$a_2= \cos\theta\sin\theta – \sin\theta\cos\theta $$$$a_3= -\sin\theta\cos\theta + \sin\theta\cos\theta $$$$a_4= \cos^2\theta + \sin^2\theta $$ $$= \begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix} = I$$
प्रश्न 7
$X$ तथा $Y$ ज्ञात कीजिए यदि :
- $X + Y = \begin{bmatrix} 7 & 0 \\ 2 & 5 \end{bmatrix}$ और $X – Y $ $= \begin{bmatrix} 3 & 0 \\ 0 & 3 \end{bmatrix}$
- $2X + 3Y = \begin{bmatrix} 2 & 3 \\ 4 & 0 \end{bmatrix}$ और $3X + 2Y = \begin{bmatrix} 2 & -2 \\ -1 & 5 \end{bmatrix}$
समाधान:
भाग 1: दोनों समीकरणों को जोड़ने पर:
$$2X = \begin{bmatrix} 7+3 & 0+0 \ 2+0 & 5+3 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 10 & 0 \ 2 & 8 \end{bmatrix} $$ $$\implies X = \begin{bmatrix} 5 & 0 \ 1 & 4 \end{bmatrix}$$$X$ का मान रखने पर:
$$Y = \begin{bmatrix} 7 & 0 \\ 2 & 5 \end{bmatrix} – \begin{bmatrix} 5 & 0 \\ 1 & 4 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 2 & 0 \\ 1 & 1 \end{bmatrix}$$
भाग 2:
$$2X + 3Y = \begin{bmatrix} 2 & 3 \\ 4 & 0 \end{bmatrix} \quad \text{(समीकरण i)}$$
$$3X + 2Y = \begin{bmatrix} 2 & -2 \ -1 & 5 \end{bmatrix} \quad \text{(समीकरण ii)}$$समीकरण (i) को 2 से तथा (ii) को 3 से गुणा करने पर:
$$4X + 6Y = \begin{bmatrix} 4 & 6 \\ 8 & 0 \end{bmatrix} \quad \text{(समीकरण iii)}$$
$$9X + 6Y = \begin{bmatrix} 6 & -6 \ -3 & 15 \end{bmatrix} \quad \text{(समीकरण iv)}$$समीकरण (iv) में से (iii) घटाने पर:$$5X = \begin{bmatrix} 6-4 & -6-6 \ -3-8 & 15-0 \end{bmatrix}$$ $$ = \begin{bmatrix} 2 & -12 \ -11 & 15 \end{bmatrix} $$ $$\implies X = \begin{bmatrix} \frac{2}{5} & -\frac{12}{5} \ -\frac{11}{5} & 3 \end{bmatrix}$$इसी प्रकार $Y$ के लिए, समीकरण (i) को 3 से तथा (ii) को 2 से गुणा करके घटाने पर:
$$5Y = \begin{bmatrix} 6-4 & 9-(-4) \\ 12-(-2) & 0-10 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 2 & 13 \\ 14 & -10 \end{bmatrix} $$ $$\implies Y = \begin{bmatrix} \frac{2}{5} & \frac{13}{5} \\ \frac{14}{5} & -2 \end{bmatrix}$$
प्रश्न 8
$Y$ ज्ञात कीजिए यदि $X = \begin{bmatrix} 3 & 2 \\ 1 & 4 \end{bmatrix}$ और $2X + Y $$ $$= \begin{bmatrix} 1 & -3 \\ 0 & 2 \end{bmatrix}$ है।
(नोट: मूल NCERT पुस्तक में $Y$ दिया रहता है और $X$ ज्ञात करना होता है। दोनों प्रारूप समान हैं।)
समाधान:
$$Y = \begin{bmatrix} 1 & -3 \\ 0 & 2 \end{bmatrix} – 2X = \begin{bmatrix} 1 & -3 \\ 0 & 2 \end{bmatrix} – \begin{bmatrix} 6 & 4 \\ 2 & 8 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} -5 & -7 \\ -2 & -6 \end{bmatrix}$$
प्रश्न 9
$x$ तथा $y$ ज्ञात कीजिए यदि: $2 \begin{bmatrix} 1 & 3 \\ 0 & x \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} y & 0 \\ 1 & 2 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 5 & 6 \\ 1 & 8 \end{bmatrix}$ 。
समाधान:
$$\begin{bmatrix} 2 & 6 \\ 0 & 2x \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} y & 0 \\ 1 & 2 \end{bmatrix}$$ $$ = \begin{bmatrix} 2+y & 6 \\ 1 & 2x+2 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 5 & 6 \\ 1 & 8 \end{bmatrix}$$
तुलना करने पर:
- $2 + y = 5 \implies y = 3$
- $2x + 2 = 8 \implies 2x = 6 \implies x = 3$
प्रश्न 10
प्रदत्त समीकरण को $x, y, z$ तथा $t$ के लिए हल कीजिए यदि: $2 \begin{bmatrix} x & z \\ y & t \end{bmatrix} + 3 \begin{bmatrix} 1 & -1 \\ 0 & 2 \end{bmatrix} $$ $$= 3 \begin{bmatrix} 3 & 5 \\ 4 & 6 \end{bmatrix}$ 。
समाधान:
$$\begin{bmatrix} 2x & 2z \\ 2y & 2t \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} 3 & -3 \\ 0 & 6 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 9 & 15 \\ 12 & 18 \end{bmatrix}$$
$$\begin{bmatrix} 2x+3 & 2z-3 \\ 2y & 2t+6 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 9 & 15 \\ 12 & 18 \end{bmatrix}$$
तुलना करने पर:
- $2x+3 = 9 \implies 2x = 6 \implies x=3$
- $2z-3 = 15 \implies 2z = 18 \implies z=9$
- $2y = 12 \implies y=6$
- $2t+6 = 18 \implies 2t = 12 \implies t=6$
प्रश्न 11
यदि $x \begin{bmatrix} 2 \\ 3 \end{bmatrix} + y \begin{bmatrix} -1 \\ 1 \end{bmatrix}$$ $$ = \begin{bmatrix} 10 \\ 5 \end{bmatrix}$ है, तो $x$ तथा $y$ के मान ज्ञात कीजिए।
समाधान:
$$\begin{bmatrix} 2x \\ 3x \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} -y \\ y \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 2x-y \\ 3x+y \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 10 \\ 5 \end{bmatrix}$$
रैखिक समीकरण:
- $2x – y = 10$
- $3x + y = 5$
दोनों को जोड़ने पर: $5x = 15 \implies x = 3$।
$x$ का मान रखने पर: $2(3) – y = 10 \implies y = -4$।
प्रश्न 12
यदि $3 \begin{bmatrix} x & y \\ z & w \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} x & 6 \\ -1 & 2w \end{bmatrix} + \begin{bmatrix} 4 & x+y \\ z+w & 3 \end{bmatrix}$ है, तो $x, y, z$ तथा $w$ के मानों को ज्ञात कीजिए।
समाधान:
$$\begin{bmatrix} 3x & 3y \\ 3z & 3w \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} x+4 & 6+x+y \\ -1+z+w & 2w+3 \end{bmatrix}$$
तुलना करने पर:
- $3x = x+4 \implies 2x=4 \implies x=2$
- $3y = 6+x+y \implies 2y = 6+2$$ \implies y=4$
- $3w = 2w+3 \implies w=3$
- $3z = -1+z+w \implies 2z = -1+3 $$\implies 2z=2 \implies z=1$
प्रश्न 13
यदि $F(x) = \begin{bmatrix} \cos x & -\sin x & 0 \\ \sin x & \cos x & 0 \\ 0 & 0 & 1 \end{bmatrix}$ है, तो सिद्ध कीजिए कि $F(x)F(y) = F(x+y)$।
समाधान:
$$F(y) = $$ $$\begin{bmatrix} \cos y & -\sin y & 0 \ \sin y & \cos y & 0 \ 0 & 0 & 1 \end{bmatrix}$$
LHS: F(x)F(y) $a_1= \cos x\cos y – \sin x\sin y $$a_2= -\cos x\sin y – \sin x\cos y $$a_3= 0 $$a_4= \sin x\cos y + \cos x\sin y $$a_5= -\sin x\sin y + \cos x\cos y $$a_6= 0 $$a_7= 0 , a_8= 0 a_9= 1 $ त्रिकोणमितीय सूत्रों का उपयोग करने पर: $$= \begin{bmatrix} \cos(x+y) & -\sin(x+y) & 0 \\ \sin(x+y) & \cos(x+y) & 0 \\ 0 & 0 & 1 \end{bmatrix}$$ = F(x+y) = RHS
प्रश्न 14
दर्शाइए कि :
- $$\begin{bmatrix} 5 & -1 \\ 6 & 7 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 2 & 1 \\ 3 & 4 \end{bmatrix} $$ $$ \neq \begin{bmatrix} 2 & 1 \\ 3 & 4 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 5 & -1 \\ 6 & 7 \end{bmatrix}$$
- $$\begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \\ 0 & 1 & 0 \\ 1 & 1 & 0 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} -1 & 1 & 0 \\ 0 & -1 & 1 \\ 2 & 3 & 4 \end{bmatrix} $$ $$\neq \begin{bmatrix} -1 & 1 & 0 \\ 0 & -1 & 1 \\ 2 & 3 & 4 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \\ 0 & 1 & 0 \\ 1 & 1 & 0 \end{bmatrix}$$
समाधान: गुणनफल निकालने पर स्पष्ट रूप से एलएचएस और आरएचएस के अवयव भिन्न प्राप्त होते हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि आव्यूह गुणन सामान्यतः क्रमविनिमेय नहीं होता है ।
प्रश्न 15
यदि $A = \begin{bmatrix} 2 & 0 & 1 \\ 2 & 1 & 3 \\ 1 & -1 & 0 \end{bmatrix}$ है, तो $A^2 – 5A + 6I$ का मान ज्ञात कीजिए।
समाधान:
- $A^2$:$$A^2 = \begin{bmatrix} 2 & 0 & 1 \\ 2 & 1 & 3 \\ 1 & -1 & 0 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 2 & 0 & 1 \\ 2 & 1 & 3 \\ 1 & -1 & 0 \end{bmatrix}$$ $$ = \begin{bmatrix} 5 & -1 & 2 \\ 9 & -2 & 5 \\ 0 & -1 & -2 \end{bmatrix}$$
- $5A$:$$5A = \begin{bmatrix} 10 & 0 & 5 \\ 10 & 5 & 15 \\ 5 & -5 & 0 \end{bmatrix}$$
- $6I$:$$6I = \begin{bmatrix} 6 & 0 & 0 \\ 0 & 6 & 0 \\ 0 & 0 & 6 \end{bmatrix}$$
- अंतिम गणना:$$A^2 – 5A + 6I = $$ $a_1= 5-10+6 ,a_2= -1-0+0 $$a_3=2-5+0 ,a_4= 9-10+0 $$a_5= -2-5+6 ,a_6= 5-15+0$$a_7= 0-5+0 ,a_8= -1-(-5)+0 $$a_9= -2-0+6 $ $$ = \begin{bmatrix} 1 & -1 & -3 \\ -1 & -1 & -10 \\ -5 & 4 & 4 \end{bmatrix}$$
प्रश्न 16
यदि $A = \begin{bmatrix} 1 & 0 & 2 \\ 0 & 2 & 1 \\ 2 & 0 & 3 \end{bmatrix}$ है, तो सिद्ध कीजिए कि $A^3 – 6A^2 + 7A + 2I = O$।
समाधान:
- $A^2 = \begin{bmatrix} 5 & 0 & 8 \\ 2 & 4 & 5 \\ 8 & 0 & 13 \end{bmatrix}$
- $A^3 = A^2 \cdot A = \begin{bmatrix} 21 & 0 & 34 \\ 12 & 8 & 23 \\ 34 & 0 & 55 \end{bmatrix}$
- सभी मानों को $A^3 – 6A^2 + 7A + 2I$ में रखने पर शून्य आव्यूह ($O$) प्राप्त होता है।
प्रश्न 17
यदि $A = \begin{bmatrix} 3 & -2 \\ 4 & -2 \end{bmatrix}$ तथा $I = \begin{bmatrix} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{bmatrix}$ एवं $A^2 = kA – 2I$ हो, तो $k$ ज्ञात कीजिए।
समाधान:
$$A^2 = \begin{bmatrix} 3 & -2 \\ 4 & -2 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 3 & -2 \\ 4 & -2 \end{bmatrix} $$ $$= \begin{bmatrix} 1 & -2 \\ 4 & -4 \end{bmatrix}$$
$$kA – 2I = \begin{bmatrix} 3k-2 & -2k \ 4k & -2k-2 \end{bmatrix}$$समीकरण $A^2 = kA – 2I$ से तुलना करने पर:
$$4k = 4 \implies k = 1$$
प्रश्न 18
यदि $A = \begin{bmatrix} 0 & -\tan\frac{\alpha}{2} \\ \tan\frac{\alpha}{2} & 0 \end{bmatrix}$ तथा $I$ कोटि 2 का एक तत्समक आव्यूह है । सिद्ध कीजिए कि $I+A $ $= (I-A)\begin{bmatrix} \cos\alpha & -\sin\alpha \\ \sin\alpha & \cos\alpha \end{bmatrix}$ ।
समाधान: माना $t = \tan\frac{\alpha}{2}$ । त्रिकोणमितीय सूत्रों से:
$$\cos\alpha = \frac{1-t^2}{1+t^2}, \quad \sin\alpha = \frac{2t}{1+t^2}$$
- LHS: $I + A = \begin{bmatrix} 1 & -t \\ t & 1 \end{bmatrix}$
- RHS: $(I-A) \begin{bmatrix} \cos\alpha & -\sin\alpha \\ \sin\alpha & \cos\alpha \end{bmatrix}$$$I – A $$ $$= \begin{bmatrix} 1 & t \\ -t & 1 \end{bmatrix}$$RHS का गुणनफल परिकलित करने पर:$$\frac{1}{1+t^2} \begin{bmatrix} 1 & t \\ -t & 1 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 1-t^2 & -2t \\ 2t & 1-t^2 \end{bmatrix}$$ $$ = \begin{bmatrix} 1 & -t \\ t & 1 \end{bmatrix} = \text{LHS}$$सिद्ध हुआ।
प्रश्न 19 (व्यावहारिक अनुप्रयोग)
किसी व्यापार संघ के पास ₹30,000 का कोष है जिसे दो भिन्न-भिन्न प्रकार के बांडों में निवेशित करना है । प्रथम बांड पर $5\%$ वार्षिक तथा द्वितीय बांड पर $7\%$ वार्षिक ब्याज प्राप्त होता है । आव्यूह गुणन के प्रयोग द्वारा यह निर्धारित कीजिए कि ₹30,000 के कोष को दो प्रकार के बांडों में निवेश करने के लिए किस प्रकार बाँटें जिससे व्यापार संघ को प्राप्त कुल वार्षिक ब्याज :
- ₹1800 हो
- ₹2000 हो
समाधान: मान लीजिए प्रथम बांड में $x$ रुपये का निवेश किया जाता है, तो द्वितीय बांड में निवेशित राशि $(30000 – x)$ होगी । निवेश आव्यूह $A = \begin{bmatrix} x & 30000 – x \end{bmatrix}_{1 \times 2}$ ब्याज दर आव्यूह $B $ $= \begin{bmatrix} 0.05 \\ 0.07 \end{bmatrix}_{2 \times 1}$ वार्षिक ब्याज $R = A \cdot B$
$$R = \begin{bmatrix} x & 30000-x \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 0.05 \\ 0.07 \end{bmatrix} $$ $$= [0.05x + 0.07(30000 – x)]$$
$$0.05x + 2100 – 0.07x = 2100 – 0.02x$$
- भाग 1: कुल ब्याज ₹1800 हो:$$2100 – 0.02x = 1800 \implies 0.02x = 300$$ $$ \implies x = 15000$$ अतः दोनों बांडों में ₹15,000 – ₹15,000 का निवेश करना होगा ।
- भाग 2: कुल ब्याज ₹2000 हो : $$2100 – 0.02x = 2000 \implies 0.02x = 100 $$ $$\implies x = 5000$$ अतः प्रथम बांड में ₹5,000 तथा द्वितीय में ₹25,000 का निवेश करना होगा ।
प्रश्न 20
किसी स्कूल की पुस्तकों की दुकान में 10 दर्जन रसायन शास्त्र, 8 दर्जन भौतिक शास्त्र तथा 10 दर्जन अर्थशास्त्र की पुस्तकें हैं । इन पुस्तकों के विक्रय मूल्य क्रमशः ₹80, ₹60 तथा ₹40 प्रति पुस्तक हैं । आव्यूह बीजगणित के प्रयोग द्वारा ज्ञात कीजिए कि सभी पुस्तकों को बेचने से दुकान को कुल कितनी धनराशि प्राप्त होगी ।
समाधान:
पुस्तकों की संख्या:
- रसायन शास्त्र $= 10 \times 12 = 120$ पुस्तकें
- भौतिक शास्त्र $= 8 \times 12 = 96$ पुस्तकें
- अर्थशास्त्र $= 10 \times 12 = 120$ पुस्तकें
संख्या आव्यूह $P = \begin{bmatrix} 120 & 96 & 120 \end{bmatrix}_{1 \times 3}$ मूल्य आव्यूह $C = \begin{bmatrix} 80 \\ 60 \\ 40 \end{bmatrix}_{3 \times 1}$ कुल धनराशि $= P \cdot C = [120(80) + 96(60) + 120(40)] $$ = [9600 + 5760 + 4800] = $ अतः कुल प्राप्त धनराशि ₹20,160 है ।
19. Board परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (Board PYQs)
बोर्ड परीक्षाओं में निरंतर दोहराए जाने वाले प्रश्नों का संकलन :
1 अंक वाले प्रश्न
- प्रश्न: यदि $A$ एक $2 \times 3$ कोटि का आव्यूह है और $B$ एक $3 \times 5$ कोटि का आव्यूह है, तो $AB$ की कोटि क्या होगी? उत्तर: $2 \times 5$ 。
2 अंक वाले प्रश्न
- प्रश्न: यदि $A = \begin{bmatrix} 2 & 3 \\ 5 & 7 \end{bmatrix}$ हो, तो सिद्ध कीजिए कि $A – A^T$ एक विषम सममित आव्यूह है । हल: $$A^T = \begin{bmatrix} 2 & 5 \\ 3 & 7 \end{bmatrix}$$ $$ \implies A – A^T = \begin{bmatrix} 0 & -2 \\ 2 & 0 \end{bmatrix}$$माना $C = A – A^T = \begin{bmatrix} 0 & -2 \\ 2 & 0 \end{bmatrix}$।$$C^T = \begin{bmatrix} 0 & 2 \\ -2 & 0 \end{bmatrix} = -\begin{bmatrix} 0 & -2 \\ 2 & 0 \end{bmatrix} = -C$$ चूंकि $C^T = -C$, अतः $A – A^T$ एक विषम सममित आव्यूह है ।
5 अंक वाले प्रश्न
- प्रश्न: आव्यूह $A = \begin{bmatrix} 3 & 5 \\ 1 & -1 \end{bmatrix}$ को एक सममित आव्यूह और एक विषम सममित आव्यूह के योगफल के रूप में व्यक्त कीजिए । हल: सममित भाग $P = \frac{1}{2}(A + A^T) = \begin{bmatrix} 3 & 3 \\ 3 & -1 \end{bmatrix}$ विषम सममित भाग $Q = \frac{1}{2}(A – A^T) = \begin{bmatrix} 0 & 2 \\ -2 & 0 \end{bmatrix}$ सत्यापन: $P + Q = \begin{bmatrix} 3 & 5 \\ 1 & -1 \end{bmatrix} = A$ ।
20. पिछले 10 वर्षों का प्रश्न विश्लेषण
विगत एक दशक के प्रश्नपत्रों के सूक्ष्म विश्लेषण से निम्नलिखित प्रवृत्तियाँ स्पष्ट होती हैं :
प्रश्नों की प्रकृति में बदलाव
- योग्यता-आधारित प्रश्नों (Competency-Based Questions) में वृद्धि: हाल के वर्षों में सीधे गणना वाले प्रश्नों के स्थान पर वास्तविक जीवन पर आधारित व्यावहारिक समस्याओं वाले प्रश्न अधिक पूछे जाने लगे हैं (जैसे न्यास कोष निवेश और पुस्तक सूची प्रबंधन) ।
- प्रारूपिक शुद्धि: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुपालन में, NCERT द्वारा “प्रारंभिक संक्रियाओं द्वारा व्युत्क्रम” (Elementary Operations to find Inverse) के कठिन और समय लेने वाले खंड को पूरी तरह से विलोपित कर दिया गया है । इससे अब परीक्षा में केवल आव्यूह के मूलभूत गुणों और गुणन अनुप्रयोगों पर अधिक संकेंद्रण रहता है 。
21. प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु विशेष अनुभाग
प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे JEE, NDA, CUET) के उच्च-स्तरीय प्रश्नों को शीघ्र हल करने के लिए प्रगत अवधारणाएँ :
आव्यूह का ट्रेस (Trace of a Matrix)
वर्ग आव्यूह $A$ के मुख्य विकर्ण के अवयवों के योग को उसका ट्रेस कहते हैं:
$$\text{tr}(A) = \sum_{i=1}^{n} a_{ii}$$
महत्वपूर्ण परिणाम (Properties of Trace):
- $\text{tr}(AB) = \text{tr}(BA)$
- $\text{tr}(A^T) = \text{tr}(A)$
लम्बकोणीय आव्यूह (Orthogonal Matrix)
एक ऐसा वर्ग आव्यूह $A$ जिसके लिए $A \cdot A^T = I$ हो, लम्बकोणीय आव्यूह कहलाता है ।
22. वास्तविक जीवन में आव्यूह
- कंप्यूटर ग्राफिक्स (Computer Graphics): 3D दृश्यों के अनुवाद (Translation) और घूर्णन (Rotation) के लिए $4 \times 4$ रूपांतरण आव्यूह का प्रयोग किया जाता है।
- क्रिप्टोग्राफी (Cryptography): संदेशों को सुरक्षित भेजने के लिए ‘हिल साइफर’ (Hill Cipher) जैसी तकनीकों में कुंजियों के रूप में आव्यूह गुणन का अनुप्रयोग किया जाता है।
23. अगले अध्यायों से सम्बन्ध
आव्यूह सिद्धांत आगे आने वाले अध्यायों का आधार स्तंभ है:
- सारणिक (Determinants): वर्ग आव्यूह का सारणिक मान समीकरण प्रणालियों को हल करने में रीढ़ की हड्डी का कार्य करता है ।
- त्रिविमीय ज्यामिति (3D Geometry): रेखाओं और समतलों के बीच संबंध स्थापित करने के लिए आव्यूह रूपांतरण प्रयुक्त होते हैं ।
- कक्षा 11th गणित के त्रिविमीय ज्यामिति को दोहराएं।
24. विद्यार्थियों की 10 सामान्य गलतियाँ (10 Common Student Mistakes)
- पंक्ति और स्तंभ की कोटि को परस्पर उल्टा लिखना ($n \times m$) ।
- असमान कोटि के आव्यूहों को भी जोड़ देने की त्रुटि करना ।
- अदिश गुणन में केवल प्रथम पंक्ति के अवयवों को गुणा करना ।
- गुणन संक्रिया में $AB = BA$ मान लेना ।
- संगत अवयवों को सीधे गुणा कर देना ।
- $(AB)^T = A^T B^T$ लिखना, जबकि सही रूप $(AB)^T = B^T A^T$ है ।
- विषम सममित आव्यूह के विकर्ण अवयवों को गैर-शून्य लिखना 。
- मापांक प्रविष्टियों में ऋणात्मक चिन्हों को धनात्मक न करना ।
- अदिश आव्यूह को ही तत्समक आव्यूह समझ बैठना ।
- अचर पद के साथ $I$ न जोड़ना (जैसे $A^2 – 5A + 6 = 0$ लिखना)।
25. पूर्ण अंक प्राप्त करने की रणनीति (Topper’s Strategy)
- सटीक प्रस्तुतीकरण: प्रत्येक चरण के बाद उपयोग किए गए सूत्रों जैसे “चूंकि $(AB)^T = B^T A^T$ है” को कोष्ठक में अवश्य लिखें ।
- गणना का दोहराव जाँच: आव्यूह गुणन के पश्चात संगत योगों को रफ कॉलम में दो बार सत्यापित करें ।
26. त्वरित पुनरावृत्ति नोट्स (Revision Notes)

⚡ Quick Revision Box
- योग्यता शर्त: $A+B$ संभव है यदि कोटियाँ समान हों ।
- गुणन शर्त: $AB$ संभव है यदि $A$ के स्तंभ $= B$ की पंक्तियाँ ।
- सममित: $A^T = A$ ।
- विषम सममित: $A^T = -A$ और मुख्य विकर्ण शून्य ।
27. सम्पूर्ण अध्याय का मानसिक मानचित्र (Mind Map)
┌────────────────────────┐
│ आव्यूह (Matrices) │
└───────────┬────────────┘
│
┌─────────────────────────────────┼─────────────────────────────────┐
▼ ▼ ▼
┌───────────┐ ┌───────────┐ ┌───────────┐
│ कोटि │ │ संक्रिया │ │ विशेष प्रकार│
│ (Order) │ │(Operations)│ │ (Special) │
└─────┬─────┘ └─────┬─────┘ └─────┬─────┘
│ │ │
├─ m x n ├─ योग (समान कोटि) ├─ सममित (Aᵀ = A)
└─ अवयव = m * n ├─ अन्तर (संगत अवयव) └─ विषम सममित (Aᵀ = -A)
└─ गुणन (Row x Col)
28. सूत्र तालिका (Formula Sheet)

- $(A^T)^T = A$
- $(AB)^T = B^T A^T$
- $A = \frac{1}{2}(A + A^T) + \frac{1}{2}(A – A^T)$
- $AI = IA = A$
29. बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. क्या प्रत्येक वर्ग आव्यूह का व्युत्क्रम होता है?
उत्तर: नहीं, केवल व्युत्क्रमणीय आव्यूह (Invertible Matrix) का ही व्युत्क्रम होता है जिसके लिए सारणिक का मान शून्य न हो ($|A| \neq 0$) ।
Q2. यदि $AB = O$ हो, तो क्या $A$ या $B$ का शून्य होना आवश्यक है?
उत्तर: नहीं, दो अशून्य आव्यूहों का गुणनफल भी एक शून्य आव्यूह हो सकता है ।
30. अभ्यास क्षेत्र (Practice Zone)
5 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
- यदि $A$ एक $3 \times 3$ वर्ग आव्यूह है और $A^2 = A$ है, तो $(I – A)^3 + A$ किसके बराबर होगा?
- (a) $I$
- (b) $O$
- (c) $A$
- (d) $I – A$
- उत्तर: (a) $I$
31. निष्कर्ष :
आव्यूह सिद्धांत केवल संक्रियाओं का समूह नहीं है, अपितु यह गणितीय संकल्पनाओं को सरल और संक्षिप्त रूप में व्यक्त करने की एक सुंदर भाषा है। परीक्षा से पूर्व सभी प्रमेयों और गुणन नियमों को लिखित रूप में अभ्यास करना ही सफलता का एकमात्र अचूक मार्ग है। गणना करते समय एकाग्रता और धैर्य बनाए रखें, आपको निश्चित रूप से पूर्ण अंक प्राप्त होंगे।
कक्षा 12th गणित के नवीनतम पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तक के लिए, आप NCERT की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।”


