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विद्यार्थियों को यह अध्याय कठिन क्यों लगता है?

सदिश बीजगणित (Vector Algebra) को माध्यमिक स्तर के गणित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण संक्रमणकालीन अध्याय माना जाता है । विद्यार्थियों के लिए इस अध्याय को कठिन महसूस करने का मुख्य कारण त्रिविमीय (3D) अंतरिक्ष में ज्यामितीय संकल्पनाओं की कल्पना (Visualization) करने की असमर्थता है। जब तक विद्यार्थी सदिशों को केवल बीजगणितीय चरों जैसे $x\hat{i} + y\hat{j} + z\hat{k}$ के रूप में देखते हैं, वे इसके अंतर्निहित ज्यामितीय गुणों को नहीं समझ पाते हैं ।
अनुभवी शिक्षकों का अवलोकन है कि विद्यार्थी सामान्य बीजगणित और सदिश बीजगणित के नियमों में अंतर नहीं कर पाते हैं। उदाहरण के लिए, सामान्य बीजगणित में गुणनफल साधारण होता है, जबकि सदिश बीजगणित में अदिश गुणनफल (Dot Product) और सदिश गुणनफल (Cross Product) के नियम पूरी तरह से भिन्न और विशिष्ट होते हैं । ज्यामितीय आरेखों को सही ढंग से न समझ पाना और अंतरिक्ष में दिशाओं (Direction) को महसूस न कर पाना इस अध्याय को कठिन बनाने वाले प्रमुख कारक हैं ।
बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय का महत्व
विभिन्न भारतीय राज्यों और केंद्रीय बोर्डों में सदिश बीजगणित का भारांक (Weightage) अत्यधिक महत्वपूर्ण है । सदिश बीजगणित न केवल सीधे अंक दिलाता है, बल्कि इसके सिद्धांत अगले अध्याय ‘त्रिविमीय ज्यामिति’ (Three-Dimensional Geometry) के आधारभूत स्तम्भ हैं । यदि कोई विद्यार्थी सदिश बीजगणित को छोड़ देता है, तो उसे त्रिविमीय ज्यामिति में भी गंभीर कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जिससे कुल मिलाकर लगभग 14 से 18 अंकों का नुकसान हो सकता है ।
विभिन्न शिक्षा बोर्डों में इस अध्याय के भारांक का तुलनात्मक विवरण निम्नलिखित तालिका में प्रस्तुत किया गया है:
| बोर्ड का नाम | आवंटित अंक (Vectors & 3D combined) | प्रश्न प्रारूप का वितरण | संदर्भ |
| CBSE Boards | 14 अंक (सदिश बीजगणित लगभग 6 से 8 अंक) | बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), अति लघु उत्तरीय (2M), लघु उत्तरीय (3M) और केस स्टडी आधारित प्रश्न (4M) | |
| UP Board (UPMSP) | 17 से 18 अंक (संयुक्त इकाई) | बहुविकल्पीय, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | |
| Bihar Board (BSEB) | 17 अंक (संयुक्त इकाई) | वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) का उच्च भारांक और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | |
| Maharashtra Board (HSC) | 5 अंक (केवल सदिश बीजगणित) | लघु उत्तरीय और प्रायोगिक अनुप्रयोग आधारित प्रश्न | |
| ISC Board | 5 अंक (केवल सदिश बीजगणित) | तार्किक और सिद्ध करने वाले प्रश्न |
JEE Main और CUET में इसकी भूमिका
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सदिश बीजगणित का महत्व अत्यधिक है । यह अध्याय कम समय में उच्च स्कोर करने के लिए जाना जाता है क्योंकि इसके प्रश्न सीधे वैचारिक स्पष्टता और सूत्रों के सीधे अनुप्रयोग पर आधारित होते हैं ।
- JEE Main: प्रत्येक वर्ष प्रति शिफ्ट में लगभग 2 से 3 प्रश्न सदिश बीजगणित से सीधे पूछे जाते हैं, जो कुल गणितीय खंड का लगभग 4% से 6% होता है । प्रतियोगी परीक्षा विश्लेषण से पता चलता है कि अदिश त्रिक गुणनफल (Scalar Triple Product), समतलीयता परीक्षण (Coplanarity Test), और प्रक्षेप (Projection) के सिद्धांतों से सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं ।
- CUET (UG): प्रवेश परीक्षा में लगभग 8% से 10% भारांक इस अध्याय का होता है । इसमें मुख्य रूप से विभाजन सूत्र (Section Formula), इकाई सदिश (Unit Vector) ज्ञात करना, और दो सदिशों के बीच का कोण निकालने जैसे प्रश्न पूछे जाते हैं ।
एक अनुभवी गणित शिक्षक का कक्षा अनुभव
पंद्रह से अधिक वर्षों के बोर्ड परीक्षाओं और कोचिंग संस्थानों में शिक्षण के अनुभव के दौरान यह देखा गया है कि विद्यार्थी जब पहली बार इस अध्याय में प्रवेश करते हैं, तो वे इसे केवल भौतिकी (Physics) के एक उप-भाग के रूप में मानते हैं। गणितीय दृष्टिकोण से सदिश बीजगणित को पढ़ाने के लिए ब्लैकबोर्ड पर आरेखों के माध्यम से त्रि-आयामी स्थान को द्वि-आयामी ब्लैकबोर्ड पर दिखाना सबसे बड़ी चुनौती होती है।
एक सामान्य शिक्षक सीधे सूत्रों को लिखवाकर प्रश्न हल करवाना शुरू कर देता है, जो एक अत्यंत दोषपूर्ण शिक्षण पद्धति है। इसके विपरीत, एक अनुभवी शिक्षक पहले विद्यार्थियों को अंतरिक्ष में दिशा और स्थिति की ज्यामितीय कल्पना करवाता है। कक्षा में यह पाया गया है कि लगभग 80% विद्यार्थी विभाजन सूत्र में आंतरिक और बाह्य विभाजन के समय चिन्हों की त्रुटि करते हैं, और लगभग 65% विद्यार्थी प्रक्षेप (Projection) निकालते समय गलत सदिश के परिमाण से भाग दे देते हैं । इन त्रुटियों को दूर करने के लिए विशेष दृश्य सोच विधियों (Visual Thinking Methods) की आवश्यकता होती है।
सदिश बीजगणित का सम्पूर्ण रोडमैप
सदिश बीजगणित को क्रमबद्ध रूप से समझने के लिए निम्नलिखित रोडमैप का पालन करना चाहिए :
[सदिशों की आधारभूत संकल्पनाएँ और अंतर]
│
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[दिशा, परिमाण और दिक्-कोसाइन की समझ]
│
▼
[सदिशों के विभिन्न प्रकार और उनका ज्यामितीय महत्व]
│
▼
[स्थिति सदिश और विभाजन सूत्र का अनुप्रयोग]
│
▼
[सदिशों का योगफल, व्यवकलन और अदिश गुणन]
│
▼
│
▼
[दो सदिशों का सदिश गुणनफल (Cross Product) एवं ज्यामितीय क्षेत्रफल]
│
▼
सदिश बीजगणित की वास्तविक दुनिया
विद्यार्थी अक्सर पूछते हैं कि सदिश बीजगणित का वास्तविक जीवन में क्या उपयोग है? यह अवधारणा केवल अमूर्त गणित का हिस्सा नहीं है, बल्कि हमारे दैनिक जीवन की कई तकनीकों का आधार है ।
जीपीएस और गूगल मैप्स (GPS and Google Maps Navigation)
जब कोई व्यक्ति स्मार्टफोन पर गूगल मैप्स का उपयोग करता है, तो उपग्रह (Satellite) उपयोगकर्ता की वर्तमान स्थिति को पृथ्वी के केंद्र को मूल बिंदु (Origin) मानकर एक स्थिति सदिश (Position Vector) के रूप में निर्धारित करते हैं । उपयोगकर्ता की गति और दिशा की गणना लगातार दो स्थिति सदिशों के अंतर (Vector Subtraction) द्वारा की जाती है ।
विमानन और नौवहन (Airplane Navigation and Winds)
हवाई जहाज के पायलट उड़ानों की दिशा तय करने के लिए केवल गति पर निर्भर नहीं रह सकते। उन्हें पवन वेग (Wind Velocity), जो कि एक सदिश राशि है, का सामना करना पड़ता है। विमान का वास्तविक उड़ान मार्ग विमान के अपने वेग सदिश और हवा के वेग सदिश के परिणामी सदिश (Resultant Vector) द्वारा निर्धारित होता है, जिसकी गणना सदिश योग के समांतर चतुर्भुज नियम से की जाती है ।
कंप्यूटर ग्राफिक्स और 3D गेमिंग (Computer Graphics & Gaming)
सभी आधुनिक 3D वीडियो गेम सदिशों के गणित पर चलते हैं। खेल में किसी चरित्र (Character) का चलना, कूदना, या कैमरे का दृष्टिकोण बदलना स्थिति सदिशों के रैखिक रूपांतरण (Linear Transformation) द्वारा संभव होता है। गेमिंग इंजनों में प्रकाश और छाया के प्रभावों (Lighting and Shadows) की गणना करने के लिए सतह के अभिलंब सदिश (Normal Vector) और प्रकाश किरण सदिश के अदिश गुणनफल (Dot Product) का व्यापक उपयोग किया जाता है ।
रोबोटिक्स और इंजीनियरिंग (Robotics and Physics Applications)
रोबोटिक भुजाओं की गति और उनके जोड़ों (Joints) पर लगने वाले आघूर्ण (Torque) की सटीक गणना करने के लिए सदिश गुणनफल (Cross Product) का उपयोग किया जाता है इसके बिना किसी भी स्वचालित मशीन का सटीक संचालन असंभव है।
अवकलन समीकरण को एक बार और गहराई से समझें।
Scalar (अदिश) और Vector (सदिश) की सहज समझ

भौतिक और गणितीय राशियों को पूर्णतः समझने के लिए उन्हें दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है :
- अदिश राशि (Scalar Quantity): वह राशि जिसे व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण (Magnitude) की आवश्यकता होती है, दिशा की नहीं । उदाहरण के लिए: द्रव्यमान ($5\text{ kg}$), समय ($10\text{ seconds}$), तापमान ($37^\circ\text{C}$), कार्य, और दूरी ।
- सदिश राशि (Vector Quantity): वह राशि जिसे पूर्ण रूप से व्यक्त करने के लिए परिमाण और दिशा (Direction) दोनों की आवश्यकता होती है । उदाहरण के लिए: विस्थापन, वेग (Velocity), बल (Force), और संवेग (Momentum) ।
चाल बनाम वेग (Speed vs Velocity)
यदि कोई रेलगाड़ी $80\text{ km/h}$ की गति से चल रही है, तो यह उसकी चाल (Speed) है जो कि एक अदिश राशि है। परंतु यदि यह कहा जाए कि रेलगाड़ी $80\text{ km/h}$ की गति से उत्तर दिशा की ओर जा रही है, तो यह उसका वेग (Velocity) है, जो कि एक सदिश राशि है ।
दूरी बनाम विस्थापन (Distance vs Displacement)
एक धावक जब किसी वर्गाकार मैदान के चारों ओर दौड़ता है, तो उसके द्वारा तय किया गया वास्तविक मार्ग दूरी (Distance) कहलाता है। लेकिन उसके प्रारंभिक बिंदु से अंतिम बिंदु के बीच की न्यूनतम सीधी दूरी और उसकी दिशा को विस्थापन (Displacement) कहा जाता है ।
तापमान बनाम पवन वेग (Temperature vs Wind)
मौसम रिपोर्ट में कहा जाता है कि आज का तापमान $30^\circ\text{C}$ है (अदिश राशि)। वहीं हवाओं के बारे में कहा जाता है कि हवा $15\text{ km/h}$ की गति से पश्चिम से पूर्व की ओर चल रही है (सदिश राशि)।
शिक्षक का ब्लैकबोर्ड स्पष्टीकरण
शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर एक रेखा खींचते हैं:
A ────────────────────────► B (लंबाई = 5 सेमी, दिशा = पूर्व)
“विद्यार्थियों ध्यान दें! यदि मैं केवल रेखा की लंबाई की बात करूँ, तो यह $5\text{ सेमी}$ है (अदिश)। लेकिन यदि मैं कहूँ कि बिंदु $A$ से प्रारंभ करके $B$ की ओर $5\text{ सेमी}$ की दूरी तय करनी है, तो यह एक सदिश राशि $\vec{AB}$ को निरूपित करता है “
Vector (सदिश) क्या है?

औपचारिक परिभाषा (Formal Definition)
एक सदिश एक ऐसी ज्यामितीय इकाई है जिसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं, और जो सदिश योग के नियमों (जैसे त्रिभुज नियम और समांतर चतुर्भुज नियम) का पालन करती है ।
आसान हिन्दी में अर्थ
सरल शब्दों में, एक सदिश अंतरिक्ष में एक ऐसा ‘तीर’ (Arrow) है जो हमें यह बताता है कि हमें किसी बिंदु से कितनी दूर (परिमाण) और किस दिशा में (Direction) जाना है ।
यह अवधारणा क्यों बनाई गई?
यदि केवल एक आयाम (1D) में गति हो, तो धनात्मक और ऋणात्मक चिन्हों ($+$ और $-$) से काम चल जाता है। परंतु वास्तविक दुनिया त्रि-आयामी (3D) है। अंतरिक्ष में किसी बिंदु की स्थिति या गति को दर्शाने के लिए केवल संख्याएँ पर्याप्त नहीं थीं। अतः एक ऐसी गणितीय प्रणाली की आवश्यकता महसूस हुई जो दिशा को स्वतः ही अपने साथ समाहित रखे। इसी आवश्यकता के कारण सदिश बीजगणित का जन्म हुआ ।
तीर सोच पद्धति (Arrow Thinking Method)
किसी भी सदिश $\vec{AB}$ को एक दिष्ट रेखाखंड (Directed Line Segment) के रूप में सोचा जाना चाहिए
A (प्रारंभिक बिंदु / Initial Point) ──────► B (अंतिम बिंदु / Terminal Point)
- तीर की कुल लंबाई सदिश के परिमाण $|\vec{AB}|$ को दर्शाती है
- तीर की नोक (Arrowhead) उसकी दिशा को निर्देशित करती है ।
- बिंदु $A$ को प्रारंभिक बिंदु और $B$ को अंतिम बिंदु कहा जाता है ।
टॉपर विज़ुअलाइज़ेशन विधि (Topper Visualization Method)
एक मेज पर रखे हुए एक पेन की कल्पना करें। पेन की नोक को अंतिम बिंदु और उसके पिछले हिस्से को प्रारंभिक बिंदु मानें। यदि इस पेन को मेज पर कहीं भी खिसकाया जाए (बिना उसकी दिशा और कोण बदले), तो वह सदिश अपरिवर्तित रहता है। इसे मुक्त सदिश (Free Vector) की संकल्पना कहा जाता है, जिसका उपयोग संपूर्ण माध्यमिक स्तर के गणित में किया जाता है ।
Types of Vectors (सदिशों के प्रकार)
सदिश बीजगणित के प्रश्नों को हल करने के लिए सदिशों के विभिन्न प्रकारों की गहरी समझ होना अनिवार्य है :
सदिशों के प्रकार
┌──────────────┬──────────────┼──────────────┬──────────────┬──────────────┐
▼ ▼ ▼ ▼ ▼ ▼
शून्य सदिश मात्रक सदिश स्थिति सदिश समान सदिश ऋणात्मक सदिश संरेख सदिश
1. शून्य सदिश (Zero Vector)
- अर्थ: वह सदिश जिसका परिमाण शून्य होता है और जिसका प्रारंभिक तथा अंतिम बिंदु एक ही होता है । इसे $\vec{0}$ द्वारा निरूपित किया जाता है।
- दृश्य समझ: अंतरिक्ष में केवल एक बिंदु (Point) की कल्पना करें। इसकी कोई निश्चित दिशा नहीं होती।
- पहचान विधि: यदि किसी प्रश्न में $\vec{AA}$ या $\vec{BB}$ लिखा हो, तो वह शून्य सदिश है ।
- छात्रों की सामान्य गलती: विद्यार्थी अक्सर $0$ (अदिश शून्य) और $\vec{0}$ (सदिश शून्य) में अंतर नहीं करते, जिससे समीकरणों के संतुलन में अंक कट जाते हैं ।
2. मात्रक सदिश (Unit Vector)
- अर्थ: वह सदिश जिसका परिमाण ठीक $1$ इकाई (Unity) होता है । इसे $\hat{a}$ (a-cap) द्वारा निरूपित किया जाता है ।
- यह अवधारणा क्यों महत्वपूर्ण है: इसका एकमात्र कार्य किसी भी दिशा को बिना उसके परिमाण को प्रभावित किए निर्देशित करना है ।
- दृश्य समझ: मूल बिंदु से किसी भी अक्ष की ओर केवल $1$ सेमी की लंबाई का तीर।
- पहचान विधि: किसी सदिश $\vec{a}$ की दिशा में मात्रक सदिश निकालने का सूत्र :
$$\hat{a} = \frac{\vec{a}}{|\vec{a}|}$$
- छात्रों की सामान्य गलती: मात्रक सदिश ज्ञात करते समय विद्यार्थी केवल घटकों को लिख देते हैं और उनके परिमाण से भाग देना भूल जाते हैं ।
3. स्थिति सदिश (Position Vector)
- अर्थ: मूल बिंदु $O(0,0,0)$ के सापेक्ष अंतरिक्ष में किसी बिंदु $P(x,y,z)$ की स्थिति को दर्शाने वाले सदिश को स्थिति सदिश कहते हैं ।
- दृश्य समझ: मूल बिंदु $O$ से प्रारंभ होकर बिंदु $P$ पर समाप्त होने वाला एक सीधा तीर $\vec{OP}$
- पहचान विधि: यदि बिंदु के निर्देशांक $(x,y,z)$ हैं, तो स्थिति सदिश होगा :
$$\vec{OP} = x\hat{i} + y\hat{j} + z\hat{k}$$
4. समान सदिश (Equal Vectors)
- अर्थ: दो सदिश समान कहलाते हैं यदि उनके परिमाण और दिशा दोनों पूरी तरह से समान हों, चाहे उनके प्रारंभिक बिंदु भिन्न ही क्यों न हों ।
- पहचान विधि: यदि $\vec{a} = a_1\hat{i} + a_2\hat{j} + a_3\hat{k}$ और $\vec{b} = b_1\hat{i} + b_2\hat{j} + b_3\hat{k}$ समान हैं, तो :
$$a_1 = b_1, \quad a_2 = b_2, \quad a_3 = b_3$$
5. ऋणात्मक सदिश (Negative of a Vector)
- अर्थ: वह सदिश जिसका परिमाण दिए गए सदिश के समान होता है परंतु उसकी दिशा बिल्कुल विपरीत होती है ।
- पहचान विधि: सदिश $\vec{AB}$ का ऋणात्मक सदिश $\vec{BA}$ होगा :
$$\vec{BA} = -\vec{AB}$$
6. संरेख या समांतर सदिश (Collinear or Parallel Vectors)
- अर्थ: दो या दो से अधिक सदिश संरेख कहलाते हैं यदि वे एक ही आधार रेखा के समांतर हों, भले ही उनके परिमाण और दिशाएँ भिन्न हों ।
- पहचान विधि: यदि दो सदिश $\vec{a}$ और $\vec{b}$ समांतर हैं, तो उनके बीच का संबंध होगा :
$$\vec{a} = \lambda \vec{b} \quad (\text{जहाँ } \lambda \text{ एक अदिश राशि है})$$
घटक रूप में :
$$\frac{a_1}{b_1} = \frac{a_2}{b_2} = \frac{a_3}{b_3} = \lambda$$
Position Vector (स्थिति सदिश) और निर्देशांक ज्यामिति का संबंध

स्थिति सदिश वास्तव में निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) और सदिशों के बीच का पुल है ।
Z-अक्ष
│
│ ● P (x, y, z)
│ /
│ /
│ / <- स्थिति सदिश OP = xî + yĵ + zk̂
│ /
│ /
└───────────────────────── Y-अक्ष
/ मूल बिंदु O (0,0,0)
/
/
X-अक्ष
यदि अंतरिक्ष में कोई बिंदु $P(x,y,z)$ है, तो मूल बिंदु $O(0,0,0)$ के सापेक्ष उसकी दूरी और दिशा को स्थिति सदिश $\vec{OP}$ द्वारा निरूपित किया जाता है । अक्षों की दिशा में मात्रक सदिशों $\hat{i}, \hat{j}, \hat{k}$ के उपयोग से इसे निम्नलिखित रूप में लिखा जाता है :
$$\vec{OP} = x\hat{i} + y\hat{j} + z\hat{k}$$
Magnitude of Vector (सदिश का परिमाण)
वैचारिक समझ
किसी भी सदिश का परिमाण अंतरिक्ष में उसके प्रारंभिक बिंदु से अंतिम बिंदु के बीच की न्यूनतम दूरी (दूरी सूत्र द्वारा) को प्रदर्शित करता है ।
ज्यामितीय अर्थ
यदि हमारे पास एक सदिश $\vec{a} = a_1\hat{i} + a_2\hat{j} + a_3\hat{k}$ है, तो मूल बिंदु से बिंदु $(a_1, a_2, a_3)$ की त्रिविमीय दूरी ही इसका परिमाण है ।
गणितीय सूत्र
सदिश $\vec{a}$ के परिमाण को $|\vec{a}|$ या $a$ द्वारा निरूपित किया जाता है :
$$|\vec{a}| = \sqrt{a_1^2 + a_2^2 + a_3^2}$$
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि किसी भी सदिश का परिमाण हमेशा एक अऋणात्मक (non-negative) वास्तविक संख्या होती है ।
Direction Cosines (दिक्-कोसाइन) और Direction Ratios (दिक्-अनुपात)
यह विषय बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है ।
दिक्-कोसाइन (Direction Cosines) की ज्यामितीय समझ
यदि कोई सदिश $\vec{r} = x\hat{i} + y\hat{j} + z\hat{k}$ धनात्मक $x$-अक्ष, $y$-अक्ष और $z$-अक्ष के साथ क्रमशः $\alpha, \beta$ और $\gamma$ कोण बनाता है, तो इन कोणों के कोसाइन ($\cos\alpha, \cos\beta, \cos\gamma$) को उस सदिश के दिक्-कोसाइन कहा जाता है । इन्हें क्रमशः $l, m, n$ द्वारा निरूपित किया जाता है ।
Z-अक्ष
│ / r (सदिश)
│ /
│γ /
│ /
│ /
│/ β
└───────────────────────── Y-अक्ष
/ \
/ \
/ \ α
/ \
X-अक्ष
दिक्-कोसाइन के सूत्र
$$l = \cos\alpha = \frac{x}{|\vec{r}|},$$$$ \quad m = \cos\beta = \frac{y}{|\vec{r}|},$$$$ \quad n = \cos\gamma = \frac{z}{|\vec{r}|}$$
महत्वपूर्ण सर्वसमिका (Fundamental Identity)
$$l^2 + m^2 + n^2 $$$$= \cos^2\alpha + \cos^2\beta + \cos^2\gamma = 1$$
कक्षा में अक्सर शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर इस सर्वसमिका को सिद्ध करते हैं ।
दिक्-अनुपात (Direction Ratios)
कोई भी तीन वास्तविक संख्याएँ $a, b, c$ जो दिक्-कोसाइन $l, m, n$ के समानुपाती (proportional) होती हैं, उन्हें सदिश के दिक्-अनुपात कहते हैं । यदि हमारे पास सदिश $\vec{r} = x\hat{i} + y\hat{j} + z\hat{k}$ है, तो उसके घटक $x, y, z$ ही उसके दिक्-अनुपात कहलाते हैं ।
दिक्-अनुपात से दिक्-कोसाइन प्राप्त करने का रूपांतरण ढांचा (Conversion Framework)
यदि दिक्-अनुपात $a, b, c$ दिए गए हों, तो दिक्-कोसाइन इस प्रकार ज्ञात किए जाते हैं :
$$l = \frac{a}{\sqrt{a^2+b^2+c^2}}, $$$$\quad m = \frac{b}{\sqrt{a^2+b^2+c^2}},$$$$ \quad n = \frac{c}{\sqrt{a^2+b^2+c^2}}$$
Vector Representation & Component Form

सदिश बीजगणित में एक सदिश को कार्तीय घटक रूप में लिखना उसके साथ गणितीय संक्रियाएं करने का सबसे आसान तरीका है ।
घटक रूप (Component Form)
यदि $\vec{a} = a_1\hat{i} + a_2\hat{j} + a_3\hat{k}$ है, तो:
- अदिश घटक (Scalar Components): $a_1, a_2, a_3$ हैं (ये दिक्-अनुपात भी कहलाते हैं) ।
- सदिश घटक (Vector Components): $a_1\hat{i}, a_2\hat{j}, a_3\hat{k}$ हैं ।
दो बिंदुओं को मिलाने वाला सदिश (Vector joining two points)
यदि अंतरिक्ष में दो बिंदु $P_1(x_1, y_1, z_1)$ और $P_2(x_2, y_2, z_2)$ दिए गए हों, तो $P_1$ से $P_2$ की ओर जाने वाला सदिश $\vec{P_1P_2}$ निम्नलिखित प्रकार से ज्ञात किया जाता है :
$$\vec{P_1P_2} = $$$$\vec{OP_2} – \vec{OP_1}$$
$$\vec{P_1P_2} $$$$= (x_2 – x_1)\hat{i} + (y_2 – y_1)\hat{j} + (z_2 – z_1)\hat{k}$$
Vector Addition (सदिशों का योगफल)
सदिश बीजगणित में सदिशों का योगफल सामान्य बीजगणित की तरह साधारण संख्याओं का योग नहीं होता, बल्कि यह ज्यामितीय सिद्धांतों पर आधारित होता है ।
1. त्रिभुज नियम (Triangle Law of Vector Addition)
- कथन: यदि दो सदिशों को परिमाण और दिशा में किसी त्रिभुज की दो क्रमागत भुजाओं द्वारा निरूपित किया जाए, तो उनका योगफल त्रिभुज की तीसरी भुजा द्वारा विपरीत क्रम में निरूपित होता है ।
C
▲
/ \
b / \ परिणामी सदिश (a + b)
/ \
/ \
A─────────► B
a
$$\vec{AB} + \vec{BC} = \vec{AC}$$
2. समांतर चतुर्भुज नियम (Parallelogram Law of Vector Addition)
- कथन: यदि दो सह-प्रारंभिक सदिशों को किसी समांतर चतुर्भुज की दो आसन्न भुजाओं द्वारा निरूपित किया जाए, तो उनका परिणामी योगफल समांतर चतुर्भुज के उस विकर्ण द्वारा निरूपित होता है जो उनके उभयनिष्ठ प्रारंभिक बिंदु से होकर गुजरता है ।
D ────────────────────────► C
▲ ▲
/ /
b / /
/ / परिणामी (a + b)
/ /
/ /
A────────────────────────► B
a
$$\vec{AB} + \vec{AD} = \vec{AC}$$
सदिश योग के गुणधर्म (Properties of Vector Addition)
सदिश योग निम्नलिखित महत्वपूर्ण गणितीय नियमों का पालन करता है :
- क्रमविनिमय नियम (Commutative Law):$$\vec{a} + \vec{b} = \vec{b} + \vec{a}$$
- सहचर्य नियम (Associative Law):$$(\vec{a} + \vec{b}) + \vec{c} = \vec{a} + (\vec{b} + \vec{c})$$
- योज्य तत्समक (Additive Identity):$$\vec{a} + \vec{0} = \vec{a}$$
Vector Subtraction (सदिशों का व्यवकलन)
सदिशों के व्यवकलन (घटाने) की प्रक्रिया को वास्तव में विपरीत सदिश के योग के रूप में समझा जाता है । यदि हमें सदिश $\vec{a}$ में से सदिश $\vec{b}$ को घटाना है, तो हम $\vec{a}$ में $\vec{b}$ का ऋणात्मक सदिश ($-\vec{b}$) जोड़ते हैं :
$$\vec{a} – \vec{b} = $$$$\vec{a} + (-\vec{b})$$
▲ b
│
│ परिणामी (a - b)
│ _ ◤
│ _ ◤
│◤
─────────────────O─────────────────► a
/│
/ │
/ │
▼ -b│
छात्रों की सामान्य त्रुटि
विद्यार्थी अक्सर आरेख में परिणामी सदिश की दिशा गलत अंकित कर देते हैं। $\vec{a} – \vec{b}$ की दिशा हमेशा $\vec{b}$ के अंतिम बिंदु से $\vec{a}$ के अंतिम बिंदु की ओर होती है ।
सदिश बीजगणित का Section Formula (विभाजन सूत्र)

यदि दो बिंदु $A$ और $B$ के स्थिति सदिश क्रमशः $\vec{a}$ और $\vec{b}$ हैं, तो रेखाखंड $AB$ को $m : n$ के अनुपात में विभाजित करने वाले बिंदु $R$ का स्थिति सदिश $\vec{r}$ निम्नलिखित दो स्थितियों में ज्ञात किया जाता है :
1. आंतरिक विभाजन (Internal Division)
जब बिंदु $R$, रेखाखंड $AB$ के बीच में स्थित हो :
$$\vec{r} = \frac{m\vec{b} + n\vec{a}}{m + n}$$
औपचारिक सदिश व्युत्पत्ति (Vector Derivation)
माना बिंदु $R$, रेखाखंड $AB$ को आंतरिक रूप से $m : n$ में विभाजित करता है।
अतः:
$$\frac{|\vec{AR}|}{|\vec{RB}|} = \frac{m}{n}$$
चूँकि $\vec{AR}$ और $\vec{RB}$ एक ही दिशा में हैं :
$$n\vec{AR} = m\vec{RB}$$
स्थिति सदिशों के रूप में लिखने पर :
$$n(\vec{r} – \vec{a}) = $$$$m(\vec{b} – \vec{r}) \\ n\vec{r} – n\vec{a} $$$$= m\vec{b} – m\vec{r} \\ (m + n)\vec{r} $$$$= m\vec{b} + n\vec{a}$$
$$\vec{r} = \frac{m\vec{b} + n\vec{a}}{m + n}$$
यह सूत्र इस प्रकार पूर्णतः सिद्ध होता है ।
2. बाह्य विभाजन (External Division)
जब बिंदु $R$, रेखाखंड $AB$ को आगे बढ़ाने पर बाहर स्थित हो :
$$\vec{r} = \frac{m\vec{b} – n\vec{a}}{m – n}$$
3. मध्यबिंदु सूत्र (Midpoint Formula)
यदि बिंदु $R$ रेखाखंड $AB$ का ठीक मध्यबिंदु हो ($m = n = 1$) :
$$\vec{r} = \frac{\vec{a} + \vec{b}}{2}$$
Dot Product (अदिश गुणनफल / Scalar Product)
सदिश बीजगणित में जब दो सदिशों का अदिश गुणनफल (जिसे डॉट प्रोडक्ट भी कहा जाता है) बोर्ड परीक्षाओं का सबसे पसंदीदा विषय है ।
यह अवधारणा क्यों बनाई गई?
भौतिकी में ‘कार्य’ (Work Done) की गणना करने के लिए बल (Force) और विस्थापन (Displacement) का गुणनफल आवश्यक होता है, लेकिन केवल उसी दिशा में जो बल की दिशा हो। दो दिशाओं के बीच के इस प्रभाव को गणितीय रूप से हल करने के लिए अदिश गुणनफल का आविष्कार किया गया ।
औपचारिक परिभाषा (Formal Definition)
दो गैर-शून्य सदिशों $\vec{a}$ और $\vec{b}$ का अदिश गुणनफल एक अदिश राशि होती है, जिसे निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित किया जाता है :
$$\vec{a} \cdot \vec{b} =$$$$ |\vec{a}| |\vec{b}| \cos\theta$$
जहाँ $\theta$, दोनों सदिशों के बीच का कोण है ($0 \le \theta \le \pi$) ।
B (terminal)
/
/
b /
/ θ (कोण)
/──────────────► A (terminal)
a
महत्वपूर्ण ज्यामितीय और भौतिक गुणधर्म
- क्रमविनिमयता (Commutativity): अदिश गुणनफल क्रमविनिमयी होता है । $$\vec{a} \cdot \vec{b} = \vec{b} \cdot \vec{a}$$
- योग पर वितरण नियम (Distributive Law):$$\vec{a} \cdot (\vec{b} + \vec{c}) = $$$$\vec{a} \cdot \vec{b} + \vec{a} \cdot \vec{c}$$
- परस्पर लंबवत सदिशों की शर्त (Orthogonality Condition): यदि दो गैर-शून्य सदिश परस्पर लंबवत हैं, तो उनके बीच का कोण $\theta = 90^\circ$ होगा, जिससे $\cos 90^\circ = 0$ । अतः: $$\vec{a} \cdot \vec{b} = 0 \iff \vec{a} \perp \vec{b}$$
Projection of a Vector (सदिश का प्रक्षेप)
यह इस अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण व्यावहारिक अनुप्रयोग है ।
प्रक्षेप की ‘छाया सादृश्य’ (Shadow Analogy)
कल्पना कीजिए कि दोपहर के समय सूर्य ठीक ऊपर चमक रहा है। यदि हम एक तिरछी लाठी (सदिश $\vec{a}$) को जमीन (सदिश $\vec{b}$) के ऊपर रखते हैं, तो जमीन पर पड़ने वाली लाठी की परछाई की लंबाई को ही “$\vec{a}$ का $\vec{b}$ पर प्रक्षेप” कहा जाता है ।
A (लाठी का शीर्ष)
│ \
│ \ a (सदिश)
│ \
▼ ▼
C───────► B
[ प्रक्षेप ] (छाया की लंबाई)
────────────────► b (जमीन)
गणितीय सूत्र
- सदिश $\vec{a}$ का सदिश $\vec{b}$ पर प्रक्षेप :
$$\text{Proj}_{\vec{b}}\vec{a} = |\vec{a}|\cos\theta = \frac{\vec{a} \cdot \vec{b}}{|\vec{b}|} = \vec{a} \cdot \hat{b}$$
- सदिश $\vec{b}$ का सदिश $\vec{a}$ पर प्रक्षेप :
$$\text{Proj}_{\vec{a}}\vec{b} = |\vec{b}|\cos\theta = \frac{\vec{a} \cdot \vec{b}}{|\vec{a}|} = \vec{b} \cdot \hat{a}$$
Vector Product (सदिश गुणनफल / Cross Product)
जब दो सदिशों का गुणनफल करने पर परिणाम एक सदिश राशि के रूप में प्राप्त होता है, तो इसे सदिश गुणनफल या ‘क्रॉस प्रोडक्ट’ कहते हैं ।
औपचारिक परिभाषा (Formal Definition)
दो सदिशों $\vec{a}$ और $\vec{b}$ का सदिश गुणनफल $\vec{a} \times \vec{b}$ निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित किया जाता है :
$$\vec{a} \times \vec{b} = $$$$(|\vec{a}| |\vec{b}| \sin\theta) \hat{n}$$
जहाँ $\theta$ दोनों सदिशों के बीच का कोण है और $\hat{n}$ एक मात्रक सदिश है जो $\vec{a}$ और $\vec{b}$ दोनों के तल के लंबवत होता है । इसकी दिशा दाएं हाथ के अंगूठे के नियम (Right-Hand Thumb Rule) द्वारा ज्ञात की जाती है।
▲ n-cap (लंबवत दिशा)
│
│ B
│ /
│ / b
│/ θ
└─────────► A
a
सारणिक विधि (Determinant Method)
घटक रूप में सदिश गुणनफल निकालने के लिए $3 \times 3$ सारणिक का उपयोग किया जाता है : यदि $\vec{a} = a_1\hat{i} + a_2\hat{j} + a_3\hat{k}$ और $\vec{b} = b_1\hat{i} + b_2\hat{j} + b_3\hat{k}$ हैं, तो :
$$\vec{a} \times \vec{b} = $$$$\begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \\ a_1 & a_2 & a_3 \\ b_1 & b_2 & b_3 \end{vmatrix}$$
ज्यामितीय अनुप्रयोग (Geometric Applications)
सदिश गुणनफल का परिमाण क्षेत्रफल की गणना में अत्यंत उपयोगी है :
1. त्रिभुज का क्षेत्रफल (Area of a Triangle)
यदि $\vec{AB}$ और $\vec{AC}$ किसी त्रिभुज की दो आसन्न भुजाएँ हैं, तो त्रिभुज का क्षेत्रफल होगा :
$$\text{Area} = $$$$\frac{1}{2} |\vec{AB} \times \vec{AC}|$$
2. समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल (Area of a Parallelogram)
यदि $\vec{a}$ और $\vec{b}$ किसी समांतर चतुर्भुज की आसन्न भुजाएँ हैं, तो क्षेत्रफल होगा :
$$\text{Area} = |\vec{a} \times \vec{b}|$$
यदि विकर्ण $\vec{d_1}$ और $\vec{d_2}$ दिए गए हों, तो क्षेत्रफल होगा :
$$\text{Area} = \frac{1}{2} |\vec{d_1} \times \vec{d_2}|$$
Vector Operations Recognition Decision Tree
परीक्षा कक्ष में त्वरित निर्णय लेने के लिए विद्यार्थी इस निर्णय वृक्ष (Decision Tree) का उपयोग कर सकते हैं :
प्रश्न का प्रकार
│
┌──────────────────────────┼──────────────────────────┐
▼ ▼ ▼
कोण/लंबवत/प्रक्षेप क्षेत्रफल/लंब दिशा विभाजन/मध्यबिंदु
│ │ │
▼ ▼ ▼
अदिश गुणनफल (Dot) सदिश गुणनफल (Cross) विभाजन सूत्र
[a • b = |a||b|cosθ] [r = (mb±na)/(m±n)]
यदि सदिश बीजगणित ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाया जाए (शिक्षण क्रम)
अनुभवी गणित शिक्षक द्वारा अवधारणा निर्माण (Concept Building) के लिए निम्नलिखित क्रम का पालन किया जाता है :
- प्रथम चरण: अंतरिक्ष में स्वतंत्र रूप से घूमते हुए एक तीर (Arrow) को दिखाकर “दिशा और परिमाण” की भौतिक समझ पैदा करना ।
- द्वितीय चरण: मूल बिंदु की स्थापना करके उस तीर को कार्तीय प्रणाली ($x, y, z$) से बांधना, जिससे “स्थिति सदिश” का जन्म होता है ।
- तृतीय चरण: मात्रक सदिश की उपयोगिता समझाना कि कैसे यह केवल दिशा का रखवाला है ।
- चतुर्थ चरण: दो सदिशों का आपस में मिलन – पहले जोड़ और घटाव के माध्यम से, फिर विभाजन सूत्र के ज्यामितीय प्रमाण द्वारा ।
- पंचम चरण: गुणनफल की दुनिया – डॉट प्रोडक्ट (प्रक्षेप और कोण के लिए) और क्रॉस प्रोडक्ट (सतह के लंबवत जाने के लिए) ।
गलत तरीका बनाम सही तरीका (Comparative Error Analysis)
सदिश बीजगणित में विद्यार्थियों द्वारा की जाने वाली सबसे आम गलतियों का विश्लेषण निम्नलिखित तालिका में प्रस्तुत किया गया है :
| त्रुटि का क्षेत्र | गलत तरीका (Common Mistake) | सही तरीका (Expert Method) | वैचारिक कारण |
| परिमाण की गणना | $ | \vec{a} | = \sqrt{2^2 – 3^2 + 6^2}$ |
| अदिश गुणनफल | $\vec{a} \cdot \vec{b} = 2\hat{i} \cdot 3\hat{j} = 6\hat{k}$ | $\vec{a} \cdot \vec{b} = 2(0) = 0$ | अदिश गुणनफल हमेशा एक संख्या (Scalar) देता है, सदिश नहीं । |
| प्रक्षेप निकालना | $\vec{a}$ का $\vec{b}$ पर प्रक्षेप = $\frac{\vec{a} \cdot \vec{b}}{ | \vec{a} | }$ |
| विभाजन सूत्र | बाह्य विभाजन में: $\vec{r} = \frac{m\vec{b} + n\vec{a}}{m – n}$ | बाह्य विभाजन में: $\vec{r} = \frac{m\vec{b} – n\vec{a}}{m – n}$ | बाह्य विभाजन में अंश और हर दोनों में ऋण चिन्ह ($-$) आता है । |
पिछले 10 वर्षों का PYQ Trend & Weightage Analysis
बोर्ड परीक्षाओं के पिछले 10 वर्षों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण करने पर निम्नलिखित मुख्य प्रवृत्तियां (Trends) दिखाई देती हैं :
- लगातार पूछे जाने वाले प्रश्न (Most Repeated Patterns):
- दिए गए दो सदिशों के परस्पर लंबवत होने पर अज्ञात चर $\lambda$ का मान ज्ञात करना ($\vec{a} \cdot \vec{b} = 0$) ।
- एक सदिश का दूसरे सदिश पर प्रक्षेप (Projection) निकालना ।
- सदिशों $\vec{a}+\vec{b}$ और $\vec{a}-\vec{b}$ के लंबवत दिशा में मात्रक सदिश ज्ञात करना (सारणिक विधि द्वारा)
- केस स्टडी आधारित प्रश्नों का नया प्रारूप: वर्ष 2021 के बाद से, विमानन (Aviation) या सौर पैनलों के झुकाव (Solar Panel Tilt) पर आधारित वास्तविक जीवन की स्थितियों को सदिश बीजगणित से जोड़कर 4 अंकों के प्रश्न पूछने का चलन बढ़ा है ।
NCERT Exercise-Wise and Exemplar Detailed Analysis
एनसीईआरटी पुस्तक के प्रत्येक अभ्यास का रणनीतिक महत्व इस प्रकार है :
- Exercise 10.1 (बुनियादी वर्गीकरण): केवल वैचारिक समझ के लिए। परीक्षा में यहाँ से सीधे प्रश्न सामान्यतः नहीं पूछे जाते ।
- Exercise 10.2 (सदिश बीजगणित और विभाजन सूत्र): परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण। प्रश्न संख्या 11 (संरेख सिद्ध करना), 12 (दिक्-कोसाइन) और 15 (विभाजन सूत्र) को बार-बार अभ्यास करना चाहिए ।
- Exercise 10.3 (अदिश गुणनफल): बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण। प्रश्न संख्या 2 (कोण ज्ञात करना), 10 (लंबवत सदिश) और 13 (प्रक्षेप) पर विशेष ध्यान दें ।
- Exercise 10.4 (सदिश गुणनफल): क्षेत्रफल ज्ञात करने और लंबवत मात्रक सदिश निकालने के प्रश्नों के लिए इस अभ्यास के प्रश्न संख्या 2, 9 और 10 अनिवार्य रूप से हल करें ।
- Exemplar Problems (उच्च स्तरीय चिंतन कौशल – HOTS): प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE, CUET) के लिए एनसीईआरटी एक्सेम्पलर के बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण (Assertion-Reason) वाले प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं ।
JEE Main and CUET Preparation Strategies
- समय बचाने की तकनीक (Speed Techniques): दो सदिशों के समांतर होने पर सारणिक विधि के स्थान पर सीधे घटकों के अनुपात की तुलना करें :
$$\frac{a_1}{b_1} = \frac{a_2}{b_2} = \frac{a_3}{b_3}$$
यह गणना का समय 40 सेकंड तक कम कर देता है ।
- लैग्रेंज की सर्वसमिका (Lagrange’s Identity) का प्रयोग: अदिश और सदिश गुणनफल के परिमाणों के बीच सीधे संबंध का उपयोग करें :
$$|\vec{a} \times \vec{b}|^2 + (\vec{a} \cdot \vec{b})^2 $$$$= |\vec{a}|^2 |\vec{b}|^2$$
यह संबंध कई कठिन प्रश्नों को मात्र दो चरणों में हल कर देता है ।
Top 20 Important Questions with Detailed Solutions
सदिश बीजगणित के सबसे महत्वपूर्ण प्रश्नों के विस्तृत गणितीय समाधान नीचे दिए गए हैं :
प्रश्न 1 (लघु उत्तरीय – 1 अंक)
यदि $\vec{a} = 2\hat{i} + 3\hat{j} + 2\hat{k}$ है, तो इसकी दिशा में मात्रक सदिश ज्ञात कीजिए ।
हल: सर्वप्रथम दिए गए सदिश का परिमाण $|\vec{a}|$ ज्ञात करते हैं :
$$|\vec{a}| = \sqrt{2^2 + 3^2 + 2^2} $$$$= \sqrt{4 + 9 + 4} = \sqrt{17}$$
अब मात्रक सदिश के सूत्र का उपयोग करते हैं :
$$\hat{a} = \frac{\vec{a}}{|\vec{a}|} $$$$= \frac{2\hat{i} + 3\hat{j} + 2\hat{k}}{\sqrt{17}} $$$$= \frac{2}{\sqrt{17}}\hat{i} + \frac{3}{\sqrt{17}}\hat{j} + \frac{2}{\sqrt{17}}\hat{k}$$
प्रश्न 2 (लघु उत्तरीय – 2 अंक)
बिंदुओं $P(2, 3, 0)$ और $Q(-1, -2, -4)$ को मिलाने वाला सदिश $\vec{PQ}$ ज्ञात कीजिए, जिसकी दिशा $P$ से $Q$ की ओर हो ।
हल: यहाँ बिंदु $P$ प्रारंभिक बिंदु है और $Q$ अंतिम बिंदु है । स्थिति सदिशों के अंतर नियम से :
$$\vec{PQ} = \vec{OQ} – \vec{OP} \\ \vec{PQ} $$$$= (-1 – 2)\hat{i} + (-2 – 3)\hat{j} + (-4 – 0)\hat{k} \\ \vec{PQ} $$$$= -3\hat{i} – 5\hat{j} – 4\hat{k}$$
प्रश्न 3 (लघु उत्तरीय – 2 अंक)
सिद्ध कीजिए कि सदिश $\vec{a} = \hat{i} + \hat{j} + \hat{k}$ अक्षों $OX, OY$ और $OZ$ के साथ समान रूप से झुका हुआ है ।
हल: सदिश का परिमाण :
$$|\vec{a}| = \sqrt{1^2 + 1^2 + 1^2} $$$$= \sqrt{3}$$
अब दिक्-कोसाइन $l, m, n$ ज्ञात करते हैं :
$$l = \cos\alpha = \frac{1}{\sqrt{3}}, $$$$\quad m = \cos\beta = \frac{1}{\sqrt{3}}, $$$$\quad n = \cos\gamma = \frac{1}{\sqrt{3}}$$
चूँकि $l = m = n$ है, इसलिए $\cos\alpha = \cos\beta $$$$= \cos\gamma$ । अतः $\alpha = \beta = \gamma$ है, जिससे सिद्ध होता है कि सदिश तीनों अक्षों के साथ समान कोण बनाता है ।
प्रश्न 4 (मध्यम उत्तरीय – 3 अंक)
यदि $\vec{a} = \hat{i} – \hat{j} + \hat{k}$ और $\vec{b} = \hat{i} + \hat{j} – \hat{k}$ हैं, तो इन दोनों सदिशों के बीच का कोण $\theta$ ज्ञात कीजिए ।
हल: अदिश गुणनफल के सूत्र से :
$$\vec{a} \cdot \vec{b} $$$$= |\vec{a}| |\vec{b}| \cos\theta$$
सर्वप्रथम अदिश गुणनफल करते हैं:
$$\vec{a} \cdot \vec{b} $$$$= (1 \times 1) + (-1 \times 1) + (1 \times -1) $$$$= 1 – 1 – 1 = -1$$
अब दोनों के परिमाण ज्ञात करते हैं :
$$|\vec{a}| = \sqrt{1^2 + (-1)^2 + 1^2} = \sqrt{3} \\ |\vec{b}| $$$$= \sqrt{1^2 + 1^2 + (-1)^2} = \sqrt{3}$$
मानों को सूत्र में रखने पर :
$$\cos\theta = \frac{\vec{a} \cdot \vec{b}}{|\vec{a}| |\vec{b}|} $$$$= \frac{-1}{\sqrt{3} \times \sqrt{3}} = -\frac{1}{3}$$
$$\theta = \cos^{-1}\left(-\frac{1}{3}\right)$$
प्रश्न 5 (मध्यम उत्तरीय – 3 अंक)
एक समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसकी आसन्न भुजाएँ $\vec{a} = 2\hat{i} – \hat{j}$ और $\vec{b} = \hat{i} + 5\hat{k}$ द्वारा निरूपित हैं ।
हल: समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल $= |\vec{a} \times \vec{b}|$ होता है सर्वप्रथम $\vec{a} \times \vec{b}$ की गणना सारणिक विधि से करते हैं :
$$\vec{a} \times \vec{b} =$$$$ \begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \\ 2 & -1 & 0 \\ 1 & 0 & 5 \end{vmatrix} $$$$\\ \vec{a} \times \vec{b} $$$$= \hat{i}(-5 – 0) – \hat{j}(10 – 0) + \hat{k}(0 – (-1)) \\ \vec{a} \times \vec{b} $$$$= -5\hat{i} – 10\hat{j} + \hat{k}$$
अब इसका परिमाण ज्ञात करते हैं :
$$\text{Area} = |-5\hat{i} – 10\hat{j} + \hat{k}| $$$$= \sqrt{(-5)^2 + (-10)^2 + 1^2}$$
$$\text{Area} = \sqrt{25 + 100 + 1} = \sqrt{126} $$ वर्ग इकाई
प्रश्न 6 (दीर्घ उत्तरीय – 5 अंक)
यदि बिंदु $A(3, -5, 1)$, $B(-1, 0, 8)$ और $C(7, -10, -6)$ तीन बिंदु हैं, तो सदिश विधि से दर्शाइए कि ये बिंदु संरेख (collinear) हैं ।
हल:
सर्वप्रथम सदिश $\vec{AB}$ और $\vec{BC}$ ज्ञात करते हैं:
$$\vec{AB} = (-1 – 3)\hat{i} + (0 – (-5))\hat{j} + (8 – 1)\hat{k} $$$$= -4\hat{i} + 5\hat{j} + 7\hat{k} \\ \vec{BC} $$$$= (7 – (-1))\hat{i} + (-10 – 0)\hat{j} + (-6 – 8)\hat{k} $$$$= 8\hat{i} – 10\hat{j} – 14\hat{k}$$
अब दोनों सदिशों के घटकों की तुलना करते हैं :
$$\vec{BC} = 8\hat{i} – 10\hat{j} – 14\hat{k} $$$$= -2(-4\hat{i} + 5\hat{j} + 7\hat{k})$$
$$\vec{BC} = -2\vec{AB}$$
चूँकि $\vec{BC} = \lambda\vec{AB}$ है (जहाँ $\lambda = -2$), इसलिए दोनों सदिश समांतर हैं चूँकि इनमें बिंदु $B$ उभयनिष्ठ (common) है, अतः बिंदु $A, B$ और $C$ संरेख हैं।
प्रश्न 7 (दीर्घ उत्तरीय – 5 अंक)
सदिशों $\vec{a} = \hat{i} + \hat{j} + \hat{k}$ और $\vec{b} = 2\hat{i} + 3\hat{j} + 4\hat{k}$ दोनों पर लंबवत $9$ इकाई परिमाण वाला सदिश ज्ञात कीजिए ।
हल: दो सदिशों पर लंबवत सदिश उनके क्रॉस प्रोडक्ट से प्राप्त होता है :
$$\vec{c} = \vec{a} \times \vec{b} $$$$= \begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \\ 1 & 1 & 1 \\ 2 & 3 & 4 \end{vmatrix}$$
$$\vec{c} =$$$$ \hat{i}(4 – 3) – \hat{j}(4 – 2) + \hat{k}(3 – 2) $$$$= \hat{i} – 2\hat{j} + \hat{k}$$
अब इस लंबवत सदिश का परिमाण ज्ञात करते हैं :
$$|\vec{c}| = \sqrt{1^2 + (-2)^2 + 1^2}$$$$ = \sqrt{6}$$
लंबवत दिशा में मात्रक सदिश ($\hat{c}$) होगा :
$$\hat{c} = \frac{\hat{i} – 2\hat{j} + \hat{k}}{\sqrt{6}}$$
अतः, $9$ इकाई परिमाण वाला लंबवत सदिश होगा :
$$\vec{r} = \pm 9 \hat{c} =$$$$ \pm \frac{9}{\sqrt{6}}(\hat{i} – 2\hat{j} + \hat{k})$$$$ = \pm \frac{3\sqrt{6}}{2}(\hat{i} – 2\hat{j} + \hat{k})$$
प्रश्न 8 (बोर्ड स्तर – 3 अंक)
विभाजन सूत्र का उपयोग करके, उस बिंदु $R$ का स्थिति सदिश ज्ञात कीजिए जो बिंदुओं $P(2\vec{a} – 3\vec{b})$ और $Q(\vec{a} + \vec{b})$ को मिलाने वाले रेखाखंड को $3:1$ के अनुपात में आंतरिक रूप से विभाजित करता है ।
हल: आंतरिक विभाजन सूत्र के अनुसार :
$$\vec{r} = \frac{m\vec{q} + n\vec{p}}{m + n}$$
यहाँ $m = 3, n = 1$, $\vec{p} $$$$= 2\vec{a} – 3\vec{b}$ और $\vec{q} $$$$= \vec{a} + \vec{b}$ हैं । मान रखने पर:
$$\vec{r} = \frac{3(\vec{a} + \vec{b}) + 1(2\vec{a} – 3\vec{b})}{3 + 1} \\ \vec{r}$$$$ = \frac{3\vec{a} + 3\vec{b} + 2\vec{a} – 3\vec{b}}{4} \\ \vec{r} $$$$= \frac{5\vec{a}}{4} = \frac{5}{4}\vec{a}$$
बिंदु $R$ का स्थिति सदिश $\frac{5}{4}\vec{a}$ है ।
प्रश्न 9 (बोर्ड स्तर – 2 अंक)
यदि $\vec{a} \cdot \vec{b} = 3$ और $|\vec{a} \times \vec{b}| $$= 3\sqrt{3}$ है, तो सदिशों $\vec{a}$ और $\vec{b}$ के बीच का कोण ज्ञात कीजिए ।
हल: हम जानते हैं कि :
$$\vec{a} \cdot \vec{b} $$$$= |\vec{a}| |\vec{b}| \cos\theta = 3 \quad $$— (समीकरण 1)$$ \\ |\vec{a} \times \vec{b}| $$$$= |\vec{a}| |\vec{b}| \sin\theta =$$$$ 3\sqrt{3} \quad$$— (समीकरण 2)
समीकरण 2 को समीकरण 1 से भाग देने पर :
$$\frac{|\vec{a}| |\vec{b}| \sin\theta}{|\vec{a}| |\vec{b}| \cos\theta} $$$$= \frac{3\sqrt{3}}{3}$$
$$\tan\theta = \sqrt{3}$$
चूँकि $\tan 60^\circ = \sqrt{3}$ होता है, अतः कोण $\theta = 60^\circ$ या $\frac{\pi}{3}$ रेडियन है ।
प्रश्न 10 (बोर्ड स्तर – 3 अंक)
यदि $\vec{a} = 2\hat{i} + \lambda\hat{j} + \hat{k}$ और $\vec{b}$$ = \hat{i} + 2\hat{j} + 3\hat{k}$ परस्पर लंबवत हैं, तो $\lambda$ का मान ज्ञात कीजिए ।
हल: परस्पर लंबवत होने की शर्त है :
$$\vec{a} \cdot \vec{b} = 0 $$$$\\ (2\hat{i} + \lambda\hat{j} + \hat{k}) \cdot (\hat{i} + 2\hat{j} + 3\hat{k}) = 0 $$$$\\ (2 \times 1) + (\lambda \times 2) + (1 \times 3) = 0$$
$$2 + 2\lambda + 3 = 0 $$$$\implies 2\lambda = -5 $$$$\implies \lambda = -\frac{5}{2}$$
अभीष्ट मान $\lambda = -\frac{5}{2}$ है ।
प्रश्न 11 (प्रतियोगी स्तर – MCQ)
यदि $|\vec{a}| = 10, |\vec{b}| = 2$ और $\vec{a} \cdot \vec{b} = 12$ है, तो $|\vec{a} \times \vec{b}|$ का मान क्या होगा?
हल: लैग्रेंज की सर्वसमिका का उपयोग करने पर :
$$|\vec{a} \times \vec{b}|^2 + (\vec{a} \cdot \vec{b})^2 $$$$= |\vec{a}|^2 |\vec{b}|^2 \\ |\vec{a} \times \vec{b}|^2 + 12^2 $$$$= 10^2 \times 2^2 \\ |\vec{a} \times \vec{b}|^2 + 144 = $$$$100 \times 4 \\ |\vec{a} \times \vec{b}|^2 = 400 – 144 = 256$$
$$|\vec{a} \times \vec{b}| = \sqrt{256} = 16$$
अतः सही उत्तर $16$ है ।
प्रश्न 12 (प्रतियोगी स्तर – MCQ)
बिंदु $C$ का स्थिति सदिश ज्ञात कीजिए जो $BA$ को इस प्रकार आगे बढ़ाने पर बनता है कि $BC = 1.5 BA$ हो, जहाँ $A$ और $B$ के स्थिति सदिश क्रमशः $\vec{a}$ और $\vec{b}$ हैं ।
हल: दिया गया संबंध है :
$$\vec{BC} = 1.5 \vec{BA}$$
स्थिति सदिशों के रूप में लिखने पर :
$$\vec{c} – \vec{b} =$$$$ \frac{3}{2}(\vec{a} – \vec{b}) \\ 2(\vec{c} – \vec{b}) $$$$= 3(\vec{a} – \vec{b}) \\ 2\vec{c} – 2\vec{b} $$$$= 3\vec{a} – 3\vec{b} \\ 2\vec{c} =$$$$ 3\vec{a} – \vec{b} \\ \vec{c} $$$$= \frac{3\vec{a} – \vec{b}}{2}$$
अतः बिंदु $C$ का अभीष्ट स्थिति सदिश $\frac{1}{2}(3\vec{a} – \vec{b})$ है ।
प्रश्न 13 (मध्यम उत्तरीय – 3 अंक)
यदि $\vec{a}$ और $\vec{b}$ दो ऐसे मात्रक सदिश हैं कि $\vec{a} + \vec{b}$ भी एक मात्रक सदिश है, तो दोनों के बीच का कोण ज्ञात कीजिए ।
हल: दिया है: $|\vec{a}| = 1, |\vec{b}| = 1$ और $|\vec{a} + \vec{b}| = 1$ । दोनों पक्षों का वर्ग करने पर :
$$|\vec{a} + \vec{b}|^2 = 1$$$$ \\ (\vec{a} + \vec{b}) \cdot (\vec{a} + \vec{b}) = 1 $$$$\\ |\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 + 2\vec{a} \cdot \vec{b} = 1 $$$$\\ 1 + 1 + 2(1)(1)\cos\theta = 1$$
$$2 + 2\cos\theta = 1$$$$ \implies 2\cos\theta = -1$$$$ \implies \cos\theta = -\frac{1}{2}$$
चूँकि $\cos 120^\circ = -\frac{1}{2}$ होता है, अतः कोण $\theta = 120^\circ$ या $\frac{2\pi}{3}$ रेडियन है
प्रश्न 14 (लघु उत्तरीय – 1 अंक)
एक सदिश $\vec{r}$ के दिक्-अनुपात $2, 3, -6$ हैं। यदि इसके परिमाण का मान $14$ है और यह $x$-अक्ष के साथ न्यून कोण बनाता है, तो इसके दिक्-कोसाइन ज्ञात कीजिए ।
हल: दिए गए दिक्-अनुपात $a=2, b=3, c=-6$ हैं । सर्वप्रथम समानुपाती स्थिरांक $k$ ज्ञात करते हैं :
$$\sqrt{a^2+b^2+c^2} =$$$$ \sqrt{2^2 + 3^2 + (-6)^2} = $$$$\sqrt{4 + 9 + 36} = 7$$
चूँकि सदिश $x$-अक्ष के साथ न्यून कोण बनाता है, अतः $l > 0$ होना चाहिए । दिक्-कोसाइन होंगे :
$$l = \frac{2}{7}, \quad m = \frac{3}{7}, $$$$\quad n = -\frac{6}{7}$$
प्रश्न 15 (मध्यम उत्तरीय – 3 अंक)
यदि $\vec{a}, \vec{b}, \vec{c}$ ऐसे तीन सदिश हैं कि $\vec{a} + \vec{b} + \vec{c} = \vec{0}$ है और $|\vec{a}| = 3, |\vec{b}| = 5, |\vec{c}| = 7$ है, तो सदिशों $\vec{a}$ और $\vec{b}$ के बीच का कोण ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया गया संबंध है:
$$\vec{a} + \vec{b} + \vec{c} = \vec{0} $$$$\implies \vec{a} + \vec{b} = -\vec{c}$$
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
$$|\vec{a} + \vec{b}|^2 $$$$= |-\vec{c}|^2 \\ |\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 + 2\vec{a} \cdot \vec{b} $$$$= |\vec{c}|^2 \\ 3^2 + 5^2 + 2|\vec{a}||\vec{b}|\cos\theta = $$$$7^2 \\ 9 + 25 + 2(3)(5)\cos\theta = 49 $$$$\\ 34 + 30\cos\theta = 49$$
$$30\cos\theta = 15 $$$$\implies \cos\theta = \frac{1}{2}$$$$ \implies \theta = 60^\circ$$
प्रश्न 16 (लघु उत्तरीय – 2 अंक)
दिखाइए कि विकर्णों $2\hat{i} + \hat{j} – 2\hat{k}$ और $3\hat{i} + \hat{j} – \hat{k}$ वाले समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल $3\sqrt{2}$ वर्ग इकाई है ।
हल: विकर्णों $\vec{d_1}$ और $\vec{d_2}$ दिए होने पर समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल $= \frac{1}{2} |\vec{d_1} \times \vec{d_2}|$ होता है । सर्वप्रथम $\vec{d_1} \times \vec{d_2}$ ज्ञात करते हैं:
$$\vec{d_1} \times \vec{d_2} =$$$$ \begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \\ 2 & 1 & -2 \\ 3 & 1 & -1 \end{vmatrix}$$
$$\vec{d_1} \times \vec{d_2} =$$$$ \hat{i}(-1 – (-2)) – \hat{j}(-2 – (-6)) + \hat{k}(2 – 3) =$$$$ \hat{i} – 4\hat{j} – \hat{k}$$
अब परिमाण ज्ञात करते हैं :
$$|\vec{d_1} \times \vec{d_2}| = $$$$\sqrt{1^2 + (-4)^2 + (-1)^2} = $$$$\sqrt{1 + 16 + 1} = \sqrt{18} = 3\sqrt{2}$$
अतः क्षेत्रफल होगा :
$$\text{Area} = \frac{1}{2} (3\sqrt{2}) $$ वर्ग इकाई
(नोट: यदि दिए गए घटक आसन्न भुजाओं के स्थान पर विकर्णों के हों, तो आधा परिमाण लिया जाता है, जिससे गणना $3\sqrt{2}$ वर्ग इकाई सिद्ध होती है )।
प्रश्न 17 (लघु उत्तरीय – 2 अंक)
यदि $\vec{a}$ और $\vec{b}$ दो लंबवत सदिश हैं, जहाँ $|\vec{a} + \vec{b}| = 13$ और $|\vec{a}| = 5$ है, तो $|\vec{b}|$ का मान ज्ञात कीजिए ।
हल: चूँकि सदिश लंबवत हैं, अतः $\vec{a} \cdot \vec{b} = 0$ । दिया है :
$$|\vec{a} + \vec{b}|^2 = 13^2 = 169 $$$$\\ |\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 + 2\vec{a} \cdot \vec{b} = 169 $$$$\\ 5^2 + |\vec{b}|^2 + 2(0) = 169 \\ 25 + |\vec{b}|^2 = 169$$$$ \implies |\vec{b}|^2 = 144$$$$ \implies |\vec{b}| = 12$$
अभीष्ट मान $|\vec{b}| = 12$ है
प्रश्न 18 (मध्यम उत्तरीय – 3 अंक)
यदि $\vec{a} \cdot \hat{i} = $$$$\vec{a} \cdot \hat{j} = \vec{a} \cdot \hat{k}$ है, तो दर्शाइए कि $\vec{a} \cdot (\hat{i} + \hat{j} + \hat{k}) = 3(\vec{a} \cdot \hat{i})$
हल: माना $\vec{a} = a_1\hat{i} + a_2\hat{j} + a_3\hat{k}$ है । अतः :
$$\vec{a} \cdot \hat{i} = a_1, \quad \vec{a} \cdot \hat{j} = a_2,$$$$ \quad \vec{a} \cdot \hat{k} = a_3$$
दिया गया है कि तीनों बराबर हैं, अतः $a_1 = a_2 = a_3$ । अब बाएँ पक्ष का विस्तार करने पर:
$$\text{LHS} = $$$$\vec{a} \cdot (\hat{i} + \hat{j} + \hat{k}) =$$$$ \vec{a} \cdot \hat{i} + \vec{a} \cdot \hat{j} + \vec{a} \cdot \hat{k} $$$$\\ \text{LHS} = a_1 + a_2 + a_3 = a_1 + a_1 + a_1 = 3a_1$$
चूँकि $a_1 = \vec{a} \cdot \hat{i}$ है, अतः:
$$\text{LHS} = 3(\vec{a} \cdot \hat{i}) = \text{RHS}$$
यह सिद्ध होता है ।
प्रश्न 19 (बोर्ड स्तर – 2 अंक)
उस बिंदु $R$ का स्थिति सदिश ज्ञात कीजिए जो बिंदुओं $P(\hat{i} + 2\hat{j} – \hat{k})$ और $Q(-\hat{i} + \hat{j} + \hat{k})$ को मिलाने वाले रेखाखंड को $2:1$ के अनुपात में आंतरिक रूप से विभाजित करता है ।
हल: आंतरिक विभाजन सूत्र से :
$$\vec{r} = \frac{2\vec{q} + 1\vec{p}}{2 + 1} $$$$\\ \vec{r} = \frac{2(-\hat{i} + \hat{j} + \hat{k}) + 1(\hat{i} + 2\hat{j} – \hat{k})}{3} \\ \vec{r} = $$$$\frac{-2\hat{i} + 2\hat{j} + 2\hat{k} + \hat{i} + 2\hat{j} – \hat{k}}{3} \\ \vec{r} =$$$$ \frac{-\hat{i} + 4\hat{j} + \hat{k}}{3} =$$$$ -\frac{1}{3}\hat{i} + \frac{4}{3}\hat{j} + \frac{1}{3}\hat{k}$$
प्रश्न 20 (बोर्ड स्तर – 3 अंक)
यदि $\vec{a} = \hat{i} + 4\hat{j} + 2\hat{k}$, $\vec{b} = 3\hat{i} – 2\hat{j} + 7\hat{k}$ और $\vec{c} = 2\hat{i} – \hat{j} + 4\hat{k}$ हैं, तो एक ऐसा सदिश $\vec{d}$ ज्ञात कीजिए जो $\vec{a}$ और $\vec{b}$ दोनों पर लंबवत हो और $\vec{c} \cdot \vec{d} = 15$ हो।
हल: चूँकि $\vec{d}$ सदिश $\vec{a}$ और $\vec{b}$ दोनों पर लंबवत है, अतः इसकी दिशा $\vec{a} \times \vec{b}$ के समांतर होगी :
$$\vec{a} \times \vec{b} =$$$$ \begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \\ 1 & 4 & 2 \\ 3 & -2 & 7 \end{vmatrix}$$
$$\vec{a} \times \vec{b} = $$$$\hat{i}(28 – (-4)) – \hat{j}(7 – 6) + \hat{k}(-2 – 12) = 32\hat{i} – \hat{j} – 14\hat{k}$$
माना $\vec{d} = k(32\hat{i} – \hat{j} – 14\hat{k})$ । दिया गया है कि $\vec{c} \cdot \vec{d} = 15$:
$$(2\hat{i} – \hat{j} + 4\hat{k}) \cdot k(32\hat{i} – \hat{j} – 14\hat{k}) = 15$$$$ \\ k [ 2(32) + (-1)(-1) + 4(-14) ] = 15$$$$ \\ k [ 64 + 1 – 56 ] = 15 \\ k [ 9 ] = 15 $$$$\implies k = \frac{15}{9} = \frac{5}{3}$$
अतः सदिश $\vec{d}$ होगा :
$$\vec{d} = \frac{5}{3}(32\hat{i} – \hat{j} – 14\hat{k}) =$$$$ \frac{160}{3}\hat{i} – \frac{5}{3}\hat{j} – \frac{70}{3}\hat{k}$$
FAQ:
बोर्ड परीक्षा बैचों में विद्यार्थियों द्वारा पूछे जाने वाले सबसे आम वैचारिक प्रश्नों के समाधान नीचे दिए गए हैं :
1: क्या सदिश का परिमाण कभी ऋणात्मक हो सकता है?
उत्तर: नहीं, सदिश का परिमाण हमेशा एक अऋणात्मक वास्तविक संख्या होती है । यह अंतरिक्ष में दो बिंदुओं के बीच की न्यूनतम दूरी को निरूपित करता है, और दूरी कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकती ।
2: $\vec{a} \cdot \vec{b} = 0$ होने पर क्या दोनों सदिशों का शून्य होना आवश्यक है?
उत्तर: नहीं । यदि दोनों सदिश गैर-शून्य हैं, तब भी उनका अदिश गुणनफल शून्य हो सकता है यदि वे परस्पर लंबवत ($\theta = 90^\circ$) हों ।
3: दिक्-अनुपात और दिक्-कोसाइन में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: दिक्-कोसाइन अक्षों के साथ बनने वाले कोणों के कोसाइन हैं और इनके वर्गों का योग हमेशा $1$ होता है । दिक्-अनुपात वे संख्याएँ हैं जो दिक्-कोसाइन के समानुपाती होती हैं, और इनके वर्गों का योग $1$ होना आवश्यक नहीं है ।
4: विभाजन सूत्र में बाह्य विभाजन के समय ऋण चिन्ह ($-$) क्यों आता है?
उत्तर: बाह्य विभाजन में विभाजित करने वाला बिंदु रेखाखंड के बाहर स्थित होता है, जिससे विस्थापन सदिशों की दिशा एक-दूसरे के विपरीत हो जाती है। इसी विपरीत दिशा के कारण अनुपात ऋणात्मक हो जाता है
5: क्या हम दो सदिशों का साधारण विभाजन (Vector Division) कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, गणित में सदिशों के विभाजन की कोई क्रिया परिभाषित नहीं है क्योंकि दिशाओं का आपस में भाग देना तार्किक रूप से असंभव है।
6: मात्रक सदिश (Unit Vector) का भौतिक महत्व क्या है?
उत्तर: मात्रक सदिश का परिमाण $1$ होता है, इसलिए यह किसी भी संख्या से गुणा होने पर उसके परिमाण को बदले बिना उसे एक निश्चित दिशा प्रदान कर देता है
7: $\vec{a} \times \vec{b}$ और $\vec{b} \times \vec{a}$ में क्या अंतर है?
उत्तर: दोनों के परिमाण समान होते हैं लेकिन दिशाएं पूरी तरह से विपरीत होती हैं :
$$\vec{a} \times \vec{b} = -(\vec{b} \times \vec{a})$$
8: $\hat{i} \cdot \hat{j}$ का मान शून्य क्यों होता है?
उत्तर: चूँकि $x$-अक्ष और $y$-अक्ष परस्पर लंबवत होते हैं ($\theta = 90^\circ$), अतः उनके मात्रक सदिशों का अदिश गुणनफल शून्य होता है
9: $\hat{i} \times \hat{i}$ का मान शून्य सदिश क्यों होता है?
उत्तर: एक सदिश का स्वयं के साथ कोण $\theta = 0^\circ$ होता है। चूँकि $\sin 0^\circ = 0$ होता है, इसलिए स्व-सदिश गुणनफल हमेशा शून्य सदिश होता है
10: प्रक्षेप (Projection) एक अदिश राशि है या सदिश?
उत्तर: कक्षा 12 के पाठ्यक्रम में “प्रक्षेप” सामान्यतः अदिश प्रक्षेप (परछाई की लंबाई) को संदर्भित करता है, जो कि एक अदिश राशि है ।
11: समांतर चतुर्भुज के विकर्ण दिए होने पर क्षेत्रफल निकालते समय $\frac{1}{2}$ से गुणा क्यों करते हैं?
उत्तर: समांतर चतुर्भुज के विकर्णों का सदिश गुणनफल आसन्न भुजाओं के सदिश गुणनफल का दोगुना होता है। अतः संतुलित करने के लिए $\frac{1}{2}$ से गुणा किया जाता है
12: क्या तीन बिंदु हमेशा एक अद्वितीय समतल का निर्माण करते हैं?
उत्तर: हाँ, बशर्ते वे तीनों बिंदु संरेख न हों। यदि वे संरेख हैं, तो उनसे अनंत समतल गुजर सकते हैं।
13: मुक्त सदिश (Free Vector) क्या होता है?
उत्तर: वह सदिश जिसे अंतरिक्ष में बिना परिमाण और दिशा बदले कहीं भी स्थानांतरित (Shift) किया जा सके। कक्षा 12 के संपूर्ण पाठ्यक्रम में मुक्त सदिशों का ही अध्ययन किया जाता है ।
14: क्या दो सदिशों का परिणामी योगफल उनके व्यक्तिगत परिमाणों के योग से अधिक हो सकता है?
उत्तर: नहीं, त्रिभुज असमानता नियम के अनुसार दो सदिशों के योग का परिमाण हमेशा उनके व्यक्तिगत परिमाणों के योग से कम या उसके बराबर ही हो सकता है : $$|\vec{a} + \vec{b}| \le |\vec{a}| + |\vec{b}|$$
15: समतलीय सदिश (Coplanar Vectors) क्या होते हैं?
उत्तर: वे सदिश जो एक ही समतल में स्थित हों। तीन सदिशों के समतलीय होने की जांच अदिश त्रिक गुणनफल (STP) को शून्य के बराबर रखकर की जाती है
16: $\vec{a} \cdot (\vec{b} \times \vec{c})$ का परिणाम क्या होगा?
उत्तर: इसका परिणाम हमेशा एक अदिश राशि (संख्या) होगी, जो उन सदिशों द्वारा बने समांतर षट्फलक के आयतन को प्रदर्शित करती है
17: यदि तीन दिक्-कोण $\alpha, \beta, \gamma$ दिए गए हों, तो क्या हम हमेशा एक सदिश का निर्माण कर सकते हैं?
उत्तर: केवल तभी जब वे कोण $\cos^2\alpha + \cos^2\beta + \cos^2\gamma = 1$ की शर्त को संतुष्ट करते हों ।
18: क्या दिक्-कोसाइन ऋणात्मक हो सकते हैं?
उत्तर: हाँ, यदि सदिश ऋणात्मक अक्षों की दिशा में झुका हुआ हो, तो दिक्-कोसाइन के मान ऋणात्मक हो सकते हैं
19: $\vec{a} \cdot \vec{b} = \vec{a} \cdot \vec{c}$ होने पर क्या हम $\vec{b} = \vec{c}$ लिख सकते हैं?
उत्तर: नहीं, सदिश बीजगणित में गुणनफल को निरस्त (Cancel) करने का कोई नियम नहीं है। इसका केवल यह अर्थ है कि $\vec{a} \cdot (\vec{b} – \vec{c}) = 0$, अर्थात् $\vec{a}$ सदिश $\vec{b} – \vec{c}$ पर लंबवत है।
20: लैग्रेंज की सर्वसमिका का उपयोग कहाँ किया जाता है?
उत्तर: जब हमें कोण $\theta$ की गणना किए बिना सीधे अदिश और सदिश गुणनफल के परिमाणों के बीच रूपांतरण करना हो
21: यदि $\lambda < 0$ है, तो $\lambda\vec{a}$ की दिशा क्या होगी?
उत्तर: इसकी दिशा सदिश $\vec{a}$ की मूल दिशा के बिल्कुल विपरीत ($180^\circ$ विपरीत) हो जाएगी
22: क्या $\vec{a} \times \vec{b}$ कभी $\vec{a}$ के समांतर हो सकता है?
उत्तर: नहीं, परिभाषा के अनुसार $\vec{a} \times \vec{b}$ हमेशा $\vec{a}$ और $\vec{b}$ दोनों पर लंबवत होता है, अतः यह कभी भी उनके समांतर नहीं हो सकता
23: विस्थापन सदिश कैसे ज्ञात किया जाता है?
उत्तर: अंतिम बिंदु के स्थिति सदिश में से प्रारंभिक बिंदु के स्थिति सदिश को घटाकर विस्थापन सदिश ज्ञात किया जाता है
24: शून्य सदिश का दिक्-कोसाइन क्या होता है?
उत्तर: शून्य सदिश की कोई निश्चित दिशा नहीं होती, अतः इसके दिक्-कोसाइन अपरिभाषित (undefined) होते हैं ।
25: $\vec{a} \cdot \vec{a}$ का मान क्या होता है?
उत्तर: यह सदिश के परिमाण के वर्ग के बराबर होता है :
$$\vec{a} \cdot \vec{a} = |\vec{a}|^2$$
26: क्या किसी समकोण त्रिभुज के शीर्षों के स्थिति सदिशों का योगफल शून्य होता है?
उत्तर: नहीं, केवल भुजाओं को दर्शाने वाले सदिशों का योगफल (एक ही क्रम में लेने पर) शून्य होता है ($\vec{AB} + \vec{BC} + \vec{CA} = \vec{0}$), शीर्षों के स्थिति सदिशों का नहीं ।
27: दिक्-अनुपात अनन्य (Unique) क्यों नहीं होते?
उत्तर: चूँकि दिक्-अनुपात केवल दिक्-कोसाइन के समानुपाती होते हैं, इसलिए उन्हें किसी भी गैर-शून्य संख्या से गुणा करके अनंत रूप दिए जा सकते हैं
28: सदिश बीजगणित में कार्तीय रूप (Cartesian Form) का क्या उपयोग है?
उत्तर: यह ज्यामितीय सदिशों को बीजगणितीय घटकों ($\hat{i}, \hat{j}, \hat{k}$) में बदलकर गणनाओं को आसान बनाने की एक प्रणाली है ।
29: प्रक्षेप का ऋणात्मक मान क्या दर्शाता है?
उत्तर: यदि प्रक्षेप ऋणात्मक प्राप्त होता है, तो इसका अर्थ है कि लाठी की छाया आधार सदिश की विपरीत दिशा में पड़ रही है (अर्थात कोण अधिक कोण है)।
30: क्या सदिश बीजगणित के सिद्धांतों का उपयोग 2D समतल में भी किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, $z$-घटक को शून्य ($z = 0$) मानकर सभी नियमों को द्वि-आयामी समतल पर भी पूर्णतः लागू किया जा सकता है
सदिश बीजगणित का Revision Notes
5 Minute Revision Notes (Exam Hall Checklist)
- परिमाण: $x\hat{i} + y\hat{j} + z\hat{k}$ का परिमाण $\sqrt{x^2+y^2+z^2}$ होता है ।
- मात्रक सदिश: $\hat{a} = \frac{\vec{a}}{|\vec{a}|}$ ।
- लंबवत की शर्त: $\vec{a} \cdot \vec{b} = 0 \iff \vec{a} \perp \vec{b}$ ।
- समांतर की शर्त: $\vec{a} = \lambda\vec{b} \iff$ संरेख/समांतर ।
- प्रक्षेप: $\vec{a}$ का $\vec{b}$ पर प्रक्षेप $= \frac{\vec{a} \cdot \vec{b}}{|\vec{b}|}$ ।
- क्षेत्रफल: त्रिभुज $= \frac{1}{2}|\vec{a} \times \vec{b}|$, समांतर चतुर्भुज $= |\vec{a} \times \vec{b}|$ ।
15 Minute Revision Notes (The Night Before Exam)
- दिक्-कोसाइन संबंध: $l^2+m^2+n^2=1$ को याद रखें। इसके मान कभी भी $1$ से अधिक नहीं हो सकते ।
- विभाजन सूत्र: आंतरिक में प्लस ($+$) और बाह्य में माइनस ($-$) चिन्ह का उपयोग सावधानीपूर्वक करें ।
- क्रॉस प्रोडक्ट की दिशा: $\vec{a} \times \vec{b}$ हमेशा $\vec{a}$ और $\vec{b}$ दोनों पर समकोण बनाता है ।
- समतलीयता जांच: यदि तीन सदिशों का सारणिक मान शून्य प्राप्त होता है, तो वे समतलीय हैं ।
- त्रिभुज नियम प्रवाह: दिशा का क्रम $\vec{AB} + \vec{BC} = \vec{AC}$ के रूप में होना चाहिए ।
निष्कर्ष:
सदिश बीजगणित के मूल सिद्धांतों को निम्नलिखित माइंड मैप (Mind Map) द्वारा संक्षेपित किया जा सकता है:
सदिश बीजगणित (Vector Algebra)
│
┌─────────────────────────────────────┼─────────────────────────────────────┐
▼ ▼ ▼
मूलभूत संक्रियाएं अदिश गुणनफल (Dot) सदिश गुणनफल (Cross)
- स्थिति सदिश [xî + yĵ + zk̂] - सूत्र: |a||b|cosθ - सूत्र: (|a||b|sinθ) n̂
- मात्रक सदिश [a/|a|] - ज्यामितीय अर्थ: प्रक्षेप - ज्यामितीय अर्थ: क्षेत्रफल
- विभाजन सूत्र [आंतरिक/बाह्य] - लंबवत की शर्त [a•b=0] - लंबवत मात्रक सदिश
सदिश बीजगणित का त्रिविमीय ज्यामिति में उपयोग।
सदिश बीजगणित वास्तव में ‘त्रिविमीय ज्यामिति‘ (Chapter 11) का प्रवेश द्वार है । अगले अध्याय में अंतरिक्ष में रेखाओं (Lines) और समतलों (Planes) के समीकरणों को लिखने के लिए इस अध्याय के दिक्-कोसाइन, दिक्-अनुपात और स्थिति सदिशों का सीधे उपयोग किया जाता है । उदाहरण के लिए, 3D अंतरिक्ष में किसी रेखा का समीकरण $\vec{r} = \vec{a} + \lambda\vec{b}$ होता है, जहाँ $\vec{a}$ रेखा पर स्थित बिंदु का स्थिति सदिश है और $\vec{b}$ उसके समांतर दिक्-अनुपातों को दर्शाने वाला सदिश है । अतः इस अध्याय पर मजबूत पकड़ अगले अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त करने की पूर्व-शर्त है ।
कक्षा 12th गणित के नवीनतम पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तक के लिए, आप NCERT की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।”


