
Table of Contents
प्रस्तावना और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Introduction and Historical Context)

बीजगणित केवल प्रतीकों और अमूर्त नियमों का खेल नहीं है, बल्कि यह भौतिक संसार की ज्यामितीय वास्तविकताओं को संख्यात्मक और तार्किक रूप में अभिव्यक्त करने का एक माध्यम है । मानव इतिहास में जब बड़ी गणनाओं और क्षेत्रफलों के मापन में जटिलताएँ उत्पन्न होने लगीं, तब गणितज्ञों ने ऐसे सार्वभौमिक नियमों की खोज की जो हर परिस्थिति में सत्य सिद्ध हो सकें । इन सार्वभौमिक नियमों को बीजीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities) कहा जाता है ।
बीजीय सर्वसमिकाओं का आविष्कार क्यों हुआ?
प्राचीन काल में गुणनफल और वर्ग निकालने की प्रक्रियाएँ अत्यधिक समय लेने वाली थीं । उदाहरण के लिए, किसी भूमि के बड़े वर्गाकार टुकड़े के आकार में वृद्धि होने पर नए क्षेत्रफल की गणना के लिए संपूर्ण गुणन संक्रिया को पुनः करना पड़ता था । इस समस्या के निवारण हेतु क्षेत्रफलों के दृश्य वर्गीकरण (Visual Decomposition) के माध्यम से सर्वसमिकाओं का जन्म हुआ । ये सर्वसमिकाएँ जटिल से जटिल गणनाओं को कुछ सरल पदों के जोड़ या घटाव में परिवर्तित कर देती हैं, जिससे गणनाएँ मौखिक स्तर पर संभव हो जाती हैं ।
बीजगणितीय चिंतन का महत्व
कक्षा 9 का चतुर्थ अध्याय “Exploring Algebraic Identities” (बीजीय सर्वसमिकाओं की खोज) उच्च बीजगणित की वह ठोस नींव है जिसके बिना कक्षा 10 के द्विघात समीकरण, कक्षा 11-12 के कैलकुलस, और प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे JEE, NTSE, और ओलंपियाड) के सिद्धांतों को समझना असंभव है । यह अध्याय छात्रों को केवल सूत्र रटने की संकीर्ण मानसिकता से मुक्त कर उन्हें “प्रमाण-आधारित गणित” (Proof-based Mathematics) की ओर अग्रसर करता है, जहाँ प्रत्येक सूत्र का एक ठोस ज्यामितीय औचित्य होता है ।
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes)
इस अध्याय के गहन अध्ययन के पश्चात छात्र निम्नलिखित महत्वपूर्ण योग्यताओं और दक्षताओं में निपुणता प्राप्त करते हैं :
- दृश्य प्रमाण (Visual Proof): अमूर्त बीजीय सूत्रों को द्विविमीय (2D) और त्रिविमीय (3D) ज्यामितीय मॉडलों के माध्यम से साक्षात देखने और सिद्ध करने की क्षमता ।
- ज्यामितीय अर्थ (Geometrical Meaning): चरों और अचरों के गुणनफल को क्षेत्रफल और आयतन के व्यावहारिक रूप में समझने की दृष्टि ।
- गुणनखंडन (Factorisation): जटिल बहुपदों को पहचानना और बीजीय सर्वसमिकाओं को उल्टे क्रम में लागू कर उनके रैखिक गुणनखंड ज्ञात करना ।
- मानसिक गणना (Mental Calculations): बड़ी संख्याओं के वर्ग और घन की गणना बिना पेन-पेपर के, केवल सर्वसमिकाओं के अनुप्रयोग से कुछ ही सेकंड में करने की कला ।
- स्वरूप पहचान (Pattern Recognition): गणितीय पहेलियों और संख्यात्मक स्वरूपों में छिपे सामान्य बीजीय नियमों को खोजने की क्षमता ।
- तार्किक सोच और प्रमाण: गणित में किसी नियम की सार्वभौमिकता को सिद्ध करने के लिए आगमनात्मक (Inductive) और निगमनात्मक (Deductive) तार्किक विधियों का प्रयोग करना ।
मेरा कक्षा की चर्चा (Classroom Story)
गणित की कक्षा में उत्सुकता का माहौल तब उत्पन्न हुआ जब मैं ने श्यामपट्ट पर तीन संख्याएँ लिखीं :
$$43^2, \quad 79^2, \quad 205^2$$
मैं ने मुस्कुराते हुए छात्रों से पूछा, “क्या कोई बिना पेन और कॉपी का उपयोग किए, केवल मानसिक गणना से इन संख्याओं का वर्ग पाँच सेकंड के भीतर बता सकता है?”
पूरी कक्षा में सन्नाटा छा गया। छात्र पारंपरिक गुणा विधि से मन ही मन $43 \times 43$ करने का प्रयास करने लगे, जो अत्यंत कठिन और थकाऊ था।
तभी अदिति ने हाथ उठाया और कहा, “अध्यापक महोदय, $43^2$ का उत्तर $1849$ है!” शिक्षक ने पूछा, “अद्भुत अदिति! क्या तुमने इतनी जल्दी गुणा कैसे किया?”
अदिति ने अपनी तार्किक सोच साझा करते हुए कहा, “$43$ को हम $(40 + 3)$ लिख सकते हैं । चूंकि हम जानते हैं कि $(a+b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$ होता है, इसलिए मैंने मन में ही इसकी गणना इस प्रकार की :
$$43^2 = (40 + 3)^2 = 40^2 + 2(40)(3) + 3^2$$
$$43^2 = 1600 + 240 + 9 = 1849$$”
कक्षा के अन्य छात्र अमित ने इस विचार को आगे बढ़ाते हुए कहा, “सर! इसका अर्थ है कि हम $79^2$ को भी $(80 – 1)^2$ के रूप में देख सकते हैं! सर्वसमिका $(a-b)^2 = a^2 – 2ab + b^2$ का उपयोग करके :
$$79^2 = (80 – 1)^2 = 80^2 – 2(80)(1) + 1^2$$
$$79^2 = 6400 – 160 + 1 = 6241$$”
मैं ने दोनों छात्रों की पीठ थपथपाई और कहा, “यही बीजगणित की वास्तविक शक्ति है । सर्वसमिकाएँ हमारे मस्तिष्क को संख्याओं के चक्रव्यूह से निकालकर उन्हें सरल और सुलभ पैटर्नों में तोड़ने की स्वतंत्रता प्रदान करती हैं। ” इस चर्चा ने पूरी कक्षा में सूत्रों को रटने के स्थान पर उनके पीछे छिपे विज्ञान को खोजने की जिज्ञासा प्रज्वलित कर दी।
इस अध्याय को समझने से पहले “संख्याओं की दुनिया” को समझें।
“बीजीय सर्वसमिकाओं की खोज” का विज़ुअल रोडमैप
इस अध्याय की वैचारिक यात्रा एक अत्यंत व्यवस्थित शिक्षण पथ का अनुसरण करती है :
संख्यात्मक स्वरूप (Patterns) की खोज
↓
ज्यामितीय क्षेत्रफल मॉडल (Geometry Area Models)
↓
मानक सर्वसमिकाओं का बीजीय प्रतिपादन (Identities)
↓
सर्वसमिकाओं द्वारा गुणनखंडन (Factorisation)
↓
कंक्रीट मॉडल: बीजगणित टाइल्स (Algebra Tiles)
↓
उन्नत बहु-चर सर्वसमिकाएँ (Advanced Identities)
↓
त्रिविमीय त्रिघाती सर्वसमिकाएँ (Cube Identities)
↓
परिमेय व्यंजकों का सरलीकरण और व्यावहारिक अनुप्रयोग (Applications)
इस मार्ग का अनुसरण करते हुए छात्र मूर्त (Concrete) से अमूर्त (Abstract) सिद्धांतों की ओर बढ़ते हैं ।
बीजीय सर्वसमिकाओं का भारतीय इतिहास (History of Algebraic Thinking in India)

भारतीय उपमहाद्वीप में बीजगणित और ज्यामिति का एकीकरण अत्यंत प्राचीन काल से ही फल-फूल रहा था । पाश्चात्य गणितज्ञों से सदियों पूर्व भारत के ऋषियों और वैज्ञानिकों ने इन सूत्रों के ज्यामितीय और बीजीय आधार स्थापित कर लिए थे।
- बौधायन (लगभग 800 ईसा पूर्व): बौधायन शुल्ब सूत्र में क्षेत्रफलों के रूपांतरण की विधियाँ दी गई हैं । उन्होंने रेखाखंडों के संयोजन से बनने वाले वर्गों के योग को समझाया, जो आधुनिक काल में $(a+b)^2$ की ज्यामितीय संकल्पना का आदि-स्रोत है ।
- आर्यभट (499 ईस्वी): उन्होंने अपने ग्रंथ आर्यभटीय के गणितपाद में वर्ग और घन की परिभाषाएँ दीं तथा प्रथम $n$ प्राकृतिक संख्याओं के वर्गों और घनों के योगफल की गणना हेतु बीजीय सूत्रों का विकास किया ।
- ब्रह्मगुप्त (598 ईस्वी): उन्होंने अपने ग्रंथ ब्राह्मस्फुटसिद्धांत में शून्य और ऋणात्मक संख्याओं के गणितीय नियमों को बीजीय रूप दिया । उन्होंने वितरणात्मक नियम का उपयोग कर त्वरित गुणन की विधि खोजी, जिसे प्राचीन भारतीय गणित में “इष्ट-गुणन” (Ista-gunana) कहा जाता था ।
- श्रीधराचार्य (750 ईस्वी): उन्होंने त्रिशतिका और पाटीगणित नामक अद्भुत ग्रंथों की रचना की । श्रीधराचार्य ने संख्याओं का वर्ग अत्यंत तीव्रता से ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित अनूठी बीजीय सर्वसमिका प्रतिपादित की थी : $$a^2 = (a+b)(a-b) + b^2$$ यहाँ $b$ एक ऐसी स्वेच्छ अचर संख्या चुनी जाती है जो $(a+b)$ या $(a-b)$ को निकटतम शून्य-अंत वाली संख्या (जैसे $10, 50, 100$) बना दे ।
- उदाहरण: $55^2$ ज्ञात करने के लिए यदि $b = 5$ लें, तो : $$55^2 = (55+5)(55-5) + 5^2 $$$$ = (60 \times 50) + 25 = 3000 + 25 = 3025$$
- भास्कराचार्य (1150 ईस्वी): अपने प्रसिद्ध ग्रंथ लीलावती और बीजगणित में उन्होंने अज्ञात चरों (जिन्हें वे “वर्ण” कहते थे) के वर्ग और घन के प्रसार को मनोरंजक कविताओं और व्यावहारिक समस्याओं के माध्यम से प्रस्तुत किया ।
स्वरूप पहचान और संख्यात्मक पहेलियाँ।
अमूर्त सूत्रों में प्रवेश करने से पूर्व पाठ्यपुस्तक हमें संख्याओं के खेल के माध्यम से अन्वेषण करने की प्रेरणा देती है।
क्रमागत वर्ग संख्याओं की पहेली (Consecutive Squares Brain Teaser)
कोई भी तीन क्रमागत वर्ग संख्याएँ लें । उदाहरण के लिए: $1, 4,$ और $9$ (जो क्रमशः $1^2, 2^2,$ और $3^2$ हैं) ।
- सबसे छोटी और सबसे बड़ी वर्ग संख्या का योग करें: $1 + 9 = 10$ ।
- अब इस योगफल में से बीच की वर्ग संख्या का दोगुना घटाएं: $10 – (2 \times 4) = 10 – 8 = 2$ ।
आइये एक और क्रमागत समूह $9, 16, 25$ (अर्थात $3^2, 4^2, 5^2$) लेकर जाँचते हैं :
- बाहरी वर्गों का योग: $9 + 25 = 34$
- मध्य वर्ग का दोगुना घटाने पर: $34 – (2 \times 16) = 34 – 32 = 2$
एक और उदाहरण $25, 36, 49$ देखें :
$$(25 + 49) – (2 \times 36) = 74 – 72 = 2$$
यह परिणाम सदैव $2$ ही क्यों आता है? इसका उत्तर बीजगणित के पास है । मान लें कि तीन क्रमागत संख्याएँ क्रमशः $(n-1)$, $n$, और $(n+1)$ हैं । उनके वर्ग $(n-1)^2$, $n^2$, और $(n+1)^2$ होंगे । समस्या को बीजीय समीकरण के रूप में लिखने पर :
$$\text{परिणाम} = \left[(n-1)^2 + (n+1)^2\right] – 2n^2$$
अब सर्वसमिका $(a-b)^2 = a^2 – 2ab + b^2$ और $(a+b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$ का प्रयोग कर प्रसार करने पर :
परिणाम $$ = \left[(n^2 – 2n + 1) + (n^2 + 2n + 1)\right] – 2n^2$$
परिणाम$$ = [2n^2 + 2] – 2n^2 = 2$$
चूंकि चर $n$ पूरी तरह निरस्त हो गया, इसलिए सिद्ध होता है कि ब्रह्मांड की किन्हीं भी तीन क्रमागत वर्ग संख्याओं के लिए यह परिणाम सदैव $2$ ही रहेगा ।
सर्वसमिकाओं का ज्यामितीय विज़ुअलाइज़ेशन।
गणित मंजरी की अनूठी विशेषता यह है कि यह सूत्रों के प्रतीकात्मक प्रसार से पूर्व उनका ज्यामितीय विज़ुअलाइज़ेशन प्रस्तुत करती है ।
1. $(a+b)^2 $$= a^2 + 2ab + b^2$ का ज्यामितीय प्रमाण
एक बड़े वर्ग की कल्पना करें जिसकी प्रत्येक भुजा की कुल लंबाई $(a+b)$ इकाई है । इस वर्ग का कुल क्षेत्रफल $(a+b)^2$ होगा । यदि हम इसकी भुजाओं को $a$ और $b$ लंबाई के दो भागों में विभाजित करके आंतरिक रूप से रेखाएं खींचें, तो यह बड़ा वर्ग चार उप-भागों में विभाजित हो जाता है :
- भाग 1: भुजा $a$ वाला एक बड़ा आंतरिक वर्ग $\Rightarrow$ क्षेत्रफल $= a^2$
- भाग 2: भुजा $b$ वाला एक छोटा आंतरिक वर्ग $\Rightarrow$ क्षेत्रफल $= b^2$
- भाग 3 व 4: दो आयत जिनकी लंबाई $a$ और चौड़ाई $b$ है $\Rightarrow$ प्रत्येक का क्षेत्रफल $= ab$
इन चारों भागों के क्षेत्रफलों का योगफल बड़े वर्ग के कुल क्षेत्रफल के बराबर होना चाहिए :
कुल क्षेत्रफल = वर्गa + वर्गb + आयत1 + आयत2
$$(a+b)^2 $$$$= a^2 + b^2 + ab + ab $$$$= a^2 + 2ab + b^2$$
2. $(a-b)^2 $$= a^2 – 2ab + b^2$ का ज्यामितीय प्रमाण
एक बड़े वर्ग की कल्पना करें जिसकी भुजा की लंबाई $a$ इकाई है (कुल क्षेत्रफल $= a^2$) । हमें इसके भीतर भुजा $(a-b)$ वाले एक छोटे वर्ग का क्षेत्रफल ज्ञात करना है । इसके लिए हम बड़े वर्ग के किनारों से $b$ चौड़ाई की दो आयताकार पट्टियाँ हटाते हैं ।
- पहले $a \times b$ क्षेत्रफल की एक क्षैतिज पट्टी हटाते हैं ।
- फिर $b \times a$ क्षेत्रफल की एक ऊर्ध्वाधर पट्टी हटाते हैं ।
- ध्यान दें कि ऐसा करने पर कोने में स्थित $b \times b$ आकार का वर्ग दो बार घट जाता है । अतः संतुलन के लिए उसे एक बार जोड़ना पड़ेगा । इस प्रकार ज्यामितीय रूप से : $$(a-b)^2 $$$$= a^2 – ab – ab + b^2 $$$$= a^2 – 2ab + b^2$$
3. $(a+b+c)^2 $$= a^2 + b^2 + c^2 + 2ab + 2bc + 2ca$ का ज्यामितीय प्रमाण।
एक वर्ग की कल्पना करें जिसकी भुजा की लंबाई $(a+b+c)$ इकाई है । इस वर्ग को जब $a, b,$ और $c$ के खंडों में बांटा जाता है, तो कुल 9 आकृतियाँ प्राप्त होती हैं :
- 3 वर्ग जिनके क्षेत्रफल क्रमशः $a^2, b^2,$ और $c^2$ हैं ।
- 6 आयत जो युग्मों में समान हैं: दो $ab$ क्षेत्रफल के, दो $bc$ क्षेत्रफल के, और दो $ca$ क्षेत्रफल के । इन सभी का योग करने पर त्रिपद वर्ग की सर्वसमिका सिद्ध होती है : $$(a+b+c)^2 $$$$= a^2 + b^2 + c^2 + 2ab + 2bc + 2ca$$
अंतर स्पष्ट करें: व्यंजक, समीकरण और सर्वसमिका (Difference Between Expression, Equation, and Identity)
यह बीजगणित का सबसे भ्रमित करने वाला विषय है । छात्रों की वैचारिक स्पष्टता के लिए नीचे दी गई तुलनात्मक तालिका और निर्णय वृक्ष अत्यंत सहायक हैं :
| गुणधर्म | बीजीय व्यंजक (Expression) | समीकरण (Equation) | बीजीय सर्वसमिका (Identity) |
| मूल अर्थ | गणितीय चरों और अचरों का केवल एक संयोजन । | दो व्यंजकों के बीच समानता का संबंध जो केवल कुछ मानों पर लागू हो । | एक समानता जो चरों के सभी वास्तविक मानों के लिए सदैव सत्य हो । |
| समानता का चिन्ह ($=$) | नहीं होता । | होता है । | होता है । |
| चरों के स्वीकार्य मान | कोई भी मान रखा जा सकता है । | केवल विशिष्ट मान (जिन्हें समीकरण के मूल कहते हैं) । | प्रत्येक वास्तविक संख्या के लिए सत्य । |
| उदाहरण | $5x^2 + 3x – 2$ | $x^2 – 1 = 24$ (केवल $x = 5$ या $-5$ के लिए सत्य) | $(x+y)^2 $$= x^2 + 2xy + y^2$ (सभी $x, y$ के लिए सत्य) |
वैचारिक वर्गीकरण प्रवाह (Flowchart Decision Tree)
│
क्या '=' का चिन्ह है?
/ \
(नहीं) (हाँ)
/ \
[ बीजीय व्यंजक ] क्या यह चरों के सभी मानों पर सत्य है?
(Expression) / \
(नहीं) (हाँ)
/ \
[ समीकरण ] [ बीजीय सर्वसमिका ]
(Equation) (Identity)
पूर्ण बीजीय सर्वसमिका सूत्र पत्रक (Complete Identity Formula Sheet)

छात्रों के त्वरित दोहराव हेतु इस अध्याय की सभी मानक सर्वसमिकाओं को उनके अनुप्रयोगों के साथ सूचीबद्ध किया गया है :
1. द्विघाती सर्वसमिकाएँ (Square Identities)
- सर्वसमिका I: $(x+y)^2 $$= x^2 + 2xy + y^2$
- उपयोग: पूर्ण वर्ग त्रिपदों के विस्तार और बड़ी संख्याओं के त्वरित वर्ग निकालने में ।
- सर्वसमिका II: $(x-y)^2 $$= x^2 – 2xy + y^2$
- उपयोग: ऋणात्मक अंतर के वर्ग विस्तार और गुणनखंडन में ।
- सर्वसमिका III: $x^2 – y^2 $$= (x+y)(x-y)$
- उपयोग: वर्गों के अंतर का गुणनखंडन करने और त्वरित गुणनफल निकालने में ।
- सर्वसमिका IV: $(x+a)(x+b) $$= x^2 + (a+b)x + ab$
- उपयोग: द्विघात त्रिपदों के गुणनखंडन और बीजगणित टाइल्स गतिविधियों में ।
- सर्वसमिका V: $(x+y+z)^2 $$= x^2 + y^2 + z^2 + 2xy + 2yz + 2zx$
- उपयोग: तीन चरों वाले वर्ग बहुपदों के विस्तार में।
2. त्रिघाती सर्वसमिकाएँ (Cube Identities)
- सर्वसमिका VI: $(x+y)^3 $$= x^3 + y^3 + 3xy(x+y) $$= x^3 + 3x^2y + 3xy^2 + y^3$
- उपयोग: द्विपद घनों के विस्तार और त्रिघाती बहुपदों के गुणनखंडन में ।
- सर्वसमिका VII: $(x-y)^3 $$= x^3 – y^3 – 3xy(x-y) $$= x^3 – 3x^2y + 3xy^2 – y^3$
- उपयोग: ऋणात्मक द्विपद घनों के विस्तार में।
- सर्वसमिका VIII: $x^3 + y^3 $$= (x+y)(x^2 – xy + y^2)$
- उपयोग: घनों के योग के गुणनखंडन में ।
- सर्वसमिका IX: $x^3 – y^3 $$= (x-y)(x^2 + xy + y^2)$
- उपयोग: घनों के अंतर के गुणनखंडन में ।
3. उन्नत और विशिष्ट सर्वसमिकाएँ (Advanced Identities)
- सर्वसमिका X: $x^3 + y^3 + z^3 – 3xyz $$= (x+y+z)(x^2 + y^2 + z^2 – xy – yz – zx)$
- सर्वसमिका XI (विशेष स्थिति): यदि $x+y+z = 0$ हो, तो : $$x^3 + y^3 + z^3 = 3xyz$$
- उपयोग: ओलंपियाड और HOTS प्रश्नों को बिना लंबी गणना के हल करने में ।
- नया शोध स्वरूप: $(a-b)^2(a+b) $$= (a-b)(a^2-b^2)$
- उपयोग: गुणनखंडों के सरलीकरण की वैकल्पिक विधियों के विकास में ।
मानसिक गणित के चमत्कारी ट्रिक्स।
दैनिक जीवन में त्वरित गणना करने के लिए बीजीय सर्वसमिकाओं का उपयोग निम्नानुसार किया जा सकता है :
1. $98^2$ की गणना
$98$ को $(100 – 2)$ लिखें । सर्वसमिका $(a-b)^2 $$= a^2 – 2ab + b^2$ का प्रयोग करने पर :
$$98^2 = (100 – 2)^2 $$$$= 100^2 – 2(100)(2) + 2^2$$
$$98^2 = 10000 – 400 + 4 = 9604$$
2. $103^2$ की गणना
$103$ को $(100 + 3)$ लिखें । सर्वसमिका $(a+b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$ का प्रयोग करने पर :
$$103^2 = (100 + 3)^2 $$$$= 100^2 + 2(100)(3) + 3^2$$
$$103^2 = 10000 + 600 + 9 = 10609$$
3. $999^2$ की गणना
$$999^2 = (1000 – 1)^2$$$$ = 1000000 – 2000 + 1 = 998001$$
4. $119^2$ की गणना (तीन-चर नियम)
$$119^2 = (100 + 10 + 9)^2$$
$119^2 = $$100^2 + 10^2 + 9^2 + 2(100)(10) $$+ 2(100)(9) + 2(10)(9)$
$119^2 = $$10000 + 100 + 81 + 2000 $$+ 1800 + 180 = 14161$
5. $299^2$ की गणना।
$$299^2 = (300 – 1)^2 $$$$= 90000 – 600 + 1 = 89401$$
सर्वसमिकाओं का उपयोग करके गुणनखंडन (Factorisation Using Identities)
गुणनखंडन की प्रक्रिया बीजीय प्रसार की विपरीत दिशा में काम करती है । इसमें हमें त्रिपद या द्विपद व्यंजक में मानक सर्वसमिका के स्वरूप की पहचान करनी होती है ।
1. पूर्ण वर्ग त्रिपद का गुणनखंडन (Perfect Square Trinomials)
यदि कोई व्यंजक $a^2 + 2ab + b^2$ के रूप में लिखा जा सकता है, तो उसके गुणनखंड $(a+b)^2$ होंगे ।
- उदाहरण: $x^2 + 4x + 4$ का गुणनखंडन करें। हम देखते हैं कि $x^2 = (x)^2$ और $4 = 2^2$ । मध्य पद $4x = 2(x)(2)$ है । अतः, यह $a^2 + 2ab + b^2$ के रूप का है जहाँ $a = x$ और $b = 2$ । $$x^2 + 4x + 4 = (x+2)^2$$ इस प्रकार $(x+2)$ इस व्यंजक का एक गुणनखंड है ।
2. वर्गों का अंतर सर्वसमिका का उपयोग (Difference of Squares)
यदि कोई व्यंजक $a^2 – b^2$ के रूप में है, तो उसके गुणनखंड $(a-b)(a+b)$ होंगे ।
- उदाहरण: $49x^2 – 25y^2$ का गुणनखंडन करें। इसे वर्गों के अंतर के रूप में लिखने पर : $$49x^2 – 25y^2 = (7x)^2 – (5y)^2$$ सर्वसमिका $a^2 – b^2 = (a-b)(a+b)$ का उपयोग करने पर : $$49x^2 – 25y^2 = (7x – 5y)(7x + 5y)$$
बीजगणित टाइल्स का संपूर्ण विज़ुअल सिद्धांत (Algebra Tiles: The Concrete Model)

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE 2023) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुसार गणित को रटने के बजाय उसे मूर्त रूप में समझना आवश्यक है । इसके लिए बीजगणित टाइल्स (Algebra Tiles) सबसे सशक्त उपकरण हैं।
1. टाइल्स के प्रकार और क्षेत्रफल
| टाइल का प्रकार | आकार | विमाएँ (Dimensions) | क्षेत्रफल (Area) |
| $x^2$-टाइल | बड़ा वर्ग | $x \times x$ | $x^2$ |
| $x$-टाइल | आयत | $x \times 1$ | $x$ |
| इकाई (Unit) टाइल | छोटा वर्ग | $1 \times 1$ | $1$ |
2. सकारात्मक और नकारात्मक टाइल्स (Double-sided Colors)
व्यावहारिक किट में ये टाइल्स दो रंगों की होती हैं । अग्रभाग (Positive) नीला या पीला होता है, जबकि पश्चभाग (Negative) लाल रंग का होता है । लाल रंग सदैव ऋणात्मक पदों (जैसे $-x^2, -x, -1$) को दर्शाता है ।
3. शून्य युग्म का नियम (The Law of Zero Pairs)
यदि एक धनात्मक $x$-टाइल और एक ऋणात्मक $x$-टाइल को एक साथ रखा जाए, तो वे एक-दूसरे के प्रभाव को निरस्त कर देते हैं ।
$$(+x) + (-x) = 0$$
इसका उपयोग उन समीकरणों के गुणनखंडन में होता है जहाँ मध्य पद ऋणात्मक होता है या जहाँ पदों को संतुलित करने की आवश्यकता होती है ।
4. व्यावहारिक गतिविधि: स्वयं कार्डबोर्ड से टाइल्स बनाना (DIY Paper Activity)
- सामग्री: रंगीन चार्ट पेपर (नीला और लाल), कैंची, स्केल, और स्केच पेन।
- बनाने की विधि:
- नीले चार्ट पेपर से $7\text{ cm} \times 7\text{ cm}$ के 5 वर्ग काटें (यह $x^2$-टाइलें होंगी) ।
- नीले चार्ट पेपर से ही $7\text{ cm} \times 1.5\text{ cm}$ के 15 आयत काटें (यह $x$-टाइलें होंगी) ।
- $1.5\text{ cm} \times 1.5\text{ cm}$ के 30 छोटे वर्ग काटें (यह इकाई टाइलें होंगी)।
- यही प्रक्रिया लाल चार्ट पेपर के साथ दोहराएं ताकि ऋणात्मक टाइल्स का सेट भी तैयार हो जाए।
- कक्षा का खेल (Integer Line Up Game): शिक्षक मेज पर कुछ टाइल्स बेतरतीब ढंग से रखते हैं । छात्रों को शून्य युग्मों को हटाकर शेष बचे हुए बीजीय व्यंजक का मान बताना होता है ।
मध्य पद विभाजन विधि: बिना टाइल्स के गुणनखंडन (Factorisation Without Tiles)
जब संख्याएँ बहुत बड़ी हों, तब बीजगणित टाइल्स का भौतिक रूप से प्रबंधन करना अव्यावहारिक हो जाता है । ऐसी स्थिति में हम गणितीय तर्क “मध्य पद विभाजन” (Splitting the Middle Term) का उपयोग करते हैं ।
कार्यप्रणाली और तार्किक चरण।
द्विघात बहुपद $x^2 + bx + c$ पर विचार करें । इसे गुणनखंडित करने के लिए :
- हमें ऐसी दो संख्याएँ $p$ और $q$ खोजनी होती हैं जिनका योग मध्य पद के गुणांक $b$ के बराबर हो : $$p + q = b$$
- उन दोनों संख्याओं का गुणनफल अचर पद $c$ के बराबर होना चाहिए : $$p \times q = c$$
मध्य पद विभाजन के लिए चिन्हों की रणनीति तालिका
| अचर पद (c) का चिन्ह | मध्य पद (b) का चिन्ह | संख्यात्मक टुकड़ों (p और q) के चिन्ह |
| धनात्मक ($+$) | धनात्मक ($+$) | दोनों संख्याएँ धनात्मक होंगी ($+, +$) |
| धनात्मक ($+$) | ऋणात्मक ($-$) | दोनों संख्याएँ ऋणात्मक होंगी ($-, -$) |
| ऋणात्मक ($-$) | धनात्मक ($+$) | बड़ी संख्या धनात्मक और छोटी संख्या ऋणात्मक होगी |
| ऋणात्मक ($-$) | ऋणात्मक ($-$) | बड़ी संख्या ऋणात्मक और छोटी संख्या धनात्मक होगी |
- उदाहरण 1: $r^2 – r – 42$ का गुणनखंडन करें। यहाँ $b = -1$ और $c = -42$ है । हमें ऐसी दो संख्याएँ चाहिए जिनका गुणनफल $-42$ और योग $-1$ हो । वे संख्याएँ $-7$ और $6$ हैं, क्योंकि : $$(-7) \times 6 = -42 $$ और$$ (-7) + 6 = -1$$ प्रसार करने पर : $$r^2 – r – 42 $$$$= r^2 – 7r + 6r – 42$$$$= r(r – 7) + 6(r – 7) = (r – 7)(r + 6)$$
त्रिघाती सर्वसमिकाएँ (Cubic Identities: The 3D Dissection)

द्विविमीय (2D) क्षेत्रफलों से आगे बढ़कर यह अध्याय त्रिघाती (Cubic) सर्वसमिकाओं को त्रिविमीय (3D) आयतन मॉडलों द्वारा समझाता है ।
1. $(a+b)^3$ का द्विपद घन प्रसार
$$(a+b)^3 = a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3$$
- बीजीय व्युत्पत्ति:$$(a+b)^3 = (a+b)(a+b)^2$$$$(a+b)^3 = (a+b)(a^2 + 2ab + b^2)$$ वितरणात्मक नियम का प्रयोग करने पर : $$= a(a^2 + 2ab + b^2) + b(a^2 + 2ab + b^2)$$$$= a^3 + 2a^2b + ab^2 + a^2b + 2ab^2 + b^3$$ सजातीय पदों (Like Terms) को जोड़ने पर : $$= a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3$$
- ज्यामितीय विज़ुअलाइज़ेशन (3D Cube Dissection): एक बड़े ठोस लकड़ी के घन की कल्पना करें जिसकी प्रत्येक भुजा $(a+b)$ इकाई है । इस घन का कुल आयतन $(a+b)^3$ होगा । इसे जब काटा जाता है, तो कुल 8 ठोस खंड प्राप्त होते हैं :
- भुजा $a$ का एक छोटा घन $\Rightarrow$ आयतन $= a^3$
- भुजा $b$ का एक अत्यंत छोटा घन $\Rightarrow$ आयतन $= b^3$
- $a \times a \times b$ आकार के तीन घनाभ $\Rightarrow$ कुल आयतन $= 3a^2b$
- $a \times b \times b$ आकार के तीन घनाभ $\Rightarrow$ कुल आयतन $= 3ab^2$ अतः, इन सभी 8 खंडों का योगफल बड़े घन के आयतन के बराबर होता है ।
2. $(a-b)^3$ का प्रसार
$$(a-b)^3 $$$$= a^3 – 3a^2b + 3ab^2 – b^3$$
यहाँ $b$ को $-b$ से प्रतिस्थापित करने पर चिन्ह एकांतर क्रम (Alternate Order: $+$, $-$, $+$, $-$) में व्यवस्थित हो जाते हैं ।
नई सर्वसमिकाओं का सृजन।
गणित मंजरी छात्रों को केवल रटने के बजाय स्वयं नए सूत्रों की खोज करने की वैज्ञानिक पद्धति सिखाती है ।
1. $x^3 + y^3$ और $x^3 – y^3$ की खोज
हम जानते हैं कि $(x+y)^3 =$$ x^3 + y^3 + 3xy(x+y)$ होता है । यदि हम $x^3 + y^3$ को एक तरफ रखें :
$$x^3 + y^3 = (x+y)^3 – 3xy(x+y)$$
समान पद $(x+y)$ को उभयनिष्ठ (Common) लेने पर :
$$x^3 + y^3 = $$$$(x+y)\left[(x+y)^2 – 3xy\right]$$
$$x^3 + y^3 = $$$$(x+y)\left[x^2 + 2xy + y^2 – 3xy\right]$$
$$x^3 + y^3 = $$$$(x+y)(x^2 – xy + y^2)$$
इसी प्रकार, ऋणात्मक द्विपद के लिए :
$$x^3 – y^3 =$$$$ (x-y)(x^2 + xy + y^2)$$
2. तीन चरों वाली त्रिघाती सर्वसमिका की खोज।
जब हम $(x+y+z)$ और $(x^2 + y^2 + z^2 – xy – yz – zx)$ का परस्पर गुणा करते हैं, तो सभी मध्यवर्ती पद कट जाते हैं और एक अत्यंत महत्वपूर्ण सर्वसमिका प्राप्त होती है :
$$(x+y+z)(x^2 + y^2 + z^2 – xy – yz – zx) $$$$= x^3 + y^3 + z^3 – 3xyz$$
परिमेय बीजीय व्यंजकों का सरलीकरण।
परिमेय बीजीय व्यंजक दो बहुपदों का अनुपात $\dfrac{f(x)}{g(x)}$ होता है, जहाँ $g(x) \neq 0$ ।
सरलीकरण के चरण और प्रतिबंध का महत्व।
- पूर्ण गुणनखंडन: अंश और हर दोनों का सर्वसमिकाओं या मध्य पद विभाजन द्वारा पूर्ण गुणनखंडन करें।
- उभयनिष्ठ गुणनखंड का विलोपन: अंश और हर में समान कोष्ठकों को काटें ।
- प्रतिबंध लिखना (Mathematical Domain Restriction): काटा गया गुणनखंड शून्य के बराबर नहीं हो सकता, क्योंकि शून्य से भाग देना अपरिभाषित है ।
- उदाहरण: सरल करें: $\dfrac{x^2 – 5x + 6}{3x^2 + 3x – 30}$
- चरण 1: अंश का गुणनखंडन करने पर : $$x^2 – 5x + 6 = (x-2)(x-3)$$
- चरण 2: हर का गुणनखंडन करने पर : $$3x^2 + 3x – 30 = 3(x^2 + x – 10) $$$$= 3(x+5)(x-2)$$
- चरण 3: परिमेय रूप में लिखने पर : व्यंजक $$= \frac{(x-2)(x-3)}{3(x+5)(x-2)}$$
- चरण 4: चूंकि $x-2$ अंश और हर दोनों में मौजूद है, इसे काटने के लिए प्रतिबंध $x \neq 2$ होना आवश्यक है । सरलीकृत रूप $$ = \frac{x-3}{3(x+5)} $$ जहाँ $$ x \neq 2, -5)$$
वास्तविक जीवन के व्यावहारिक उदाहरण (Real-Life Applications)
बीजीय सर्वसमिकाएँ दैनिक जीवन की व्यावहारिक समस्याओं को हल करने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम हैं ।
1. सायरा के बाग की पहेली (Saira’s Rectangle – Area Visualization)
सायरा ने वर्ग और आयत के टुकड़ों को मिलाकर एक बड़ा आयताकार बगीचा तैयार किया है । उसके पास निम्नलिखित टुकड़े हैं :
- भुजा $x$ का $1$ वर्गाकार टुकड़ा (क्षेत्रफल $= x^2$)
- $x$ लंबाई और $1$ इकाई चौड़ाई की $8$ आयताकार पट्टियाँ (कुल क्षेत्रफल $= 8x$)
- $1 \times 1$ आकार के $15$ छोटे वर्गाकार टुकड़े (कुल क्षेत्रफल $= 15$)
सायरा के संपूर्ण बगीचे का कुल क्षेत्रफल इस प्रकार होगा :
कुल क्षेत्रफल$$ = x^2 + 8x + 15$$
इस बगीचे की वास्तविक लंबाई और चौड़ाई ज्ञात करने के लिए हमें इस द्विघात बहुपद का गुणनखंडन करना होगा । हमें ऐसी दो संख्याएँ चाहिए जिनका योग $8$ और गुणनफल $15$ हो । वे संख्याएँ $5$ और $3$ हैं ।
$$x^2 + 8x + 15 = $$$$x^2 + 5x + 3x + 15 =$$$$ x(x+5) + 3(x+5) = (x+5)(x+3)$$
अतः, सायरा के बगीचे की लंबाई $= (x+5)$ इकाई और चौड़ाई $= (x+3)$ इकाई होगी।
2. आयताकार स्विमिंग पूल की समस्या (The Pool Dimensions Problem)
एक आयताकार स्विमिंग पूल की चौड़ाई उसकी लंबाई से $4$ मीटर कम है । इस पूल का कुल क्षेत्रफल $96$ वर्ग मीटर है । पूल की विमाएँ ज्ञात करें ।
- हल: मान लें कि पूल की लंबाई $x$ मीटर है । अतः चौड़ाई $(x-4)$ मीटर होगी । क्षेत्रफल का समीकरण बनाने पर : लंबाई $$ \times $$चौड़ाई = क्षेत्रफल $$ x(x – 4) = 96 $$$$\implies x^2 – 4x – 96 = 0$$ हमें ऐसी दो संख्याएँ चाहिए जिनका गुणनफल $-96$ और योग $-4$ हो । ये संख्याएँ $-12$ और $8$ हैं, क्योंकि $(-12) \times 8 = -96$ और $(-12) + 8 = -4$ । $$x^2 – 12x + 8x – 96 = 0$$$$x(x – 12) + 8(x – 12) = 0 $$$$\implies (x – 12)(x + 8) = 0$$ इससे हमें दो मूल प्राप्त होते हैं: $x = 12$ या $x = -8$ । चूंकि लंबाई कभी ऋणात्मक नहीं हो सकती, इसलिए हम $x = -8$ को अमान्य घोषित करते हैं । अतः, पूल की लंबाई $= 12$ मीटर और चौड़ाई $= (12 – 4) = 8$ मीटर होगी ।
बोर्ड परीक्षा विशेष रणनीति।
सीबीएसई (CBSE) और विभिन्न राज्य बोर्ड परीक्षाओं में अंक प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित रणनीतियों को अपनाना चाहिए :
महत्वपूर्ण सूत्रों का भार (Weightage Analysis)
- अंक विभाजन: बीजगणित खंड कुल $20$ अंकों का होता है, जिसमें से अकेले इस अध्याय से $6$ से $8$ अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं ।
- प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार:
- 1 अंक (MCQ): सीधे सर्वसमिका की सत्यता पहचानना या वर्गों का अंतर ज्ञात करना ।
- 2 अंक (लघु उत्तरीय): बिना प्रत्यक्ष गुणा किए संख्याओं का वर्ग या घन ज्ञात करना ।
- 3-5 अंक (दीर्घ उत्तरीय/केस स्टडी): तीन चरों वाले घनों का गुणनखंडन और परिमेय व्यंजकों का सरलीकरण ।
गणित मंजरी प्रश्नावली हल (Step-by-Step Exercise Solutions)
Exercise Set 4.1
प्रश्न 1. $(a+b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$ का उपयोग करके निम्नलिखित का प्रसार करें :
(i) $(7x + 4y)^2$
- हल: यहाँ $a = 7x, b = 4y$ । $$(7x + 4y)^2 =$$$$ (7x)^2 + 2(7x)(4y) + (4y)^2 $$$$= 49x^2 + 56xy + 16y^2$$
(ii) $\left(\dfrac{7}{5}x + \dfrac{3}{2}y\right)^2$
- हल: यहाँ $a = \dfrac{7}{5}x, b = \dfrac{3}{2}y$ $$= \left(\frac{7}{5}x\right)^2 + 2\left(\frac{7}{5}x\right)\left(\frac{3}{2}y\right) $$+$$ \left(\frac{3}{2}y\right)^2 = \frac{49}{25}x^2 $$$$+ \frac{21}{5}xy + \frac{9}{4}y^2$$
(iii) $(2.5p + 1.5q)^2$
- हल: यहाँ $a = 2.5p, b = 1.5q$ $$= (2.5p)^2 + 2(2.5p)(1.5q) + (1.5q)^2 $$$$= 6.25p^2 + 7.5pq + 2.25q^2$$
(iv) $\left(\dfrac{3}{4}s + 8t\right)^2$
- हल: यहाँ $a = \dfrac{3}{4}s, b = 8t$ $$= \left(\frac{3}{4}s\right)^2 + 2\left(\frac{3}{4}s\right)(8t)$$ $$+ (8t)^2 = \frac{9}{16}s^2 + 12st + 64t^2$$
(v) $\left(x + \dfrac{1}{2y}\right)^2$
- हल: यहाँ $a = x, b = \dfrac{1}{2y}$ $$= x^2 + 2(x)\left(\frac{1}{2y}\right) + \left(\frac{1}{2y}\right)^2 $$$$= x^2 + \frac{x}{y} + \frac{1}{4y^2}$$
(vi) $\left(\dfrac{1}{x} + \dfrac{1}{y}\right)^2$
- हल: यहाँ $a = \dfrac{1}{x}, b = \dfrac{1}{y}$ $$= \left(\frac{1}{x}\right)^2 + 2\left(\frac{1}{x}\right)\left(\frac{1}{y}\right) $$$$+ \left(\frac{1}{y}\right)^2 $$$$= \frac{1}{x^2} + \frac{2}{xy} + \frac{1}{y^2}$$
प्रश्न 2. समान सर्वसमिका का उपयोग करके निम्नलिखित के मान ज्ञात करें :
(i) $(64)^2$
- हल: इसे लिखें: $(60 + 4)^2$ $$= 60^2 + 2(60)(4) + 4^2 = $$$$3600 + 480 + 16 = 4096$$
(ii) $(105)^2$
- हल: इसे लिखें: $(100 + 5)^2$ $$= 100^2 + 2(100)(5) + 5^2 $$$$= 10000 + 1000 + 25 = 11025$$
(iii) $(205)^2$
- हल: इसे लिखें: $(200 + 5)^2$ $$= 200^2 + 2(200)(5) + 5^2 $$$$= 40000 + 2000 + 25 = 42025$$
Exercise Set 4.2
प्रश्न 1. पूर्णतः गुणनखंडित करें :
(i) $9x^2 + 24xy + 16y^2$
- हल: इसे $a^2 + 2ab + b^2 = (a+b)^2$ के रूप में लिखने पर : $$= (3x)^2 + 2(3x)(4y) + (4y)^2 $$$$= (3x + 4y)^2$$
(ii) $4s^2 + 20st + 25t^2$
- हल:$$= (2s)^2 + 2(2s)(5t) + (5t)^2 $$$$= (2s + 5t)^2$$
(iii) $49x^2 + 28xy + 4y^2$
- हल:$$= (7x)^2 + 2(7x)(2y) + (2y)^2 $$$$= (7x + 2y)^2$$
(iv) $64p^2 + \dfrac{32}{3}pq + \dfrac{4}{9}q^2$
- हल: यहाँ $a = 8p$ और $b = \dfrac{2}{3}q$ $$= (8p)^2 + 2(8p)\left(\frac{2}{3}q\right) $$$$+ \left(\frac{2}{3}q\right)^2 =$$$$ \left(8p + \frac{2}{3}q\right)^2$$
(v) $3a^2 + 4ab + \dfrac{4}{3}b^2$
- हल: संपूर्ण व्यंजक से $3$ उभयनिष्ठ लेने पर : $$= 3\left[a^2 + \frac{4}{3}ab + \frac{4}{9}b^2\right] = $$$$3\left[a^2 + 2(a)\left(\frac{2}{3}b\right) + \left(\frac{2}{3}b\right)^2\right] $$$$= 3\left(a + \frac{2}{3}b\right)^2$$
(vi) $\dfrac{9}{5}s^2 + 6sv + 5v^2$
- हल: संपूर्ण व्यंजक से $\dfrac{1}{5}$ उभयनिष्ठ लेने पर : $$= \frac{1}{5}\left[9s^2 + 30sv + 25v^2\right] $$$$= \frac{1}{5}\left[(3s)^2 + 2(3s)(5v) + (5v)^2\right] $$$$= \frac{1}{5}(3s + 5v)^2$$
प्रश्न 2. $(a-b)^2 = a^2 – 2ab + b^2$ का उपयोग करके मान ज्ञात करें :
(i) $(79)^2$
- हल: इसे लिखें: $(80 – 1)^2$ $$= 80^2 – 2(80)(1) + 1^2 =$$$$ 6400 – 160 + 1 = 6241$$
(ii) $(193)^2$
- हल: इसे लिखें: $(200 – 7)^2$ $$= 200^2 – 2(200)(7) + 7^2 =$$$$ 40000 – 2800 + 49 = 37249$$
Exercise Set 4.3
प्रश्न 1. उपयुक्त सर्वसमिका का उपयोग करके निम्नलिखित वर्ग ज्ञात करें :
(i) $117^2$
- हल: इसे $(100 + 17)^2$ या $(100 + 10 + 7)^2$ के रूप में हल कर सकते हैं । $(100 + 10 + 9$( Note: textbook uses 119 for 3-variable, here we use )100+17 $117^2 = (110 + 7)^2$$ = 110^2 + 2(110)(7) + 7^2 $$= 12100 + 1540 + 49 = 13689$
(ii) $78^2$
- हल: $78^2 = (80 – 2)^2 = 80^2 – 2(80)(2) + 2^2 $$= 6400 – 320 + 4 = 6084$
(iii) $198^2$
- हल: $198^2 = (200 – 2)^2 = 200^2 – 2(200)(2) + 2^2 $$= 40000 – 800 + 4 = 39204$
(iv) $214^2$
- हल: $214^2 = (200 + 14)^2 $$= 200^2 + 2(200)(14) + 14^2 $$= 40000 + 5600 + 196 = 45796$
(v) $1104^2$
- हल: $1104^2 = (1100 + 4)^2 $$= 1100^2 + 2(1100)(4) + 4^2 $$= 1210000 + 8800 + 16 = 1218816$
(vi) $1120^2$
- हल: $1120^2 = (1100 + 20)^2 $$= 1100^2 + 2(1100)(20) + 20^2 $$= 1210000 + 44000 + 400 = 1254400$
प्रश्न 2. उपयुक्त सर्वसमिकाओं का उपयोग करके गुणनखंडन करें :
(i) $16y^2 – 24y + 9$
- हल: यह $a^2 – 2ab + b^2 = (a-b)^2$ का रूप है । $$= (4y)^2 – 2(4y)(3) + 3^2 $$$$= (4y – 3)^2$$
(ii) $\dfrac{9}{4}s^2 + 6st + 4t^2$
- हल:$$= \left(\frac{3}{2}s\right)^2 + 2\left(\frac{3}{2}s\right)(2t) + (2t)^2$$$$ = \left(\frac{3}{2}s + 2t\right)^2$$
(iii) $\dfrac{m^2}{9} + \dfrac{mk}{3} + \dfrac{k^2}{4} + 3nk + 2mn + 9n^2$
- हल: पदों को पुनर्व्यवस्थित करने पर:$$= \left(\frac{m}{3}\right)^2 + \left(\frac{k}{2}\right)^2 + (3n)^2 $$$$+ 2\left(\frac{m}{3}\right)\left(\frac{k}{2}\right) + 2\left(\frac{k}{2}\right)(3n)$$$$ + 2(3n)\left(\frac{m}{3}\right)$$ यह $(a+b+c)^2$ का रूप है जहाँ $a = \dfrac{m}{3}, b = $$\dfrac{k}{2}, c = 3n$ । $$= \left(\frac{m}{3} + \frac{k}{2} + 3n\right)^2$$
(iv) $\dfrac{p^2}{16} – 2 + \dfrac{16}{p^2}$
- हल:$$= \left(\frac{p}{4}\right)^2 – 2\left(\frac{p}{4}\right)\left(\frac{4}{p}\right) $$$$+ \left(\frac{4}{p}\right)^2 =$$$$ \left(\frac{p}{4} – \frac{4}{p}\right)^2$$
(v) $9a^2 + 4b^2 + c^2 – 12ab + 6ac – 4bc$
- हल: चूंकि $ab$ और $bc$ वाले पद ऋणात्मक हैं, अतः $b$ का पद ऋणात्मक होगा । $= (3a)^2 + (-2b)^2 + c^2 + 2(3a)(-2b) $$+ 2(-2b)(c) + 2(c)(3a) $$= (3a – 2b + c)^2$
प्रश्न 3. $(a+b+c)^2 = $$a^2+b^2+c^2+2ab+2bc+2ca$ का उपयोग करके प्रसार करें :
(i) $(p + 3q + 7r)^2$
- हल: $= p^2 + (3q)^2 + (7r)^2 + 2(p)(3q) $$+ 2(3q)(7r) + 2(7r)(p)$$= p^2 + 9q^2 + 49r^2 + 6pq + 42qr + 14rp$
(ii) $(3x – 2y + 4z)^2$
- हल: यहाँ $b = -2y$ लें । $= (3x)^2 + (-2y)^2 + (4z)^2 +$$ 2(3x)(-2y) + 2(-2y)(4z) + 2(4z)(3x)$$= 9x^2 + 4y^2 + 16z^2 $$- 12xy – 16yz + 24zx$
प्रश्न 4. क्या यह एक सर्वसमिका है?
$(a+b-c)^2 + (a-b+c)^2 + (a-b-c)^2 $$= 2a^2 + 2b^2 + 2c^2$
- हल: बाएं पक्ष (LHS) के तीनों पदों का अलग-अलग प्रसार करने पर :
- $(a+b-c)^2 = $$a^2 + b^2 + c^2 + 2ab – 2bc – 2ca$
- $(a-b+c)^2 = $$a^2 + b^2 + c^2 – 2ab – 2bc + 2ca$
- $(a-b-c)^2 = $$a^2 + b^2 + c^2 – 2ab + 2bc – 2ca$ तीनों को जोड़ने पर:$$\text{LHS} = 3a^2 + 3b^2 + 3c^2 – 2ab – 2bc – 2ca$$चूंकि LHS $\neq$ RHS ($2a^2 + 2b^2 + 2c^2$), अतः यह एक सर्वसमिका नहीं है।
Exercise Set 4.4
प्रश्न 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें :
(i) $s^2 – 11s + 24 = (\underline{s-3})(\underline{s-8})$
- तर्क: गुणनफल $24$ और योग $-11$ होने के लिए संख्याएँ $-3$ व $-8$ होंगी ।
(ii) $(\underline{3x-7})(x+1) = 3x^2 – 4x – 7$
- तर्क: मध्य पद विभाजन से: $3x^2 – 7x + 3x – 7 = $$x(3x-7) + 1(3x-7) = (3x-7)(x+1)$ ।
(iii) $10x^2 – 11x – 6 = (2x-\underline{3})(\underline{5x}+2)$
- तर्क: $10x^2 – 15x + 4x – 6 $$= 5x(2x-3) + 2(2x-3)$ ।
(iv) $6x^2 + 7x + 2 = (\underline{2x+1})(\underline{3x+2})$
- तर्क: $6x^2 + 3x + 4x + 2 $$= 3x(2x+1) + 2(2x+1)$ ।
प्रश्न 2. उपयुक्त सर्वसमिका का उपयोग करके मान ज्ञात करें :
- $41^2 = $$(40 + 1)^2 = 1600 + 80 + 1 = 1681$
- $27^2 = $$(30 – 3)^2 = 900 – 180 + 9 = 729$
- $23 \times 17 = (20 + 3)(20 – 3) $$= 20^2 – 3^2 = 400 – 9 = 391$
- $135^2 = (130 + 5)^2 =$$ 16900 + 1300 + 25 = 18225$
- $97^2 = (100 – 3)^2 = $$10000 – 600 + 9 = 9409$
- $18 \times 29 = (20 – 2)(30 – 1) =$$ 600 – 20 – 60 + 2 = 522$
- $34 \times 43 = (3$$0 + 4)(40 + 3) =$$ 1200 + 90 + 160 + 12 = 1462$
- $205^2 = (200 + 5)^2 =$$ 40000 + 2000 + 25 = 42025$
प्रश्न 3. गुणनखंडन करें :
(i) $9a^2 + b^2 + 4c^2 – 6ab + 12ac – 4bc$
- हल: यहाँ $b$ वाला पद ऋणात्मक है । $$= (3a – b + 2c)^2$$
(ii) $16s^2 + 25t^2 – 40st$
- हल:$$= (4s)^2 + (5t)^2 – 2(4s)(5t) $$$$= (4s – 5t)^2$$
(iii) $r^2 – r – 42$
- हल:$$= (r – 7)(r + 6)$$
(iv) $49g^2 + 14gh + h^2$
- हल:$$= (7g + h)^2$$
(v) $64u^2 + 121v^2 + 4w^2 – 176uv – 32uw + 44vw$
- हल: यहाँ $v$ ऋणात्मक है । $$= (8u – 11v – 2w)^2$$
Exercise Set 4.5
प्रश्न 1. निम्नलिखित परिमेय व्यंजकों को सरल करें :
(i) $\dfrac{3p^2 – 3pq – 18q^2}{p^2 + 3pq – 10q^2}$
- हल:
- अंश: $3(p^2 – pq – 6q^2) = 3(p-3q)(p+2q)$
- हर: $p^2 + 3pq – 10q^2 = (p+5q)(p-2q)$
- विशेष टिप्पणी: यदि हर में $p^2 – 3pq – 10q^2$ हो, तो गुणनखंड $(p-5q)(p+2q)$ होंगे और पद $(p+2q)$ कट जाएगा, जिससे सरलतम रूप $\dfrac{3(p-3q)}{p-5q}$ प्राप्त होगा।
(ii) $\dfrac{n^3 – 3n^2m + 3nm^2 – m^3}{5m^2 – 10mn + 5n^2}$
- हल:
- अंश: $(n-m)^3$
- हर: $5(m-n)^2 = 5(n-m)^2$
- सरलीकरण: $= \frac{(n-m)^3}{5(n-m)^2} = \frac{n-m}{5} $$ जहाँ $$ n \neq m)$
(iii) $\dfrac{w^3 – v^3 + x^3 + 3wvx}{w^2 + v^2 + x^2 – 2wv – 2vx + 2wx}$
- हल:
- अंश: $(w-v+x)$$(w^2+v^2+x^2+wv+vx-wx)$
- हर: $(w-v+x)^2$
- सरलीकरण:$$= \frac{w^2 + v^2 + x^2 + wv + vx – wx}{w – v + x} $$ जहाँ $$ w-v+x \neq 0)$$
(iv) $\dfrac{4y^2 – 20yz + 25z^2}{25z^2 – 4y^2}$
- हल:
- अंश: $(2y-5z)^2 = (5z-2y)^2$
- हर: $(5z-2y)(5z+2y)$
- सरलीकरण:$$= \frac{5z-2y}{5z+2y} $$ जहाँ $$ 5z \neq \pm 2y)$$
(v) $\dfrac{(x^2+x-6)(x^2-7x+12)}{(x^2-6x+8)(x^2-9)}$
- हल: सभी का गुणनखंडन करने पर : व्यंजक $$ = \frac{(x+3)(x-2)(x-3)(x-4)}{(x-2)(x-4)(x-3)(x+3)} = 1 $$ जहाँ $$ x \neq 2, 4, 3, -3)$$
(vi) $\dfrac{p^4 – 16}{p^2 – 4p + 4}$
- हल: व्यंजक $$ = \frac{(p^2-4)(p^2+4)}{(p-2)^2} $$$$= \frac{(p-2)(p+2)(p^2+4)}{(p-2)^2} $$$$= \frac{(p+2)(p^2+4)}{p-2} $$ जहाँ $$ p \neq 2)$$
अध्याय के अंत के अभ्यास का संपूर्ण हल (Ganita Manjari End-of-Chapter Exercises Solutions)
प्रश्न 1. उपयुक्त सर्वसमिकाओं का उपयोग करके गुणनफल ज्ञात करें :
(i) $(-3x + 4)^2$
- हल:$$= (4 – 3x)^2 = 16 – 24x + 9x^2$$
(ii) $(2s + 7)(2s – 7)$
- हल:$$= (2s)^2 – 7^2 = 4s^2 – 49$$
(iii) $\left(p^2 + \dfrac{1}{2}\right)\left(p^2 – \dfrac{1}{2}\right)$
- हल:$$= p^4 – \frac{1}{4}$$
(iv) $(2n + 7)(2n – 7) = 4n^2 – 49$
(v) $(s – 2t)(s^2 + 2st + 4t^2)$
- हल:$$= s^3 – (2t)^3 = s^3 – 8t^3$$
(vi) $\left(\dfrac{1}{2r} – 4r\right)^2$
- हल:$$= \frac{1}{4r^2} – 4 + 16r^2$$
(vii) $(-3m + 4k – l)^2$
- हल:$$= 9m^2 + 16k^2 + l^2 – 24mk + 6ml – 8kl$$
(viii) $\left(x – \dfrac{1}{3}y\right)^3$
- हल:$$= x^3 – 3(x)^2\left(\frac{1}{3}y\right) + 3(x)\left(\frac{1}{9}y^2\right) – \frac{1}{27}y^3 $$$$= x^3 – x^2y + \frac{1}{3}xy^2 – \frac{1}{27}y^3$$
(ix) $\left(\dfrac{7}{2}k – \dfrac{2}{3}m\right)^3$
- हल:$$= \frac{343}{8}k^3 – \frac{49}{2}k^2m + \frac{14}{3}km^2 – \frac{8}{27}m^3$$
प्रश्न 2. उपयुक्त सर्वसमिकाओं का उपयोग करके मान ज्ञात करें :
- $17 \times 21 = (19 – 2)(19 + 2) $$= 19^2 – 2^2 = 361 – 4 = 357$
- $104 \times 96 = (100 + 4)(100 – 4)$$ = 10000 – 16 = 9984$
- $24 \times 16 = (20 + 4)(20 – 4) $$= 400 – 16 = 384$
- $147^3 = (150 – 3)^3 = $$150^3 – 3(150)^2(3) + 3(150)(3)^2 – 3^3$$ = 3375000 – 202500 + 4050 – 27 = 3176523$
- $199^3 = (200 – 1)^3 = $$8000000 – 120000 + 600 – 1 = 7880599$
- $127^3 = (130 – 3)^3 = $$2197000 – 152100 + 3510 – 27 = 2048383$
- $(-107)^3 = -(100 + 7)^3 $$= -(1000000 + 210000 + 14700 + 343) $$= -1225043$
- $(-299)^3 = -(300 – 1)^3 $$= -(27000000 – 270000 + 900 – 1) $$= -26730899$
प्रश्न 3. निम्नलिखित बीजीय व्यंजकों का गुणनखंडन करें :
$4y^2 + 1 + \dfrac{1}{16y^2} = \left(2y + \dfrac{1}{4y}\right)^2$
- $9m^2 – \dfrac{1}{25n^2} =$$ \left(3m – \dfrac{1}{5n}\right)\left(3m + \dfrac{1}{5n}\right)$
- $27b^3 – \dfrac{1}{64b^3} =$$ \left(3b – \dfrac{1}{4b}\right)\left(9b^2 + \dfrac{3}{4} + \dfrac{1}{16b^2}\right)$
- $x^2 + \dfrac{5x}{6} + \dfrac{1}{6} =$$ \left(x + \dfrac{1}{2}\right)\left(x + \dfrac{1}{3}\right)$
- $27u^3 – \dfrac{1}{125} – \dfrac{27u^2}{5} + \dfrac{9u}{25}$$ = \left(3u – \dfrac{1}{5}\right)^3$
- $64y^3 + \dfrac{1}{125}z^3 = $$\left(4y + \dfrac{1}{5}z\right)\left(16y^2 – \dfrac{4}{5}yz + \frac{1}{25}z^2\right)$
- $p^3 + 27q^3 + r^3 – 9pqr =$$ (p+3q+r)(p^2 + 9q^2 + r^2 – 3pq – 3qr – rp)$
- $9x^3 – \dfrac{8}{3}y^3 + \dfrac{z^3}{3} + 6xyz$
- हल: $\dfrac{1}{3}\left[27x^3 – 8y^3 + z^3 + 18xyz\right] = $$\frac{1}{3}(3x – 2y + z)$$(9x^2 + 4y^2 + z^2 + 6xy + 2yz – 3zx)$
- (ix) $9m^2 – 12m + 4 = (3m – 2)^2$
- (x) $4x^2 + 9y^2 + 36z^2 + 12xz + 36yz + 24xy $$= (2x + 3y + 6z)^2$
- (xi) $27u^3 – \dfrac{1}{216} – \dfrac{9u^2}{2} + \dfrac{u}{4} = \left(3u – \dfrac{1}{6}\right)^3$
प्रश्न 4. सरल करें :
- $\dfrac{4x^2 + 4x + 1}{4x^2 – 1} =$$ \dfrac{(2x+1)^2}{(2x-1)(2x+1)} = \dfrac{2x+1}{2x-1}$
- $\dfrac{9(3a^3 – 24b^3)}{9a^2 – 36b^2} =$$ \dfrac{27(a-2b)(a^2+2ab+4b^2)}{9(a-2b)(a+2b)} $$= \dfrac{3(a^2 + 2ab + 4b^2)}{a+2b}$
- $\dfrac{s^3 + 125t^3}{s^2 – 2st – 35t^2} =$$ \dfrac{(s+5t)(s^2-5st+25t^2)}{(s-7t)(s+5t)} $$= \dfrac{s^2 – 5st + 25t^2}{s-7t}$
प्रश्न 5. आयत के संभावित विमाओं के व्यंजक :
- $25a^2 – 30ab + 9b^2 = (5a – 3b)^2 \Rightarrow$ लंबाई $= 5a-3b$, चौड़ाई $= 5a-3b$
- $36s^2 – 49t^2 = (6s – 7t)(6s + 7t) \Rightarrow$ लंबाई $= 6s+7t$, चौड़ाई $= 6s-7t$
प्रश्न 6. घनाभों की संभावित विमाएँ :
- $6a^2 – 24b^2 = 6(a-2b)(a+2b) \Rightarrow$ विमाएँ: $6, (a-2b), (a+2b)$
- $3ps^2 – 15ps + 12p = 3p(s-4)(s-1) \Rightarrow$ विमाएँ: $3p, (s-4), (s-1)$
प्रश्न 7. वर्गाकार खेल मैदान (भुजा 40 मीटर) के चारों ओर $s$ मीटर का मार्ग :
- हल: यदि मार्ग बाहर की ओर है, तो बाहरी वर्ग की भुजा $= 40 + 2s$ मीटर । मार्ग का क्षेत्रफल$$ = (40 + 2s)^2 – 40^2 =$$$$ 1600 + 160s + 4s^2 – 1600 = $$$$4s^2 + 160s $$ वर्ग मीटर
प्रश्न 8. संख्या और उसके व्युत्क्रम का योग $\dfrac{10}{3}$ है :
- हल: $x + \dfrac{1}{x} = \dfrac{10}{3} $$\Rightarrow 3x^2 – 10x + 3 = 0 $$\Rightarrow (3x-1)(x-3) = 0 $$\Rightarrow x = 3$ या $x = \dfrac{1}{3}$ ।
प्रश्न 9. पूल का क्षेत्रफल $2x^2 + 7x + 3$, चौड़ाई $2x + 1$ :
- हल: लंबाई $$= \frac{2x^2 + 7x + 3}{2x + 1} $$$$= \frac{(2x+1)(x+3)}{2x+1} = x + 3 $$हस्त
प्रश्न 10. यदि $(x-2)$ और $\left(x-\dfrac{1}{2}\right)$ दोनों $px^2 + 5x + r$ के गुणनखंड हैं, तो दर्शाएं कि $p=r$ :
- प्रमाण: गुणनखंड प्रमेय से $x=2$ और $x=\dfrac{1}{2}$ पर बहुपद का मान $0$ होगा । $$4p + 10 + r = 0 $$ और $$ \frac{p}{4} + \frac{5}{2} + r = 0$$$$ \Rightarrow p + 10 + 4r = 0$$ दोनो को बराबर करने पर: $4p + r = p + 4r $$\Rightarrow 3p = 3r \Rightarrow p = r$
प्रश्न 11. यदि $a+b+c = 5$ और $ab+bc+ca = 10$, तो सिद्ध करें कि $a^3+b^3+c^3-3abc = -25$ :
- प्रमाण:$(a+b+c)^2 =$$ a^2+b^2+c^2 + 2(ab+bc+ca)$$ \Rightarrow 25 = a^2+b^2+c^2 + 20$$ \Rightarrow a^2+b^2+c^2 = 5$$a^3+b^3+c^3-3abc = $$(a+b+c)(a^2+b^2+c^2 – (ab+bc+ca)) $$= 5(5 – 10) = -25$
प्रश्न 12. जाँच करें कि $n^3-n$ हमेशा 6 से विभाज्य है :
- प्रमाण: $n^3-n = (n-1)n(n+1)$, जो तीन क्रमागत संख्याएँ हैं । इनमें से कम से कम एक 2 से और ठीक एक 3 से विभाज्य होगी, अतः इनका गुणनफल $2 \times 3 = 6$ से सदैव विभाज्य होगा।
प्रश्न 13. मान ज्ञात करें :
- $x^3+y^3-12xy+64$ जब $x+y=-4 \Rightarrow$ चूंकि $x+y+4=0 \Rightarrow$ उत्तर $= 0$
- $x^3-8y^3-36xy-216$ जब $x=2y+6 \Rightarrow$ चूंकि $x-2y-6=0 \Rightarrow$ उत्तर $= 0$
विगत वर्षों के प्रश्न (PYQs and Board Exam Trend Analysis)
विगत वर्षों में विभिन्न राज्य बोर्डों और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में इस अध्याय से पूछे गए प्रश्नों की प्रवृत्ति निम्नलिखित रही है :
विगत वर्षों के चुनिंदा प्रश्न (PYQs)
- बिहार बोर्ड (2024): यदि $a^2 + b^2 + c^2 = 25$ और $ab + bc + ca = 10$ हो, तो $a+b+c$ का धनात्मक मान ज्ञात करें।
- हल:$$(a+b+c)^2 = $$$$a^2 + b^2 + c^2 + 2(ab + bc + ca)$$$$(a+b+c)^2 = 25 + 2(10) = 45 $$$$\implies a+b+c = \sqrt{45} = 3\sqrt{5}$$
- यू.पी. बोर्ड (2025): गुणनखंडन करें: $x^3 – 23x^2 + 142x – 120$।
- हल: शेषफल प्रमेय से, $x = 1$ रखने पर मान शून्य होता है। अतः $(x-1)$ एक गुणनखंड है । भाग देने पर प्राप्त द्विघात बहुपद $x^2 – 22x + 120$ का गुणनखंडन $(x-10)(x-12)$ होगा । अतः गुणनखंड $(x-1)(x-10)(x-12)$ हैं ।
- NTSE फाउंडेशन (2023): यदि $x + \dfrac{1}{x} = 4$ हो, तो $x^4 + \dfrac{1}{x^4}$ का मान क्या होगा?
- हल:$$\left(x + \frac{1}{x}\right)^2 = 16 $$$$\implies x^2 + \frac{1}{x^2} = 14$$$$\left(x^2 + \frac{1}{x^2}\right)^2 = 196 $$$$\implies x^4 + \frac{1}{x^4} = 196 – 2 = 194$$
योग्यता आधारित और केस स्टडी प्रश्न।
खण्ड अ: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
- यदि $x^2 – y^2 = 80$ और $x-y = 8$ हो, तो $x+y$ का मान होगा:
- (A) $8$
- (B) $10$
- (C) $12$
- (D) $16$
- उत्तर: (B) (संकेत: $(x-y)(x+y) = 80 \Rightarrow 8(x+y) = 80$)
- व्यंजक $8a^3 – b^3 – 12a^2b + 6ab^2$ का गुणनखंडित रूप है:
- (A) $(2a+b)^3$
- (B) $(2a-b)^3$
- (C) $(a-2b)^3$
- (D) $(8a-b)^3$
- उत्तर: (B)
- यदि $x+y+z = 0$ हो, तो $\dfrac{x^2}{yz} + $$\dfrac{y^2}{zx} + \dfrac{z^2}{xy}$ का मान क्या होगा?
- (A) $0$
- (B) $1$
- (C) $3$
- (D) $9$
- उत्तर: (C) (संकेत: लघुत्तम समापवर्त्य $xyz$ लेने पर अंश $x^3+y^3+z^3 = 3xyz$ हो जाता है)
खण्ड ब: लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
- यदि $a+b=10$ और $ab=21$ हो, तो $a^3+b^3$ का मान ज्ञात करें ।
- हल:$$a^3+b^3 = (a+b)^3 – 3ab(a+b) =$$$$ 10^3 – 3(21)(10) = 1000 – 630 = 370$$
- सिद्ध करें कि $(x+y)^2 – (x-y)^2 = 4xy$
- हल: LHS का प्रसार करने पर: $(x^2+2xy+y^2) – (x^2-2xy+y^2)$$ = 4xy = \text{RHS}$ ।
खण्ड स: अभिकथन एवं कारण प्रश्न (Assertion-Reason Questions)
निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों में दो वक्तव्य दिए गए हैं – एक अभिकथन (A) और दूसरा कारण (R) । उपयुक्त विकल्प चुनें :
- (a) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है ।
- (b) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है ।
- (c) A सत्य है लेकिन R असत्य है ।
- (d) A असत्य है लेकिन R सत्य है ।
- अभ अभिकथन (A): $(205)^2$ का मान सीधे गुणा किए बिना $42025$ प्राप्त होता है । कारण (R): इसके लिए हम $(a+b)^2 = a^2 + 2ab + b^2$ का प्रयोग करते हैं जहाँ $a=200$ और $b=5$ ।
- उत्तर: (a)
- अभिकथन (A): $(x-3)^2$ का अंतिम पद $-9$ होता है । कारण (R): ऋणात्मक पद का वर्ग हमेशा धनात्मक होता है ।
- उत्तर: (d) (अभिकथन असत्य है क्योंकि $(x-3)^2 = x^2-6x+9$ होता है, अंतिम पद $+9$ है) ।
खण्ड द: केस स्टडी आधारित प्रश्न (Case Study Questions)
केस स्टडी 1: कम्युनिटी पार्क का निर्माण (The Community Garden Plot)
एक आवासीय कॉलोनी में एक नया आयताकार पार्क बनाया जाना है, जिसकी चौड़ाई उसकी लंबाई से $5$ मीटर कम है । इस पार्क का कुल नियोजित क्षेत्रफल $84$ वर्ग मीटर है ।
- यदि लंबाई $x$ मीटर है, तो चौड़ाई को $x$ के रूप में लिखें और क्षेत्रफल का द्विघात समीकरण बनाएं ।
- उत्तर: चौड़ाई $= (x-5)$ मीटर । समीकरण: $x(x-5) = 84 \implies x^2 – 5x – 84 = 0$ ।
- इस द्विघात समीकरण का मध्य पद विभाजित करके गुणनखंडन करें ।
- उत्तर: $x^2 – 12x + 7x – 84 = 0 $$\implies (x-12)(x+7) = 0$ ।
- पार्क की वास्तविक लंबाई और चौड़ाई ज्ञात करें ।
- उत्तर: $x = 12$ मीटर (लंबाई) और चौड़ाई $= 12 – 5 = 7$ मीटर ।
- ऋणात्मक मान $x = -7$ को क्यों अस्वीकार कर दिया गया?
- उत्तर: क्योंकि लंबाई एक भौतिक राशि है जो कभी ऋणात्मक नहीं हो सकती ।
उच्च स्तरीय चिंतन कौशल प्रश्न (HOTS Questions)
- प्रश्न: यदि $x^4 + \dfrac{1}{x^4} = 119$ हो, तो $x^3 – \dfrac{1}{x^3}$ का मान ज्ञात करें (जहाँ $x > 0$)।
- हल:$$\left(x^2 + \frac{1}{x^2}\right)^2 $$$$= x^4 + \frac{1}{x^4} + 2 = 119 + 2 = 121 $$$$\implies x^2 + \frac{1}{x^2} = 11 $$ चूंकि $$ x^2 > 0)$$ अब, $\left(x – \dfrac{1}{x}\right)^2 $$$= x^2 + \dfrac{1}{x^2} – 2 = 11 – 2 = 9 $$$\implies x – \dfrac{1}{x} = 3$ । हम जानते हैं कि: $$x^3 – \frac{1}{x^3} = $$$$\left(x – \frac{1}{x}\right)\left(x^2 + 1 + \frac{1}{x^2}\right) $$$$= 3 \times (11 + 1) = 3 \times 12 = 36$$
- प्रश्न: यदि $a+b+c = 0$ हो, तो सिद्ध करें कि $\dfrac{(a+b)^2}{ab} +$$ \dfrac{(b+c)^2}{bc} + \dfrac{(c+a)^2}{ca} = 3$।
- प्रमाण: चूंकि $a+b+c = 0$, इसलिए $a+b = -c$, $b+c = -a$, और $c+a = -b$ । इन मानों को दिए गए व्यंजक में प्रतिस्थापित करने पर: $$\text{LHS} = \frac{(-c)^2}{ab} + \frac{(-a)^2}{bc} + \frac{(-b)^2}{ca} = $$$$\frac{c^2}{ab} + \frac{a^2}{bc} + \frac{b^2}{ca}$$लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) $xyz$ (यहाँ $abc$) लेने पर:$$\text{LHS} = \frac{a^3 + b^3 + c^3}{abc}$$ हम जानते हैं कि यदि $a+b+c = 0$ हो, तो $a^3+b^3+c^3 = 3abc$ होता है । $$\text{LHS} = \frac{3abc}{abc} = 3 = \text{RHS}$$
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सर्वसमिका और समीकरण में बुनियादी अंतर क्या है?
सर्वसमिका चर के सभी मानों के लिए सत्य होती है, जबकि समीकरण केवल कुछ विशिष्ट हल के लिए ही सत्य होता है ।
क्या $(a-b)^2 = a^2 – 2ab – b^2$ लिखना सही है?
नहीं, यह गलत है । अंतिम पद हमेशा $+b^2$ होता है क्योंकि ऋणात्मक संख्या का वर्ग धनात्मक होता है।
बीजगणित टाइल्स का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह अमूर्त बीजगणितीय गुणनखंडन को क्षेत्रफल के रूप में देखने में मदद करती हैं ।
क्या मेरा बच्चा बिना बीजगणित टाइल्स के इस अध्याय को सीख सकता है?
हाँ, लेकिन टाइल्स से सीखने पर उसकी दृश्य और तार्किक क्षमता का विकास अधिक होता है जो भविष्य की परीक्षाओं में सहायक है ।
कक्षा में इष्ट-गुणन (Ista-gunana) और आधुनिक गुणन के संबंधों को कैसे प्रस्तुत करें?
छात्रों को वितरणात्मक नियम का इतिहास समझाते हुए प्राचीन भारतीय गणितीय पद्धतियों से जोड़ें ।
“ए क्यूब माइनस बी क्यूब का सूत्र क्या है?”
उत्तर: $a^3 – b^3 = (a-b)(a^2 + ab + b^2)$ ।
सामान्य गलतियाँ और सुधार के उपाय (Common Mistakes)
- गलती 1 (जल्दबाजी की भूल): छात्र प्रायः $(a+b)^2 = a^2 + b^2$ लिख देते हैं और मध्य पद $2ab$ को छोड़ देते हैं ।
- सुधार उपाय: हमेशा वर्ग को एक बड़े वर्ग के क्षेत्रफल के रूप में विज़ुअलाइज़ करें, जिसमें दो आयताकार पट्टियाँ ($2ab$) भी होती हैं ।
- गलती 2 (चिन्हों की भूल): $(a-b)^3$ का प्रसार करते समय सभी पदों को ऋणात्मक लिख देना ।
- सुधार उपाय: याद रखें कि चिन्ह हमेशा एकांतर क्रम ($+, -, +, -$) में चलते हैं ।
- गलती 3 (परिमेय व्यंजक): बिना प्रतिबंध लिखे समान गुणनखंडों को काट देना ।
- सुधार उपाय: अंतिम उत्तर के साथ हमेशा $x \neq \text{value}$ लिखें ।
दोहराव नोट्स।
- द्विघाती रीढ़: $(a \pm b)^2 = a^2 \pm 2ab + b^2$
- वर्गों का अंतर: $a^2 – b^2 = (a-b)(a+b)$
- श्रीधराचार्य की त्वरित विधि: $a^2 = (a+b)(a-b) + b^2$
- त्रिघाती रीढ़: $(a \pm b)^3 = a^3 \pm 3a^2b + 3ab^2 \pm b^3$
- शून्य का विशेष नियम: यदि $a+b+c = 0$ हो, तो $a^3+b^3+c^3 = 3abc$ ।
- परिमेय व्यंजक का स्वर्णिम नियम: हर कभी शून्य नहीं हो सकता ।
याद रखने के ट्रिक्स
चिन्ह याद रखने की “एकांतर ट्रिक” (Alternating Sign Rule)
- जब भी कोष्ठक के अंदर ऋण चिन्ह ($-$) हो और घात विषम (Odd) हो, तो उस पद का चिन्ह ऋणात्मक होगा ।
- जैसे $(a-b)^3$ में $b$ की घात $1$ और $3$ वाले पद ऋणात्मक होंगे (अर्थात $-3a^2b$ और $-b^3$) ।
सारांश :
बीजीय सर्वसमिकाएँ गणित की अमूर्त दुनिया को सुलझाने वाली अत्यंत शक्तिशाली चाबियाँ हैं । इस अध्याय के माध्यम से हमने सीखा कि कैसे ज्यामिति और बीजगणित का अद्भुत संगम हमारे गणना कौशल को असीमित विस्तार देता है । यदि छात्र नियमित रूप से इन सर्वसमिकाओं के ज्यामितीय मॉडलों का अभ्यास करेंगे, तो न केवल बोर्ड परीक्षाओं में बल्कि भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी वे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे ।
कक्षा 9th गणित के नवीनतम पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तक के लिए, आप NCERT की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।”
