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1.परिचय (समीकरण $x^2 + 1 = 0$ की पहेली)

मेरी कक्षा का एक अनुभव: जब $x^2 + 1 = 0$ ने खोली एक नई दुनिया
रोज़ की तरह जब मैंने अपनी गणित की कक्षा में श्यामपट्ट (Blackboard) पर एक अत्यंत सरल दिखने वाला द्विघात समीकरण लिखा:
$$x^2 + 1 = 0$$
तो पूरी कक्षा में एक शांत कौतूहल छा गया। मैंने मुस्कुराते हुए छात्रों की तरफ देखा और पूछा, “क्या आपमें से कोई इस समीकरण का हल बता सकता है?”
मेरी उम्मीद के मुताबिक, कक्षा का सबसे होनहार छात्र अपनी सीट से उठ खड़ा हुआ और पूरे आत्मविश्वास के साथ गणना शुरू की। उसने बोर्ड पर लिखा:
$$x^2 = -1$$
…और इसके बाद वह अचानक ठिठक गया। कुछ पल सोचने के बाद उसने असमंजस में मुझसे कहा, “सर, वास्तविक संख्या प्रणाली (Real Number System) में ऐसी कोई संख्या ही नहीं है जिसका वर्ग करने पर एक ऋणात्मक परिणाम प्राप्त हो। क्योंकि हम जानते हैं कि प्रत्येक वास्तविक संख्या का वर्ग सदैव धनात्मक या शून्य होता है।”
तार्किक सीमा का विस्तार और ‘आईओटा’ ($i$) का जन्म
छात्र की इस सटीक तार्किक उलझन को देखकर मेरे चेहरे पर एक स्वाभाविक मुस्कान आ गई। मैंने उसकी बात का पूरा समर्थन किया और पूरी कक्षा को संबोधित करते हुए समझाया कि यहीं से मानव मस्तिष्क की तार्किक सीमा का विस्तार होता है।
जब हमारी परिचित वास्तविक संख्या रेखा (Real Number Line) इस छोटे से समीकरण $x^2 + 1 = 0$ का समाधान देने में पूरी तरह असमर्थ हो गई, तो गणितज्ञों के सामने एक ठहराव आ गया। लेकिन गणित कभी रुकता नहीं; यहीं से एक नए संख्या साम्राज्य की खोज की शुरुआत हुई।
मैंने छात्रों को इस ऐतिहासिक मोड़ की कहानी सुनाते हुए बताया कि कैसे स्विट्जरलैंड के महान गणितज्ञ लियोनार्ड यूलर (Leonhard Euler) ने 1748 में एक क्रांतिकारी प्रतीक दुनिया के सामने रखा, जिसे उन्होंने ‘आईओटा’ ($i$) नाम दिया।
मैंने बोर्ड पर आगे का समाधान लिखते हुए उन्हें समझाया:
$$x = \pm\sqrt{-1}$$
जहाँ, $$ \sqrt{-1} = i$$
यदि हम इस $\sqrt{-1}$ को एक काल्पनिक इकाई (Imaginary Unit) $i$ मान लें, तो गणित के कई अनसुलझे रहस्य पल भर में सुलझ जाते हैं।
कक्षा के अंत में मैंने बच्चों को बताया कि आज श्यामपट्ट पर उपजी इसी छोटी सी उलझन और इसी काल्पनिक इकाई की मजबूत नींव पर, गणित के सबसे विशाल और खूबसूरत साम्राज्यों में से एक—सम्मिश्र संख्याओं (Complex Numbers) का निर्माण हुआ है। बच्चों की आँखों में गणित के प्रति एक नया विस्मय और सम्मान साफ देखा जा सकता था।
2. इस अध्याय को पढ़ने से पहले आवश्यक पूर्व-ज्ञान (Prerequisites)

शिक्षकों का मानना है कि किसी भी नए गणितीय महल के निर्माण के लिए उसकी नींव का मजबूत होना आवश्यक है। सम्मिश्र संख्याओं के सिद्धांतों को सहजता से आत्मसात करने के लिए विद्यार्थियों के पास निम्नलिखित चार मूलभूत क्षेत्रों का स्पष्ट ज्ञान होना चाहिए:
- वास्तविक संख्या प्रणाली: परिमेय, अपरिमेय और वास्तविक संख्याओं के समुच्चय की गहरी समझ, क्योंकि सम्मिश्र संख्या का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं वास्तविक संख्याओं से मिलकर बनता है ।
- द्विघात समीकरण का बुनियादी ज्ञान: कक्षा 10 में पढ़ा गया श्रीधराचार्य सूत्र और विविक्तकर ($D = b^2 – 4ac$) की अवधारणा, विशेष रूप से वह स्थिति जब $D < 0$ होता था ।
- घातांक के नियम: घातों के गुणा और भाग संबंधी नियम, जैसे $a^m \cdot a^n = a^{m+n}$ और $(a^m)^n = a^{mn}$। ये नियम काल्पनिक इकाई $i$ की उच्च घातों को सरल करने में रीढ़ की हड्डी का काम करते हैं।
- त्रिकोणमिति के मूलभूत सिद्धांत: विशेषकर चतुर्थांशों (Quadrants) के नियम और मुख्य कोणों पर त्रिकोणमितीय अनुपातों के मान, जिनका उपयोग सम्मिश्र संख्या को ध्रुवीय रूप में बदलने के लिए किया जाता है ।
नीचे दी गई तालिका इन आवश्यक पूर्व-विषयों और इस अध्याय में उनकी सीधी उपयोगिता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है:
| पूर्व-आवश्यक विषय | मूल अवधारणा | सम्मिश्र संख्याओं में इसका प्रत्यक्ष अनुप्रयोग |
| वास्तविक संख्याएँ ($\mathbb{R}$) | $x^2 \geq 0$ सभी $x \in \mathbb{R}$ के लिए | सम्मिश्र संख्या $z = a + ib$ के वास्तविक भाग ($a$) और काल्पनिक भाग ($b$) का आधार निर्मित करना । |
| विविक्तकर ($D$) | $D = b^2 – 4ac$ | $D < 0$ होने पर सम्मिश्र मूलों (Complex Roots) की गणना और उनके संयुग्मी व्यवहार का विश्लेषण । |
| घातांक नियम | $(x^a)^b = x^{ab}$ | आईओटा ($i$) की उच्च घातों को $i^4 = 1$ के गुणक के रूप में तोड़कर सरल बनाना । |
| त्रिकोणमिति | $\cos\theta$, $\sin\theta$ के मान | सम्मिश्र संख्या को ज्यामितीय रूप से ध्रुवीय रूप $r(\cos\theta + i\sin\theta)$ में परिवर्तित करना । |
3. अध्याय का वैचारिक मानचित्र (Mind Map)
विद्यार्थियों के मस्तिष्क में इस अध्याय की पूरी संरचना को स्पष्ट करने के लिए शिक्षक श्यामपट्ट पर एक वैचारिक मानचित्र (Mind Map) का निर्माण करते हैं। यह मानचित्र दिखाता है कि कैसे एक छोटी सी काल्पनिक इकाई पूरे सम्मिश्र बीजगणित और ज्यामिति को नियंत्रित करती है:
[काल्पनिक इकाई आयोटा (i = √-1)]
│
▼
[सम्मिश्र संख्या का मानक रूप: z = a + ib]
│
┌───────────────────────┴───────────────────────┐
▼ ▼
[बीजगणितीय संक्रियाएँ] [ज्यामितीय निरूपण]
(योग, व्यवकलन, गुणन, विभाजन) (आर्गण्ड समतल)
│ │
┌────────┴────────┐ ┌────────┴────────┐
▼ ▼ ▼ ▼
[संयुग्मी (Conjugate)][मापांक (Modulus)] [कोणांक (Argument)] [ध्रुवीय रूप (Polar Form)]
z̄ = a - ib |z| = √(a²+b²) θ = arg(z) z = r(cosθ + i sinθ)
│ │ │ │
└────────┬────────┘ └────────┬────────┘
▼ ▼
[सम्मिश्र संख्या का वर्गमूल] [द्विघात समीकरण के सम्मिश्र मूल]
√(a + ib) = ±(x + iy) D < 0 होने पर x = (-b ± i√-D) / 2a
│ │
└───────────────────────┬───────────────────────┘
▼
[इकाई के घनमूल (JEE)]
1, ω, ω²
इस मानचित्र से स्पष्ट है कि यह अध्याय बीजगणित और ज्यामिति का एक अत्यंत सुंदर संगम है, जहाँ संख्याएँ केवल रेखाओं पर नहीं चलतीं, बल्कि पूरे समतल पर तैरती हैं।
4. सम्मिश्र संख्या क्या है? (ज्यामितीय एवं दृश्य व्याख्या)

कक्षा में विषय को और अधिक रोचक बनाने के लिए शिक्षक एक आरेख का सहारा लेते हैं। वे समझाते हैं कि सामान्यतः हम वास्तविक संख्याओं को एक-आयामी संख्या रेखा पर दर्शाते हैं। यदि हम इस संख्या रेखा पर दाहिनी ओर चलें तो धनात्मक संख्याएँ मिलती हैं, और बाईं ओर चलें तो ऋणात्मक। लेकिन जब हम $\sqrt{-1}$ जैसी संख्याओं की बात करते हैं, तो हम इस एक-आयामी रेखा से बाहर निकल जाते हैं।
मान लीजिए कि संख्या रेखा के लंबवत एक नया अक्ष खींचा जाए। इस नए अक्ष को हम “काल्पनिक अक्ष” (Imaginary Axis) कहेंगे और मूल क्षैतिज रेखा को “वास्तविक अक्ष” (Real Axis) कहेंगे । इन दोनों अक्षों के संयोजन से बनने वाले समतल को आर्गण्ड समतल (Argand Plane) कहा जाता है ।
काल्पनिक अक्ष (Imaginary Axis)
▲
│ • P(a, b) --> z = a + ib
│ /│
│ / │
│ / │ b (काल्पनिक भाग)
│/ │
──────────────────────────────────┼────┴────────────────► वास्तविक अक्ष (Real Axis)
O │ a (वास्तविक भाग)
│
यदि कोई बिंदु $P$ इस समतल पर स्थित है जिसके निर्देशांक $(a, b)$ हैं, तो यह बिंदु सम्मिश्र संख्या $z = a + ib$ को निरूपित करता है । यहाँ:
- $a$ वास्तविक भाग है, जिसे $\operatorname{Re}(z)$ लिखते हैं ।
- $b$ काल्पनिक भाग है, जिसे $\operatorname{Im}(z)$ लिखते हैं ।
इस प्रकार, सम्मिश्र संख्या प्रणाली ($\mathbb{C}$) वास्तविक संख्या प्रणाली ($\mathbb{R}$) का एक व्यापक रूप है । गणितीय भाषा में, $\mathbb{R} \subset \mathbb{C}$ ।
5. आयोटा ($i$) की सम्पूर्ण समझ और चक्र

शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर $i$ की घातों को लिखना शुरू करते हैं और छात्रों को एक बेहद खूबसूरत गणितीय चक्र दिखाते हैं। वे बताते हैं कि $i$ की घातें एक निश्चित आवृत्ति के बाद खुद को दोहराती हैं ।
आईओटा की बुनियादी घातें:
$$i^1 = i$$
$$i^2 = -1$$
$$i^3 = i^2 \cdot i = (-1) \cdot i = -i$$
$$i^4 = (i^2)^2 = (-1)^2 = 1$$
यदि हम इसके आगे की घातों पर विचार करें, तो यह चक्र पुनः प्रारंभ हो जाता है:
$$i^5 = i^4 \cdot i = 1 \cdot i = i$$
$$i^6 = i^4 \cdot i^2 = 1 \cdot (-1) = -1$$
$$i^7 = i^4 \cdot i^3 = 1 \cdot (-i) = -i$$
$$i^8 = (i^4)^2 = 1^2 = 1$$
आईओटा चक्र का नियम (The Iota Cycle Rules)
शिक्षक एक महत्वपूर्ण शॉर्टकट समझाते हैं: किसी भी पूर्णांक $n$ के लिए, $i^n$ का मान ज्ञात करने के लिए हमें $n$ को 4 से विभाजित करना चाहिए। यदि शेषफल $r$ बचता है, तो $i^n = i^r$ होगा ।
गणितीय रूप से, यदि $n = 4k + r$, जहाँ $k \in \mathbb{Z}$ और $0 \leq r < 4$, तो:
$$i^n = i^r$$
| शेषफल (r) | in का सरलतम मान |
| $0$ | $i^0 = 1$ |
| $1$ | $i^1 = i$ |
| $2$ | $i^2 = -1$ |
| $3$ | $i^3 = -i$ |
सुपरफास्ट ट्रिक्स और परीक्षा में पूछे गए बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
- शॉर्टकट ट्रिक 1: लगातार चार पूर्णांक घातों वाले आईओटा का योग सदैव शून्य होता है।$$i^n + i^{n+1} + i^{n+2} + i^{n+3} = 0$$उदाहरण: $i^{98} + i^{99} + i^{100} + i^{101} = 0$
- शॉर्टकट ट्रिक 2: ऋणात्मक घातों को सरल करना । यदि $i^{-k}$ दिया हो, तो इसे $\frac{1}{i^k}$ के रूप में लिखें । फिर अंश और हर में उचित घात से गुणा करके हर को $i^4 = 1$ में बदलें।
परीक्षा में पूछा गया उदाहरण 1:
प्रश्न: $i^{39}$ का मान ज्ञात कीजिए । हल: हम जानते हैं कि $39 = 4 \times 9 + 3$ । अतः, $i^{39} = i^{4 \times 9 + 3} = (i^4)^9 \cdot i^3 = (1)^9 \cdot (-i) = -i$ ।
परीक्षा में पूछा गया उदाहरण 2:
प्रश्न: $i^9 + i^{19}$ का मान सरल कीजिए । हल:
$$i^9 = i^{4 \times 2 + 1} = i^1 = i$$
$$i^{19} = i^{4 \times 4 + 3} = i^3 = -i$$
$$i^9 + i^{19} = i + (-i) = 0$$
बोर्ड परीक्षा का सबसे बड़ा जाल: $\sqrt{a} \cdot \sqrt{b} \neq \sqrt{ab}$ (जब दोनों ऋणात्मक हों)
कक्षा में शिक्षक विशेष जोर देकर ब्लैकबोर्ड पर लाल चाक से लिखते हैं: “चेतावनी! यहाँ 90% छात्र गलती करते हैं।” वास्तविक संख्याओं में हम जानते हैं कि $\sqrt{a} \cdot \sqrt{b} = \sqrt{ab}$ । लेकिन यह नियम तभी लागू होता है जब $a$ और $b$ में से कम से कम एक संख्या धनात्मक या शून्य हो । यदि दोनों संख्याएँ ऋणात्मक हैं, तो यह नियम पूर्णतः गलत हो जाता है ।
- गलत विधि: $\sqrt{-4} \cdot \sqrt{-9} = \sqrt{(-4) \times (-9)} $$ $$= \sqrt{36} = 6$ (यह सर्वथा त्रुटिपूर्ण है)
- सही विधि: $\sqrt{-4} = 2i$ और $\sqrt{-9} = 3i$ $$\sqrt{-4} \cdot \sqrt{-9} = (2i) \cdot (3i) $$ $$= 6i^2 = 6(-1) = -6$$
6. सम्मिश्र संख्या का मानक रूप ($z = a + ib$)

शिक्षक समझाते हैं कि किसी भी सम्मिश्र संख्या को उसके सबसे सरल और प्रामाणिक रूप $z = a + ib$ में लिखना ही उसका मानक रूप (Standard Form) कहलाता है ।
- वास्तविक भाग ($\operatorname{Re}(z)$): बिना $i$ वाला पद, अर्थात $a$ ।
- काल्पनिक भाग ($\operatorname{Im}(z)$): $i$ का गुणांक, अर्थात $b$ । ध्यान रहे कि काल्पनिक भाग $ib$ नहीं बल्कि केवल $b$ है 。
सम्मिश्र संख्याओं की तुल्यता (Equality)
दो सम्मिश्र संख्याएँ $z_1 = a + ib$ और $z_2 = c + id$ केवल और केवल तभी बराबर हो सकती हैं जब उनके वास्तविक भाग आपस में बराबर हों और काल्पनिक भाग आपस में बराबर हों ।
$$z_1 = z_2 \iff a = c \quad \text{तथा} \quad b = d$$
इस पर आधारित बोर्ड परीक्षा का प्रश्न:
प्रश्न: यदि $4x + i(3x – y) = 3 + i(-6)$, जहाँ $x$ और $y$ वास्तविक संख्याएँ हैं, तो $x$ और $y$ के मान ज्ञात कीजिए।
हल: दोनों पक्षों के वास्तविक और काल्पनिक भागों की तुलना करने पर:
$$4x = 3 \implies x = \frac{3}{4}$$
$$3x – y = -6$$
$x$ का मान दूसरे समीकरण में रखने पर:
$$3\left(\frac{3}{4}\right) – y = -6 \implies \frac{9}{4} + 6 = y $$ $$\implies y = \frac{33}{4}$$
7. सम्मिश्र संख्याओं पर बुनियादी संक्रियाएँ (Operations)
सम्मिश्र संख्याओं पर बुनियादी बीजगणितीय संक्रियाएँ वास्तविक बीजगणित की तरह ही की जाती हैं, जहाँ केवल $i^2$ प्राप्त होने पर उसे $-1$ से प्रतिस्थापित कर दिया जाता है ।
1. योग (Addition):
$$(a + ib) + (c + id) = (a + c) + i(b + d)$$
2. व्यवकलन (Subtraction):
$$(a + ib) – (c + id) = (a – c) + i(b – d)$$
3. गुणन (Multiplication):
जब हम दो सम्मिश्र संख्याओं का गुणा करते हैं, तो वितरण नियम (Distributive Law) का उपयोग किया जाता है ।
$$(a + ib)(c + id) = a(c + id) + ib(c + id) $$ $$= ac + iad + ibc + i^2bd$$
चूँकि $i^2 = -1$, हमें प्राप्त होता है:
$$(a + ib)(c + id) = (ac – bd) + i(ad + bc)$$
4. विभाजन (Division):
विभाजन करने के लिए, हर के संयुग्मी (conjugate) से अंश और हर दोनों में गुणा किया जाता है ताकि हर एक शुद्ध वास्तविक संख्या बन जाए ।
$$\frac{a + ib}{c + id} = \frac{(a + ib)(c – id)}{(c + id)(c – id)} $$ $$= \frac{(ac + bd) + i(bc – ad)}{c^2 + d^2}$$
नीचे दी गई तालिका संक्रियाओं के दौरान होने वाली आम चिन्ह-त्रुटियों और उनके सही रूपों को प्रदर्शित करती है:
| संक्रिया | छात्रों द्वारा की जाने वाली आम गलती | सही गणितीय रूप |
| गुणन | $(a+ib)(c+id) = ac + i^2bd$ | $(ac-bd) + i(ad+bc)$ |
| विभाजन | $\frac{1}{i} = i$ | $\frac{1}{i} = -i$ (परिमेयकरण के पश्चात) |
| वर्ग | $(1-i)^2 = 1 – i^2 = 2$ | $(1-i)^2 = 1 + i^2 – 2i = -2i$ |
8. सम्मिश्र संख्या का संयुग्मी (Conjugate of a Complex Number)

“संयुग्मी” शब्द का अर्थ है जोड़ा। सम्मिश्र संख्या $z = a + ib$ का संयुग्मी $\bar{z}$ (पढ़ा जाता है $z$ बार) होता है, जिसे काल्पनिक भाग का चिन्ह बदलकर प्राप्त किया जाता है ।
$$\bar{z} = a – ib$$
दर्पण प्रतिबिंब की अद्भुत सदृश्यता (The Mirror Analogy)
शिक्षक छात्रों को इसे ज्यामितीय रूप से कल्पना करने के लिए कहते हैं। यदि हम वास्तविक अक्ष (Real Axis) को एक समतल दर्पण (Mirror) मान लें, तो बिंदु $P(a, b)$ का प्रतिबिंब दर्पण के दूसरी ओर $Q(a, -b)$ पर दिखाई देगा । यही प्रतिबिंब संयुग्मी सम्मिश्र संख्या को दर्शाता है ।
▲ काल्पनिक अक्ष (Imaginary Axis)
│
z (a,b) •
│ \
│ \
│ \
───────────────────────────┼────┴────────────────► वास्तविक अक्ष (दर्पण)
│ /
│ /
│ /
z̄ (a,-b) •
│
संयुग्मी के महत्वपूर्ण गुणधर्म (Properties):
- $\overline{(\bar{z})} = z$
- $z + \bar{z} = 2\operatorname{Re}(z)$ (एक शुद्ध वास्तविक संख्या)
- $z – \bar{z} = 2i\operatorname{Im}(z)$
- $\overline{z_1 + z_2} = \bar{z}_1 + \bar{z}_2$
- $\overline{z_1 \cdot z_2} = \bar{z}_1 \cdot \bar{z}_2$
- $\overline{\left(\frac{z_1}{z_2}\right)} = \frac{\bar{z}_1}{\bar{z}_2}$
9. सम्मिश्र संख्या का मापांक (Modulus of a Complex Number)

मापांक किसी सम्मिश्र संख्या के “परिमाण” या उसकी मूल बिंदु से न्यूनतम दूरी को दर्शाता है ।
गणितीय परिभाषा
यदि $z = a + ib$ एक सम्मिश्र संख्या है, तो इसका मापांक $|z|$ द्वारा निरूपित किया जाता है ।
$$|z| = \sqrt{a^2 + b^2}$$
ज्यामितीय व्याख्या: पाइथागोरस प्रमेय का जादू
शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं। वे समझाते हैं कि मूल बिंदु $O(0,0)$ से बिंदु $P(a, b)$ को मिलाने वाली रेखा की लंबाई वास्तव में पाइथागोरस प्रमेय द्वारा ज्ञात की जा सकती है ।
▲ काल्पनिक अक्ष
│
│ • P(a, b)
│ /│
│ r / │
│ / │ b (लंब)
│ / │
│ / │
│ / │
───────────────────────────┼───────┴────────► वास्तविक अक्ष
O │ a (आधार)
समकोण त्रिभुज $OPM$ में, कर्ण $OP = \sqrt{OM^2 + PM^2} = \sqrt{a^2 + b^2}$ । अतः मापांक $|z|$ हमेशा एक गैर-ऋणात्मक वास्तविक संख्या होती है 。
मापांक के अति-महत्वपूर्ण गुणधर्म:
- $z \cdot \bar{z} = |z|^2$
- $|z_1 \cdot z_2| = |z_1| \cdot |z_2|$
- $\left|\frac{z_1}{z_2}\right| = \frac{|z_1|}{|z_2|}$
- $|z_1 + z_2| \leq |z_1| + |z_2|$ (त्रिभुज असमिका – Triangle Inequality)
10. आर्गण्ड समतल (Argand Plane)

“बच्चों, ध्यान से सुनो!” शिक्षक कक्षा को संबोधित करते हैं। “जिस तरह हम सामान्य निर्देशांक ज्यामिति में बिंदुओं को निरूपित करते हैं, ठीक उसी तरह सम्मिश्र संख्याओं को दर्शाने वाले समतल को आर्गण्ड समतल कहा जाता है।”
कार्तीय समतल और आर्गण्ड समतल में मुख्य अंतर:
| विशेषता | कार्तीय समतल (Cartesian Plane) | आर्गण्ड समतल (Argand Plane) |
| अक्ष | $X$-अक्ष और $Y$-अक्ष | वास्तविक अक्ष और काल्पनिक अक्ष |
| बिंदु का रूप | क्रमित युग्म $(x, y)$ | क्रमित युग्म $(x, y)$ जो $x + iy$ को दर्शाता है |
| क्रम संबंध | बिंदुओं की तुलना संभव नहीं | सम्मिश्र संख्याओं की आपस में तुलना ($z_1 > z_2$) अर्थहीन है |
मुख्य कोणांक (Principal Argument) का निर्धारण:
कोणांक $\theta = \operatorname{arg}(z)$ का मुख्य मान हमेशा $-\pi < \theta \leq \pi$ के बीच स्थित होना चाहिए । इसे ज्ञात करने की सबसे अचूक वैज्ञानिक विधि नीचे दी गई है:
- सर्वप्रथम न्यूनकोण $\alpha$ की गणना करें:$$\alpha = \tan^{-1}\left| \frac{y}{x} \right|$$
- बिंदु $(x, y)$ की चतुर्थांश स्थिति के अनुसार मुख्य कोणांक $\theta$ का निर्धारण करें:
द्वितीय चतुर्थांश (II) ▲ प्रथम चतुर्थांश (I)
θ = π - α │ θ = α
│
──────────────────────┼──────────────────────► वास्तविक अक्ष
│
θ = -π + α │ θ = -α
तृतीय चतुर्थांश (III) ▼ चतुर्थ चतुर्थांश (IV)
11. सम्मिश्र संख्या का ध्रुवीय रूप (Polar Form)

जब किसी सम्मिश्र संख्या को उसकी मूल बिंदु से दूरी ($r$) और वास्तविक अक्ष के साथ बनाए गए कोण ($\theta$) के पदों में व्यक्त किया जाता है, तो उसे ध्रुवीय रूप कहा जाता है 。
त्रिकोणमिति के सिद्धांतों के अनुसार:
$$x = r \cos \theta \quad \text{तथा} \quad y = r \sin \theta$$
इन मानों को $z = x + iy$ में रखने पर हमें प्राप्त होता है :
$$z = r(\cos \theta + i \sin \theta)$$
जहाँ:
- $r = |z| = \sqrt{x^2 + y^2}$ (मापांक)
- $\theta = \operatorname{arg}(z)$ (मुख्य कोणांक)
ध्रुवीय रूप में बदलने का एक उत्तम उदाहरण:
प्रश्न: सम्मिश्र संख्या $z = 1 + i\sqrt{3}$ को ध्रुवीय रूप में बदलिए।
हल:
- यहाँ $x = 1$ और $y = \sqrt{3}$। दोनों धनात्मक हैं, अतः बिंदु प्रथम चतुर्थांश में है।
- मापांक $r = \sqrt{1^2 + (\sqrt{3})^2} = \sqrt{1 + 3} = 2$।
- कोण $\alpha = \tan^{-1}\left|\frac{\sqrt{3}}{1}\right| = \frac{\pi}{3}$ ($60^\circ$)।
- चूंकि बिंदु प्रथम चतुर्थांश में है, अतः मुख्य कोणांक $\theta = \alpha = \frac{\pi}{3}$।
- ध्रुवीय रूप:$$z = 2\left(\cos \frac{\pi}{3} + i \sin \frac{\pi}{3}\right)$$
12. सम्मिश्र संख्या का वर्गमूल (Square Root of a Complex Number)

सम्मिश्र संख्या का वर्गमूल निकालना बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं दोनों की दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और थोड़ा कठिन विषय है 。शिक्षक इसे बहुत आसान चरणों में समझाते हैं।
मान लीजिए कि हमें $\sqrt{a + ib}$ ज्ञात करना है। हम मान लेते हैं कि :
$$\sqrt{a + ib} = \pm(x + iy)$$
वर्गमूल निकालने की चरण-दर-चरण वैज्ञानिक विधि:
- चरण 1: दिए गए सम्मिश्र संख्या का मापांक $|z| = \sqrt{a^2 + b^2}$ ज्ञात करें ।
- चरण 2: वास्तविक भाग $x$ और काल्पनिक भाग $y$ की गणना के लिए निम्नलिखित सूत्रों का उपयोग करें : $$x = \sqrt{\frac{|z| + a}{2}}$$$$y = \sqrt{\frac{|z| – a}{2}}$$
- चरण 3: यदि मूल संख्या में काल्पनिक भाग का चिन्ह धनात्मक है ($b > 0$), तो $x$ और $y$ के बीच धनात्मक चिन्ह लगाएं । यदि $b < 0$ है, तो ऋणात्मक चिन्ह लगाएं ।
$$\sqrt{a + ib} $$ $$ = \pm \left( \sqrt{\frac{|z| + a}{2}} + i \cdot \operatorname{sgn}(b) \cdot \sqrt{\frac{|z| – a}{2}} \right)$$
हल किया गया उदाहरण:
प्रश्न: $7 + 24i$ का वर्गमूल ज्ञात कीजिए 。 हल:
- यहाँ $a = 7$ और $b = 24$ (धनात्मक है) ।
- मापांक $|z| = \sqrt{7^2 + 24^2} = \sqrt{49 + 576} $$ $$= \sqrt{625} = 25$ 。
- $x = \sqrt{\frac{25 + 7}{2}} = \sqrt{16} = 4$ 。
- $y = \sqrt{\frac{25 – 7}{2}} = \sqrt{9} = 3$ 。
- चूंकि $b > 0$ है, अतः वर्गमूल $\pm(4 + 3i)$ होगा ।
13. द्विघात समीकरण (Quadratic Equations)

कक्षा में शिक्षक अब अध्याय के दूसरे बड़े हिस्से की ओर बढ़ते हैं। वे समझाते हैं कि जब हम किसी द्विघात समीकरण $ax^2 + bx + c = 0$ को हल करते हैं, तो वास्तव में हम उस परवलय (Parabola) के $X$-अक्ष के साथ प्रतिच्छेदन बिंदु खोज रहे होते हैं ।
D > 0 (दो वास्तविक मूल) D = 0 (एक स्पर्श मूल) D < 0 (कोई वास्तविक मूल नहीं)
▲ ▲ ▲
│ │ │ (हवा में तैरता ग्राफ)
┌────┼────┐ │ ┌───┼───┐
────────┼────┼────┼────────► ────────┼────────► ─────────┼───┼───┼────────►
/ │ \ ┌─┴─┐ │ │ │
जब विविक्तकर $D = b^2 – 4ac < 0$ होता है, तो ग्राफ $X$-अक्ष को कभी नहीं छूता । ऐसी स्थिति में वास्तविक मूल संभव नहीं होते, बल्कि मूल काल्पनिक या सम्मिश्र संख्या के रूप में प्राप्त होते हैं 。
14. द्विघात सूत्र की सम्पूर्ण दृश्य समझ (Quadratic Formula)
काल्पनिक मूलों को ज्ञात करने के लिए हम प्रसिद्ध द्विघात सूत्र (श्रीधराचार्य सूत्र) का उपयोग करते हैं :
$$x = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 – 4ac}}{2a}$$
जब $b^2 – 4ac < 0$ हो, तो हम इसे इस प्रकार लिख सकते हैं :
$$x = \frac{-b \pm i\sqrt{4ac – b^2}}{2a}$$
बोर्ड परीक्षा के लिए हल किया गया उदाहरण:
प्रश्न: समीकरण $x^2 + x + 1 = 0$ को हल कीजिए । हल:
- तुलना करने पर: $a = 1, b = 1, c = 1$ ।
- विविक्तकर $D = b^2 – 4ac = 1^2 – 4(1)(1) = -3$ 。
- चूंकि $D < 0$ है, अतः मूल सम्मिश्र होंगे ।
- $x = \frac{-1 \pm \sqrt{-3}}{2} = \frac{-1 \pm i\sqrt{3}}{2}$ 。
15. विविक्तकर (Discriminant – $D = b^2 – 4ac$)
विविक्तकर वह महत्वपूर्ण संख्या है जो समीकरण के हल किए बिना ही उसके मूलों के चरित्र और प्रकृति की भविष्यवाणी कर देती है ।
नीचे दी गई तालिका विविक्तकर के विभिन्न मानों और मूलों की प्रकृति के बीच के संबंध को स्पष्ट करती है:
| विविक्तकर (D) का मान | मूलों की प्रकृति (Nature of Roots) | ज्यामितीय आलेख की स्थिति |
| $D > 0$ | वास्तविक और असमान | ग्राफ $X$-अक्ष को दो स्थानों पर काटता है। |
| $D = 0$ | वास्तविक और समान | ग्राफ $X$-अक्ष को केवल एक बिंदु पर छूता है। |
| $D < 0$ | सम्मिश्र संयुग्मी (Complex Conjugate Pairs) | ग्राफ पूरी तरह से $X$-अक्ष के ऊपर या नीचे तैरता है । |
16. मूलों की प्रकृति की त्वरित सारणी (Nature of Roots Table)
यह सारणी बोर्ड परीक्षा में सीधे पूछे जाने वाले बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है:
| समीकरण | विविक्तकर (D) का मान | मूलों का प्रारूप (Root Form) | मूलों का संबंध |
| $x^2 + 9 = 0$ | $-36$ | $\pm 3i$ | शुद्ध काल्पनिक |
| $x^2 – 2x + 2 = 0$ | $-4$ | $1 \pm i$ | सम्मिश्र संयुग्मी युग्म |
| $2x^2 + x + 1 = 0$ | $-7$ | $\frac{-1 \pm i\sqrt{7}}{4}$ | सम्मिश्र संयुग्मी युग्म |
17. छात्रों द्वारा की जाने वाली सामान्य परीक्षा त्रुटियों का विश्लेषण (Common Student Mistakes)
शिक्षक अपने वर्षों के मूल्यांकन अनुभव के आधार पर बताते हैं कि परीक्षा हॉल के दबाव में छात्र कहाँ गलतियाँ करते हैं:
गलती 1: मापांक निकालते समय $i$ को भी शामिल कर लेना
- त्रुटिपूर्ण कदम: $|3 + 4i| = \sqrt{3^2 + (4i)^2} $$ $$= \sqrt{9 – 16} = \sqrt{-7}$
- सही कदम: $|3 + 4i| = \sqrt{3^2 + 4^2} = \sqrt{9 + 16} = 5$
गलती 2: सम्मिश्र संख्याओं में असमिका का उपयोग करना
- त्रुटिपूर्ण कदम: लिखना कि $2 + 3i > 1 + i$ ।
- सही संकल्पना: सम्मिश्र संख्याओं में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता, केवल उनके मापांकों की तुलना की जा सकती है ।
18. कक्षा 11th की एनसीईआरटी प्रश्नावली-वार बोर्ड रणनीति (NCERT Exercise Strategy)
बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए एनसीईआरटी के प्रत्येक अभ्यास पर इस प्रकार काम करें:
- प्रश्नावली 5.1: आईओटा ($i$) की घातों को सरल करने और मानक रूप $a + ib$ में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें । इस प्रश्नावली से अति-लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं।
- प्रश्नावली 5.2: कोणांक और ध्रुवीय रूप में परिवर्तन के प्रश्नों का सघन लिखित अभ्यास करें 。द्वितीय और तृतीय चतुर्थांश वाले कोणों पर विशेष ध्यान दें।
- विविध प्रश्नावली (Miscellaneous): दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण खंड है । संयुग्मी के सिद्ध करने वाले प्रश्नों को कम से कम दो बार हल करें।
कक्षा 11th के गणित, अध्याय 5 के NCERT प्रश्नावली 5.1
निर्देश (प्रश्न 1 से 10): दिए गए प्रत्येक सम्मिश्र संख्या को $a + ib$ के मानक रूप में व्यक्त कीजिए ।
प्रश्न 1: $(5i)\left(-\frac{3}{5}i\right)$
प्रश्न की व्याख्या: “बच्चों, जब भी हमें दो सम्मिश्र संख्याओं का गुणन करना होता है, तो हम वास्तविक संख्याओं का गुणा आपस में और काल्पनिक इकाई $i$ का गुणा आपस में करते हैं ।”
- चरण 1: सबसे पहले पदों को आपस में व्यवस्थित करें:$$(5i)\left(-\frac{3}{5}i\right) = 5 \times \left(-\frac{3}{5}\right) \times (i \times i)$$
- चरण 2: अंश और हर में मौजूद संख्या 5 को आपस में काट दें : $$= -3 \times i^2$$
- चरण 3: हम जानते हैं कि $i^2 = -1$ होता है, इसलिए यह मान यहाँ प्रतिस्थापित करें : $$= -3 \times (-1) = 3$$
- चरण 4: अब इसे मानक रूप $a + ib$ में लिखना है। चूंकि यहाँ काल्पनिक भाग शून्य है, इसे इस प्रकार लिखेंगे : $$= 3 + i0$$उत्तर: $3 + i0$
प्रश्न 2: $i^9 + i^{19}$
शिक्षक की व्याख्या: “बच्चों, यहाँ घातांक नियमों का खेल है! जब भी $i$ की घात बड़ी हो, उसे 4 के गुणक के रूप में तोड़ लें क्योंकि $i^4 = 1$ होता है ।”
- चरण 1: $i^9$ को 4 के गुणक में बदलें : $$i^9 = i^{4 \times 2 + 1} = (i^4)^2 \cdot i^1$$
- चरण 2: $i^{19}$ को 4 के गुणक में बदलें : $$i^{19} = i^{4 \times 4 + 3} = (i^4)^4 \cdot i^3$$
- चरण 3: अब हम जानते हैं कि $i^4 = 1$ और $i^3 = -i$ होता है । ये मान रखें: $$i^9 = (1)^2 \cdot i = i$$$$i^{19} = (1)^4 \cdot (-i) = -i$$
- चरण 4: इन दोनों मानों को जोड़ें : $$i^9 + i^{19} = i + (-i) = 0$$
- चरण 5: मानक रूप $a + ib$ में व्यक्त करने पर : $$= 0 + i0$$उत्तर: $0 + i0$
प्रश्न 3: $i^{-39}$
प्रश्न की व्याख्या: “ऋणात्मक घात देखकर घबराना नहीं है बच्चों! सबसे पहले इसे हर (denominator) में ले जाकर धनात्मक बनाइए, फिर सरल कीजिए ।”
- चरण 1: ऋणात्मक घात का नियम लगाकर इसे इस प्रकार लिखें:$$i^{-39} = \frac{1}{i^{39}}$$
- चरण 2: घात 39 को 4 से विभाजित करें। हमें प्राप्त होता है: $39 = 4 \times 9 + 3$ । $$i^{39} = i^{4 \times 9 + 3} = (i^4)^9 \cdot i^3$$
- चरण 3: $i^4 = 1$ और $i^3 = -i$ प्रतिस्थापित करने पर : $$i^{39} = (1)^9 \cdot (-i) = -i$$
- चरण 4: अब यह मान मुख्य समीकरण में रखें:$$i^{-39} = \frac{1}{-i}$$
- चरण 5: हर में से काल्पनिक पद हटाने के लिए अंश और हर में $i$ से गुणा (परिमेयकरण) करें : $$i^{-39} = \frac{1 \times i}{-i \times i} = \frac{i}{-i^2}$$
- चरण 6: $i^2 = -1$ रखने पर : $$i^{-39} = \frac{i}{-(-1)} = \frac{i}{1} = i$$
- चरण 7: मानक रूप $a + ib$ में लिखें : $$= 0 + i1$$उत्तर: $0 + i1$
प्रश्न 4: $3(7 + i7) + i(7 + i7)$
प्रश्न की व्याख्या: “कोष्ठक (brackets) को सावधानीपूर्वक खोलें और चिन्हों का पूरा ध्यान रखें ।”
- चरण 1: कोष्ठक का विस्तार करें:$$3(7 + i7) + i(7 + i7) $$ $$= (3 \times 7) + (3 \times i7) + (i \times 7)$$ $$ + (i \times i7)$$$$= 21 + 21i + 7i + 7i^2$$
- चरण 2: $i^2 = -1$ प्रतिस्थापित करें : $$= 21 + 28i + 7(-1)$$$$= 21 + 28i – 7$$
- चरण 3: वास्तविक भागों को आपस में घटाएं : $$= (21 – 7) + 28i$$$$= 14 + 28i$$उत्तर: $14 + 28i$
प्रश्न 5: $(1 – i) – (-1 + i6)$
प्रश्न की व्याख्या: “कोष्ठक के बाहर के ऋण चिन्ह को सावधानी से अंदर भेजें, क्योंकि यह अंदर के सभी चिन्हों को बदल देगा ।”
- चरण 1: कोष्ठक खोलें:$$(1 – i) – (-1 + i6) = 1 – i – (-1) – i6$$$$= 1 – i + 1 – 6i$$
- चरण 2: वास्तविक पदों को एक साथ और काल्पनिक पदों को एक साथ समूहित करें : $$= (1 + 1) + (-i – 6i)$$$$= 2 – 7i$$उत्तर: $2 – 7i$
प्रश्न 6: $\left(\frac{1}{5} + i\frac{2}{5}\right) – \left(4 + i\frac{5}{2}\right)$
प्रश्न की व्याख्या : “भिन्न (fractions) को देखकर डरना नहीं है। वास्तविक भागों और काल्पनिक भागों को अलग-अलग करके लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) लें ।”
- चरण 1: कोष्ठक हटाकर वास्तविक और काल्पनिक भागों को समूहित करें : $$= \left(\frac{1}{5} – 4\right) + i\left(\frac{2}{5} – \frac{5}{2}\right)$$
- चरण 2: वास्तविक भाग के लिए LCM = 5 लें : $$\frac{1}{5} – 4 = \frac{1 – 20}{5} = -\frac{19}{5}$$
- चरण 3: काल्पनिक भाग के लिए LCM = 10 लें : $$\frac{2}{5} – \frac{5}{2} = \frac{2 \times 2 – 5 \times 5}{10} = \frac{4 – 25}{10} = -\frac{21}{10}$$
- चरण 4: दोनों भागों को एक साथ लिखें:$$= -\frac{19}{5} – i\frac{21}{10}$$ उत्तर: $-\frac{19}{5} – i\frac{21}{10}$
प्रश्न 7: $\left[\left(\frac{1}{3} + i\frac{7}{3}\right) + \left(4 + i\frac{1}{3}\right)\right] – \left(-\frac{4}{3} + i\right)$
- चरण 1: सबसे पहले बड़े कोष्ठक के भीतर के हिस्से को हल करें : $$\left[\left(\frac{1}{3} + 4\right) + i\left(\frac{7}{3} + \frac{1}{3}\right)\right] $$ $$= \left[\frac{1 + 12}{3} + i\frac{7 + 1}{3}\right] $$ $$= \left[\frac{13}{3} + i\frac{8}{3}\right]$$
- चरण 2: अब अंतिम भाग को इसमें जोड़ें और ऋण चिन्ह को खोलें : $$\left(\frac{13}{3} + i\frac{8}{3}\right) – \left(-\frac{4}{3} + i\right) $$ $$= \frac{13}{3} + i\frac{8}{3} + \frac{4}{3} – i$$
- चरण 3: वास्तविक और काल्पनिक भागों को फिर से समूहित करें : $$= \left(\frac{13}{3} + \frac{4}{3}\right) + i\left(\frac{8}{3} – 1\right)$$ $$= \left(\frac{13 + 4}{3}\right) + i\left(\frac{8 – 3}{3}\right)$$ $$= \frac{17}{3} + i\frac{5}{3}$$ उत्तर: $\frac{17}{3} + i\frac{5}{3}$
प्रश्न 8: $(1 – i)^4$
प्रश्न की व्याख्या : “बच्चों, घात 4 को हल करने के लिए हम इसे ‘वर्ग के वर्ग’ के रूप में लिखेंगे ।”
- चरण 1: व्यंजक को इस प्रकार व्यवस्थित करें:$$(1 – i)^4 = \left[(1 – i)^2\right]^2$$
- चरण 2: सूत्र $(a – b)^2 = a^2 – 2ab + b^2$ का उपयोग करके अंदर का वर्ग खोलें : $$(1 – i)^2 = 1^2 – 2(1)(i) + i^2$$
- चरण 3: $i^2 = -1$ रखें : $$= 1 – 2i – 1 = -2i$$
- चरण 4: अब इस परिणाम का पुनः वर्ग करें : $$(-2i)^2 = 4i^2$$
- चरण 5: $i^2 = -1$ रखें : $$= 4(-1) = -4$$
- चरण 6: इसे मानक रूप $a + ib$ में लिखें : $$= -4 + i0$$उत्तर: $-4 + i0$
प्रश्न 9: $\left(\frac{1}{3} + 3i\right)^3$
प्रश्न की व्याख्या : “यहाँ हम घन (cube) की प्रसिद्ध बीजीय सर्वसमिका $(a + b)^3 = a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3$ का उपयोग करेंगे ।”
- चरण 1: सूत्र के अनुसार विस्तार करें : $$\left(\frac{1}{3} + 3i\right)^3 = \left(\frac{1}{3}\right)^3 + 3\left(\frac{1}{3}\right)^2(3i) $$ $$+ 3\left(\frac{1}{3}\right)(3i)^2 + (3i)^3$$
- चरण 2: सभी घातों को सरल करें : $$= \frac{1}{27} + 3\left(\frac{1}{9}\right)(3i) $$ $$+ 3\left(\frac{1}{3}\right)(9i^2) + 27i^3$$ $$= \frac{1}{27} + i + 9i^2 $$ $$+ 27i^3$$
- चरण 3: $i^2 = -1$ और $i^3 = -i$ प्रतिस्थापित करें : $$= \frac{1}{27} + i + 9(-1) + 27(-i)$$$$= \frac{1}{27} + i – 9 – 27i$$
- चरण 4: वास्तविक और काल्पनिक भागों को व्यवस्थित करें : $$= \left(\frac{1}{27} – 9\right) + i(1 – 27)$$ $$= \left(\frac{1 – 243}{27}\right) – 26i$$ $$= -\frac{242}{27} – 26i$$ उत्तर: $-\frac{242}{27} – 26i$
प्रश्न 10: $\left(-2 – \frac{1}{3}i\right)^3$
- चरण 1: दोनों पदों में से ऋण चिन्ह ($-$) को बाहर निकालें:$$\left[-\left(2 + \frac{1}{3}i\right)\right]^3 = -\left(2 + \frac{1}{3}i\right)^3$$
- चरण 2: सूत्र $(a + b)^3 = a^3 + 3a^2b + 3ab^2 + b^3$ का उपयोग करके अंदर के पद का विस्तार करें : $$\left(2 + \frac{1}{3}i\right)^3 = (2)^3 + 3(2)^2\left(\frac{1}{3}i\right) $$ $$+ 3(2)\left(\frac{1}{3}i\right)^2 + \left(\frac{1}{3}i\right)^3$$
- चरण 3: पदों को हल करें:$$= 8 + 3(4)\left(\frac{1}{3}i\right) + 6\left(\frac{1}{9}i^2\right) + \frac{1}{27}i^3$$$$= 8 + 4i + \frac{2}{3}i^2 + \frac{1}{27}i^3$$
- चरण 4: $i^2 = -1$ और $i^3 = -i$ रखने पर : $$= 8 + 4i – \frac{2}{3} – \frac{1}{27}i$$
- चरण 5: वास्तविक और काल्पनिक भागों को अलग-अलग सरल करें : $$= \left(8 – \frac{2}{3}\right) + i\left(4 – \frac{1}{27}\right)$$$$= \left(\frac{24 – 2}{3}\right) + i\left(\frac{108 – 1}{27}\right)$$$$= \frac{22}{3} + i\frac{107}{27}$$
- चरण 6: अब बाहर वाले ऋण चिन्ह को लागू करें:$$= -\frac{22}{3} – i\frac{107}{27}$$उत्तर: $-\frac{22}{3} – i\frac{107}{27}$
निर्देश (प्रश्न 11 से 13): दी गई प्रत्येक सम्मिश्र संख्या का गुणात्मक प्रतिलोम (Multiplicative Inverse) ज्ञात कीजिए ।
जादुई शॉर्टकट: “बच्चों, सम्मिश्र संख्या $z$ के गुणात्मक प्रतिलोम का सूत्र होता है: $z^{-1} = \frac{\bar{z}}{|z|^2}$ ।”
प्रश्न 11: $4 – 3i$
- चरण 1: मान लीजिए $z = 4 – 3i$ ।
- चरण 2: संयुग्मी $\bar{z}$ ज्ञात करें (केवल काल्पनिक भाग का चिन्ह बदलें) : $$\bar{z} = 4 + 3i$$
- चरण 3: मापांक वर्ग $|z|^2$ ज्ञात करें : $$|z|^2 = (4)^2 + (-3)^2 = 16 + 9 = 25$$
- चरण 4: सूत्र में मान रखें : $$z^{-1} = \frac{4 + 3i}{25} = \frac{4}{25} + i\frac{3}{25}$$ उत्तर: $\frac{4}{25} + i\frac{3}{25}$
प्रश्न 12: $\sqrt{5} + 3i$
- चरण 1: मान लीजिए $z = \sqrt{5} + 3i$ ।
- चरण 2: संयुग्मी $\bar{z}$ ज्ञात करें : $$\bar{z} = \sqrt{5} – 3i$$
- चरण 3: मापांक वर्ग $|z|^2$ ज्ञात करें : $$|z|^2 = (\sqrt{5})^2 + (3)^2 = 5 + 9 = 14$$
- चरण 4: सूत्र में मान रखें : $$z^{-1} = \frac{\sqrt{5} – 3i}{14} = \frac{\sqrt{5}}{14} – i\frac{3}{14}$$ उत्तर: $\frac{\sqrt{5}}{14} – i\frac{3}{14}$
प्रश्न 13: $-i$
- चरण 1: मान लीजिए $z = 0 – i$ ।
- चरण 2: संयुग्मी $\bar{z}$ ज्ञात करें : $$\bar{z} = 0 + i = i$$
- चरण 3: मापांक वर्ग $|z|^2$ ज्ञात करें : $$|z|^2 = (0)^2 + (-1)^2 = 1$$
- चरण 4: गुणात्मक प्रतिलोम : $$z^{-1} = \frac{i}{1} = i$$ उत्तर: $i$ (या $0 + i1$ )
प्रश्न 14: $\frac{(3 + i\sqrt{5})(3 – i\sqrt{5})}{(\sqrt{3} + \sqrt{2}i) – (\sqrt{3} – \sqrt{2}i)}$ को $a+ib$ के रूप में व्यक्त कीजिए।
प्रश्न की व्याख्या : “अंश में सर्वसमिका $(A+B)(A-B) = A^2 – B^2$ का प्रयोग करें और हर में कोष्ठक खोलकर घटाएं ।”
- चरण 1: अंश को हल करें : $$(3 + i\sqrt{5})(3 – i\sqrt{5}) = (3)^2 – (i\sqrt{5})^2 $$ $$= 9 – 5i^2$$ चूंकि $i^2 = -1$, अंश हो जाएगा: $9 – 5(-1) = 9 + 5 = 14$ ।
- चरण 2: हर को हल करें:$$(\sqrt{3} + \sqrt{2}i) – (\sqrt{3} – \sqrt{2}i) $$ $$= \sqrt{3} + \sqrt{2}i – \sqrt{3} + \sqrt{2}i $$ $$= 2\sqrt{2}i$$
- चरण 3: अंश को हर से विभाजित करें:$$\frac{14}{2\sqrt{2}i} = \frac{7}{\sqrt{2}i}$$
- चरण 4: हर से $i$ हटाने के लिए अंश और हर में $i$ से गुणा करें : $$= \frac{7 \times i}{\sqrt{2}i \times i} = \frac{7i}{\sqrt{2}i^2} = \frac{7i}{\sqrt{2}(-1)}$$ $$ = -\frac{7}{\sqrt{2}}i$$
- चरण 5: हर का परिमेयकरण करने के लिए $\sqrt{2}$ से ऊपर-नीचे गुणा करें:$$= -\frac{7\sqrt{2}}{2}i$$
- चरण 6: इसे मानक रूप $a + ib$ में लिखें : $$= 0 – i\frac{7\sqrt{2}}{2}$$उत्तर: $0 – i\frac{7\sqrt{2}}{2}$
प्रश्नावली 5.2 (Page No: 108)
निर्देश (प्रश्न 1 से 2): सम्मिश्र संख्या का मापांक (Modulus) और मुख्य कोणांक (Argument) ज्ञात कीजिए ।
प्रश्न 1: $z = -1 – i\sqrt{3}$
प्रश्न की व्याख्या : “बच्चों, यहाँ $x$ और $y$ दोनों ऋणात्मक हैं, यानी यह बिंदु आर्गण्ड समतल के तृतीय चतुर्थांश (Third Quadrant) में है ।”
- चरण 1: मापांक (Modulus) निकालना $$r = |z| = \sqrt{(-1)^2 + (-\sqrt{3})^2} $$ $$ = \sqrt{1 + 3} = \sqrt{4} = 2$$
- चरण 2: न्यूनकोण $\alpha$ निकालना $$\tan\alpha = \left|\frac{y}{x}\right| = \left|\frac{-\sqrt{3}}{-1}\right| = \sqrt{3} $$ $$\implies \alpha = \frac{\pi}{3}$$
- चरण 3: कोणांक $\theta$ का निर्धारण (तृतीय चतुर्थांश के लिए सूत्र: $\theta = -\pi + \alpha$) $$\theta = -\pi + \frac{\pi}{3} = -\frac{2\pi}{3}$$ उत्तर: मापांक $= 2$, कोणांक $= -\frac{2\pi}{3}$
प्रश्न 2: $z = -\sqrt{3} + i$
प्रश्न की व्याख्या : “यहाँ $x$ ऋणात्मक और $y$ धनात्मक है, यानी बिंदु द्वितीय चतुर्थांश (Second Quadrant) में स्थित है ।”
- चरण 1: मापांक निकालना $$r = |z| = \sqrt{(-\sqrt{3})^2 + (1)^2} = \sqrt{3 + 1} $$ $$ = \sqrt{4} = 2$$
- चरण 2: न्यूनकोण $\alpha$ निकालना $$\tan\alpha = \left|\frac{1}{-\sqrt{3}}\right| = \frac{1}{\sqrt{3}} \implies \alpha = \frac{\pi}{6}$$
- चरण 3: कोणांक $\theta$ का निर्धारण (द्वितीय चतुर्थांश के लिए सूत्र: $\theta = \pi – \alpha$) $$\theta = \pi – \frac{\pi}{6} = \frac{5\pi}{6}$$ उत्तर: मापांक $= 2$, कोणांक $= \frac{5\pi}{6}$
निर्देश (प्रश्न 3 से 8): सम्मिश्र संख्या को ध्रुवीय रूप (Polar Form: $r(\cos\theta + i\sin\theta)$) में रूपांतरित कीजिए ।
प्रश्न 3: $1 – i$
- चरण 1: बिंदु $(1, -1)$ चतुर्थ चतुर्थांश (Fourth Quadrant) में है ।
- चरण 2: मापांक $r = \sqrt{(1)^2 + (-1)^2} = \sqrt{2}$ 。
- चरण 3: $\tan\alpha = \left|\frac{-1}{1}\right| = 1 \implies \alpha = \frac{\pi}{4}$ 。
- चरण 4: चतुर्थ चतुर्थांश के लिए कोणांक $\theta = -\alpha = -\frac{\pi}{4}$ 。
- चरण 5: ध्रुवीय रूप : $$z = \sqrt{2}\left[\cos\left(-\frac{\pi}{4}\right) + i\sin\left(-\frac{\pi}{4}\right)\right]$$उत्तर: $\sqrt{2}\left[\cos\left(-\frac{\pi}{4}\right) + i\sin\left(-\frac{\pi}{4}\right)\right]$
प्रश्न 4: $-1 + i$
- चरण 1: बिंदु $(-1, 1)$ द्वितीय चतुर्थांश में है ।
- चरण 2: मापांक $r = \sqrt{(-1)^2 + (1)^2} = \sqrt{2}$ 。
- चरण 3: $\tan\alpha = \left|\frac{1}{-1}\right| = 1 \implies \alpha = \frac{\pi}{4}$ 。
- चरण 4: द्वितीय चतुर्थांश के लिए कोणांक $\theta = \pi – \alpha = \pi – \frac{\pi}{4} = \frac{3\pi}{4}$ 。
- चरण 5: ध्रुवीय रूप : $$z = \sqrt{2}\left(\cos\frac{3\pi}{4} + i\sin\frac{3\pi}{4}\right)$$उत्तर: $\sqrt{2}\left(\cos\frac{3\pi}{4} + i\sin\frac{3\pi}{4}\right)$
प्रश्न 5: $-1 – i$
- चरण 1: बिंदु $(-1, -1)$ तृतीय चतुर्थांश में है ।
- चरण 2: मापांक $r = \sqrt{(-1)^2 + (-1)^2} = \sqrt{2}$ 。
- चरण 3: $\tan\alpha = \left|\frac{-1}{-1}\right| = 1 \implies \alpha = \frac{\pi}{4}$ 。
- चरण 4: तृतीय चतुर्थांश के लिए कोणांक $\theta = -\pi + \alpha = -\pi + \frac{\pi}{4} = -\frac{3\pi}{4}$ 。
- चरण 5: ध्रुवीय रूप : $$z = \sqrt{2}\left[\cos\left(-\frac{3\pi}{4}\right) + i\sin\left(-\frac{3\pi}{4}\right)\right]$$उत्तर: $\sqrt{2}\left[\cos\left(-\frac{3\pi}{4}\right) + i\sin\left(-\frac{3\pi}{4}\right)\right]$
प्रश्न 6: $-3$
- चरण 1: इसे मानक रूप में $-3 + i0$ लिख सकते हैं। यह ऋणात्मक वास्तविक अक्ष पर स्थित है ।
- चरण 2: मापांक $r = \sqrt{(-3)^2 + 0^2} = 3$ 。
- चरण 3: चूंकि यह शुद्ध ऋणात्मक वास्तविक संख्या है, इसका मुख्य कोणांक सीधे $\theta = \pi$ होगा ।
- चरण 4: ध्रुवीय रूप : $$z = 3(\cos\pi + i\sin\pi)$$उत्तर: $3(\cos\pi + i\sin\pi)$
प्रश्न 7: $\sqrt{3} + i$
- चरण 1: बिंदु $(\sqrt{3}, 1)$ प्रथम चतुर्थांश में है ।
- चरण 2: मापांक $r = \sqrt{(\sqrt{3})^2 + 1^2} = \sqrt{3 + 1} = 2$ 。
- चरण 3: $\tan\alpha = \left|\frac{1}{\sqrt{3}}\right| \implies \alpha = \frac{\pi}{6}$ 。
- चरण 4: प्रथम चतुर्थांश के लिए $\theta = \alpha = \frac{\pi}{6}$ 。
- चरण 5: ध्रुवीय रूप : $$z = 2\left(\cos\frac{\pi}{6} + i\sin\frac{\pi}{6}\right)$$उत्तर: $2\left(\cos\frac{\pi}{6} + i\sin\frac{\pi}{6}\right)$
प्रश्न 8: $i$
- चरण 1: इसे $0 + i1$ लिखें। यह धनात्मक काल्पनिक अक्ष पर स्थित है ।
- चरण 2: मापांक $r = \sqrt{0^2 + 1^2} = 1$ 。
- चरण 3: धनात्मक काल्पनिक अक्ष पर कोणांक सीधे $\theta = \frac{\pi}{2}$ होता है ।
- चरण 4: ध्रुवीय रूप : $$z = 1\left(\cos\frac{\pi}{2} + i\sin\frac{\pi}{2}\right)$$उत्तर: $1\left(\cos\frac{\pi}{2} + i\sin\frac{\pi}{2}\right)$
NCERT प्रश्नावली 5.3
निर्देश: निम्नलिखित समीकरणों को श्रीधराचार्य सूत्र द्वारा हल कीजिए ।
प्रश्न की व्याख्या: “बच्चों, जब विविक्तकर $D = b^2 – 4ac < 0$ होता है, तो समीकरण के मूल सम्मिश्र संख्या के रूप में निम्न प्रकार ज्ञात किए जाते हैं :
$$x = \frac{-b \pm i\sqrt{4ac – b^2}}{2a}$$
“
प्रश्न 1: $x^2 + 3 = 0$
- चरण 1: तुलना करने पर: $a = 1, b = 0, c = 3$ ।
- चरण 2: विविक्तकर $D = 0^2 – 4(1)(3) = -12$ ।
- चरण 3: सूत्र का उपयोग करें:$$x = \frac{-0 \pm \sqrt{-12}}{2(1)} = \frac{\pm i\sqrt{12}}{2}$$ चूंकि $\sqrt{12} = 2\sqrt{3}$, इसलिए: $$x = \frac{\pm 2\sqrt{3}i}{2} = \pm i\sqrt{3}$$ उत्तर: $x = \pm i\sqrt{3}$
प्रश्न 2: $2x^2 + x + 1 = 0$
- चरण 1: तुलना करने पर: $a = 2, b = 1, c = 1$ ।
- चरण 2: विविक्तकर $D = 1^2 – 4(2)(1) = 1 – 8 = -7$ ।
- चरण 3: सूत्र द्वारा मूल : $$x = \frac{-1 \pm \sqrt{-7}}{2(2)} = \frac{-1 \pm i\sqrt{7}}{4}$$ उत्तर: $x = \frac{-1 \pm i\sqrt{7}}{4}$
प्रश्न 3: $x^2 + 3x + 9 = 0$
- चरण 1: तुलना करने पर: $a = 1, b = 3, c = 9$ ।
- चरण 2: विविक्तकर $D = 3^2 – 4(1)(9) = 9 – 36 = -27$ ।
- चरण 3: सूत्र द्वारा मूल : $$x = \frac{-3 \pm \sqrt{-27}}{2(1)} = \frac{-3 \pm i3\sqrt{3}}{2}$$ उत्तर: $x = \frac{-3 \pm i3\sqrt{3}}{2}$
प्रश्न 4: $-x^2 + x – 2 = 0$
- चरण 1: तुलना करने पर: $a = -1, b = 1, c = -2$ ।
- चरण 2: विविक्तकर $D = 1^2 – 4(-1)(-2) = 1 – 8 = -7$ ।
- चरण 3: सूत्र द्वारा मूल : $$x = \frac{-1 \pm \sqrt{-7}}{2(-1)} = \frac{-1 \pm i\sqrt{7}}{-2}$$ इसे इस प्रकार भी लिखा जा सकता है: $$x = \frac{1 \mp i\sqrt{7}}{2}$$उत्तर: $x = \frac{1 \pm i\sqrt{7}}{2}$
प्रश्न 5: $x^2 + 3x + 5 = 0$
- चरण 1: तुलना करने पर: $a = 1, b = 3, c = 5$ ।
- चरण 2: विविक्तकर $D = 3^2 – 4(1)(5) = 9 – 20 = -11$ ।
- चरण 3: सूत्र द्वारा मूल : $$x = \frac{-3 \pm \sqrt{-11}}{2(1)} = \frac{-3 \pm i\sqrt{11}}{2}$$ उत्तर: $x = \frac{-3 \pm i\sqrt{11}}{2}$
प्रश्न 6: $x^2 – x + 2 = 0$
- चरण 1: तुलना करने पर: $a = 1, b = -1, c = 2$ ।
- चरण 2: विविक्तकर $D = (-1)^2 – 4(1)(2) = 1 – 8 = -7$ ।
- चरण 3: सूत्र द्वारा मूल : $$x = \frac{-(-1) \pm \sqrt{-7}}{2(1)} = \frac{1 \pm i\sqrt{7}}{2}$$ उत्तर: $x = \frac{1 \pm i\sqrt{7}}{2}$
प्रश्न 7: $\sqrt{2}x^2 + x + \sqrt{2} = 0$
- चरण 1: तुलना करने पर: $a = \sqrt{2}, b = 1, c = \sqrt{2}$ ।
- चरण 2: विविक्तकर $D = 1^2 – 4(\sqrt{2})(\sqrt{2}) = 1 – 4(2) $$ $$= 1 – 8 = -7$ ।
- चरण 3: सूत्र द्वारा मूल : $$x = \frac{-1 \pm \sqrt{-7}}{2\sqrt{2}} = \frac{-1 \pm i\sqrt{7}}{2\sqrt{2}}$$ उत्तर: $x = \frac{-1 \pm i\sqrt{7}}{2\sqrt{2}}$
प्रश्न 8: $\sqrt{3}x^2 – \sqrt{2}x + 3\sqrt{3} = 0$
- चरण 1: तुलना करने पर: $a = \sqrt{3}, b = -\sqrt{2}, c = 3\sqrt{3}$ ।
- चरण 2: विविक्तकर $D = (-\sqrt{2})^2 – 4(\sqrt{3})(3\sqrt{3}) = 2 – 4(9) $$ $$= 2 – 36 = -34$ ।
- चरण 3: सूत्र द्वारा मूल : $$x = \frac{-(-\sqrt{2}) \pm \sqrt{-34}}{2\sqrt{3}} = \frac{\sqrt{2} \pm i\sqrt{34}}{2\sqrt{3}}$$ उत्तर: $x = \frac{\sqrt{2} \pm i\sqrt{34}}{2\sqrt{3}}$
प्रश्न 9: $x^2 + x + \frac{1}{\sqrt{2}} = 0$
- चरण 1: पूरे समीकरण को $\sqrt{2}$ से गुणा करके सरल रूप में लाएं:$$\sqrt{2}x^2 + \sqrt{2}x + 1 = 0$$
- चरण 2: तुलना करने पर: $a = \sqrt{2}, b = \sqrt{2}, c = 1$ ।
- चरण 3: विविक्तकर $D = (\sqrt{2})^2 – 4(\sqrt{2})(1) = 2 – 4\sqrt{2} $$ $$ = 2(1 – 2\sqrt{2})$ । चूंकि $\sqrt{2} \approx 1.414$, इसलिए $1 – 2\sqrt{2}$ ऋणात्मक है, यानी $D < 0$ है।
- चरण 4: सूत्र द्वारा मूल : $$x = \frac{-\sqrt{2} \pm \sqrt{2(1 – 2\sqrt{2})}}{2\sqrt{2}} $$ $$= \frac{-\sqrt{2} \pm i\sqrt{2(2\sqrt{2} – 1)}}{2\sqrt{2}}$$
- चरण 5: अंश और हर में से $\sqrt{2}$ को काटकर सरल करने पर:$$x = \frac{-1 \pm i\sqrt{2\sqrt{2} – 1}}{2}$$उत्तर: $x = \frac{-1 \pm i\sqrt{2\sqrt{2} – 1}}{2}$
प्रश्न 10: $x^2 + \frac{x}{\sqrt{2}} + 1 = 0$
- चरण 1: समीकरण को $\sqrt{2}$ से गुणा करने पर:$$\sqrt{2}x^2 + x + \sqrt{2} = 0$$
- चरण 2: तुलना करने पर: $a = \sqrt{2}, b = 1, c = \sqrt{2}$ ।
- चरण 3: विविक्तकर $D = 1^2 – 4(\sqrt{2})(\sqrt{2}) = 1 – 8 = -7$ ।
- चरण 4: सूत्र द्वारा मूल : $$x = \frac{-1 \pm \sqrt{-7}}{2\sqrt{2}} = \frac{-1 \pm i\sqrt{7}}{2\sqrt{2}}$$ उत्तर: $x = \frac{-1 \pm i\sqrt{7}}{2\sqrt{2}}$
विविध प्रश्नावली (Miscellaneous Exercise – Page No: 112)
प्रश्न 1: $\left[i^{18} + \left(\frac{1}{i}\right)^{25}\right]^3$ का मान ज्ञात कीजिए
।
- चरण 1: पहले $i^{18}$ को सरल करें:$$i^{18} = (i^4)^4 \cdot i^2 = (1)^4 \cdot (-1) = -1$$
- चरण 2: अब $\left(\frac{1}{i}\right)^{25}$ को सरल करें:$$\left(\frac{1}{i}\right)^{25} = \frac{1}{i^{25}} = \frac{1}{i^{4 \times 6 + 1}} = \frac{1}{(i^4)^6 \cdot i} $$ $$= \frac{1}{i}$$ अंश और हर में $i$ से गुणा करने पर : $$\frac{1}{i} \times \frac{i}{i} = \frac{i}{i^2} $$ $$= \frac{i}{-1} = -i$$
- चरण 3: इन दोनों मानों को मुख्य व्यंजक में रखें:$$[-1 – i]^3 = \left[-(1 + i)\right]^3 = -(1 + i)^3$$
- चरण 4: सर्वसमिका $(A+B)^3 = A^3 + B^3 + 3A^2B + 3AB^2$ का प्रयोग करके खोलें : $$(1 + i)^3 = 1^3 + i^3 + 3(1)^2(i) + 3(1)(i)^2$$ $$= 1 – i + 3i – 3 = -2 + 2i$$
- चरण 5: बाहर वाले ऋण चिन्ह को लागू करें:$$-(-2 + 2i) = 2 – 2i$$ उत्तर: $2 – 2i$
प्रश्न 2: किन्हीं दो सम्मिश्र संख्याओं $z_1$ और $z_2$ के लिए सिद्ध कीजिए कि:
$$\operatorname{Re}(z_1z_2) = \operatorname{Re} z_1 \operatorname{Re} z_2 – \operatorname{Im} z_1 \operatorname{Im} z_2$$
- चरण 1: मान लीजिए $z_1 = x_1 + i y_1$ और $z_2 = x_2 + i y_2$ ।
- चरण 2: यहाँ $\operatorname{Re}(z_1) = x_1$, $\operatorname{Im}(z_1) = y_1$, $\operatorname{Re}(z_2) = x_2$, $\operatorname{Im}(z_2) = y_2$ ।
- चरण 3: दोनों सम्मिश्र संख्याओं का गुणा करें : $$z_1 z_2 = (x_1 + i y_1)(x_2 + i y_2)$$ $$= x_1 x_2 + i x_1 y_2 + i y_1 x_2 + i^2 y_1 y_2$$
- चरण 4: $i^2 = -1$ प्रतिस्थापित करें : $$= (x_1 x_2 – y_1 y_2) + i(x_1 y_2 + y_1 x_2)$$
- चरण 5: इस गुणनफल का वास्तविक भाग $\operatorname{Re}(z_1z_2)$ लें : $$\operatorname{Re}(z_1 z_2) = x_1 x_2 – y_1 y_2$$
- चरण 6: मूल मानों को वापस प्रतिस्थापित करने पर:$$\operatorname{Re}(z_1 z_2) = \operatorname{Re} z_1 \operatorname{Re} z_2 – \operatorname{Im} z_1 \operatorname{Im} z_2$$ (इति सिद्धम)
प्रश्न 3: $\left(\frac{1}{1-4i} – \frac{2}{1+i}\right)\left(\frac{3-4i}{5+i}\right)$ को मानक रूप में परिवर्तित कीजिए।
- चरण 1: पहले कोष्ठक को हल करें:$$\frac{1}{1-4i} – \frac{2}{1+i} = \frac{(1 + i) – 2(1 – 4i)}{(1 – 4i)(1 + i)}$$$$= \frac{1 + i – 2 + 8i}{1 + i – 4i – 4i^2} = \frac{-1 + 9i}{1 – 3i + 4}$$ $$ = \frac{-1 + 9i}{5 – 3i}$$
- चरण 2: अब इसे दूसरे कोष्ठक से गुणा करें:$$\left(\frac{-1 + 9i}{5 – 3i}\right)\left(\frac{3-4i}{5+i}\right) $$ $$= \frac{(-1 + 9i)(3 – 4i)}{(5 – 3i)(5 + i)}$$
- चरण 3: अंश का गुणा करने पर:$$(-1)(3) – (-1)(4i) + (9i)(3) – (9i)(4i) $$ $$= -3 + 4i + 27i – 36i^2$$$$= -3 + 31i + 36 = 33 + 31i$$
- चरण 4: हर का गुणा करने पर:$$(5)(5) + 5i – 15i – 3i^2 = 25 – 10i + 3 $$ $$= 28 – 10i$$
- चरण 5: अब परिमेयकरण करने के लिए संयुग्मी से गुणा करें : $$\frac{33 + 31i}{28 – 10i} \times \frac{28 + 10i}{28 + 10i}$$ $$ = \frac{924 + 330i + 868i + 310i^2}{(28)^2 – (10i)^2}$$$$= \frac{924 + 1198i – 310}{784 + 100} = \frac{614 + 1198i}{884}$$
- चरण 6: वास्तविक और काल्पनिक भागों को अलग करें:$$= \frac{614}{884} + i\frac{1198}{884} = \frac{307}{442} + i\frac{599}{442}$$उत्तर: $\frac{307}{442} + i\frac{599}{442}$
प्रश्न 4: यदि $x – iy = \sqrt{\frac{a-ib}{c-id}}$ हो, तो सिद्ध कीजिए कि $(x^2 + y^2)^2 = \frac{a^2+b^2}{c^2+d^2}$
।
- चरण 1: दिया गया समीकरण लिख लें:$$x – iy = \sqrt{\frac{a-ib}{c-id}} \quad \text{— (समीकरण 1)}$$
- चरण 2: समीकरण 1 का संयुग्मी (conjugate) लेने पर : $$x + iy = \sqrt{\frac{a+ib}{c+id}} \quad \text{— (समीकरण 2)}$$
- चरण 3: समीकरण 1 और समीकरण 2 का आपस में गुणा करें : $$(x – iy)(x + iy) = \sqrt{\frac{a-ib}{c-id}} \times \sqrt{\frac{a+ib}{c+id}}$$
- चरण 4: सर्वसमिका का उपयोग करके सरल करें : $$x^2 + y^2 = \sqrt{\frac{(a-ib)(a+ib)}{(c-id)(c+id)}} $$ $$ = \sqrt{\frac{a^2+b^2}{c^2+d^2}}$$
- चरण 5: दोनों पक्षों का वर्ग (Squaring both sides) करने पर : $$(x^2 + y^2)^2 = \frac{a^2+b^2}{c^2+d^2}$$ (इति सिद्धम)
प्रश्न 5: निम्नलिखित को ध्रुवीय रूप में परिवर्तित कीजिए
:
(i) $\frac{1+7i}{(2-i)^2}$
- चरण 1: हर का विस्तार करें: $(2-i)^2 = 4 + i^2 – 4i = 4 – 1 – 4i = 3 – 4i$ 。
- चरण 2: संख्या को सरल करें : $$\frac{1+7i}{3-4i} \times \frac{3+4i}{3+4i}$$ $$ = \frac{3 + 4i + 21i + 28i^2}{9 + 16} $$ $$= \frac{3 + 25i – 28}{25} $$ $$= \frac{-25 + 25i}{25} = -1 + i$$
- चरण 3: अब $z = -1 + i$ को ध्रुवीय रूप में बदलें (द्वितीय चतुर्थांश) : $$r = \sqrt{(-1)^2 + 1^2} = \sqrt{2}$$ $$\tan\alpha = \left|\frac{1}{-1}\right| = 1 \implies \alpha = \frac{\pi}{4}$$ $$\theta = \pi – \frac{\pi}{4} = \frac{3\pi}{4}$$ $$z = \sqrt{2}\left(\cos\frac{3\pi}{4} + i\sin\frac{3\pi}{4}\right)$$
(ii) $\frac{1+3i}{1-2i}$
- चरण 1: परिमेयकरण करें : $$\frac{1+3i}{1-2i} \times \frac{1+2i}{1+2i} $$ $$= \frac{1 + 2i + 3i + 6i^2}{1 + 4} $$ $$= \frac{1 + 5i – 6}{5} $$ $$ = \frac{-5 + 5i}{5} = -1 + i$$
- चरण 2: इसका परिणाम भी $-1 + i$ आया है, अतः ध्रुवीय रूप वही होगा : $$z = \sqrt{2}\left(\cos\frac{3\pi}{4} + i\sin\frac{3\pi}{4}\right)$$
निर्देश (प्रश्न 6 से 9): समीकरणों को हल कीजिए
:
प्रश्न 6: $3x^2 – 4x + \frac{20}{3} = 0$
- चरण 1: समीकरण को सरल करें: $9x^2 – 12x + 20 = 0$ ।
- चरण 2: तुलना करने पर: $a = 9, b = -12, c = 20$ ।
- चरण 3: विविक्तकर $D = (-12)^2 – 4(9)(20) $$ $$= 144 – 720 = -576$ ।
- चरण 4: मूल : $$x = \frac{-(-12) \pm \sqrt{-576}}{2(9)} $$ $$= \frac{12 \pm 24i}{18} = \frac{2 \pm 4i}{3}$$ उत्तर: $x = \frac{2}{3} \pm i\frac{4}{3}$
प्रश्न 7: $x^2 – 2x + \frac{3}{2} = 0$
- चरण 1: समीकरण को सरल करें: $2x^2 – 4x + 3 = 0$ ।
- चरण 2: $a = 2, b = -4, c = 3$ ।
- चरण 3: $D = (-4)^2 – 4(2)(3) = 16 – 24 = -8$ ।
- चरण 4: मूल : $$x = \frac{4 \pm \sqrt{-8}}{4} = \frac{4 \pm 2\sqrt{2}i}{4} $$$$= 1 \pm i\frac{\sqrt{2}}{2}$$ उत्तर: $x = 1 \pm \frac{i}{\sqrt{2}}$
प्रश्न 8: $27x^2 – 10x + 1 = 0$
- चरण 1: $a = 27, b = -10, c = 1$ ।
- चरण 2: $D = (-10)^2 – 4(27)(1) = 100 – 108 = -8$ ।
- चरण 3: मूल : $$x = \frac{-(-10) \pm \sqrt{-8}}{2(27)} = \frac{10 \pm 2\sqrt{2}i}{54} $$ $$= \frac{5 \pm i\sqrt{2}}{27}$$ उत्तर: $x = \frac{5 \pm i\sqrt{2}}{27}$
प्रश्न 9: $21x^2 – 28x + 10 = 0$
- चरण 1: $a = 21, b = -28, c = 10$ ।
- चरण 2: $D = (-28)^2 – 4(21)(10) $$ $$= 784 – 840 = -56$ ।
- चरण 3: मूल : $$x = \frac{28 \pm \sqrt{-56}}{42} = \frac{28 \pm 2\sqrt{14}i}{42} $$ $$= \frac{14 \pm i\sqrt{14}}{21}$$ उत्तर: $x = \frac{2}{3} \pm i\frac{\sqrt{14}}{21}$
प्रश्न 10: यदि $z_1 = 2 – i$, $z_2 = 1 + i$ हो, तो $\left|\frac{z_1 + z_2 + 1}{z_1 – z_2 + 1}\right|$ का मान ज्ञात कीजिए
।
- चरण 1: अंश को सरल करें:$$z_1 + z_2 + 1 = (2 – i) + (1 + i) + 1 = 4$$
- चरण 2: हर को सरल करें:$$z_1 – z_2 + 1 = (2 – i) – (1 + i) + 1 $$ $$= 2 – i – 1 – i + 1 = 2 – 2i$$
- चरण 3: व्यंजक में मान रखें : $$\left|\frac{4}{2 – 2i}\right| = \left|\frac{2}{1 – i}\right| = \frac{|2|}{|1 – i|}$$
- चरण 4: मापांक ज्ञात करें : $$|1-i| = \sqrt{1^2 + (-1)^2} = \sqrt{2}$$ $$\frac{2}{\sqrt{2}} = \sqrt{2}$$उत्तर: $\sqrt{2}$
प्रश्न 11: यदि $a + ib = \frac{(x+i)^2}{2x^2+1}$ हो, तो सिद्ध कीजिए कि $a^2 + b^2 = \frac{(x^2+1)^2}{(2x^2+1)^2}$
।
- चरण 1: दिया गया समीकरण लिखें:$$a + ib = \frac{(x+i)^2}{2x^2+1} \quad \text{— (समीकरण 1)}$$
- चरण 2: दोनों पक्षों का संयुग्मी लेने पर : $$a – ib = \frac{(x-i)^2}{2x^2+1} \quad \text{— (समीकरण 2)}$$
- चरण 3: दोनों समीकरणों का गुणा करने पर : $$(a + ib)(a – ib) = \frac{(x+i)^2(x-i)^2}{(2x^2+1)^2}$$
- चरण 4: सरल करें:$$a^2 + b^2 = \frac{[(x+i)(x-i)]^2}{(2x^2+1)^2} $$ $$= \frac{(x^2+1)^2}{(2x^2+1)^2}$$ (इति सिद्धम)
प्रश्न 12: मान लीजिए $z_1 = 2 – i$, $z_2 = -2 + i$ है। निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए
:
(i) $\operatorname{Re}\left(\frac{z_1z_2}{\bar{z}_1}\right)$
- चरण 1: $z_1 z_2 = (2 – i)(-2 + i) = -4 + 2i + 2i – i^2 $$ $$= -4 + 4i + 1 = -3 + 4i$ 。
- चरण 2: $\bar{z}_1 = 2 + i$ 。
- चरण 3: विभाजन करें : $$\frac{z_1 z_2}{\bar{z}_1} = \frac{-3 + 4i}{2 + i} \times \frac{2 – i}{2 – i} $$ $$= \frac{-6 + 3i + 8i – 4i^2}{4 – i^2} $$ $$= \frac{-6 + 11i + 4}{5} = \frac{-2 + 11i}{5}$$
- चरण 4: वास्तविक भाग लें : $$\operatorname{Re}\left(\frac{z_1z_2}{\bar{z}_1}\right) = -\frac{2}{5}$$
(ii) $\operatorname{Im}\left(\frac{1}{z_1\bar{z}_1}\right)$
- चरण 1: $z_1 \bar{z}_1 = |z_1|^2 = (2)^2 + (-1)^2 = 5$ 。
- चरण 2: व्यंजक का मान:$$\frac{1}{z_1\bar{z}_1} = \frac{1}{5} = \frac{1}{5} + i0$$
- चरण 3: काल्पनिक भाग लें : $$\operatorname{Im}\left(\frac{1}{z_1\bar{z}_1}\right) = 0$$
प्रश्न 13: सम्मिश्र संख्या $\frac{1+2i}{1-3i}$ का मापांक और कोणांक ज्ञात कीजिए
।
- चरण 1: संख्या को पहले सरल करें : $$\frac{1+2i}{1-3i} \times \frac{1+3i}{1+3i} = \frac{1 + 3i + 2i + 6i^2}{1 + 9} $$ $$= \frac{1 + 5i – 6}{10} $$ $$= \frac{-5 + 5i}{10} = -\frac{1}{2} + i\frac{1}{2}$$
- चरण 2: बिंदु $\left(-\frac{1}{2}, \frac{1}{2}\right)$ द्वितीय चतुर्थांश में है ।
- चरण 3: मापांक निकालना : $$r = \sqrt{\left(-\frac{1}{2}\right)^2 + \left(\frac{1}{2}\right)^2} = \sqrt{\frac{1}{4} + \frac{1}{4}} $$ $$= \frac{1}{\sqrt{2}}$$
- चरण 4: कोणांक निकालना : $$\tan\alpha = \left|\frac{1/2}{-1/2}\right| = 1 \implies \alpha = \frac{\pi}{4}$$ $$\theta = \pi – \frac{\pi}{4} = \frac{3\pi}{4}$$ उत्तर: मापांक $= \frac{1}{\sqrt{2}}$, कोणांक $= \frac{3\pi}{4}$
प्रश्न 14: यदि $(x – iy)(3 + 5i)$ सम्मिश्र संख्या $-6 – 24i$ की संयुग्मी है, तो वास्तविक संख्याएँ $x$ और $y$ ज्ञात कीजिए
।
- चरण 1: $-6 – 24i$ का संयुग्मी $-6 + 24i$ होता है ।
- चरण 2: बाएँ पक्ष का गुणन करें : $$(x – iy)(3 + 5i) = 3x + 5xi – 3yi – 5yi^2 $$ $$= (3x + 5y) + i(5x – 3y)$$
- चरण 3: दोनों पक्षों की तुलना करें : $$3x + 5y = -6 \quad \text{— (समीकरण 1)}$$$$5x – 3y = 24 \quad \text{— (समीकरण 2)}$$
- चरण 4: समीकरण 1 को 3 से और समीकरण 2 को 5 से गुणा करके जोड़ें:$$(9x + 15y) + (25x – 15y) = -18 + 120 $$ $$ \implies 34x = 102 \implies x = 3$$
- चरण 5: $x = 3$ का मान समीकरण 1 में रखें:$$3(3) + 5y = -6 \implies 9 + 5y = -6 $$ $$\implies 5y = -15 $$ $$\implies y = -3$$उत्तर: $x = 3, y = -3$
प्रश्न 15: सम्मिश्र संख्या $\frac{1+i}{1-i} – \frac{1-i}{1+i}$ का मापांक ज्ञात कीजिए
।
- चरण 1: दोनों पदों को अलग-अलग हल करें : $$\frac{1+i}{1-i} = \frac{1+i}{1-i} \times \frac{1+i}{1+i} $$ $$ = \frac{1 + i^2 + 2i}{2} $$ $$= \frac{2i}{2} = i$$ इसी प्रकार: $$\frac{1-i}{1+i} = -i$$
- चरण 2: मान प्रतिस्थापित करें:$$i – (-i) = 2i = 0 + 2i$$
- चरण 3: मापांक ज्ञात करें : $$|2i| = \sqrt{0^2 + 2^2} = 2$$ उत्तर: $2$
प्रश्न 16: यदि $(x + iy)^3 = u + iv$ हो, तो दर्शाइए कि $\frac{u}{x} + \frac{v}{y} = 4(x^2 – y^2)$ है।
- चरण 1: बाएँ पक्ष का विस्तार करें : $$x^3 + 3x^2(iy) + 3x(iy)^2 + (iy)^3 = u + iv$$$$x^3 + i3x^2y – 3xy^2 – iy^3 = u + iv$$$$(x^3 – 3xy^2) + i(3x^2y – y^3) = u + iv$$
- चरण 2: वास्तविक और काल्पनिक भागों की तुलना करें : $$u = x^3 – 3xy^2 \implies \frac{u}{x} = x^2 – 3y^2$$$$v = 3x^2y – y^3 \implies \frac{v}{y} = 3x^2 – y^2$$
- चरण 3: दोनों भागों को जोड़ें:$$\frac{u}{x} + \frac{v}{y} = (x^2 – 3y^2) + (3x^2 – y^2) $$ $$= 4x^2 – 4y^2 = 4(x^2 – y^2)$$(इति सिद्धम)
प्रश्न 17: यदि $\alpha$ और $\beta$ भिन्न सम्मिश्र संख्याएँ हैं जहाँ $|\beta| = 1$ है, तो $\left|\frac{\beta – \alpha}{1 – \bar{\alpha}\beta}\right|$ का मान ज्ञात कीजिए
।
- चरण 1: हम जानते हैं कि $|\beta|^2 = \beta\bar{\beta} = 1$ ।
- चरण 2: व्यंजक के हर में संख्या 1 की जगह $\beta\bar{\beta}$ रखें:$$\left|\frac{\beta – \alpha}{\beta\bar{\beta} – \bar{\alpha}\beta}\right| = \left|\frac{\beta – \alpha}{\beta(\bar{\beta} – \bar{\alpha})}\right|$$
- चरण 3: मापांक के नियमों को लागू करें : $$= \frac{|\beta – \alpha|}{|\beta| \cdot |\bar{\beta} – \bar{\alpha}|}$$
- चरण 4: चूंकि $|\beta| = 1$ और संयुग्मी का मापांक समान होता है ($|\bar{\beta} – \bar{\alpha}| = |\beta – \alpha|$) : $$= \frac{|\beta – \alpha|}{1 \cdot |\beta – \alpha|} = 1$$उत्तर: $1$
प्रश्न 18: समीकरण $|1 – i|^x = 2^x$ के गैर-शून्य पूर्णांक हलों (Non-zero integral solutions) की संख्या ज्ञात कीजिए।
- चरण 1: सबसे पहले $|1 – i|$ का मान ज्ञात करें : $$|1 – i| = \sqrt{1^2 + (-1)^2} = \sqrt{2}$$
- चरण 2: मान को समीकरण में रखें:$$(\sqrt{2})^x = 2^x \implies (2^{1/2})^x = 2^x $$ $$\implies 2^{x/2} = 2^x$$
- चरण 3: घातों की तुलना करें:$$\frac{x}{2} = x \implies x = 2x \implies x = 0$$
- चरण 4: यहाँ केवल एक ही हल $x = 0$ मिला है। चूंकि प्रश्न में ‘गैर-शून्य’ (non-zero) हल पूछा गया है, अतः ऐसा कोई हल संभव नहीं है।उत्तर: गैर-शून्य पूर्णांक हलों की संख्या $= 0$
प्रश्न 19: यदि $(a + ib)(c + id)(e + if)(g + ih) $ $= A + iB$ हो, तो दर्शाइए कि:
$$(a^2 + b^2)(c^2 + d^2)(e^2 + f^2)(g^2 + h^2) $$ $$= A^2 + B^2$$
- चरण 1: दिए गए समीकरण का दोनों पक्षों का मापांक लें : $$|(a + ib)(c + id)(e + if)(g + ih)| $$ $$= |A + iB|$$
- चरण 2: मापांक के गुणन नियम $|z_1 z_2| = |z_1||z_2|$ का उपयोग करें : $$|a+ib| \cdot |c+id| \cdot |e+if| \cdot |g+ih| $$ $$= |A+iB|$$
- चरण 3: मापांक के सूत्र का उपयोग करें : $$\sqrt{a^2+b^2} \cdot \sqrt{c^2+d^2} \cdot \sqrt{e^2+f^2}$$ $$ \cdot \sqrt{g^2+h^2} $$ $$= \sqrt{A^2+B^2}$$
- चरण 4: दोनों पक्षों का वर्ग (Squaring both sides) करने पर : $$(a^2 + b^2)(c^2 + d^2)(e^2 + f^2)(g^2 + h^2) $$ $$= A^2 + B^2$$ (इति सिद्धम)
प्रश्न 20: यदि $\left(\frac{1+i}{1-i}\right)^m = 1$ हो, तो $m$ का न्यूनतम धनात्मक पूर्णांक मान ज्ञात कीजिए
।
- चरण 1: कोष्ठक के अंदर के पद को सरल करें : $$\frac{1+i}{1-i} \times \frac{1+i}{1+i} = \frac{1 + i^2 + 2i}{1 – i^2} $$ $$= \frac{2i}{2} = i$$
- चरण 2: मान को समीकरण में रखें:$$i^m = 1$$
- चरण 3: हम जानते हैं कि $i$ की न्यूनतम धनात्मक पूर्णांक घात जो परिणाम 1 दे, वह 4 होती है ($i^4 = 1$) । उत्तर: $m$ का न्यूनतम धनात्मक पूर्णांक मान $= 4$
19. बोर्ड परीक्षा के अति-महत्वपूर्ण प्रश्न (Previous Year Questions – PYQs)
प्रश्न : यदि $z = \frac{1-i}{1+i}$, तो सिद्ध कीजिए कि $z^{100} = 1$।
हल:
सर्वप्रथम $z$ को मानक रूप में बदलते हैं:
$$z = \frac{1-i}{1+i} \times \frac{1-i}{1-i} = \frac{(1-i)^2}{1^2 – i^2}$$
$$z = \frac{1 + i^2 – 2i}{1 – (-1)} = \frac{1 – 1 – 2i}{2} = \frac{-2i}{2} = -i$$
अब, दोनों पक्षों की घात 100 करने पर:
$$z^{100} = (-i)^{100} = (-1)^{100} \cdot i^{100} = 1 \cdot (i^4)^{25}$$ $$ = 1 \cdot 1^{25} = 1$$
(इति सिद्धम)
प्रश्न 1: सम्मिश्र संख्या $z=4-3i$ का गुणात्मक प्रतिलोम (Multiplicative Inverse) ज्ञात कीजिए।
सलाह: बच्चों, गुणात्मक प्रतिलोम का सीधा सा मतलब होता है $\frac{1}{z}$। यानी हमें एक ऐसी सम्मिश्र संख्या खोजनी है जिसे हमारी दी गई संख्या से गुणा करने पर परिणाम 1 प्राप्त हो ।
हल: मान लीजिए सम्मिश्र संख्या $z=4-3i$ है । गुणात्मक प्रतिलोम ($z^{-1}$) का सूत्र है :
$$z^{-1}=\frac{1}{z}=\frac{1}{4-3i}$$
अब, हर (denominator) को वास्तविक संख्या में बदलने के लिए उसके संयुग्मी (conjugate) $4+3i$ से अंश और हर दोनों में गुणा करते हैं :
$$z^{-1}=\frac{1}{4-3i}\times\frac{4+3i}{4+3i}$$
$$z^{-1}=\frac{4+3i}{(4)^2-(3i)^2}$$
चूँकि $i^2=-1$ होता है :
$$z^{-1}=\frac{4+3i}{16-9(-1)}$$
$$z^{-1}=\frac{4+3i}{16+9}=\frac{4+3i}{25}$$
इसे मानक रूप $a+ib$ में अलग-अलग करके लिखने पर :
$$z^{-1}=\frac{4}{25}+i\frac{3}{25}$$
उत्तर: $z=4-3i$ का गुणात्मक प्रतिलोम $\frac{4}{25}+i\frac{3}{25}$ है ।
प्रश्न 2: सम्मिश्र संख्या $z=3+4i$ का वर्गमूल ज्ञात कीजिए।
सलाह: प्यारे बच्चों, इस प्रश्न को हल करने के लिए हम पारंपरिक सूत्र के बजाय अपनी “पूर्ण वर्ग” बनाने वाली जादुई शॉर्टकट विधि का उपयोग करेंगे, जिससे परीक्षा में आपका कीमती समय बचेगा!
हल: हमें $\sqrt{3+4i}$ का मान ज्ञात करना है। क्या हम संख्या 3 को $4-1$ लिख सकते हैं? बिल्कुल लिख सकते हैं!
$$3+4i=4-1+4i$$
चूँकि $i^2=-1$ होता है, इसलिए हम $-1$ की जगह $i^2$ लिख देते हैं :
$$3+4i=2^2+i^2+2(2)(i)$$
बच्चों, ध्यान से देखो! यह समीकरण $(a+b)^2=a^2+b^2+2ab$ के प्रारूप में सज गया है । इसलिए:
$$3+4i=(2+i)^2$$
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर हमें प्राप्त होता है:
$$\sqrt{3+4i}=\pm(2+i)$$
देखा बच्चों? केवल दो पंक्तियों में हमारा उत्तर आ गया!
उत्तर: $3+4i$ का वर्गमूल $\pm(2+i)$ है ।
प्रश्न 3: द्विघात समीकरण $x^2+3x+9=0$ को हल कीजिए।
सलाह: बच्चों, जब भी समीकरण में विविक्तकर (Discriminant) का मान ऋणात्मक आता है, तो मूल हमेशा सम्मिश्र संयुग्मी के रूप में मिलते हैं । आइए श्रीधराचार्य सूत्र लगाते हैं।
हल: दिए गए समीकरण $x^2+3x+9=0$ की तुलना मानक समीकरण $ax^2+bx+c=0$ से करने पर : $a=1$, $b=3$, $c=9$
विविक्तकर $D=b^2-4ac$ ज्ञात करते हैं :
$$D=3^2-4(1)(9)=9-36=-27$$
चूँकि $D<0$ है, अतः समीकरण के मूल वास्तविक नहीं बल्कि सम्मिश्र होंगे । द्विघात सूत्र का उपयोग करने पर :
$$x=\frac{-b\pm\sqrt{D}}{2a}=\frac{-3\pm\sqrt{-27}}{2(1)}$$
हम जानते हैं कि $\sqrt{-27}=\sqrt{27}\times\sqrt{-1}=i3\sqrt{3}$ । अतः:
$$x=\frac{-3\pm i3\sqrt{3}}{2}$$
उत्तर: दिए गए समीकरण के मूल $x=-\frac{3}{2}+i\frac{3\sqrt{3}}{2}$ और $x=-\frac{3}{2}-i\frac{3\sqrt{3}}{2}$ हैं ।
प्रश्न 4: सम्मिश्र संख्या $\left(\frac{1}{3}+3i\right)^3$ को $a+ib$ के मानक रूप में व्यक्त कीजिए।
सलाह: यहाँ हमें प्रसिद्ध सर्वसमिका $(A+B)^3=A^3+B^3+3A^2B+3AB^2$ का विस्तार करना है। बस ध्यान रहे कि $i^2=-1$ और $i^3=-i$ का मान रखते समय कोई त्रुटि न हो!
हल:
सूत्र का विस्तार करने पर:
$$\left(\frac{1}{3}+3i\right)^3=\left(\frac{1}{3}\right)^3+(3i)^3$$ $$+3\left(\frac{1}{3}\right)^2(3i) $$ $$+3\left(\frac{1}{3}\right)(3i)^2$$
घातों को हल करने पर:
$$=\frac{1}{27}+27i^3+3\left(\frac{1}{9}\right)(3i)+(9i^2)$$
$$=\frac{1}{27}+27(-i)+i+9(-1)$$
(चूँकि $i^3=-i$ और $i^2=-1$)
$$=\frac{1}{27}-27i+i-9$$
अब वास्तविक भागों को एक साथ और काल्पनिक भागों को एक साथ व्यवस्थित करते हैं :
$$=\left(\frac{1}{27}-9\right)+i(-27+1)$$
$$=\left(\frac{1-243}{27}\right)-26i$$
$$=-\frac{242}{27}-26i$$
उत्तर: इसका मानक $a+ib$ रूप $-\frac{242}{27}-26i$ है ।
प्रश्न 5: सम्मिश्र संख्या $z=-1-i\sqrt{3}$ का मापांक और मुख्य कोणांक ज्ञात कीजिए।
सलाह: बच्चों, यह परीक्षा का सबसे पसंदीदा प्रश्न है! यहाँ वास्तविक भाग ($x$) और काल्पनिक भाग ($y$) दोनों ऋणात्मक हैं, जिससे हमें पता चलता है कि यह बिंदु आर्गण्ड समतल के तृतीय चतुर्थांश (Third Quadrant) में स्थित है ।
हल:
यहाँ $x=-1$ और $y=-\sqrt{3}$ है।
1. मापांक (Modulus):
$$\lvert z\rvert=\sqrt{x^2+y^2}=\sqrt{(-1)^2+(-\sqrt{3})^2} $$ $$=\sqrt{1+3}=2$$
2. मुख्य कोणांक (Principal Argument): सर्वप्रथम न्यूनकोण $\alpha$ की गणना करते हैं :
$$\alpha=\tan^{-1}\left\lvert\frac{y}{x}\right\rvert=\tan^{-1}\left\lvert\frac{-\sqrt{3}}{-1}\right\rvert $$ $$=\tan^{-1}(\sqrt{3})=\frac{\pi}{3}$$
चूँकि हमारा बिंदु $(-1,-\sqrt{3})$ तृतीय चतुर्थांश में है, इसलिए मुख्य कोणांक $\theta$ का सूत्र होगा :
$$\theta=-\pi+\alpha$$
$$\theta=-\pi+\frac{\pi}{3}=-\frac{2\pi}{3}$$
उत्तर: मापांक $2$ और मुख्य कोणांक $-\frac{2\pi}{3}$ है ।
प्रश्न 6: यदि $\left(\frac{1+i}{1-i}\right)^m=1$, तो $m$ का न्यूनतम धनात्मक पूर्णांक मान ज्ञात कीजिए।
सलाह: परीक्षा में इस बड़े प्रश्न को देखकर डरना नहीं है। सबसे पहले कोष्ठक (bracket) के अंदर वाले भाग को सरल करके $a+ib$ रूप में बदल लो ।
हल: कोष्ठक के अंदर के भाग को सरल करने के लिए संयुग्मी से गुणा करते हैं :
$$\frac{1+i}{1-i}=\frac{1+i}{1-i}\times\frac{1+i}{1+i}=\frac{(1+i)^2}{1^2-i^2}$$
$$=\frac{1+i^2+2i}{1-(-1)}=\frac{1-1+2i}{2}=\frac{2i}{2}=i$$
अब, मूल समीकरण में यह मान रखने पर :
$$(i)^m=1$$
हम जानते हैं कि $i$ की वह न्यूनतम धनात्मक पूर्णांक घात जो परिणाम 1 दे, वह $4$ होती है (क्योंकि $i^4=1$) । अतः:
$$m=4$$
उत्तर: $m$ का न्यूनतम धनात्मक पूर्णांक मान $4$ है ।
प्रश्न 7: सिद्ध कीजिए कि किसी भी प्राकृतिक संख्या $n$ के लिए $i^n+i^{n+1}+i^{n+2}+i^{n+3}=0$ होता है।
सलाह: बच्चों, यह बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) में बहुत बार पूछा जाता है । आइए इसे वैज्ञानिक तरीके से सिद्ध करते हैं।
हल: बायां पक्ष (L.H.S.) $=i^n+i^{n+1}+i^{n+2}+i^{n+3}$ पूरी अभिव्यक्ति में से $i^n$ को उभयनिष्ठ (common) लेने पर :
$$=i^n(1+i^1+i^2+i^3)$$
चूँकि हम जानते हैं कि : $i^2=-1$ व $i^3=-i$
इन मानों को कोष्ठक के भीतर रखने पर :
$$=i^n(1+i-1-i)$$
$$=i^n(0)=0=\text{R.H.S.}$$
(इति सिद्धम)
प्रश्न 8: यदि $(1-i)x+(1+i)y=1-3i$ हो, तो वास्तविक संख्याएँ $x$ और $y$ के मान ज्ञात कीजिए।
सलाह: बच्चों, जब भी दो सम्मिश्र संख्याएँ आपस में बराबर दी हों, तो दोनों पक्षों के वास्तविक भागों की आपस में और काल्पनिक भागों की आपस में तुलना की जाती है ।
हल:
दिए गए समीकरण के बाएं पक्ष (L.H.S.) का विस्तार करने पर:
$$x-ix+y+iy=1-3i$$
वास्तविक और काल्पनिक पदों को अलग-अलग समूहित करने पर :
$$(x+y)+i(y-x)=1-3i$$
अब, दोनों पक्षों के वास्तविक और काल्पनिक भागों की तुलना करने पर :
$$x+y=1\quad\text{— (समीकरण 1)}$$
$$y-x=-3\quad\text{— (समीकरण 2)}$$
समीकरण 1 और समीकरण 2 को आपस में जोड़ने पर:
$$(x+y)+(y-x)=1+(-3)$$
$$2y=-2\implies y=-1$$
$y=-1$ का मान समीकरण 1 में रखने पर:
$$x+(-1)=1\implies x=2$$
उत्तर: वास्तविक संख्याएँ $x=2$ और $y=-1$ हैं ।
20. जेईई फाउंडेशन अनुभाग (JEE Foundation Section)
जेईई मेन और एडवांस में सम्मिश्र संख्याओं (Complex Numbers) से अत्यंत गहरे, तार्किक और विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। बोर्ड परीक्षा में हम जहाँ बुनियादी सूत्रों पर टिके रहते हैं, वहीं जेईई में हमें इन संख्याओं की ‘ज्यामिति’ (Geometry) और ‘बीजगणितीय सरलता’ (Algebraic Beauty) को समझना होता है।
आइए, आज जेईई की सबसे पसंदीदा और चमत्कारी अवधारणा को बुनियादी स्तर से लेकर आईआईटी के स्तर तक बिल्कुल सरल भाषा में समझते हैं:
इकाई के घनमूल (Cube Roots of Unity – $1, \omega, \omega^2$) की गहरी पड़ताल
बच्चों, यदि मैं आपसे पूछूँ कि समीकरण $x^3 = 1$ का हल क्या होगा, तो आप तुरंत कहेंगे, “सर, $x = 1$!” पर जरा ठहरिए! यह एक त्रिघात समीकरण (Cubic Equation) है, और बीजगणित के मूलभूत सिद्धांत (Fundamental Theorem of Algebra) के अनुसार, इसके तीन मूल (Roots) होने अनिवार्य हैं 。
चलो, मिलकर उन तीनों मूलों की खोज करते हैं!
1. गणितीय व्युत्पत्ति (Mathematical Derivation)
हम लिख सकते हैं:
$$x^3 – 1 = 0$$
कक्षा 9 में पढ़ी गई बीजगणितीय सर्वसमिका $a^3 – b^3 = (a-b)(a^2+ab+b^2)$ का उपयोग करने पर :
$$(x – 1)(x^2 + x + 1) = 0$$
यहाँ से हमें दो स्थितियाँ प्राप्त होती हैं:
- स्थिति I: $x – 1 = 0 \implies x = 1$ (यह हमारा जाना-पहचाना वास्तविक मूल है)
- स्थिति II: $x^2 + x + 1 = 0$
अब इस द्विघात समीकरण $x^2 + x + 1 = 0$ को हल करने के लिए हम अपने श्रीधराचार्य सूत्र (द्विघात सूत्र) का उपयोग करते हैं :
$$x = \frac{-1 \pm \sqrt{1^2 – 4(1)(1)}}{2(1)}$$
$$x = \frac{-1 \pm \sqrt{-3}}{2}$$
$$x = \frac{-1 \pm i\sqrt{3}}{2}$$
देखा बच्चों? हमें दो काल्पनिक मूल मिल गए!
गणितज्ञों ने इन दोनों काल्पनिक मूलों को एक सुंदर नाम दिया:
- यदि हम पहले वाले को $\omega$ (ओमेगा) कहें : $$\omega = \frac{-1 + i\sqrt{3}}{2}$$
- तो दूसरे वाले को $\omega^2$ (ओमेगा स्क्वायर) कहेंगे : $$\omega^2 = \frac{-1 – i\sqrt{3}}{2}$$
(मजेदार तथ्य): आप सोच रहे होंगे कि सर, दूसरे मूल को $\omega^2$ ही क्यों लिखा? क्योंकि बच्चों, यदि आप $\omega$ का वर्ग (Square) करेंगे, तो जादू की तरह आपको $\omega^2$ प्राप्त हो जाएगा! अपनी रफ कॉपी में $\left(\frac{-1 + i\sqrt{3}}{2}\right)^2$ का विस्तार करके देखना, आपको आश्चर्यजनक रूप से $\frac{-1 – i\sqrt{3}}{2}$ ही मिलेगा!
2. आर्गण्ड समतल पर ज्यामितीय जादू (Geometrical Visualization)
“बच्चों, आँखें बंद करो और कल्पना करो!” यदि हम आर्गण्ड समतल (Argand Plane) पर एक इकाई वृत्त (Unit Circle) खींचें, जिसका केंद्र मूल बिंदु $(0,0)$ हो और त्रिज्या $r = 1$ हो, तो इकाई के ये तीनों घनमूल ($1, \omega, \omega^2$) इस वृत्त की परिधि पर स्थित होते हैं ।
- $1$ के निर्देशांक $(1,0)$ हैं।
- $\omega$ का ध्रुवीय रूप $\cos\frac{2\pi}{3} + i\sin\frac{2\pi}{3}$ है, जिसके निर्देशांक $\left(-\frac{1}{2}, \frac{\sqrt{3}}{2}\right)$ हैं 。
- $\omega^2$ का ध्रुवीय रूप $\cos\frac{4\pi}{3} + i\sin\frac{4\pi}{3}$ है, जिसके निर्देशांक $\left(-\frac{1}{2}, -\frac{\sqrt{3}}{2}\right)$ हैं 。
जब हम इन तीनों बिंदुओं को आपस में मिलाते हैं, तो हमें आर्गण्ड समतल पर एक अत्यंत सुंदर समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle) प्राप्त होता है!
काल्पनिक अक्ष
▲
│ • ω (-1/2, √3/2)
│ /│
│ / │
│ / │
──────────────────────────────────┼──/───┴──• 1 (1, 0) ──► वास्तविक अक्ष
O │ \ │
│ \ │
│ \ │
│ • ω² (-1/2, -√3/2)
│
इस त्रिभुज की प्रत्येक भुजा की लंबाई $\sqrt{3}$ इकाई होती है, और प्रत्येक शीर्ष मूल बिंदु $O$ से ठीक $120^\circ$ ($\frac{2\pi}{3}$ रेडियन) के कोण पर घूमता है । है ना कमाल की ज्यामिति?
3. इकाई के घनमूलों के चमत्कारी और नायाब गुणधर्म (Important Properties)
जेईई के प्रश्न इन्हीं गुणधर्मों की रीढ़ पर खड़े होते हैं। इन्हें अपने शॉर्टकट नोट्स में लाल पेन से लिख लीजिए:
- गुणधर्म 1: शून्य का नियम (Sum of Roots) इकाई के तीनों घनमूलों का योग सदैव शून्य होता है : $$1 + \omega + \omega^2 = 0$$ त्वरित शॉर्टकट: जहाँ भी आपको $1 + \omega$ दिखे, उसे तुरंत $-\omega^2$ से बदल दें, और $1 + \omega^2$ को $-\omega$ से बदल दें!
- गुणधर्म 2: चक्रीय एकता (Product of Roots) इनका गुणनफल सदैव 1 होता है : $$\omega^3 = 1$$ त्वरित शॉर्टकट: यदि $\omega$ की घात 3 का कोई भी गुणज हो, तो उसका मान 1 होगा । जैसे: $\omega^{99} = (\omega^3)^{33} = 1^{33} = 1$ । यदि घात बड़ी है, तो उसे 3 से विभाजित करें और शेषफल की घात लगा दें: $\omega^{2026} = \omega^{3 \times 675 + 1} = (\omega^3)^{675} \cdot \omega^1 = \omega$।
- गुणधर्म 3: सामान्यीकृत योग का नियम (General Sum Property) किसी भी पूर्णांक $r$ के लिए: $$1 + \omega^r + \omega^{2r} =$$ 3, & यदि r, 3 का एक गुणज है 0 , & यदि r, 3 का गुणज नहीं है
- गुणधर्म 4: महत्वपूर्ण गुणनखंड सूत्र (Algebraic Identities to Remember) जेईई के सवालों में अक्सर नीचे दिए गए गुणनखंड सीधे काम आते हैं :
- $x^2 + x + 1 = (x – \omega)(x – \omega^2)$
- $a^2 + ab + b^2 = (a – b\omega)(a – b\omega^2)$
- $a^3 + b^3 = (a + b)(a + b\omega)(a + b\omega^2)$
- $a^3 + b^3 + c^3 – 3abc = $ $(a + b + c)(a + b\omega + c\omega^2)$ $(a + b\omega^2 + c\omega)$
4. जेईई में पूछा गया बेहतरीन PYQ (हल सहित)
प्रश्न (JEE Main): यदि $\omega$ इकाई का एक काल्पनिक घनमूल है, तो निम्नलिखित व्यंजक का मान ज्ञात कीजिए:
$$E = (1 – \omega + \omega^2)(1 + \omega – \omega^2)$$
सुपरफास्ट तकनीक: अरे बच्चों, इस प्रश्न में सीधे $\omega$ का मान रखने की भूल कभी मत करना! हम अपने “शून्य के नियम” ($1 + \omega + \omega^2 = 0$) का उपयोग करेंगे ।
यहाँ से हमें पता है :
- $1 + \omega^2 = -\omega$
- $1 + \omega = -\omega^2$
अब इन मानों को सीधे हमारे व्यंजक $E$ में रखने पर:
$$E = (\underbrace{1 + \omega^2} – \omega)(\underbrace{1 + \omega} – \omega^2)$$
$$E = (-\omega – \omega)(-\omega^2 – \omega^2)$$
$$E = (-2\omega)(-2\omega^2)$$
$$E = 4\omega^3$$
चूँकि हमें पता है कि $\omega^3 = 1$ होता है :
$$E = 4(1) = 4$$
उत्तर: इस कठिन दिखने वाले व्यंजक का सरलतम मान 4 है । देखा बच्चों, चुटकियों में सवाल हल हो गया!
21. वन शॉट क्विक रिवीजन नोट्स (One Shot Revision Notes)
त्वरित पुनरावृत्ति (Revision) के लिए इस तालिका को कंठस्थ कर लें:
| सम्मिश्र संख्या अवधारणा | मुख्य सूत्र / मान | त्वरित अनुप्रयोग |
| आईओटा ($i$) | $i=\sqrt{-1}$, $i^2=-1$ | ऋणात्मक संख्याओं के वर्गमूल हल करना । |
| संयुग्मी सम्मिश्र | $\bar{z}=a-ib$ | हर का परिमेयकरण और आलेखीय प्रतिबिंब । |
| मापांक | $\lvert z\rvert=\sqrt{a^2+b^2}$ | मूल बिंदु से दूरी की गणना । |
| कोणांक | $\theta=\tan^{-1}\left\lvert\frac{y}{x}\right\rvert$ (चतुर्थांशानुसार) | ध्रुवीय निरूपण । |
22. फार्मूला शीट (Formula Sheet)
- आईओटा: $i^{4n} = 1, \quad i^{4n+1} = i, \quad i^{4n+2} = -1, $ $\quad i^{4n+3} = -i$
- गुणनफल: $(a+ib)(c+id) = (ac-bd) $ $+ i(ad+bc)$
- मापांक वर्ग संबंध: $z \cdot \bar{z} = |z|^2$
- द्विघात मूल: $x = \frac{-b \pm i\sqrt{4ac – b^2}}{2a}$
- ओमेगा संबंध: $1 + \omega + \omega^2 = 0, \quad \omega^3 = 1$
23. निष्कर्ष :
“सम्मिश्र संख्याएँ एवं द्विघात समीकरण” अध्याय वास्तविक संख्या प्रणाली की सीमाओं को तोड़कर गणित को एक नई दिशा प्रदान करता है । यह काल्पनिक इकाई $i$ के परिचय से शुरू होकर सम्मिश्र संख्याओं के बीजगणित, आर्गण्ड समतल पर उनके ज्यामितीय प्रदर्शन, और द्विघात समीकरणों के काल्पनिक मूलों को खोजने की यात्रा पूरी करता है । इस अध्याय पर अच्छी पकड़ बनाने से न केवल ग्यारहवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त होते हैं, बल्कि जेईई (JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक मजबूत आधारशिला तैयार होती है ।
FAQ:
प्रश्न 1: iota क्या है और इसका मान कितना होता है?
उत्तर: iota ($i$) एक काल्पनिक इकाई है जिसका मान $\sqrt{-1}$ होता है । इसका उपयोग ऋणात्मक संख्याओं के वर्गमूल को निरूपित करने के लिए किया जाता है ।
प्रश्न 2: सम्मिश्र संख्या का मापांक (Modulus) कैसे निकालते हैं?
उत्तर: यदि सम्मिश्र संख्या $z = a + ib$ है, तो इसका मापांक $|z| = \sqrt{a^2 + b^2}$ सूत्र द्वारा निकाला जाता है । यह मूल बिंदु से उस बिंदु की दूरी को दर्शाता है ।
प्रश्न 3: सम्मिश्र संख्या का उपयोग वास्तविक जीवन में कहाँ होता है?
उत्तर: सम्मिश्र संख्याओं का उपयोग इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (एसी सर्किट विश्लेषण), क्वांटम भौतिकी, सिग्नल प्रोसेसिंग, और कंप्यूटर ग्राफिक्स में तरंगों और घूर्णन (rotations) को आसानी से प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 4: विविक्तकर (Discriminant) क्या बताता है?
उत्तर: विविक्तकर $D = b^2 – 4ac$ द्विघात समीकरण के मूलों की प्रकृति बताता है । यदि $D < 0$ है, तो मूल सम्मिश्र संयुग्मी (काल्पनिक) होते हैं ।
प्रश्न 5: आर्गण्ड समतल (Argand Plane) क्या है?
उत्तर: आर्गण्ड समतल वह ज्यामितीय समतल है जिस पर सम्मिश्र संख्याओं को बिंदुओं के रूप में दर्शाया जाता है । इसमें क्षैतिज अक्ष को वास्तविक अक्ष और ऊर्ध्वाधर अक्ष को काल्पनिक अक्ष कहा जाता है ।
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यह व्यापक शैक्षणिक गाइड उन तमाम छोटी-मोटी त्रुटियों, बोर्ड परीक्षा के नवीनतम पैटर्न और अध्यापन के वर्षों के संचित अनुभवों के आधार पर तैयार की गई है, जो अक्सर छात्र कक्षा में प्रश्न हल करते समय अनुभव करते हैं। हमारा उद्देश्य अमूर्त गणितीय सिद्धांतों को दृश्य रूपकों (Visual Metaphors) के माध्यम से छात्रों के लिए अत्यंत सहज और सुगम बनाना है।


